Saturday, March 12, 2011

हिसार. टिब्बा दानाशेर में शुक्रवार को एक मोबाइल गैलरी के मालिक ने अपने भाइयों और अन्य के साथ मिलकर पड़ोसी तीन भाइयों को गोलियों को भूना डाला। मरने वालों में मोहन लाल उर्फ मोनू (28), प्रदीप उर्फ ढोला(24) और योगिंद्र उर्फ पिंगा (20) शामिल हैं। इनमें से मोनू विवाहित था।


हत्याकांड 30 रुपए का मोबाइल रिचार्ज न होने के मामूली विवाद को लेकर हुआ। पुलिस ने चार भाइयों सहित नौ नामजद लोगों और अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार 12 क्वार्टर के नवभारत हाई स्कूल के पास रहने वाले मोनू, ढोला और पिंगा घर में थे। उनकी बहनें कांता और ममता भी मौजूद थीं।


सुबह साढ़े दस बजे मोनू पड़ोस की गोयतान मोबाइल गैलरी के मालिक पवन सोनी को मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए 30 रुपए देकर आया था। दुकान मालिक ने पैसे लेकर कहा था कि थोड़ी देर बाद मोबाइल रिचार्ज कर देंगे। लेकिन साढ़े ग्यारह बजे तक मोबाइल रिचार्ज नहीं हुआ तो मोनू ने छोटे भाई पिंगा को घर से कुछ दूरी पर स्थित मोबाइल गैलरी पर भेजा। वहां पिंगा ने पवन को मोबाइल रिजार्च न होने का उलाहना दिया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। उसके बाद पिंगा घर की तरफ जाने लगा पुलिस के अनुसार पवन सोनी, चेतन सोनी और अन्य ने पिंगा को पकड़ लिया और उसे खींचकर मोबाइल गैलरी के पास ले गए।


उन्होंने उस पर गोलियां बरसा दीं और तेज धारदार से हमला कर दिया। यह नजारा देखकर छत पर रोटियां बना रही पिंगा की बहन कांता और ममता चिल्लाई तो नीचे खाना खा रहा मोनू और ढोला बाहर निकले तथा पिंगा को बचाने दौड़े। बीचबचाव किया तो हमलावरों ने उन पर भी गोलियां बरसा दीं और मोनू और ढोला के गले पर तेज धारदार हथियार से भी वार किए। कांता और ममता ने भाइयों को हमलावरों के चंगुल से छुड़वाना चाहा, लेकिन हमलावरों ने उन्हें धक्के मारकर गिरा दिया और फरार हो गए।


ओड परिवार में तीन ही भाई थे और उनके पिता धर्मपाल ओड की चार साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। शवों का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में किया गया। मृतकों के चाचा टेकचंद ओड ने चार भाइयों, पवन सोनी , चेतन सोनी , मनमोहन सोनी और बबलू सोनी, उनकी मां, पड़ोसी कुलदीप सैनी, जगदीश सैनी, उसके बेटे सोनू व मोनू और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।


हत्या आरोपी परिवार फरार


हिसार. पुलिस ने वारदातस्थल के पास ही स्थित नामजद चेतन सोनी के घर में छापा मारा। सोनी भाइयों और परिवार सहित फरार हो चुका था। मोबाइल गैलरी के साथ ही उनका मकान है। पुलिस ने वहां बरामदे से तीन जगह से खून का सैंपल लिया। यह खून साथ ही पड़ी प्लास्टिक की एक जोड़ी चप्पल पर लगा था। पुलिस का मानना है हत्या आरोपी वारदात के बाद गली से अंदर आया, जिससे इन चप्पलों के नीचे खून लग गया।


बाद में आरोपी चप्पल वहीं छोड़ गया। पुलिस ने मौके से देसी तमंचे के छह खाली खोल और दो सिक्के बरामद किए। गली का चौराहा खून की होली की तस्वीर बयां कर रहा था। वहां कई जगह सड़क पर खून लगा था और एक जगह भारी मात्रा में गाढा खून बिखरा था। यह वह जगह थी जहां पिंगा को दबोचकर कातिलों ने गोली मारने के बाद उसके गले पर तेज धारदार हथियारों से वार किए।


कांग्रेस भवन से निकला था चेतन


हिसार. तिहरे हत्याकांड का एक आरोपी चेतन सोनी यूथ कांग्रेस का पदाधिकारी है। वह हिसार हलके के वार्ड नंबर 12 की कमेटी का उपप्रधान है। हत्याकांड से करीब आधा घंटे उसे कांग्रेस भवन में देखा गया था, जहां यूथ कांग्रेस की एक बैठक चल रही थी। भास्कर ने जब जांच पड़ताल की तो उसके घर की एक दीवार पर यूथ कांग्रेस की एक तस्वीर लगी हुई थी। इस तस्वीर में जिक्र है कि उसने 3 अक्टूबर 2010 को कांग्रेस भवन में यूथ कांग्रेस लीडरशिप डेवलपमेंट वर्कशॉप में हिस्सा लिया था। यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह मीटिंग में आया था लेकिन फिर चला गया थ

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