छोटी बेटी ने मुकदमा दर्ज करवाकर मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में मां और बाकी आरोपियों की घिनौनी करतूत बयान कर दी थी। डीसीपी नार्थ अशोक नरूका ने बताया कि जयलाल मुंशी का रास्ता नाहरगढ़ निवासी आरोपी मां शकुंतला और उसके प्रेमी कोलियान जमवारामगढ़ के कुख्यात बदमाश देवाराम राठौड़ (41) को गिरफ्तार किया है। एसीपी नरपतसिंह राठौड़ के नेतृत्व में गठित टीम ने शनिवार को रामचंद्रपुरा में दबिश दी और किराए के मकान में रह रहे और लंबे समय से फरार चल रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसीपी नरपत सिंह राठौड़ ने बताया कि देवाराम राठौड़ के खिलाफ मारपीट, अपहरण, दहेज अत्याचार, धोखाधड़ी और यौनशोषण के एक दर्जन मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पहले से शादीशुदा और तीन बच्चों का बाप देवाराम राठौड़ लंबे समय से शकुंतला का परिचित था। दो किशोर बेटियों को साथ लेकर शकुंतला देवाराम के साथ भाग गई थी। बाद में देवाराम शकुंतला की दोनों बेटियों को भी बुरी नजर से देखने लगा। बेटियों ने जब देह व्यापार में जाने का विरोध किया तो देवाराम ने अपने साथी बाबूलाल गुर्जर और विश्राम गुर्जर से मिलकर उनके साथ ज्यादती की।
यह शोषण लंबे समय तक चलता रहा। बड़ी बेटी ने मां से शिकायत की तो वो भी आरोपियों का साथ देने लगी। आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर बड़ी बेटी ने 6 मार्च 2010 को फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने मां और उसके प्रेमी देवाराम, बाबूलाल और विश्राम गुर्जर की सारी करतूत लिख दी। घटना वाले दिन शकुंतला ने थाने में जाकर सामान्य मौत का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की तो सारे मामले का भंडाफोड़ हुआ। एफएसएल जांच में भी सुसाइड नोट के लिखावट की तस्दीक हो चुकी है।
छोटी बेटी ने बताई सारी कहानी: आरोपी देवाराम साथी बाबूलाल को हमेशा छोटी लड़की के साथ रखता था, जिससे वह किसी को उनकी करतूत नहीं बता सके। बड़ी बहन ने जिस दिन आत्महत्या की उस दिन छोटी बेटी जमवारामगढ़ में 8वीं की परीक्षा देने गई थी। जब पुलिस ने बयान लिए तो वो फूट पड़ी। मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत हुए बयानों में उसने सारी कहानी बयान कर दी थ
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