Tuesday, November 15, 2011

भाग-४०

जलेबी -४०
जो हम कहलवाना चाहेंगे , क्या आप सिर्फ वही कहेंगी . यह तो जुल्म है हम पर . महा जुल्म है.
नेहा- अच्छा , इधर आइये, इस प्यार को नकद प्यार में बदल देती हूँ, तुम्हारे होठों पर एक गरम सा, मीठा सा चुम्बन ले लेती हूँ. बस , अब तो खुश हुए . वैसे मजा मुझे भी आया है. अब तक मैंने किसी अदद लड़की के होठों का चुम्बन भी नहीं लिया था . आज यह नेक काम भी हो गया तो आनंद की सीमा नहीं है. इतना बेहतर लग रहा है की जी चाहता है अब कभी इन होठों से और कुछ स्पर्श ही न होने दूं. तुम्हारे अधरों का स्पर्श मुझे सदैव याद रहेगा मेरे दिल में तुम्हारा चेहरा बस गया है.
नेहा- अब ज्यादा रोमांटिक होने की जरूरत नहीं है. मेरी टीम के सभी लोग जानते हैं की मैं तम्हारे साथ यहाँ अकेले में मीटिंग कर रही हूँ. इस मीटिंग के फ़ाइनल होने का कई लोग बेसब्री से इन्तजार कर रहे होंगे. देख रहे होंगे की मैं कब उनके पास खश खबरी लेकर पहुंचता हूँ.
राजेश- तुम्हारे लिए खुश खबरी के मायने क्या होते हैं ? मैं भी तो जानूं .
नेहा - सब लोग सोच रहे होंगे की मैं कोई बड़ा सौदा करके पहुँच रही होउंगी . बड़े सौदे का मतलब ये होता है की हम अपने बंधक पुलिसवालों से अपने कुछ साथियों को छुडाने को कहते हैं . तुम्हें भी हमने बंधक बनाया हुआ है. तुम पुलिस वाले बड़े चालाक होते हैं , हम भी कुछ कम नहीं हैं. तुम डाल डाल , तो हम पात -पात . जिस तरह से तुम मेरे ऊपर नजर रखे हुए थे, खुद हमने भी तुम पर पूरा फंदा कसा हुआ था . हमें पता चल गाया था की तुम कुछ न कुछ होंगे जरूर .हाँ, आईपीस अधिकारी होंगे इल्म तो इसका भी नहीं था. ज्यादा से ज्यादा इतना ही अनुमान लगा पाए थे की तुम इंटेलीजेंस के कर्मचारी हो सकते हो. हमको पता नहीं था की हमारे जाल में तुम जैसी बड़ी मछली फंस गयी है. अगर तुम बंधक ही बने रहते तो हमारे लिए इतने अफय्देमंद नहीं हो सकते थे जितने की अब हो रहे हैं. या भविष्य में हो सकते हैं. वो फायदा भी तुम अपनी मर्जी से पहुंचा रहे हो. हमने तो नहीं कहा था की हमारा पुनर्वसन कर दीजिए .अब मुद्दे की बात पर आना जरूरी है. हमारे दो हाजर से ज्यादा सहयोगी जेल में बंद हैं इनमे आधे से ज्यादा तो ऐसे लोग हैं जिनका हमसे सीधा कोई ताल्लुक नहीं हैं, कुछ ऐसे भी हैं जिनको शक के आधार पर गिरफतार किया गाया है. ज्यादातर लोग बेक़सूर हैं. उनको जेल से छुडाना बहुत जरूरी हैं. मानवता के आधार पर उनकी रिहाई की जानी चाहिए .
राजेश- कोई बात नहीं. तुम्हारी सभी मांगों पर बहुत ही शिद्दत के साथ विचार किया जाएगा . तुम्हें इस बारे में चिंता करने की जरूरत ही नहीं है. हम समझते हैं . हमने पहले भी इस तारह के सम्मानजनक समझौते कराये हैं.
नेहा- अब , जब आप हैं तो हमें कुछ सोचने की जरूरत ही क्या हैं. बंधक तो आप अब भी हैं, लेकिन नक्सलियों के नहीं , बल्कि अपने चाहने वाली के दिल में कैद हो गए हो. और इसकी सजा भी सिर्फ उम्र कैद तक सीमित नहीं है बल्कि जब तक हम दोनों जन्म लेते रहेंगे तब तक की बुकिंग करा ली गयी है.
राजेश- ठीक है , मैं भी तो यही चाहता हूँ, खुद मेरी भी यही इच्छा है की हम सदा -सदा साथ-साथ रहें. आंधी आये या तूफ़ान . बस हम -तुम साथ रहने चाहिए . मैंने तुमसे सच्चा प्यार किया है. और तुम्हारी सहमति ने मेरे प्यार के ऊपर मोहर भी लगा दी है, अब कोई ये भी तोहमत नहीं लगा सकता की मैं किसी से इकतरफा प्यार करता था . अब तो यह साबित हो गया की इश्क की यह आग दोनों तरफ लगी हुई है.
नेहा- जी हाँ, यह भी जान लीजिए की इस तरफ यह आग कुछ ज्यादा ही है. अब तक तो बस हम नफरत और बदले की बात ही करते आये थे . आज प्यार की बात कहने का मौक़ा आया है. तो दिल खोलकर तुम्हारे सामने रख देती हूँ. हाँ, ये भी सच है की जब तुम पहली बार स्टॉप पर तुम्हें खडा देखा तो तुम्हारी आँखों में प्यार का सागर उमडता पाया , तुम्हारी आँखों में अपनापन देखा था. मगर मैं मजबूर थी . तुमसे कैसे कहती ? मैं तो नक्सली संगठन से जुडी हुई थी. उस वक्त संगठन में मेरा पद भी बड़ा नहीं था .आज मैं उस मुकाम पर हूँ की जो चाहूँ वो कह सकती हूँ. कर सकती हूँ.

Saturday, November 12, 2011

जलेबी -भाग-३९ , यह शुक्रवार अंक के लिए एडवांस है

जलेबी -३९
मेरी सूनी सी दुनिया में चारों तरफ फूल ही फूल खिला दिए हैं, मैं कितने गहरे अन्धकार में जी रही थी. तुम उजाले की किरण नहीं बल्कि उजाले का सूरज बनकर मेरी जिंदगी में आये हो.
राजेश- यह हमारा इस जन्म का नहीं,बल्कि जन्मो -जन्म का रिश्ता है.जब तक हम जन्म लेंगे किसी न किसी रूप में मिलते रहेंगे .यह महज फ़िल्मी डायलोग नहीं , बल्कि ऐसी सच्चाई है , जिसे मैं दिल की गहराइयों से बयाँ कर रहा हूँ. दिल कभी झूठ नहीं बोल सकता . इस तरह के मामले में दिल हमेशा आगे रहता है, इसीलिए तो मैं कहता हूँ कि बिजनेस हमेशा दिमाग से करना चाहिए और मोहब्बत दिल से , मैंने तो दिलो दिमाग से , होशो हवास में तुमसे मोहब्बत की है. और इस प्यार को हम एक मिसाल के तौर पर पेश करेंगे ताकि आने वाली पीढियां भी हमारे सच्चे इश्क का उदाहरण पेश कर सकें.
नेहा- बहुत रोमांटिक हो रहे हो राजेश. देख रही हूँ तुम्हारी हरकतें बढ़ती जा रही हैं. उँगलियाँ भी चाकर घिन्नी खा रही हैं. मैं समझ गयी तुम्हारा मन बहक रहा है. अब मुझे छोड़ दीजिए वरना यहीं पर सुहागरात हो जायेगी . शादी से पहले ही सुहागरात हो जायेगी . अगर ऐसा करोगे तो शादी के लिए क्या बचाकर रखोगे ? फिर कोई रोमांच नहीं रहेगा न .
राजेश- ये सिन्दूर का टीका, ये भांवर , ये सब तो ढकोसले हैं, असली शादी तोदिलों से दिलों का मिलन होता है. हमारा तुम्हारा दिल तो अब मिल ही चुका है. ऍम दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ -साथ रहने , जीने -मरने की कसम खा रहे हैं. तब हमको रोकने-टोकने वाला कौन है ?
नेहा- कोई और न सही , मगर हम तो हैं न . हमको यह निर्णय लेना है कि लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी है. तुम्हें बस इतनी ही इजाजत है. इससे ज्यादा अगर कुछ करना है तो शादी करनी होगी मेरे साथ . और शादी करने से पहले मुझे समर्पण करना होगा . उसके आबाद अदालत का भी चककर रहेगा . पता नहीं कबतक फ्री हो पाउंगी .
राजेश- तम उसकी फ़िक्र बिलकुल मत करो,मैं सब कुछ बहुत सही तरीके से कर लूंगा . कोई परेशानी नहीं आने दूंगा . सब कुछ ठोस तरीके से किया आजायेगा . जो समझौता पत्र तैयार करेंगे उसके लिएबहुत अनुभवी अधिकारियों की सहायता ली जा रही है. ऐसे अधि़करी जो पहले भी फ्फोलन देवी द्सहित सैकड़ों लोगो के समर्पण का मसौदा तैयार कर चुके हैं.
नेहा- तुम जो भी करोगे , ठीक ही करोगे .इतना भरोसा हो गया है तुम पर .शरीर का समर्पण बाद में पहले तो दिल को समर्पित कर चुकी हूँ.
राजेश- झूठी हो तुम. सिर्फ कहती हो, करती कुछ भी नहीं हो. देखो बना मेरी साँसें कितनी गर्म हैं. मेरी आहों को देखो. मेरी आँखों की पुतलियाँ देखो. मेरी आँखों में अपने लिए लहराता प्यार का समुन्दर तो देखो.
नेहा - मुझे बहकाने से कुछ फायदा होने वाला नहीं है. अप्पने आप पर काबू करेंगे तब न फायदा होगा. भावनाओं को पूरी तरह से कब्जे में कर लीजिए . सुलगते अरमानों को हवा न दीजिए ,. अभी इश्क की इस एजी को बुझा ही रहने दो तो बेहतर होगा राजेश- मंदिर में अगर कोई डिस्को गीत सुअनाये तो अच्काहा नहीं लगता . और रात के समय बार में अगर कोई ओम जय जगदीश हरे सुनाता है तो अटपटा सा लगता है . अब भी अही ओ हो रहा है. मैं तुम्हारे मुख से कुछ प्यार भरी बातें सुनना चाहता हूँ, और तुम हो कि उपदेश दे रही हो. ऐसा कैसा चलेगा ?चलो , मैं ही शुरू करता हूँ. आई लव यू माई डीयर,,,,,
नेहा- आई लव यू टू माय डीअर , मेरी जान. मेरे जाने जिगर. अब तो खुश हो गए न . और कुछ बुलवाना हो तो वह भी बात दीजिए. मैं बोल दूंगी .
राजेश- ये तो ऐसा लगता है जैसे कि हम उधार का प्यार ले रहे हैं. जो हम कहलवाना चाहेंगे , क्या आप सिर्फ वही कहेंगी . यह तो जुल्म है हम पर . महा जुल्म है.
नेहा- अच्छा , इधर आइये, इस प्यार को नकद प्यार में बदल देती हूँ, तुम्हारे होठों पर एक गरम सा, मीठा सा चुम्बन ले लेती हूँ.

भाग-३८ , यह गुरूवार अंक के लिए एडवांस है

भाग-३८
और उसने किसी भी हालत में मुझे वहाँ से निकालने की प्रार्थना की थी. रवि बाबू की पहल पर उस घर तक गाड़ी भेज दी गयी जहाँ मुझे बंधक बनाया गया था और जहाँ पर मेरी इज्जत लुट चुकी थी. साथ में और भी लूटने की तैयारी चल रही थी.
राजेश- बड़ा दर्द है तुम्हारी कहानी में .अगर कोई दूसरा वक्त होता तो शायद मैं अब तक मेरी पलकें भीग चुकी होतीं. मैं बहुत भावुक इंसान हूँ. इतना ज्यादा कि अगर किसी चींटी को भी गलती से मसल गूं तो आँख भारी हो जाती हैं. लोग कहते हैं कि मेरी कविताओं में भी इतना ही दर्द होता है. जब मैं कविता लिखकर किसी भी अखबार में भेजता हूँ ओ संपादक उसे अवश्या छापते हैं. पहचान छिपाने के लिए मैं एक अन्या उपनाम से लिखता हूँ,. ऐसा इसलिए करता हूँ ताकि कोई ये न सोचे कि मैंने सरकारी दबदबे के कारण अपनी कवितायें प्रकाशित कराई हैं.
नेहा- तभी तो मेरे दिल तुम्हारे दिल से मिल गया है. अगर हम दोनों के दिल और विचार एक जैसे नहीं होते तो निश्चित रूप से हम आज यहाँ पर इस तरह गलबहियाँ नहीं कर होते. मेरी बाहें तुम्हारे गले में नहीं होती ,
राजेश- हाँ , हाँ जानता हूँ बाबा . गले पर नहीं तब तो गर्दन पर होतीं, यही न . जानता हूँ तुम यही कहने वाली थी न , मगर कहते-कहते रुक गयी . वैसे ये गर्दंभी तुम्हारी ही है, अब तो ओ कुछ मेरा है, तुम्हारा भी वही सब है. हम लोग अब एक हो चुके हैं. लेकिन प्यार या शादी के पहले मैं तुमको यह्बता देना चाहती हूँ कि बचपन में मेरे साथ बलात्कार किया जा चुका है. मैं कोई पवित्र नहीं हूँ. अगर यह खबर तुम्हें बादमे पता चलेगी तो निश्चित रूप से तुमको बुरा लगता . अब तुम्हें डिसीजन लेने में भी आसानी होगी. अगर तुम अपने कैरियर के कारण मजबूरी में मुझसे शादी का निर्णय ले रहे हो तो मैं तुम्हें इस तरह की बंदिश से आज़ाद करती हूँ. तुम्हारेकहने पर मै ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ समर्पण कर दूंगी .मेरे साथ चाहे जितना धोखा हो जाए गम नहीं, लेकिन मेरे किसी साथी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए पहले सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों से पक्की बात करलो . उसके आबाद ही हमसे वादा करना . अगर अच्छी पुनर्वसन स्कीम बनाई तो मैं अन्य सभी लोगों को भी कन्वेंस करके कहूंगी कि कहूँ -खराबा और जंगल की जिंदगी छोड़कर आम जीवन जिया जाए .मैं खुद सबसे हथियार डालने को कहूंगी . रवि बाबू को अगर आप और हम समझाने में कामयाब हो गए तो वे अकेले ही हजारों को समझा लेंगे . हर नक्सली उनकी बहुत इज्जत करता है. वे निष्पक्ष भाव से बिना कोई पद लिए बरसों से काम कर रहे हैं.
राजेश- मैं अवश्य ही उनसे मिलना चाहूँगा , मगर अधिकारी बनकर नहीं , बल्कि नेहा का प्रेमी बनकर , नेहा का होने वाला पति बनकर मैं उनसे मिलूंगा . और पगली ये क्या कहती हो कि सोच -समझ लो, मैं क्या समझ लूं, अगर बचपन में तुम्हारे साथ किसीने जोर -जबरदस्ती की है तो इसमें तुम्हारा कसूर क्या है ? तुम्हारा बालक होना,तुम्हारा गरीब होना , तुम्हारा कमजोर होना कोई अपराध नहीं था. और तुमने जिन व्भी अपराधियों की हत्या की हैं, उसमे से किसी एक में भी तुम्हारा सीधा इन्वोल्व्मेंट होने का प्रमाण नहीं है. शिकायत भी नहीं. मैं दिल से मानता हूँ कि तुमने जो भी किया वह हालात के मद्देनजर किया . सरकार भी कुछ खतरनाक अपराधियों के ज़िंदा या मुर्दा पकड़ने पर इनाम की घोषणा करती है. और तुम्हारे जितने भी शिकार थे , सब के सब इसी तरह के ईनामी बदमाश थे. इस हिसाब से भी देखा जाए तो तुमने सरकार की मदद ही की है. और मददगार को पुरस्कार दिया जाता है, तिरस्कार नहीं . तुम गंगा से भी पावन थी, हो और हमेशा रहोगी .
नेहा- मेरा मन में तुम्हारी इज्जत अबुर भी बढ़ गयी है अरजेश, तुम इंसान नहीं, इंसान की शक्ल में देवता हो, मैंने जीवन में बहुत लोग देखे हैं . अच्छे भी , अच्छे से अच्छे भी लेकिन तुम तो सबसे अच्छे हो. तुम सच में तुम हो. तुमने आकर मेरी सूनी सी दुनिया में चारों तरफ फूल ही फूल खिला दिए हैं, मैं कितने गहरे अन्धकार में जी रही थी. तुम उजाले की किरण नहीं बल्कि उजाले का सूरज बनकर मेरी जिंदगी में आये हो.
राजेश- यह हमारा इस जन्म का नहीं,बल्कि जन्मो -जन्म का रिश्ता है.
भाग-३७
तब वे सहारा तलाशते हैं. और उन्हें हमारे रूप में कोई न कोई विकल्प मिल ही जाता है. मैं ये नहीं कहती कि हमारे सभी सदस्य सच्चे होते हैं. हम्मे से भी कुछ लोग बुरे निकल आते हैं मगर हम लोग उनकी गलती को भी माफ नहीं करते . उनको भी सजा दी जाती है. हमारे संगठन में कोई सिफारिश नहीं चलती . हमारी पंचायत चलती है. बाकायदा फैसला सुनाया जाता है,. उस फैसले को अमल में भी लाया जाता है. ऐसा नहीं है कि उसे छोड़ दिया जाएगा , या फिर अमल में छूट दे दी जाए .
राजेश- हाँ , बिलकुल कुछ बात है तभी तो लोग तुमसे आकर्षित होते हैं. अगर तुम्हारी कमियां होतीं तो निश्चित रूप से जनता नहीं जुड पाती तुम जैसे लोगों से , मैंने किसी अखबार में एक रिपोर्ट पढ़ी थी , रिपोर्ट केमुताबिक एक महिला नक्सली ने खुलासा किया था कि संगठनके लोग उसका शारीरिक शोषण किया करते थे.उसने अपनी आपबीती बहुत ही मार्मिक अंदाज में सुनाई थी , मुझे याद है उसने अप्नेजिस्म के कुछ घाव भी दिखाए थे , ऐसा कुछ तुम्हारी जानकारी में भी आया था क्या कभी ?
नेहा- बिलकुल नहीं. कभी ऐसा हादसा नही हुआ. हो सकता है इसका एक कारण ये भी है कि मेरे संगठन में ज्यादातर लड़कियां ही हैं. लड़के तो बसऑपरेशंस में शामिल होते हैं. जहां उनकी बहुत ज्यादा जरूरत होती हैं, वही उनका इस्तेमाल किया जाता है.
राजेश- अच्छा ये बताओ, अक्सर सुनने में आता है कि नक्सलियों ने फलां जगह पर पुलिस कैम्प पर हमला कर दिया या पुलिस थाणे को उड़ा दिया या फिर आरपीएफ के जवानों को उड़ा दिया . ऐसा क्यों करते हो तुम लोग ? तुम्हारी पुलिस या फ़ोर्स से क्या दुश्मनी है ?
नेहा- इसके कई कारण होते हैं. कुछ पुलिसवाले गरीबों पर जुल्म करते हैं. उनका जीना हराम किये रहते हैं,. पहले हम उनको चेतावनी देते हैं. जब वे नहीं सुधारते तो मजबूरन हमें कार्रवाई को अंजाम देना पड़ता है. कहूँ-खराबा हमें भी अच्छा नहीं लगता , मगर जब हमें मजबूर कर दिया जाए तो मर तो नहीं सकते हम.हमला होने पर तो अपने बचाव के लिए छोटी सी चीटी भी इतने बड़े इंसान को काट लेती है.
राजेश- हाँ, वो तो है. आत्मरक्षा का अधिकार तो हमको कानूनी रूप से मिला हुआ है. इसका हमें फायदा उठाना चाहिए . अच्छा उस दिन क्या हुआ , वह बताइये न , सके बाद हम इस पर चर्चा करेंगे कि आप लोगों के संगठन आखिर किस तारह से काम करते हैं.
नेहा- बेशक, जरूर बतलाया जायेगा. उस दिन मौसी ने मुझे अपनी बेटी मान लिया था और मुझे उस नर्क से निअकलने का द्रध्निश्चय कर लिया था. इसके साथ-साथ वे इस अबत के लिए भी राजी हो गयी कि मेरे साथ-साथ वे भी नक्सली संगठन से जुड़ेंगी और हर पल मी साथ-साह रहेंगी . वे पिछले दरवाजे से चुपके से निकल गयीं थीं. आधा घंटे के अंदर ही वे रवि बाबू से मिलकर चली आयीं थीं, रवि बाबू वही जको नक्सली संगठनों के मुफ्त में केस लड़ते रहे हैं. पेशे से वकील इस निहायत शरीफ इंसान को कई बार शक की बुनियाद पर जेल भी भेजा गया है.
राजेश- अच्छा , ये महाशय फिलहाल कहाँ रहते हैं ?
नेहा- यहीं मेरे साथ. मेरे आग्रह पर ये भी पूरी तरह से इस संगठन से जुड गए, मैं पहले बता ही चुकी हूँ कि सभी हमारे बड़े नेता नकी बहुत इज्जत करते थे. उसी दुष्ट नेता ने इनके पूरे परिवार का खात्मा कर दिया तह. उन पर बहुत ज़ुल्न्म किये गए , लेकिन उन्होंने कभी सरेंडर नहीं किया. वे अपनी गर्दन ऊंची करके हमेशा हक की आवाज बुलंद करते रहे. परिवार के खात्मे के बाद नक्सलियों ने ही इनका हौसला बढ़ाया था. मुझे भी संगठन से जुड़ने में इन्होने सहायता की .
राजेश- रवि बाबू ने आपको किससे मिलवाया था ?
नेहा- मौसी ने रवि बाबू को सारी दास्ताँ कह सुनाई थी. और उसने किसी भी हालत में मुझे वहाँ से निकालने की प्रार्थना की थी. रवि बाबू की पहल पर उस घर तक गाड़ी भेज दी गयी जहाँ मुझे बंधक बनाया गया था और जहाँ पर मेरी इज्जत लुट चुकी थी.
राजेश- बड़ा दर्द है तुम्हारी कहानी में .

भाग-३६

जलेबी -३६
है. नेहा भी कभी रोमांटिक बातों को और भी ज्यादा रोमांटिक बताकर पेश किया करती थी ताकि राजेश की भावानायेंभाक आजायें, उसका कहासंग गर्म हो आजाये तो उसे भी थोड़ी सी राहत मिल सके. तपती गर्मियों में तो धरती को भी बरसात की बूंदों का इन्तजार रहता है ताकि कुछ गर्मी से कुछ राहत मिल सके. नेहा तो फिर भी जवान लड़की थी. उसकी अपनी भी हसरतें थीं, आरज़ू थी, उसके अपने भी अरमान थे . वह भी अन्य लड़कियों की तरह किसी दोस्त की इच्छा रखती थी .चाहती थी कि उसे भी कोई चाहे, उससे अकेले में मिले, प्यार की बातें करे औए फिर उसे अपनी बांहों में लेकर सहलाये , उसके रसीले होठों को चूमे . हार्ड वर्क और दैनिक अभ्यास के कारण उसकी उम्र हर किसीकी समझ में नहीं आती थी. लगती थी मानो १६ या १८ साल की कोई हूर परी है. जबकि वह जीवन के २६ बसंत देख चुकी थी. जो उम्र उसके हँसने -खेलने की थी वह उसने गहन अध्ययन और नक्सली संगठन को मजबूत करने में ही निकाल दी . राजेश ने इस वक्त उसे अपनी बांहों में भर रखा था और वह अपनी माशूका नेहा से पूछ रहा था -
- फिर आगे क्या हुआ ? क्या तुम्हारी उस मौसी ने तुम्हारी हेल्प की ? औ की तो किस तरह ?
नेहा- ओह , हाँ... बिलकुल उसी मौसी की मदद से मैं उस जेल से निकल पाई . वरना जिस किसीको नेता अपनी हवस की शिकार बनाता था, उसकी आसानी से अपनी कैद से बाहर नहीं निकलने देता था. वह बेहद क्रूर और हवसी था. वह सिर्फ नाम मात्र का इंसान था . उसने हजारों लड़कियों को अपनी हवस का शिअकर बना डाला था. इतना खतरनाक इंसान मैंने आज तक नहीं देखा . वह्रावन से भी खतरनाक था .
राजेश- था ? मतलब ? क्या अब वह इस दुनिया में नन्ही है ?
नेहा- जी नहीं, मैंने उसको मौत के घात उतार दिया . बेरहमी से ह्त्या कर दी उसकी . तुम्हें तो पता ही होगा जब एक पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों के किसीने कैसे टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे. उसीके पैत्रक गाँव में ....
राजेश- ओह्ह्ह , हाँ . समझ गया. मुझे याद आ रहा है. उस नेता के तो कई टुकड़े किये थे. उसके हत्यारे तो पकडे भी गए थे . ऐसा कहा गया कि उसी नेता के पीए ने उसकी ह्त्या की थी . उसका पीए गिरफतार किया गाया था.
नेहा- हाँ, मैंने उसे इसी तारह से निबटाया था. उसकी ह्त्या में उसके नालायक पीए कि फंसाकर मैंने एक तीर से दो निशाने लगाए थे . अब समझे तुम. मेरे साथ उसने बहुत जुल्म किया था और मैंने उसका इस तारह बदला ले लिया. तभी मेरे सीने पर ठंडक पडी थी , मगर मेरा मिशन यहीं पूरा नहीं हुआ. मैंने ऐसे लोगों को ठिकाने लगाना जारी रखा जो लोग बहन बेटियों की इज्जत से खेलते हैं और दौलत ,शौहरत या शिफारिश के बल पर जेल से आसानी से छूट जाए हैं. जलेबीबाई की अदालत से ऐसे पापी कभी नहीं छूट सकते . अगर तुम आज यहाँ नहीं होते . तो एक -दो बलात्कारियों का अब तक काम तमाम कर चुकी होती .. मैं ये सन्देश देना चाहती हूँ कि कोई भी दबंग किसी मजबूर लड़की का शोषण कर ने की हिम्मत नहीं करे. उसके मन में यह दहशत होनी चाहिए कि अगर कोई ऐसा करेगा तो उसे सज़ा जरूर मिलेगी . अगर कोई अदालत से बच भी जाता है तो जलेबीबाई की अदालत उसे कभी माफ नहीं करेगी . अगर कोई थानेदार उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं करता तो जलेबीबाई के कमांडर उसकी शिकायत जरूर दर्ज करेंगे . मेरे गिरोह में जितने भी लोग हैं, वेसब के सब सटाए हुए हैं. जिन लोगों पर जुल्म धाए गए हैं वे क्या करेंगे ? जब उनको इन्साफ नहीं मिलेगा ओ क्या करेंगे . जब उनका भरोसा न्याय व्यस्वस्था से उठ जाएगा तो क्या करेंगे ? तब वे सहारा तलाशते हैं. और उन्हें हमारे रूप में कोई न कोई विकल्प मिल ही जाता है. मैं ये नहीं कहती कि हामारे सभी सदस्य सच्चे होते हैं. हम्मे से भी कुछ लोग गाल्ट निकल आते हैं मगर हम लोग उनकी गलती को भी
माफ नहीं करते . उनको भी सजा दी जाती है.

Friday, November 11, 2011

जलेबी-३५
महिला- लड़ चुका है. उनके परिवार के कई लोगों को खत्म करवा चुका है.उस पर कई केस भी चल रहे हैं. अगर रवि बाबू पर हाथ डाला तो बवाल हो जाएगा , इसीलिए वे बचे हुए हैं. मैं उनसे बात चलाती हूँ. उन्हें ये तो मालूम है की मैं नेता की रखैल हूँ, लेकिन सच्चाई भी वे अच्छी तरह से जानते हैं. उन्हें मालूम है की नेता के पास मेरा जिस्म रहता है, जान नहीं . एकाध बार उन्होंने मुझसे भी कहा था की मैं उस संगठन में शामिल हो जाऊं म, माग्र मगर मक्सली के नाम से ही मेरी रूह कांपने लगती थी , मैं कमजोर थी बेटी , मैं उतना सख्त फैसला नहीं ले पाई थी. हांलाकि मेरे मन के किसी कोने में भी चिंगारी सुलगी हुयी थी. अब जो मैं तुम्हारी सहायता करूंगी यह उसी चिनगारी की बदौलत है. हो सकता है की तुम्हारी सहायता के बदले में मुझे भी मार दिया जाएगा , मगर अब मैं उस स्थिति से काफी दूर जा चुका हूँ,. मैंने अपनी जिंदगी जी ली है. अब क्या बचा है ? कुछ भी तो नहीं . सब कुछ बहुत दूर जा चुका है. सब कुछ खत्म हो गया है. कोई नहीं बचा अपना सगा .
नेहा- ऐसा क्यों कहती हो मौसी ? जीते जी अपनी बेटी को मार रही हो. अभी मैं ज़िंदा हूँ, तब क्यों कहती हो की कोई नहीं सगा . म८इन हूँ न. जो कुछ तुम्हारा सगा कर सकता था, उससे भी ज्यादा मैं करूंगी तुम्हारे लिए. आज मैं कसम खाती हूँ, जिसने तुम पर , मुझ पर और इस गाँव या देश की हजारों, लाखों बेटियों पर जुलम किये हैं , मैं उस राक्षस को कीड़े -मकौड़े की मौत दूंगी . मेरी आँखों में जो बदले की ज्वाला दहक रही है , उससे बड़े से बड़े पाप की लंका भी जलकर ख़ाक हो जायेगी . मेरे सीने में जो लावा सुलग रहा है, उसमे बड़े से बड़ा रावण भी भस्म हो जाएगा .
महिला- मेरी बेटी, मैं तेरी जरूर मदद करूंगी . अभी थोड़ी देर में नेता आने ही वाला होगा. वह पी खा रहा है. तेरे साथ सेक्स करने की नीयत से आएगा , मगर मैं उसे इतना पिला दूंगी की उसे सेक्स करने का होश ही नहीं रहेगा . उसे मैं इतनी ज्यादा पिलाऊंगी की वह का से पहले होश में नहीं आएगा , जब तक वह बेडरूम में रहता है, उसे डिस्टर्ब करने के लिए कोई नहीं आता . चाहे कितना भी खास काम क्यों न हो. हाँ, जब वह कल भी नहीं निकलेगा तो उसका पीए छानबीन जरूर करेगा , तब तक तुम और मैं जंगल पहुँच चुके होंगे . इस लड़ाई में अब मैं भी तुम्हारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलूंगी . उससे पहले ही मैं एरिया कमांडर तक यह खबर पहुंचा दूंगी की हम दोनों उनके गिरोह मेशामिल हो रहे हैं. इसके बाद वे हामरी सहायता शुरू करदेंगे . अगर चाहें तो वे अब भी छोटा सा हमला कर सकते हैं मगर इससे बात बिगड जायेगी . अगर इस हरामी का मिकम्मल इलाज करना है तो उसके लिए जरूरी है की सब कुछ ठोस किया जाए. वरना यह जब अक जियेगा तब तक मजबूर बहन बेटियों की आबरू से खेलता रहेगा . इसके पाप का घडा भर अब भर चुका है. तेरी बहादुरी ने मेरी आँखें खोल दी हैं. जब तू इतनी कम उम्र में इतना बड़ा डिसीजन ले सकती है तो मैं टेरता साथ क्यों नहीं दे सकती . मौत तो एक न एक दिन आनी ही है, फिर मौत से कैसा डरना .
नेहा- मैं कैसे आभार व्यक्त करून आपका . समय आने पर अपने जिस्म की एक-एक बूँद आपकेलिए न्योच्छावर कर सकती हूँ.
महिला- चल पगली, क्या कोई माँ अपनी बेटी पर एहसान करती है क्या ? अब तू चुपचाप खाना खा ले,मैं आगे की रूपरेखा तैयार करती हूँ.
काफी देर से राजेश नेहा के नक्सली बनने की दास्ताँ सुन रहा था, बिना कुछ कहे . सिर्फ हाँ हूँ कह दिया करता था या फिर किसी बुरी बात पर अफ़सोस जाहिर कर दिया करता था. उसका जी तो चाहता था की दो पैग मारने के बाद वह नेहा के साथ भी थोड़ा सा प्यार के मगर मामला इतना गंभीर था की वह बीच-बीच में प्यार मोहब्बत की बात भी नहीं कर सकता था. यहाँ तक की नेहा की गोलाइयां उसके हाथों से ज्यादा दूर नहीं थी. लेकिन वह उनको मसलने में हिचकिचा रहा था . सोचता था की इससे नेहा को लगेगा की वह उसकी बातों में कम उअर उसके बदन में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा है. नेहा भी कभी रोमांटिक बातों को और भी ज्यादा रोमांटिक बताकर पेश किया करती थी ताकि राजेश की भावानायेंभाक आजायें, उसका कहासंग गर्म हो आजाये तो उसे भी थोड़ी सी राहत मिल सके. तपती गर्मियों में तो धरती को भी बरसात की बूंदों का इन्तजार रहता है ताकि कुछ गर्मी से कुछ राहत मिल सके. नेहा तो फिर भी जवान लड़की थी.

Wednesday, October 26, 2011

जलेबी -१८
तुम्हारी बांहों का सहारा तो है. . है न राजेश ? तुम मुझे दोगे न सहारा ?
राजेश- हाँ , जीवन भर . जब तक सांस चलती रहेंगी तब तक.
नेहा- आई लव यू मेरी जान. आई लव यू .
राजेश- लव यू टू नेहा.....दिलो जां से चाहता हूँ तुम्हें, समय आने पर अपनी जां देने से भी पीछे नहीं हटूंगा . मैंने मोहब्बत करली तो करली, मैंने तुम्हें चुन लिया तो बस चुन लिया. मेरी अपनी कोई विशेष विचारधारा नहीं है. मैन साधारण इंसान हूँ. जो विचार मुझे तुमसे सुनने को मिलेंगे मै उसीको अपनी विचारधारा में शामिल कर लूंगा . तुमसे जो सच्ची और हक की बातें सुनने को मिलेंगी , वही मेरी नीतियों में शामिल हो जायेंगी . अब तो बस तुम्हारे ही प्यार का सहारा है. देखो, अगर कभी भविष्य में मुझे जाने -जाने कोई गलती हो जाती है , या फिर तुम्हें कोई गलतफहमी हो जाती है तो वादा करो कि तुम्हें नाराज नहीं होना है बल्कि मुझसे मिलकर तुम्हें मामला साफ़ कर लेना है. अच्छे दोस्त कभी भी अपना फैसला दुसरे लोगों से नहीं कराते बल्कि वे खुद इतने सक्षम होते हैं कि अपनी बातें आपस में ही निपटा सकें.
नेहा- तुम भी एक वादा करो राजेश , मेरे सिर पर हाथ रखकर कहो कि जीवन में कभी उलीस की मुखबिरी नहीं करोगे, कभी न तो खुद पुलिस की नौकरी करोगे और न ही अपने करीबियों को करने दोगे .
राजेश- ऐसा ही होगा . मैं हमेशा वही करता रहूँगा , जो तुम कहोगी , मेरी नजर में तुम महज एक खूबसूरत लड़की नहीं हो बल्कि इससे कहीं बढ़कर हो. क्या मेरा यकीन मानोगी कि तुम अब मेरे जीने का मकसद बन चुकी हो. एक और अपनी कमजोरी बताए देता हूँ. अगर तुमने मुझे ठुकरा दिया तो जानती हो क्या ओगा, मेरे प्राण निकल जायेंगे और इसके लिए मुझे कोई प्रयास भी नै करना होगा . अपने आप यह सब कुछ हो जाएगा . तुम्हारी आँखों में झांककर देखता हूँ तो मयखाना दिखाई देता है. तुम्हारे साथ कितनी पी चुका हूँ लेकिन मजाल है जो नशा हो जाए.नशा नाम की कोई चीज नहीं है यहाँ .
नेहा- क्या ये सच नहीं कि तुमने मेरे जिस्म को हासिल करने के लिए मुझसे दोस्ती की है ?झूठ मत बोलना .
राजेश- हाँ, मगर सिर्फ जिस्म को पाने के लिए नहीं. बल्कि एक पवित्र रिश्ता कायम कर सदा के लिए तुम्हारे साथ रहने का इरादा है. कोशिश करूँगा कि अगले साथ जन्मों तक तुम्हारी परछाई बनकर रह सकूं.लोग शादियाँ क्यों करते हैं ? इसका जवाब ये नहीं कि सिर्फ जिस्मानी जरूरतों के लिए ही करते हैं. ये अलग बात है कि शादी की पहली रात ही वे सुहागरात मनाते हैं. एक दुसरे में डूब जाते हैं. एक जिस्म दो जां बनजाते हैं.
नेहा- मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ राजेश. जो तुम सोच रहे हो, बात ऐसी नहीं है. मैं किसीके लायक भी नहीं हूँ. मेरा मिशन बिलकुल अलग है. मैं उससे दूर नहीं हट पाती . कई सालों में आज ये पहला अवसर है जब मैंने तुम्हारे साथ फुर्सत में इतना वक्त बिताया है. वरना तो हर दम बस काम ही काम . हम एक अलग ही लोक के प्राणी हैं. हम किसीको कोई सुख नहीं दे सकते . अगर तुम मुझसे बहुत ज्यादा प्रेम करने लगे हो और मेरे शरीर से लगाव रखते हो तो आज मैं अपने आपको समर्पित करने के लिए तैयार हूँ. तुम अपने जिस्म की प्यास बुझा सकते हो , मगर मुझे हासिल नहीं कर सकते. क्योंकि मैं किसी और से कुछ और ही वादा कर चुकी हूँ.
राजेश- ओह, अगर ऐसी बात है तो मुझे पहले ही बता देना चाहिए था. कौन है वो खुश नसीब ?
नेहा- नहीं रे राजेश ... ऐसी भी कोई बात नहीं है. वह कोई इंसान नहीं है. बल्कि इंसानों की भलाई के लिए बनाई गयी एक विचारधारा है. हमने अपने आपसे ही यह वादा किया हुआ है कि अपना कीमती वक्त इस तरह के नाते -रिश्तों में बर्बाद नहीं होने देंगे.
राजेश -आपकी बातें उलझी हुई सी लगती हैं, मुझे जो भी बताओ, साफ़-साफ़ बताओ.
नेहा- उसके लिए यह जगह ठीक नहीं रहेगी , तुम्हें मेरे ऑफिस चलना होगा, तब तुम्हें बतलाऊंगी .

Monday, October 17, 2011

जलेबी -९
राजेश- अभी इतनी जल्दी, अभी तो कुछ खाया-पिया भी नहीं है,कुछ जाना भी नहीं तुम्हारे बारे में .
नेहा- इससे ज्यादा क्या जानना चाहते हो कि मेरा नाम नेहा है और मुझे प्यार-मोहब्बत जैसी बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है. ये तो तुम खुद भी समझ गए होंगे.
राजेश- हाँ, साथ में ये भी समझा हूँ कि अगर ज़रा भी दिलचस्पी नहीं होती तो तुम मेरी गाड़ी में भी नहीं बैठती ,यहाँ मेरे साथ ड्रिंक भी नहीं करती. ये माना कई मै तुम्हें हद से ज्यादा चाहता हूँ, लेकिन झूठ ये भी नहीं कि प्यार के बीज तुम्हारे मन में भी अंकुरित हो रहे हैं. ज्यादा नहीं तो कम, लेकिन चाहती तुम भी हो मुझे . तुम जितनी हसीन हो, उसकी जितनी तारीफ़ की जाए , कम है लेकिन मेरी मर्दानगी के सामने भी कोई टिक नहीं सकता. एक बार जिस महिला की नजर मेरे चेहरे से टिकाती है, फिर वह जैसे नजर हटाना ही भूल जाती है. ये है मेरे आकर्षण का जादू. मैंने महसूस किया है कि कई बार आपने भी मुझे कनखियों से खूब देखा है. अगर गलत बोलता हूँ तो बता सकती हो. मै जो गलत निकला तो चाहे जो सज़ा देना.
नेहा- अच्छा, तो अब त७उम अप नी तारीफ़ अपने मुंह से करवाना चाहते हो, वैसे सच तो है , तुम गज़ब के मर्द लगते हो. तुम्हारे साथ जो महिला सुहागरात मनायेगी , वह वाकई बड़ी नसीब वाली होगी. बिस्तर पर तुम उसे भरपूर सुख दे सकते हो, ऐसा मेरा सोचना है. तुम्हारी फडकती हुई भुजाएं कईयों के ईमान डिगा सकती हैं. और तुम्हारे पेंट को फाड़ने के लिए जो यह काला नाग बेताब हो रहा है, मै इसको भी अच्छी तरह से जां गयी हूँ, यह जो बार -बार खडा होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है, उससे लगता है कि जरूर इसमें वजन है. मगर इस सबसे प्रभावित होने का समय मेरा जा चुका हूँ, अब तो मै पत्थर बन चुकी हूँ. हिमालय जैसा पत्थर . जिस पर बारिस, तूफ़ान , गर्मी या सर्दी का कोई असर नहीं होता, हाँ, मै तुम्हें कनखियों से देखती थी, एक अबर नहीं बार-बार. तो इसके पीछे कारण ये था कि तुम मुझे भोले नजर आये, मुझे लगा कि बहुत सीधे इंसान हो. अगर चालू किस्म के होते , या मन में सिर्फ काम वासना ही रखते तो इतना समय मेरे लिए नहीं गंवाते . इसीलिए मैंने दया करके तुमसे मिलने का वक्त दिया है. अब तुम दया और प्यार में फर्क तो आसानी से समझ ही सकते हो. और कुछ क्ल्यारीफिकेशन चाहिए , या काम चल जाएगा ?
राजेश -ठीक है, मै समझ गया. आप कहना चाहती हैं कि अआप्को मुझसे सहानुभूति है, प्यार नहीं है. कोई बात नहीं , मुझे इससे भी कोई ऐतराज नहीं है. आज मै तुमने दया के लायक समझा हूँ, तो कल प्रेम के काबिल भी जरूर समझोगी .
नेहा- बहुत स्मार्ट बंदे हो, प्यार के चककर में पड़े हो. क्या करोगे प्यार करके, समय बर्बाद करने से तो बेहतर है कि तुम किसी अबर में जाओ, लड़की पसंद करो और मन चाहे गेस्ट हाउस में ले जाओ. रात भर वह तुमसे इतना प्यार करेगी , कि दिन भर नहीं भूल पाओगे. प्यार -व्यार के बहाने आदमी और किसलिए करता है ? यही आवरण तो होता है. जब बिस्तर पर ले गया , मन भर गया, गर्मी निकल गयी तो प्यार का भूत भी उतर जाता है. सारे वादे हवा हो जाते हैं, तब कुछ नही दिखता .
राजेश- लगता है तुमने मोहब्बत में कोई चोट खाई है, जिससे ऐसी नेगेटिव बातें करने लगी हो, प्यार के नाम से ही चिढने लगी हो. मै पूछता हूँ कि इसमें अआखिर बुराई भी क्या है. अब तुम जवान हो, खूबसूरत हो, क्या ये जवानी और सुंदरता हमेशा रहने वाली है ? तुमसे पहले और भी न जाने कितनी हूर की परियां थीं, और अब भी तुम्हारे बाद न अजने कितनी आएंगी . फर्क ये है कि आफले उनका वक्त था, आज तुम्हारा वक्त है और कल किसी और का वक्त होगा . जिसने वक्त की कद्र नहीं की , वक्त कभी उसकी कद्र नहीं करता. आज तुम्हें लाखों चाहने वाले मिल जायेगे , मगर जब तुम्हारा हुस्न ढल जाएगा तब कोई पूछने वाला नहीं होगा .
नेहा- अपने दिल की भड़ास निकाल रहे हो या फिर मुझे बददुआ दे रहे हो ?
राजेश- एक सच्चे दोस्त का सलाह है, जो लाखो लोग तुम्हें चाहते हैं, उनमे से कोई एक चुन लो और उसे हमेशा के लिए अपना बनालो . उसकी भी जिंदगी बन जायेगी और तुम्हारे हुस्न का भी सही चाहने वाला , अच्छा कद्रदान मिल जायेगा. जिस हुस्न के सच्चे चाहने वाले न हों, वह भी किसी अकाम का नहीं होता . यह भी याद रखना .
नेहा - मैन कैसे पहचानूंगी कि कौन सच्चा चाहने वाला है और कौन झूठा ? एक काम करो न , इस काम में तुम ही मेरी मदद करो. खुद को छोड़कर मेरे लिए कोई अच्काहा साथ चुनिए न . इनमे से . ये देखिये .

Sunday, October 16, 2011

भाग-८
मद्धिम रोशनी में भी नेहा का चेहरा चाँद की तरह चमक रहा था. दोनों ने व्हिस्की का ऑर्डर दे दिया. एक पैग अंदर जाते ही राजेश के मन में वासना तूफ़ान उठने लगा . उसका गुतांग भी पूरे जोश में आकार काले नाग की तरफ भडकने लगा. जी तो चाहता था कि नेहा को अभी अपनी बांहों में भरले और उसे खूब प्यार करे, उसी बार में बैठा एक प्रेमी जोड़ा बहुत अच्छी तरह से आलिंगनबद्ध था. वे दोनों ही शराब के नशे में चूर थे, लड़की आगे बढ़कर अपने प्रेमी के होठों को चूम रही थी, कभी-कभी वह अपनी जीभ का इस्तेमाल भी कर लिया करती थी. यह बड़ा ही शानदार द्रश्य था, मगर इसने राजेश के दिल में तूफ़ान खड़ा कर दिया था. नेहा की बात अलग थी, वह तो उस तरफ से मुंह फेरकर बैठी थी. राजेश ने इसका भी बहाना बना लिया , वह बाथरूम करने के बहाने गया और जब वापस आया तो नेहा से अपनी सीट पर बैठने का आग्रह कर दिया, नेहा वहाँ बैठ गयी, अब आलम ये था कि नेहा को उस प्रेमी जोड़े की हरकतें साफ़ दिखने लगीं, नेहा ने कुछ दे तो ध्यान नहीं दिया. मगर जब दूसरा पैग भी गले के नीचे उतरा तो उसे अपने सामने के सीन साफ़ दिखने लगा . मुस्कराते हुए वह बोली-
अच्छा , अब समझ में आया , तुम मुझे यहाँ क्यों बिठाना चाहते थे , रासलीला दिखाने के लिए ही न ?
राजेश- ये बात नहीं है. असल में शर्म आ रही थी, मेरा ध्यान न भटके इसलिए मैन यहाँ बैठ गया और तुमको वहाँ पर बिठा दिया , अगर कोई परेशानी हो तो मैन भी उधर बैठ जाता हूँ, दोनों साथ-साथ बैठ जाते हैं.
नेहा - बहुत चालू पुर्जे हो यार , ये बताओ ये हुनर कहाँ से सीखा है. दिखने में भले भोले हो लेकिन हो बड़े कातिल.
राजेश- आप जो उचित समझें, वो कह सकती हैं मगर मै तो सिर्फ आपका चाहने वाला हूँ, इसके सिवाय और कुछ नहीं हूँ, अगर कोई मुझे किसी नाम से पुकारना चाहता है तो तुम्हारे आशिक के नाम से पुकारा जाना मुझे अच्छा लगेगा .
नेहा- बड़े मजनू बने फिरते हो, कभी इश्क किया भी है या ऐसे ही इसका शौक पाल लिया है . ?
राजेश- कहते हैं कि इशक किया नहीं जाता, बस हो जाता है. मुझे भी बस हो गया है समझो.
नेहा- तो क्या इससे पहले कभी किसी लड़की को नहीं घुमाया -फिराया ? अरे मौज तो खूब की होंगी , सेक्स का आनंद तो खूब लिया होगा ? अब इतने शरमाओ भी मत. सही-सही बात पर आ जाओ.
राजेश- बाबा रे बाबा ,, ये क्या कहती हो,.? डायरेक्ट सेक्स पर चर्चा करती हो ? मुझे तो अजीब सा लग रहा है.
नेहा- मुझे पागल मत बनाओ , इस अबर में मुझे लाकर क्या अनूप जलोटा के भजन सुनने आये हो, यहाँ कैसी बातें की जाती हैं, क्या तुम नहीं जानते ? या मै नहीं जानती ?
राजेश- आपकी बात अपनी जगह सही है , लेकिन मैंने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया .
नेहा -तुम्हारा चेहरा तुम्हारी चुगली कर रहा है .साफ़ दीखता है कि जरूर दाल में कुछ काला है.
राजेश- नहीं, नहीं बात बिलकुल सच्ची है. मैंने कभी कुछ गडबड नहीं की . समय ही नहीं मिला. सच पूछो तो मैंने कभी इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया.
नेहा- सब लड़के लोग ऐसे ही बातें करते हैं, लड़की को पटाने के लिए बहाने करते रहते हैं, जब तक लड़की नहीं पटती तब तक तो तरह-तरह के बहाने करते हैं, खूब तारीफ़ करते हैं, घुमाते -फिअराते हैं. न अजाने काया-क्या खाब दिखाते हैं और जब लड़की कब्जे में आयी नहीं कि आँख दिखाने लगते हैं. मैन जानती हूँ तुम लोगों की सारी हकीकत .
राजेश- मैन मानता हूँ कि सब लोग ऐसे नहीं होते , जैसे कि मै नहीं हूँ.
नेहा- अच्छा, तो फिर दिल पर हाथ रखके कहो, मुझे यहाँ क्यों लेकर आये हो ?
राजेश- बस बात्चीत्कारने के लिए . तुम्हें देखने के लिए . अपने दिल की बात तुम तक पहुंचाने के लिए .
नेहा-अगर ऐसा है तो चलो , अब बात हो गयीं, चलते हैं. मुझे छोड़ दीजिए , जहाँ से बिठाया था वहीं पर.
राजेश- अभी इतनी जल्दी, अभी तो कुछ खाया-पिया भी नहीं है,उच्च जाना भी नहीं तुम्हारे बारे में .
नेहा- इससे ज्यादा क्या जानना चाहते हो कि मेरा नाम नेहा है और मुझे प्यार-मोहब्बत जैसी बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है. ये तो तुम खुद भी समझ गए होंगे.
राजेश- हाँ, साथ में ये भी समझा हूँ कि अगर ज़रा भी दिलचस्पी नहीं होती तो तुम मेरी गाड़ी में भी नहीं बैठती ,यहाँ मेरे साथ ड्रिंक भी नहीं करती.

Tuesday, September 27, 2011

अपने फोन को अनचाही कॉल्स और एसएमएस से ऐसे करें आजाद



नई दिल्ली।। टेलिमार्केटिंग कंपनियों से आने वाली अनचाही कॉल्स आज से बीते दिनों की बात हो गई। ट्राई की सिफारिश को टेलिकॉम कंपनियों के लागू करने से देशभर में करीब 90 करोड़ मोबाइल और टेलिफोन यूजर्स को टेलिमार्केटिंग कॉल्स और एसएमएस से राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

अभी यह सुविधा सिर्फ उन्हीं मोबाइल ग्राहकों को मिलेगी, जिन्होंने डू नॉट कॉल (कॉल नहीं करें) रजिस्टर पर अपना नंबर दर्ज करा रखा है। अगर आपने अभी तक इसके लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो टोल फ्री नंबर 1909 पर एसएमएस कर वक्त-बेवक्त आने वाली कॉल और एसएमएस से मुक्ति पाइए।

क्या बदल गया है
-टेलिमार्केटिंग कंपनियों को 140 से शुरू होने वाले नंबर दिए जाएंगे। यह मार्केटिंग कॉल की पहचान भी होगी।

- रात 9 बजे से सुबह 9 बजे के बीच कोई भी टेलिमार्केटिंग एसएमएस या कॉल नहीं की जा सकती।

- प्रीपेड फोन से एक दिन में अधिकतम 100 और पोस्टपेड से एक महीने में अधिकतम 3000 एसएमएस ही भेजे जा सकेंगे।

- टेलिमार्केटिंग के नियम तोड़ने पर कंपनियों पर लगने वाली जुर्माना राशि ढाई लाख रु. तक। दो साल की रोक भी लग सकती है।

- सर्विस प्रोवाइडर्स ब्लैकलिस्टेड मार्केटिंग कंपनियों को टेलिकॉम नेटवर्क से जुड़ी कोई भी सुविधा नहीं दे सकेंगे।

कैसे फोन को करें आजाद
- 1909 पर SMS भेजें या www.nccptrai.gov.in पर लॉग इन करें। इससे नैशनल कंस्यूमर पेफरेंस रजिस्ट्री से जुड़ें। 2007 में लॉन्च होने के बाद फ्लॉप हुई डू नॉट कॉल रजिस्ट्री से जुड़े हैं, तो इसकी जरूरत नहीं।

-कंस्यूमर्स के पास टेलिमार्केटिंग कॉल/एसएमएस पर 'पूरी तरह रोक लगाने (फुली ब्लॉक्ड) का विकल्प होगा, जो 'डू नॉट कॉल रजिस्ट्री' जैसा है। यदि कंस्यूमर (आंशिक तौर पर बंद) पार्शियली ब्लॉक्ड विकल्प चुनता है, तो उसे चुनिंदा कैटिगरी के एसएमएस और कॉल आएंगी।

-ट्राई ने नैशनल कंस्यूमर प्रेफरेंस रजिस्ट्री में बैंकिंग व फाइनैंशल प्रॉडक्ट्स, रियल एस्टेट, एजुकेशन, हेल्थ, कंस्यूमर गुड्स, ऑटोमोबाइल, कम्यूनिकेशन, एंटरटेनमेंट, टूरिजम या लीज सेग्मेंट शामिल किए हैं।

-अनचाही कॉल/एसएमएस पूरी तरह से बंद करने के लिए कंस्यूमर START (स्पेस) 0 एसएमएस 1909 पर भेजें, अनचाही सर्विस नहीं मिलेगी।

चुनिंदा सर्विस चाहिए तो ऐसा करें...

फाइनैंशल प्रॉडक्ट्स के लिए: START (स्पेस) 1
रियल एस्टेट के लिए: START (स्पेस) 2
एजुकेशन के लिए: START (स्पेस) 3
हेल्थ के लिए: START (स्पेस) 4
कंस्यूमर गुड्स के लिए: START (स्पेस) 5
कम्यूनिकेशन के लिए: START (स्पेस) 6
टूरिजम के लिए: START (स्पेस) 7

एक से ज्यादा सर्विस के लिए मिसाल...
START (स्पेस) 1,2

-रजिस्ट्रेशन होने के बाद ग्राहक को यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 24 घंटे में कन्फर्मेशन का मेसेज आ जाएगा। इसके बाद 7 दिनों के भीतर आपके पास अनचाही कॉल्स/SMS आना बंद हो जाएंगे।

एसएमएस भेजने के बाद
-www.nccptrai.gov.in पर कस्टमर रजिस्ट्रेशन स्टेटस पर क्लिक करके अपना स्टेटस भी जान सकते हैं। कस्टमर रजिस्ट्रेशन के सात दिनों बाद अपनी प्रेफरेंस बदल भी सकता है। मसलन, उसे एजुकेशन से संबंधित कॉल/ एसएमएस नहीं चाहिए और अब रियल एस्टेट की जानकारी चाहिए तो उस ऑप्शन के लिए 1909 पर SMS भेजकर ऐसा कर सकता है।

रजिस्ट्रेशन के 7 दिन बाद भी किसी कंस्यूमर के पास टेलिमार्केटिंग कॉल या एसएमएस आते हैं तो इसकी शिकायत तीन दिनों के भीतर 1909 पर डायल या एसएमएस करके अपने सर्विस प्रोवाइडर से कर सकता है। इसके लिए कंस्यूमर को जिससे कॉल आई थी वह नंबर या मेसेज का हेडर डेट और टाइम के साथ बताना होगा।

एसएमएस से शिकायत इस फॉर्मेट COMP TEL NO .........., dd/mm/yy, Time hh:mm में 1909 पर करनी होगी। ऊपर खाली जगह में किस नंबर से एसएमएस आया था, उसकी या हेडर की जानकारी देनी होगी।

-शिकायत मिलने के सात दिनों के भीतर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी इस पर कार्रवाई करेगी। कंस्यूमर अपनी शिकायत की स्थिति जानने के लिए UCC Complaint Registration Status पर क्लिक कर सकता है।

गुजरात में घुसे दो आतंकी , नवरात्रि पर तबाही मचाने की साजिस


अहमदाबाद। भारत सरकार की मल्टीलेवल इंटेलीजेंस यूनिट (मेक) ने दिल्ली ब्लास्ट के सात आतंकियों में से दो के गुजरात में दाखिल होने का अलर्ट मैसेज जारी किया है। जबकि अन्य दो के पश्चिम बंगाल में छुपे होने की भी बात कही गई है।

यहां उल्लेखनीय है कि नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है और गुजरात में नवरात्रि पर्व पर गरबे की जबर्दस्त धूम रहती है। इसलिए आतंकी इस मौके का फायदा उठाकर गुजरात में गरबा स्थलों को अपना निशाना बना सकते हैं। इसके अलावा नवरात्रि के बाद दशहरा और फिर दीपावली, मसलन पूरे महीने बाजारों और धार्मिक स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ जमा रहेगी। अत: भीड़भाड़ वाले इलाके या धार्मिक स्थल भी आतंकियों के निशाने पर हो सकते हैं।

दूसरी तरफ, कुछ समय पहले ही आतंकियों द्वारा सितंबर माह में गुजरात में बड़े विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। इसके बाद से ही गुजरात में अलर्ट जारी कर दिया गया था। मेक की इस रिपोर्ट के बाद फिर से गुजरात में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को खासतौर पर गरबा स्थलों पर पैनी नजर रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उधर , जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच सोमवार को शुरू हुई मुठभेड़ मंगलवार को भी जारी है। मुठभेड़ में अब तक तीन आतंकवादी मारे गए हैं जबकि दो पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में यह मुठभेड़ सोमवार को शुरू हुई थी। मुठभेड़ में सेना का एक जवान घायल भी हुआ है।

श्रीनगर में सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुठभेड़ जारी है। सेना की कार्रवाई में अभी तक तीन आतंकवादी मारे गए हैं। एक जवान घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेना के 18वीं ग्रेनेडियर्स के जवानों और पुलिस की टीम ने सोमवार को क्रालपोरा पुलिस थाने के अंतर्गत अवथकुल जंगली इलाके के आस-पास तलाशी अभियान चलाया था।

अधिकारी ने कहा कि आतंकवादियों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें घटनास्थल पर ही दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच मुठभेड़ जारी है और घटनास्थल पर और जवानों को उनकी मदद के लिए भेजा जा रहा है।

राजबाला के अंतिम संस्कार में शामिल हुए बाबा रामदेव व सुषमा

सोनीपत. बाबा रामदेव की समर्थक राजबाला मलिक का अंतिम संस्‍कार आज यहां उनके गांव भाटान, गोहना रोड, सोनीपत (हरियाणा) कर दिया गया। राजबाला के बड़े बेटे अनिल ने शव को मुखाग्नि दी। इस समय भाजपा नेता सुषमा स्‍वराज, स्‍मृति ईरानी, पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला और रामदेव व उनके सहयोगी बालकृष्‍ण सहित बड़ी संख्‍या में लोग मौजूद थे। राजबाला के पति ने कहा कि गांव में ही राजबाला की समाधि बनेगी। रामदेव ने राजबाला की मौत के सिलसिले में दिल्‍ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा दायर कराने का भी फैसला किया है।
राजबाला के अंतिम संस्‍कार में शामिल होने के लिए हरियाणा आते वक्‍त दिल्‍ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रामदेव ने आरोप लगाया कि उन्‍हें भी मारने की साजिश की गई थी। उन्‍होंने कहा कि राजबाला को बुरी तरह पीटा गया था जिससे उनकी मौत हो गई। रामदेव ने कहा, 'मैंने इस मामले में जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राष्‍ट्रपति से लेकर लोकसभा अध्‍यक्ष तक को पत्र लिखा लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और उल्‍टे राजबाला की मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई है।' रामदेव ने राजबाला की मौत के लिए जिम्‍मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। उन्‍होंने दोहराया कि वो इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे। रामदेव ने कहा कि रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के पीछे पी चिदंबरम का हाथ था।

बीते जून में रामलीला मैदान में स्‍वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्‍मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया था। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। लेकिन पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत की दिल की धड़कन रुकने से हुई। हालांकि परिजन अस्‍पताल प्रशासन की लापरवाही को मौत के लिए जिम्‍मेदार बता रहे हैं।

रामदेव की मौजूदगी में हुआ राजबाला का अंतिम संस्‍कार, गांव में बनेगी समाधि

सोनीपत. बाबा रामदेव की समर्थक राजबाला मलिक का अंतिम संस्‍कार आज यहां उनके गांव भाटान, गोहना रोड, सोनीपत (हरियाणा) कर दिया गया। राजबाला के बड़े बेटे अनिल ने शव को मुखाग्नि दी। इस समय भाजपा नेता सुषमा स्‍वराज, स्‍मृति ईरानी, पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला और रामदेव व उनके सहयोगी बालकृष्‍ण सहित बड़ी संख्‍या में लोग मौजूद थे। राजबाला के पति ने कहा कि गांव में ही राजबाला की समाधि बनेगी। रामदेव ने राजबाला की मौत के सिलसिले में दिल्‍ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा दायर कराने का भी फैसला किया है।
राजबाला के अंतिम संस्‍कार में शामिल होने के लिए हरियाणा आते वक्‍त दिल्‍ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रामदेव ने आरोप लगाया कि उन्‍हें भी मारने की साजिश की गई थी। उन्‍होंने कहा कि राजबाला को बुरी तरह पीटा गया था जिससे उनकी मौत हो गई। रामदेव ने कहा, 'मैंने इस मामले में जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राष्‍ट्रपति से लेकर लोकसभा अध्‍यक्ष तक को पत्र लिखा लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और उल्‍टे राजबाला की मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई है।' रामदेव ने राजबाला की मौत के लिए जिम्‍मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। उन्‍होंने दोहराया कि वो इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे। रामदेव ने कहा कि रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के पीछे पी चिदंबरम का हाथ था।

बीते जून में रामलीला मैदान में स्‍वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्‍मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया था। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। लेकिन पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत की दिल की धड़कन रुकने से हुई। हालांकि परिजन अस्‍पताल प्रशासन की लापरवाही को मौत के लिए जिम्‍मेदार बता रहे हैं।

मौत की चाय , एक साथ ५ लाश देखकर रो पड़ा हर दिल


मांडलगढ़ (भीलवाड़ा)/कोटा.जालिया गांव में सोमवार सुबह कीटनाशक दवा को चाय पत्ती समझकर काम में लेने से माता-पिता और तीन बच्चों की मौत हो गई।
दोपहर बाद एक साथ उठी पांच अर्थियों से माहौल गमगीन हो गया। बीपीएल में चयनित भोजा बलाई (50) के घर सुबह चाय बनी थी।
इसे भोजा, उसकी पत्नी मन्नी (47) के अलावा तीन बेटों शैतान (17), कैलाश (14) और लोकेश (10) ने पिया। शैतान पशु चराने तथा दोनों बेटे स्कूल चले गए।
स्कूल में दोनों बच्चे उल्टी करने लगे तो शिक्षक ने उन्हें घर भेज दिया। उधर, भोजा, उसकी पत्नी व बड़े बेटे शैतान की भी तबीयत खराब होने लगी।
बाद में गांव में ही अलग से रह रहे भोजा के बड़े बेटे रामलाल ने इसकी सूचना सुबह करीब 7.30 बजे सरपंच राजकुमार पारीक को दी।
ग्रामीण उन्हें बीगोद ले गए, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिलने पर मांडलगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां मन्नी के अलावा सभी ने दम तोड़ दिया। मन्नी को गंभीर हालत में मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी अस्पताल रैफर किया गया। जहां दोपहर 12 बजे उसकी भी मृत्यु हो गई।
क्यों पता नहीं लगा कीटनाशक पी रहे हैं?
मृत्यु से पहले भोजा सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने बयान दिया कि कीटनाशक की दवा को एक थैली में रखी थी और पुरानी हो गई थी। इस कारण वह बदबू रहित हो गई और वह चाय पत्ती जैसी ही दिखने लगी थी। जिसे डिब्बे में भर लिया था। सुबह इसे ही चाय में डाला गया।
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Monday, September 26, 2011

9/11 की तर्ज पर भारत में हमले की साजिस


गलुरू। आंतकवादियों की तरफ से मिल रही धमकियां अगर सही हैं तो मुंबई की बहुमंजिली इमारतें और हवाई अड्डा इस समय खतरे में है। आंतवादियों की 9/11 के तर्ज में छोटे विमान का आपहरण कर मुंबई की किसी बहुमंजिली इमारत या फिर हवाई अड्डा से टकराने की योजना है। इसके लिए छोटे विमान का अपहरण कर्नाटक के हुबली हवाई अड्डे से किया जाएगा।

सूत्रों से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार दिल्‍ली से यह एलर्ट जारी किया गया है कि देश के सबसे व्‍यस्‍ततम हवाईअड्डे पर विमान हमला हो सकता है। हालांकि इस मामले में अभी तक सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादी संगठन के नाम का खुलासा नहीं किया है। लेकिन इतना तो तय है कि जिस तरह की धमकियां सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच रही हैं उसे नज़र अंदाज़ नहीं किया जा रहा है।

इधर खुफिया एजेंसियों की तरफ से जारी किये गये अलर्ट के बाद से हुबली हवाईअड्डे की सुरक्षा को और ज्यादा चाक चौबंद कर दिया गया है। हवाईअड्डे के बाहर और अंदर अतिरिक्‍त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि हुवली कर्नाटक की राजधानी बैंगलूरू से महज़ 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से कई प्राइवेट एयर कंपनियों के छोटे विमान खास कर किंग फिशर के विमान बैंगलुरू और फिर बैंगलूरू से मुंबई के लिए उड़ान भरते हैं।

उदयपुर। यहां के अम्बामाता थाने में जब्तशुदा कार को छुड़वाने में मदद की एवज में एक सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) ने महिला से अस्मत का सौदा कर लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार रात एपीपी को महिला के बेडरूम से आपत्तिजनक अवस्था में दबोच लिया। तलाशी में एपीपी की जेब से 50570 रूपए नकद तथा उसके घर से लाखों रूपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर व दस्तावेज मिले हैं। ब्यूरो ने एपीपी को गिरफ्तार कर शनिवार दोपहर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

यूं आया पकड़ में
ब्यूरो के एएसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल के अनुसार गाड़ी छुड़ाने में मदद करने की एवज अस्मत मांगने वाला अम्बामाता क्षेत्र निवासी गिरफ्तार अभिमन्यु सिंह (49) मूलत: यूपी के बलिया के छाता गांव का रहने वाला है। वह यहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या-2) न्यायालय में एपीपी है। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी एपीपी ने महिला को सुखाडिया सर्किल बुलाया।

महिला के पहुंचते ही वह उसके स्कूटर पर पीछे बैठ गया। महिला उसे अपने घर ले गई। ब्यूरो की टीम पीछे हो गई। महिला के घर पहुंचते ही आरोपी सीधा बेडरूम में घुसा और अश्लील हरकतें करने लगा। तभी ब्यूरो टीम ने उसे दबोच लिया। मौके से शक्तिवर्द्धक दवा रैपर में एक गोली व अन्य आपत्तिजनक सामान भी मिला।

देर रात तक चली कार्रवाई : ब्यूरो ने एपीपी की तलाशी ली तो उसकी जेब से 50 हजार से अधिक की नगदी मिली, लेकिन वह इसके बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। ब्यूरो ने इसके बाद एपीपी के मकान की तलाशी भी ली। वहां लाखों के गहने व निवेश सम्बन्धी दस्तावेज मिले हैं। ब्यूरो की कार्रवाई रात करीब ढाई बजे तक चलती रही।

यह था मामला : अनबन के चलते अलग रह रही पीडिता ने पति के खिलाफ भरण पोषण का वाद दायर कर रखा है। इस दौरान पति ने उसके नाम दर्ज कार बेच दी। इसका मामला अलग से अम्बामाता थाने में दर्ज है। यह कार पुलिस ने बरामद कर ली। इसे छुड़ाने के लिए महिला व खरीदार दोनों ने एसीजेएम-2 न्यायालय में अर्जी लगा रखी है। इसमें मदद के लिए पीडिता ने एपीपी से सम्पर्क किया था।

प्रियंका चोपड़ा से मात खा गए सचिन

नई दिल्ली।। क्रिकेट के मैदान पर अच्छे-अच्छे गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ट्विटर की पिच पर अपनी बादशाहत कायम नहीं रख पाए। वह 'देसी गर्ल' प्रियंका चोपड़ा से मात खा गए।

माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर ऐक्टिव भारत की सिलेब्रिटीज़ में कभी नबंर एक पर रहने वाले तेंडुलकर फॉलोअर्स के मामले में इस पूर्व मिस वर्ल्ड से गच्चा खा गए।

' फैशन' जैसी चर्चित फिल्म में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली प्रियंका चोपड़ा ने तेंडुलकर के अलावा, 'दबंग' सलमान खान, बॉलिवुड के बादशाह शाहरुख खान, आमिर खान, अमिताभ बच्चन, शशि थरूर को पीछे छोड़ते हुए 14,54,489 फॉलोअर जुटा लिए हैं। 21,202 लोगों ने उन्हें लिस्टेड किया है।

'ट्विटर क्वीन' प्रियंका चोपड़ा खुद 114 लोगों को 'फॉलो' करती हैं। ट्विटर पर लोकप्रियता की इस जंग में 'रिकॉर्डों के शहंशाह' सचिन तेंडुलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके 14,11,593 फॉलोअर हैं। तेंदुलकर को अब तक 17,203 लोगों ने लिस्टेड किया है।

तेंडुलकर आठ लोगों को फॉलो करते हैं, जिनमें युवराज सिंह, जहीर खान, अमिताभ शामिल हैं। अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर प्रशंसकों के मामले में हिंदी फिल्म जगत के बेताज बादशाह शाहरुख खान को पीछे छोड़ दिया है। बिग बी ट्विटर पर 12,58,371 फॉलोअर्स के साथ तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। शाहरुख 11,93,140 फॉलोअर्स के साथ चौथे नंबर पर हैं।

मुश्किल में गृह मंत्री , रामदेव समर्थक राजबाला की मौत


नई दिल्ली. बीते जून में रामलीला मैदान में स्‍वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्‍मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया है। परिजनों ने अस्‍पताल प्रशासन की लापरवाही को उनकी मौत के लिए जिम्‍मेदार बताया है। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। उनके शव का पोस्‍टमार्टम हो गया है।

परिजनों ने राजबाला का शव अस्‍पताल से ले जाने से इनकार कर दिया है। शव अब भी जी बी पंत अस्‍पताल के शवगृह में पड़ा हुआ है। पोस्‍टमार्टम करने वाले डॉक्‍टरों की राजबाला के परिजनों से किसी बात को लेकर कहासुनी भी हुई। राजबाला के भतीजे समीर चौधरी का कहना है कि जब तक केस हिस्‍ट्री और डिस्‍चार्ज स्लिप नहीं मिलता है, शव नहीं ले जाएंगे।

बीजेपी महिला मोर्चा की नेता और राजबाला की करीबी शिखा राय भी अस्‍पताल में मौजूद हैं। उन्‍होंने बताया कि यदि राजबाला की बीमारी की वजह और इसके लिए किए गए इलाज का पूरा ब्‍यौरा नहीं मिलता है तो उनके परिजन अस्‍पताल के बाहर धरना देंगे। डॉक्‍टरों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं आता है तब तक वो परिजनों को केस हिस्‍ट्री और डिस्‍चार्ज स्लिप नहीं देंगे।


यह मामला सरकार खासकर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करती है। योग गुरु बाबा रामेदव ने राजबाला की मौत के लिए सीधे तौर पर चिदंबरम को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी 6 जून को केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी थी, जिसका जवाब देना सरकार और पुलिस के लिए आसान नहीं माना जा रहा है। राजबाला की मौत के बाद आयोग अपने तेवर और सख्त कर सकता है।

योग गुरु बाबा रामदेव ने राजबाला के परिवार की हिम्मत की तारीफ़ करते हुए कहा "मेरा धर्म है कि मैं उनकी अंत्येष्टि में शामिल होऊं। मैं उनके परिवार के लगातार संपर्क में हूं।" राजबाला की मौत को बाबा रामदेव ने लोकतंत्र में एक असाधारण घटना बताते हुए लोगों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग राजबाला की अंत्येष्टि में शामिल हों।


वहीं, राजबाला की बेटी ने इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। राजबाला की बेटी ने दिल्ली पुलिस की उस दलील को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि राजाबाला को भगदड़ में चोट लगी थी, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई थी। राजबाला की बेटी ने कहा कि उन्हें लाठियों से चोट लगी थी।

गौरतलब है कि 4 जून की रात रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के अनशन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में राजबाला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस घटना के बाद उन्हें पहले एलएनजेपी अस्पताल और फिर जीबी पंत में भर्ती कराया गया। 5 जून को ही उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया था।

Friday, September 23, 2011

मेरी तो हर गेंद पर नवाब ने जड़ डाले थे छक्केः अमिताभ



नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट की महान हस्ती मंसूर अली खान पटौदी के निधन के बाद बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन बीते दिनों की यादों में खो गए हैं। बिग बी ने पटौदी के लिये अपने ब्लॉग पर संवेदना प्रकट की है।

अमिताभ ने टाइगर के नाम से मशहूर पटौदी के साथ बिताए अच्छे लम्हों को याद किया और कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को 'रॉकस्टार' की छवि दी थी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान पटौदी का गुरुवार को निधन हो गया। वह एक महीने से फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी से ग्रस्त थे। वह 70 साल के थे।

मेरी तो हर गेंद पर नवाब ने जड़ डाले थे छक्केः अमिताभ

अमिताभ ने लिखा, दुखद खबर है, टाइगर पटौदी नहीं रहे। पटौदी के साथ बिताए पलों की यादें आ रही हैं। उनके विवाह में शामिल होना, उनके साथ क्रिकेट खेलना, उनका तबला वादन का कौशल और उनके साथ बिताई शामें याद आ रही हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को 'रॉकस्टार' की छवि दी थी। वह

गरिमामय, शांत, मृदुभाषी और हंसमुख थे जबकि क्रिकेट की पिच पर वह एक टाइगर जैसे थे।

अमिताभ न केवल पटौदी के मित्र थे बल्कि वह उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर के नजदीकी सहयोगी भी थे। अमिताभ और शर्मिला ने 'चुपके चुपके' और 'विरुद्ध.. फेमली कम्स फर्स्ट' जैसी फिल्मों में साथ में काम किया। अमिताभ ने लिखा कि रिंकू दी (शर्मिला टैगौर) और मैंने कई फिल्मों में साथ कम किया। दरअसल जया की पहली बंगाली फिल्म में शर्मिला उनके साथ थीं। आज उन्हें अपने पति के जाने का दुख उठाना पड़ रहा है। अमिताभ ने पूरे परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

ब्राबोर्न स्टेडियम के चैरिटी मैच को याद करते हुए बिग बी ने लिखा कि उस मैच में हम दोनों एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे। मेरी गेंद पर उन्होंने बल्लेबाजी की थी। मेरी हर गेंद को उन्होंने बाउंड्री के पार पहुंचाया।

अमिताभ ने पटौदी के बेटे सैफ अली खान के साथ प्रकाश झा की फिल्म 'आरक्षण' में अभिनय किया है। उन्होंने पटौदी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

सुप्रीम कोर्ट में प्रज्ञा ठाकुर की जमानत याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में मकोका के तहत आरोपों का सामना कर रही साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देने से शनिवार को इनकार कर दिया।


न्यायमूर्ति जेएम पांचाल और न्यायमूर्ति एचएल गोखले की पीठ ने साध्वी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। साध्वी ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया। साध्वी को 23 अक्टूबर 2008 को गिरफ्तार किया गया था।
उनके वकील ने दलील दी थी कि 10 अक्टूबर 2008 से एटीएस की अवैध हिरासत में प्रज्ञा सिंह को प्रताड़ित किया गया। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि प्रज्ञा सिंह को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कानून के अनुसार एक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।
पीठ ने एक सितंबर को विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनने बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गयी थी।
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कविता मर्डर: सेक्स, सीडी, मिनिस्टर, मनी और मर्डर की अजीबो-गरीब दास्तां, दो को उम्रकैद


मेरठ। कविता चौधरी हत्याकांड में गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच आरोपियों में तीन को दोषी मानते हुए सजा सुना दी है। इनमें दो दोषियों रविन्द्र और सुल्तान को उम्रकैद की सजा तथा योगेश को तीन साल की सजा दी है। अदालत ने कल अशोक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

कौन थी कविता रानी, क्या थी इसकी कहानी
कविता मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रवक्ता थीं। उनका घर बुलंदशहर स्थित घंसुरपुर गांव में है। 23 अक्टूबर 2006 के दिवाली के अवकाश के बाद कविता घर से वापस आईं, लेकिन हॉस्टल नहीं पहुंची। 31 अक्टूबर को उनके घरवालों ने उसके लापता होने की खबर बुलंदशहर कोतवाली में दर्ज कराई। बुलंदशहर पुलिस ने ये मामला कुछ दिन बाद मेरठ पुलिस को सौंप दिया।

हॉस्टल के कमरे से कविता के कुछ पुराने खत, एक डायरी और धमकी भरे कागज बरामद हुए थे। डायरी मे कुछ राजनेताओं के नाम और नंबर थे। जिसके बाद मेरठ पुलिस ने रवींद्र प्रधान, सुलतान, योगेश, अशोक को गिरप्तार कर लिया था। इस मामले में कुछ राजनेताओं के नाम उछले जिससे की पूरे यूपी में हडकंप मच गया ।

पूछताछ से पता चला कि रविंन्द्र प्रधान जबरदस्ती कविता से शादी करना चाहता था और कविता को उसने काफी धमकाया भी था। दोनों ही नेताओं की अश्लील सीडी बना कर उन्हें ब्लैकंमेल किया करते थे। इस मामले में सबसे पहला नाम उस समय यूपी के मंत्री रहे मेहराजुद्दीन का आया था। इनकी अश्लील सीडी तैयार कर 35 लाख रुपये वसूला गया था। इसी रकम के बंटवारे को लेकर कविता की हत्या कर दी गई।

मर्डर के बाद कविता की लाश नहीं मिल पाई। इस मामले में फरार रविंन्द्र प्रधान को पुलिस ने गिरप्तार किया। मई 2008 में मामले की सुनवाई के ही दौरान उसकी गाजियाबाद जेल में मौत हो गई।
लोकपाल होता तो चिदंबरम जेल में होते
महाराष्ट्र में लोकायुक्त को लेकर बंटी NCPऔर कांग्रेस

नई दिल्ली। 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में गड़बड़ी की आंच अब गृह मंत्री पी.चिदंबरम तक पहुंच गई है। एक निची चैनल के मुताबिक 2 जी मामले में खुद का नाम आने से व्यथित चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि न तो चिदंबरम और न ही किसी अन्य ने इसकी पुष्टि की है।


इस बीच, अन्ना हजारे ने चिदंबरम पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर लोकपाल होता तो गृह मंत्री जेल में होते। अन्ना ने कहा कि चिदंबरम जैसे झूठे लोगों को घर भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने उनको जेल भेजा था अब उनको पद छोड़ देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बुधवार रात चिदंबरम से फोन पर करीब 20 मिनट तक बात की थी। इस बातचीत के दौरान ही चिदंबरम ने कहा था कि वह मंत्री पद छोड़ना चाहते है। हालांकि प्रधानमंत्री ने उन्हें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने चिदंबरम को धैर्य रखने को कहा था।
उधर , वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे की सूबे में मजबूत लोकायुक्त की मांग पर कांग्रेस और एनसीपी की राय बंट गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार अन्ना की मांग को मानने को तैयार है। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने इसका विरोध किया है।

गौरतलब है कि एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने साफ कर दिया है कि सरकार अन्ना की मांग मानने के लिए पूरी तरह तैयार है और मजबूत लोकायुक्त बनाने के लिए सरकार खुद अन्ना से बात करेगी।

वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जब केंद्र में लोकपाल कानून बनेगा तो उसे राज्यों में भी फॉलो किया जाएगा। सिंघवी ने ये भी कहा कि अन्ना को गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों की भी चिंता करनी चाहिए जहां या तो लोकायुक्त काफी कमजोर है या फिर है ही नहीं।

Thursday, September 22, 2011

बाप ने बेटी की ह्त्या

आगरा, जागरण संवाददाता: कागारौल के गांव में एक युवती को पारिवारिक मान-मर्यादा के नाम पर मौत के घाट उतारने की सूचना ने पुलिस-प्रशासन में खलबली मचा दी। सूचना पर फोर्स ने मौके पर दौड़ लगाई, परंतु तब शव का अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने परिजनों की तलाश की तो वह घर से गायब मिले, मामले पर गांव वाले भी चुप्पी साधे हुए हैं।
मामला कागारौल के गांव लोहरिया का है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गांव निवासी 18 वर्षीय युवती रविका पुत्री गोपाल की उसके परिजनों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। युवती के प्रेम संबंधों का खुलासा होने पर परिजनों ने यह वारदात की है और अब शव का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है।
घटना की सूचना के बाद एसपी पश्चिम डॉ. अरविन्द और कागारौल थाने का फोर्स गांव पहुंचा। वहां सन्नाटा पसरा था, बताया गया कि शव का अंतिम संस्कार हो चुका है। पुलिस ने श्मसान घाट पहुंच जानकारी की तो शव पूरी तरह जल चुका था। चिता के अंगारे सुलग रहे थे। लौटकर गांव आई तो युवती के परिजन भी घरों से गायब मिले। घर की तलाशी लिए जाने पर फर्श पर खून के धब्बे मिले, जिन्हें साफ करने की कोशिश की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक युवती के किसी युवक से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि पिता ने उसे युवक के साथ घूमते हुए पकड़ा था। जिसके बाद उसे घर लाकर पहले बुरी तरह पीटा और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। मामला खुलने के बाद आनन-फानन में अंतिम संस्कार करके घरों में ताला डाल फरार हो गए।
एसओ कागारौल उदयप्रताप का कहना है कि यहां लोग कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। दबी जुबान में गोली मारने या गला घोंटकर हत्या की चर्चा सामने आई है। गोपाल और उसके परिवार वालों की तलाश की जा रही है। पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
चिता से समेटी हड्डियां, फोरेंसिक लैब में होगी जांच
पुलिस की सूचना पर फील्ड यूनिट पहुंची। इसके बाद चिता की आग को ठंडा कर हड्डियों के टुकड़े और राख के सैम्पल लिए गए। नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।

दलित को जिंदा जलाया, अस्पताल में मौत

भोपाल। मध्यप्रदेश के बिरसिया में जमीन को लेकर हुए विवाद में जिंदा जलाए गए दलित किसान सुमेर सिंह की गुरूवार को अस्पताल में मौत हो गई। बुधवार देर शाम को सुमेर सिंह को 7 लोगों ने जमीन के विवाद में जिंदा जला दिया था। इस घटना को अंजाम देने वाले सभी सातों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

सूत्रों के अनुसार किसान सुमेर सिंह ने अपने पुलिस बयान में बताया कि उसने तो प्रोपर्टी डीलर से महज बकाया पैसे मांगे थे और बदले में उसे जिंदा जला दिया गया। प्रोपर्टी डीलर के आदमियों ने सुमेर सिंह को जबरन जलाया गया, जिसमें वह 90 प्रतिशत तक जल गया। एक दिन बाद ही उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

कविता मर्डर केस , तीन आरोपी दोषी करार,आज मिलेगी सजा ‎

मेरठ । साल 2006 के चर्चित कविता रानी मर्डर केस पर आज फैसला आ गया है। विशेष सीबीआई कोर्ट के फैसले के तहत तीनों आरोपियों योगेश, रविंद्र कुमार और सुल्तान को दोषी करार दिया गया है और तीनों को सजा कल यानी शुक्रवार को सुनाया जायेगा। अपने खास फैसले में कोर्ट ने चौथे आरोपी अशोक को अदालत ने बरी कर दिया है। ये फैसला करीब 33 लोगों की गवाही पर हुआ है। आपको बता दें इस मर्डर केस में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। मुख्य आरोपी रवींद्र प्रधान की साल 2008 में जेल में ही मौत हो गई थी।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रवक्ता कविता रानी बुलंदशहर स्थित घंसुरपुर गांव की निवासी थी। वो दिवाली के अवकाश के बाद 23 अक्टूबर 2006 को मेरठ यूनिवर्सिंटी वापस आयी थी, ऐसा उनके घर वालों का कहना है लेकिन कविता हॉस्टल नहीं पहुंची जिसके बाद 31 अक्टूबर को उनके घरवालों ने उसके लापता होने की खबर बुलंदशहर कोतवाली में दर्ज करायी। लेकिन बाद में बुलंदशहर पुलिस ने ये मामला मेरठ पुलिस को सौंप दिया। हॉस्टल के कमरे से कविता के कुछ पुराने खत, एक डायरी और धमकी भरे कागज बरामद हुए थे। डायरी मे कुछ राजनेताओं के नाम और नंबर थे। जिसके बाद मेरठ पुलिस ने रवींद्र प्रधान, सुलतान, योगेश, अशोक को गिरप्तार कर लिया था। इस मामले में कुछ राजनेताओं के नाम उछले जिससे की पूरे यूपी में हडकंप मच गया ।

पूछताछ से पता चला कि रविंन्द्र प्रधान जबरदस्ती कविता से शादी करना चाहता था और कविता को उसने काफी धमकाया भी था। दोनों ही नेताओं की अश्लील सीडी बना कर उन्हें ब्लैकंमेल किया करते थे। इस मामले में सबसे पहला नाम उस समय यूपी के मंत्री रहे मेहराजुद्दीन का आया जिनकी अश्लील सीडी तैयार कर उनसे 35 लाख रुपये वसूल किए थे रविद्र और कविता ने। और इसी रकम के बंटवारे को लेकर कविता की हत्या कर दी गई। लेकिन कविता की लाश कहीं से बरामद नहीं हुई। जबकि इस मामले में फरार रविंन्द्र प्रधान बेहद ही नाटकीय ढंग से गिरप्तार हुआ और मामले की सुनवाई के ही दौरान मई 2008 में उसकी गाजियाबाद जेल में हत्या हो गयी थी।

अन्ना हजारे ने फिर किया अनशन का एलान

मुंबई।। समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर अनशन पर जाने का एलान किया है। इस बार उनके निशाने पर महाराष्ट्र सरकार है। दिल्ली में जन लोकपाल बिल पर अपनी बात मनवा चुके अन्ना ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने आने वाले शीतकालीन सत्र में मजबूत लोकायुक्त बिल पास करने को कहा है।

अन्ना हजारे ने चिट्ठी में चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार ने इस सत्र में मजबूत लोकायुक्त बिल पास नहीं किया गया, तो वह एक बार फिर अनशन पर बैठ जाएंगे।

अन्ना राज्य में एक मजूबत लोकायुक्त के लिए काफी अरसे से मांग करते रहे हैं। अन्ना हजारे की इस चेतावनी पर महाराष्ट्र सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

' पाकिस्तान न जाएं अन्ना '
उधर, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को पाक आने का आश्वासन देने पर शिव सेना ने अन्ना को वहां न जाने की सलाह दी है। शिव सेना ने कहा कि पहले पाकिस्तान भारत विरोधी गतिविधियों को बंद करे, इसके बाद अन्ना हजारे वहां जाएं। गौरतलब है कि अन्ना हजारे से पाकिस्तान प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। पाक प्रतिनिधिमंडल ने अन्ना को पाकिस्तान आने का न्योता दिया था। अन्ना ने इस पर कहा था कि अगर उन्हें समय मिला तो वह पाकिस्तान जरूर जाएंगे।

Wednesday, September 21, 2011

पीएम की रेस से बाहर हुए आडवाणी! अब निकलेगी रथयात्रा

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत से संघ के मुख्यालय में मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें जीवन में संघ, जनसंघ, बीजेपी, कार्यकर्ताओं और देश से जितना कुछ मिला है, वह प्रधानमंत्री जैसे पद से कहीं ज़्यादा है। आडवाणी ने यह बात उस सवाल के जवाब में कही जिसमें उनसे 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल होने की बात पूछी गई थी। आडवाणी ने इस खबर का भी खंडन नहीं किया कि संघ ने उनसे पीएम पद की होड़ से बाहर रहने को कहा है। जानकार इन बयानों से यह नतीजा निकाल रहे हैं कि आडवाणी ने खुद को प्रधानमंत्री पद की होड़ से बाहर कर लिया है।

मोहन भागवत से मुलाकात और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी का हालचाल पूछने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि मैं रथयात्रा शुरु करने से पहले मोहन भागवत से आशीर्वाद लेने आया था। मोहन भागवत ने मुझे पूरा समर्थन और आशीर्वाद दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक मोहन भागवत ने रथयात्रा में पूरा सहयोग देने की बात कही है। आडवाणी ने रथयात्रा के कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 24 सितंबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी दिल्ली आकर रथयात्रा का कार्यक्रम घोषित करेंगे। आडवाणी ने यह भी बताया कि उनकी यात्रा 35 से 40 दिन में पूरी हो जाएगी और वो चाहेंगे की रथयात्रा लोकसभा के शीत सत्र से पहले समाप्त हो जाए।

आडवाणी ने यह भी बताया कि इस बार वह देश के पूर्वोत्तर हिस्से में भी जाएंगे। उनकी यात्रा का उद्देश्य गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स (स्वच्छ राजनीति और सुशासन) को बढ़ावा देना होगा। लालकृष्ण आडवाणी ने यह भी कहा कि वोट के बदले नोट प्रकरण में उनकी भी जिम्मेदारी थी। वह उस समय विपक्ष के नेता थे यदि वह अपने सांसदों से मना करते तो वो लोकसभा के पटल पर नोट नहीं रखते।

बीजेपी के प्रवक्ता बलबीर पुंज ने कहा कि पार्टी ने अभी तक 2014 के आम चुनावों के लिए किसी को भी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। पुंज ने कहा कि ऐसे में किसी के रेस से हटने या शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता है।

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा है कि संघ और आडवाणी की रथ यात्रा को लेकर किसी तरह का मतभेद नहीं है। राम माधव ने कहा कि संघ ने आडवाणी को किसी तरह का दिशानिर्देश नहीं दिया है। संघ उनकी रथयात्रा का पूरा समर्थन करता है। राम माधव ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघ हर अभियान के साथ है। राम माधव ने आडवाणी की पीएम पद के लिए दावेदारी पर कहा कि यह बीजेपी का अंदरूनी मामला है।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार पर जबर्दस्त हमला करते हुए कहा, 'मेरा उद्देश्य रहा कि सरकार गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स के आधार पर चले। यदि क्लीन पॉलिटिक्स के नजरिए से सोचा जाए तो 2008 में हुआ नोट के बदले वोट घोटाला भारत के इतिहास में सबसे शर्मनाक घोटाला है। लेकिन यदि हम गुड गवर्नेंस की बात करे तो इस समय तो कोई सरकार ही नहीं है। पहली बार ऐसा हुआ है जब कई मंत्री न सिर्फ हटाए गए बल्कि जेल भी भेजे गए।'

आडवाणी ने कहा, 'कैश फॉर वोट ने न सिर्फ राजनीतिक व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा दाग लगा बल्कि यह लोकतंत्र पर भी धब्बा है। कोई सरकार अपने आपको बचाने के लिए इस बात की जांच करती है कि विपक्ष में कौन कौन से सांसद बिकाऊ है। कीमत करोड़ों में हो तो भी वो देने को तैयार है। अब इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वो विश्वासमत नोट देकर जीता गया। 19 लोगों ने क्रॉस वोटिंग की। बाद में इनमें से कुछ कांग्रेस के सांसद बन गए। इसके बाद 2010 में पूरा का पूरा शीत सत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। उस समय तीन बड़े घोटाले उजागर हुए। संसद में पूरा का पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और यह मांग की कि जब तक घोटालों की जांच नहीं होगी तब तक संसद नहीं चलने दी जाएगी।'
अपनी रथ यात्रा का जिक्र करते हुए बीजेपी के वरिष्ठतम नेता ने कहा, 'इस बीच मुझे यह लगा कि मैं गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स के मुद्दे को लेकर यात्रा करूं। मेरी यह इच्छा तब और बढ़ गई जब कैश फॉर वोट कांड का उजागर करने वाले हमारे दो सांसदों को जेल भेज दिया गया। पूरी दुनिया भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बचाती है। हमने अपने देश में ऐसा करने वाले को जेल भेज दिया गया। मैंने यह भी कहा कि यदि वे सांसद अपराधी हैं तो मैं भी अपराधी हूं। मुझे भी तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए था। देश अच्छा होगा और महान होगा यदि गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स को लेकर पार्टियां चलेंगी। मेरी यात्रा का उद्देश्य इन्हीं दो बातों को बढ़ावा देना है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी 24 सितंबर को दिल्ली में आकर रथयात्रा के कार्यक्रम की घोषणा करेंगे और हम 35-40 दिन में यात्रा पूरी कर लेंगे।'

सरकार ने उडाया गरीबों का मजाक , ३२ रुपये खर्चा करने वाले को बताया अमीर






नई दिल्ली।। योजना आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि खानपान पर शहरों में 965 रुपये और गांवों में 781 रुपये प्रति महीना खर्च करने वाले शख्स को गरीब नहीं माना जा सकता है। गरीबी रेखा की नई परिभाषा तय करते हुए योजना आयोग ने कहा कि इस तरह शहर में 32 रुपये और गांव में हर रोज 26 रुपये खर्च करने वाला शख्स बीपीएल परिवारों को मिलने वाली सुविधा को पाने का हकदार नहीं है।

अपनी यह रिपोर्ट योजना आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को हलफनामे के तौर पर दी है। इस रिपोर्ट पर खुद प्रधानमंत्री ने हस्‍ताक्षर किए हैं। आयोग ने गरीबी रेखा पर नया क्राइटीरिया सुझाते हुए कहा है कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नै में चार सदस्यों वाला परिवार यदि महीने में 3860 रुपये खर्च करता है, तो वह गरीब नहीं कहा जा सकता। इस हास्यास्पद परिभाषा पर हो- हल्ला मचना शुरू हो चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन में एक आदमी प्रति दिन अगर 5.50 रुपये दाल पर, 1.02 रुपये चावल-रोटी पर, 2.33 रुपये दूध, 1.55 रुपये तेल, 1.95 रुपये साग-सब्‍जी, 44 पैसे फल पर, 70 पैसे चीनी पर, 78 पैसे नमक व मसालों पर, 1.51 पैसे अन्‍य खाद्य पदार्थों पर, 3.75 पैसे ईंधन पर खर्च करे तो वह एक स्‍वस्‍थ्‍य जीवन यापन कर सकता है। साथ में एक व्‍यक्ति अगर 49.10 रुपये मासिक किराया दे तो आराम से जीवन बिता सकता है और उसे गरीब नहीं कहा जाएगा।

योजना आयोग की मानें तो हेल्थ सर्विसेज पर 39.70 रुपये प्रति महीने खर्च करके आप स्वस्थ रह सकते हैं। एजुकेशन पर 99 पैसे प्रतिदिन खर्च करते हैं तो आपको शिक्षा के संबंध में कतई गरीब नहीं माना जा सकता। यदि आप 61.30 रुपये महीनेवार, 9.6 रुपये चप्पल और 28.80 रुपये बाकी पर्सनल सामान पर खर्च कर सकते हैं तो आप आयोग की नजर में बिल्कुल भी गरीब नहीं कहे जा सकते।

आयोग ने यह डाटा बनाते समय 2010-11 के इंडस्ट्रियल वर्कर्स के कंस्यूमर प्राइस इंडेक्स और तेंडुलकर कमिटी की 2004-05 की कीमतों के आधार पर खर्च का हिसाब-किताब दिखाने वाली रिपोर्ट पर गौर किया है। हालांकि, रिपोर्ट में अंत में कहा गया है कि गरीबी रेखा पर अंतिम रिपोर्ट एनएसएसओ सर्वेक्षण 2011-12 के बाद पेश की जाएगी।

मनीष तिवारी ने मांगी अन्ना हजारे से माफ़ी

पुणे।। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के बारे में अपने बयान पर आखिरकार उनसे लिखित में माफी मांग ही ली। तिवारी ने कहा कि उन्हें अपने बयानों को लेकर अफसोस है।

पुणे में हजारे के वकील मिलिंद पवार ने तिवारी को आठ सितंबर को मानहानि का नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में तिवारी ने लिखित माफीनामा भेजा है।

हजारे को भेजे लिखित संदेश में तिवारी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले ही 25 अगस्त को माफी मांग चुके हैं। तिवारी की इस चिट्ठी की कॉपी पवार ने जारी की।

इसमें तिवारी ने कहा है, 'खासतौर पर अपनी उम्र से बड़े लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करने में मेरे सामने प्रतिष्ठा या अहम की कोई बात नहीं है। मैं गंभीरता से अफसोस प्रकट करता हूं।'

उन्होंने कहा, 'मैं कानूनी जवाब नहीं देना चाहता या इस मामले को लंबा नहीं खींचना चाहता। मुझे उम्मीद है कि आप इस मामले को समाप्त मानेंगे।'

तिवारी को आईपीसी की धारा 500 के तहत मानहानि की कार्यवाही के लिए कानूनी नोटिस भेजने वाले वकील ने कहा कि हजारे ने मामले को बंद करने का फैसला किया है।

हजारे ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार विरोधी अनशन शुरू करने से पहले तिवारी ने उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि 'अन्ना हजारे सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।'

मोहब्बत में बेवफाई , प्रेमिका ने फांसी लगाई


बेंगलुरू/जमशेदपुर।जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करने के सपने संजोने वाली जमशेदपुर की होनहार आदिवासी छात्रा मालिनी मुर्मू ने खुद ही अपना जीवन समाप्त कर लिया। आईआईएम बेंगलुरू में एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा का शव सोमवार को उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से झूलता मिला। प्यार में मिले धोखे से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। लैपटॉप में छोड़े अपने सुसाइड नोट में उसने लिखा है, ‘उसने मुझे छोड़ दिया, इसलिए आत्महत्या कर रही हूं।’


मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक पर मालिनी (22) के ब्वॉयफ्रैंड ने उससे संबंध तोड़ लिए थे। इससे उसे गहरा आघात लगा और उसने क्लास में भी जाना छोड़ दिया। क्लास में उसे नहीं पाकर जब उसके दोस्त हॉस्टल के कमरा नंबर 421 में गए तो उसने दरवाजा नहीं खोला। गार्डस को बुलाकर दरवाजा तुड़वाया गया। कमरे के भीतर मालिनी का शव पंखे झूलता मिला। वहां उसका कोई रूममेट नहीं था।


दीवार पर भी लिखा, धोखा मिला


मालिनी ने अपने लैपटॉप में छोड़े सुसाइड नोट में लिखा कि उसके ब्वॉयफ्रैंड ने उसे छोड़ दिया है। इसी वजह से वह आत्महत्या कर रही है। उसके कमरे की दीवार पर ‘उसने मुझे धोखा दिया’ भी लिखा हुआ मिला।


ये मैसेज बना आत्महत्या की वजह : पुलिस के अनुसार मालिनी का ब्वॉयफ्रैंड घटना के दौरान शहर में ही था। दोनों में किसी बात को लेकर बहस हुई। ब्रेकअप भी हो गया। इसके बाद ब्वॉयफ्रैंड ने फेसबुक पर एक मैसेज डाला, जिससे उसे गहरा सदमा लगा। मैसेज में लिखा था, ‘आज मुझे बहुत शांति मिली है। मैंने अपनी नई गर्लफ्रैंड को छोड़ दिया है। आजादी मुबारक हो।’


आज आएगा शव


जमशेदपुर में कदमा के विजया हेरिटेज अपार्टमेंट निवासी विश्वनाथ मुर्मू की बेटी मालिनी का शव बुधवार को यहां पहुंचेगा। विश्वनाथ शव लेकर बेंगलुरू से रांची के लिए चुके हैं। मालिनी के पिता भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के बर्मा माइंस डीपो के इंचार्ज हैं। वे घटना के वक्त विभागीय काम से पुणो में थे। मृतका की मां निरसो मुर्मू सामाजिक कार्यकर्ता हैं। मालिनी झामुमो के प्रवक्ता रमेश हांसदा की भांजी है। मालिनी ने साकची के राजेंद्र विद्यालय से 10वीं की पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने उड़ीसा के के आईटीई से 12वीं पास की। उसकी छोटी बहन भुवनेश्वर से इंजीनियरिंग कर रही है।

अमर सिंह से मिलने की सजा, सांसद धनंजय BSP से बाहर


लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी [बसपा] की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने जौनपुर से पार्टी सासद धनंजय सिंह को अनुशासनहीनता और अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की जनसमस्याओं में रुचि नहीं लेने के आरोप में बुधवार दल से निलंबित कर दिया।

मायावती ने यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य में सिंह को पार्टी या संगठन के किसी भी कार्यक्रम में न तो बुलाया जाए और न ही शामिल किया जाए। बसपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यहा बताया कि धनंजय सिंह अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की जनता की काफी उपेक्षा कर रहे थे और संगठन के कार्यो में ठीक ढंग से रुचि भी नहीं ले रहे थे। साथ ही उनके खिलाफ अपनी सासद निधि का दुरुपयोग करने की शिकायतें भी मिल रही थीं।

मौर्य ने बताया कि सिंह ने अवाछनीय और अराजक तत्वों को बसपा से जोड़ा और उनके खिलाफ क्षेत्र की जनता को प्रताड़ित करने की शिकायत भी की जा रही थी। बसपा नेता ने बताया कि पार्टी नेतृत्व को मीडिया के स्त्रोतों से यह भी पता लगा है कि सिंह ने 'वोट के बदले नोट' मामले में गिरफ्तार किए गए राज्यसभा सासद अमर सिंह से दल की इजाजत के बिना मुलाकात की और मीडिया में उनके पक्ष में बयान भी दिया।

उन्होंने कहा कि सिंह का यह कृत्य अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। साथ ही यह प्रकरण चूंकि न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसी स्थिति में मामले के एक अभियुक्त को बचाने की नीयत से सिंह द्वारा बयानबाजी किया जाना अदालत की अवमानना भी है। इसे पार्टी ने बेहद गंभीरता से लिया है।

मौर्य ने कहा कि सिंह के कार्यकलापों और विभिन्न गतिविधियों के बारे में प्राप्त तमाम गंभीर शिकायतों की वजह से पार्टी नेतृत्व ने उन्हें निलंबित कर दिया है।

उन्होंने बताया कि बसपा अध्यक्ष ने भविष्य में सिंह को पार्टी तथा संगठन के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। मौर्य ने कहा कि बसपा एक अनुशासनप्रिय पार्टी है और वह अपने सदस्यों से दल की विचारधारा, कार्यक्रमों तथा गतिविधियों में पूरी निष्ठा और लगन से शामिल होने की अपेक्षा करती है।

Tuesday, September 20, 2011

पत्नी ने प्रेमी और पिता संग मिल कर नपुंसक पति की हत्या की?


मुंबई।। चार महीने पहले राजकीय रेलवे पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक लाश मिली थी। पुलिस ने इसे दुर्घटना का मामला समझ ऐक्सिडेंटल केस रजिस्टर कर लिया। जब कोर्ट के आदेश पर केस को री- ओपन किया गया तो मामला कुछ और ही लग रहा है। दरअसल, मृतक के भाई को शुरू से ही मौत के पीछे दुर्घटना नहीं, गहरी साजिश नजर आ रही थी और वह केस को फिर से खुलवाने के लिए कोर्ट की शरण में गया।

35 साल के दयालाल डूंगरजी पाटीदार की लाश भयंदर के निकट रेल ट्रैक पर 5 जून को मिली थी। तब से लेकर अब तक चार महीने तक यह मामला पुलिस की फाइलों में शट केस के तौर पर रहा, लेकिन दयालाल के बड़े भाई तेजपाल को शक था कि भाई की मौत दुर्घटना नहीं हत्या है। तेजपाल का आरोप है कि दयालाल की 26 वर्षीय पत्नी जयमाला का कमलेश नाम के आदमी से अफेयर चल रहा था। दयालाल के नपुंसक होने की वजह से जयमाला परेशान रहती थी।

कोर्ट ने तेजपाल की अर्जी पर जीआरपी को एफआईआर दर्ज कर मामले की पूरी जांच करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने पुलिस को 20 सितंबर तक जांच रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा है।

पुलिस ने 5 जून को मिली बॉडी को चार दिन तक रखा ताकि उसकी शिनाख्त करने के लिए कोई आए लेकिन किसी सगे-संबधी के न पहुंचने पर पुलिस ने दाह संस्कार कर दिया। कुछ दिनों बाद दयालाल का भाई तेजपाल थाने पहुंचा। पुलिस द्वारा शव की तस्वीर दिखाने पर तेजपाल को कुछ शक हुआ। तेजपाल ने बताया, 'जब कोई व्यक्ति ट्रैक पर गाड़ी के नीचे आने की वजह से मरता है तो बॉडी कई टुकड़ों में कटी होती है। लेकिन फोटो में साफ दिखा कि केवल सिर के हिस्से पर चोट है। मैंने यह बात पुलिस को बताई तो मेरी बात को दरकिनार कर दिया। जब मुझे लगा कि वे मेरे भाई की मौत पर न्याय नहीं देंगे, मैं कोर्ट की शरण में पहुंचा।'

तेजपाल ने कोर्ट को बताया कि दयालाल भी शादी से नाखुश था और पति-पत्नी में झगड़ा होता रहता था। पत्नी बार-बार कहती थी कि दयालाल नपुंसक है। इसी बीच जयमाला अपने मायके राजस्थान चली गई थी।

पुलिस जांच से पता चला कि जयमाला और उसके पिता ने दयालाल से छुटकारा पाने का प्लान बनाया। दयालाल ने आश्वासन देकर जयमाला को घर वापस बुला लिया। तब जयमाला के पिता ने अपने भाई वेल्गी और कमलेश के साथ मिलकर दयालाल को फंसाने की साजिश रची। वेल्गी के भयंदर स्थित होटल हनुमान में दयालाल को नौकरी दिलवाने के बाद उन्होंने उसे शराब की लत लगा दी। कोर्ट के कहने पर पुलिस ने जयमाला, वेल्गी, नात्सी और कमलेश के खिलाफ हत्या का आरोप दर्ज किया। तेजपाल के वकील का कहना है कि केस रजिस्टर होने के तीन महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं की गई।

वसाई जीआरपी के सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि कोर्ट से आदेश हमें मिल गए लेकिन पुलिस टीम राजस्थान के गांव भेजी जानी है और चारों आरोपियों के फोन रिकॉर्डस चेक किए जाने बाकी हैं। पुलिस का दावा है कि दो बार पुलिस राजस्थान जा चुकी है।
चुटकी पर भड़के उद्धव, कहा-राज ठाकरे से तो जानवर अच्छे



मुंबई। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच एक बार फिर से तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। राज ठाकरे ने उद्धव के फोटोग्राफी के शौक पर चुटकी ली तो उद्धव ने राज ठाकरे की तुलना जानवर से कर दी। इस बार विवाद का मुद्दा बने मुंबई की सड़कों पर मौजूद अनगिनत गड्ढे।

उद्धव ठाकरे के फोटोग्राफी के शौक से सब वाकिफ हैं। सोमवार को एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग दूसरे राज्यों में जाकर जानवरों के फोटो निकालते हैं। अच्छा होता कि वो लोग मुंबई में घूमकर यहां के गड्ढों के फोटो खींचते। उनका शौक भी पूरा हो जाएगा और लोगों का भी भला होगा।


अपनी फोटोग्राफी की राज ठाकरे की आलोचना पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भड़क गए। उद्धव ने कहा है कि ऐसे जानवरों की ओर ध्य़ान देने की जरूरत नहीं है। राज ठाकरे की चुटकी पर बौखलाए उद्धव ने कहा कि कुछ लोगों को मुफ्त में सलाह देने का रोग लग गया है और ऐसे जानवरों की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं।

उद्धव ने कहा कि ऐसी सलाह देने की बजाए आप अपने अंदर के गड्ढों में झांकिए। जिस घर में आप पले बढे़, जिस मां के यहां खाया-पिया उसी घर के बारे में बोलने की जरूरत नहीं हैं। एक जानवर मेरे घर में पला-बढ़ा मुझे पता नहीं चल पाया। जंगल के जानवर नमक हरामी नहीं करते। जंगल के जानवर ज्यादा अच्छे हैं।
चुटकी पर भड़के उद्धव, कहा-राज ठाकरे से तो जानवर अच्छे



मुंबई। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच एक बार फिर से तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। राज ठाकरे ने उद्धव के फोटोग्राफी के शौक पर चुटकी ली तो उद्धव ने राज ठाकरे की तुलना जानवर से कर दी। इस बार विवाद का मुद्दा बने मुंबई की सड़कों पर मौजूद अनगिनत गड्ढे।

उद्धव ठाकरे के फोटोग्राफी के शौक से सब वाकिफ हैं। सोमवार को एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग दूसरे राज्यों में जाकर जानवरों के फोटो निकालते हैं। अच्छा होता कि वो लोग मुंबई में घूमकर यहां के गड्ढों के फोटो खींचते। उनका शौक भी पूरा हो जाएगा और लोगों का भी भला होगा।


अपनी फोटोग्राफी की राज ठाकरे की आलोचना पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भड़क गए। उद्धव ने कहा है कि ऐसे जानवरों की ओर ध्य़ान देने की जरूरत नहीं है। राज ठाकरे की चुटकी पर बौखलाए उद्धव ने कहा कि कुछ लोगों को मुफ्त में सलाह देने का रोग लग गया है और ऐसे जानवरों की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं।

उद्धव ने कहा कि ऐसी सलाह देने की बजाए आप अपने अंदर के गड्ढों में झांकिए। जिस घर में आप पले बढे़, जिस मां के यहां खाया-पिया उसी घर के बारे में बोलने की जरूरत नहीं हैं। एक जानवर मेरे घर में पला-बढ़ा मुझे पता नहीं चल पाया। जंगल के जानवर नमक हरामी नहीं करते। जंगल के जानवर ज्यादा अच्छे हैं।

सोने-चांदी और रत्नों से बनायी गयी, अब २२ करोड की नैनो


नई दिल्ली । नैनों को अभी तक हम लखटकिया ने नाम से ही जानते हैं। लेकिन जिस नैनों की यहां बात हो रही है उसे खरीदने के लिए अब लाख नहीं करोड़ों खर्च करने पड़ेंगे। टाटा समूह ने अपनी एक नैनो कार का ऐसा मॉडल पेश किया सोने-चांदी और कीमती पत्थरों से जड़ा हुआ है। इस नक्काशी के बाद नैनों कार के इस मॉडल की कीमत हो गई है 22 करोड़ रुपये।

सोमवार को टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने सोने की नैनो कार लॉंच किया। आपको बता दें सोने से बनी ये दुनिया की पहली कार है। इसमें 80 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है। सिर्फ सोना ही नहीं इसमें 15 किलो की चांदी भी लगाई गयी है। कार को बनाने में 30 कारीगरों की 120 दिनों की मेहनत शामिल है। इस कार को टाटा की सहयोगी कंपनी टाइटन ने बनाया है। टाइटन घड़ी बनाती है।

इस कार के साख ही टाटा ने दुनिया की पहली सोने की कार बनाने का भी तमगा हासिल कर लिया है। वैसे दुनिया की अब तक की सबसे मंहगी कार बुगाती वेरॉन है जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है।

टाटा मोटर्स ने अपनी लखटकिया कार नैनो को ८० किलोग्राम सोने और १५ किलोग्राम चांदी और रत्नों के साथ सजाकर पेश किया है। यह कार सोमवार को टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने पेश की है।

कंपनी ने इस खास कार की लागत का खुलासा नहीं किया है । टाटा ने कहा कि भारत में सोना और स्वर्ण आभूषणों का पीढ़ियों से काफी महत्व रहा है और इसे पूंजी, सम्मान, पवित्रता और समृद्धि का एक अहम चिह्न माना जाता है । भारतीयों का हमेशा से ही सोने और जेवरातों के प्रति विशेष लगाव रहा है। इस स्वर्ण कार को टाइटन इंडस्ट्रीज ने बनाया है । यह कार देश की ज्वैलरी निर्माण कला के ५००० स्वर्णिम सालों के उत्सव मनाने के रूप में तैयार की गई।

रामदेव ने दी खुलौती चुनौती, कहा- इस बार आंदोलन नहीं हिला पाएगी सरकार

झांसी. योग गुरु बाबा रामदेव एक बार फिर भारत स्वाभिमान यात्रा पर निकल पड़े हैं। योग गुरु ने मंगलवार को इस यात्रा का आगाज़ उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से किया। बाबा रामदेव ने आज सुबह इस यात्रा के आगाज़ से पहले झांसी में योग शिविर लगाया। शिविर में रामदेव ने कहा कि उनके एजेंडे में आज भी विदेशी बैंको में जमा चार सौ लाख करोड़ रुपये का काला धन स्वेदश में वापस लाना शामिल है। उन्होंने अपने सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को बेकसूर बताते हुए कहा कि उन्हें परेशान किया जा रहा है।

बाबा रामदेव ने झांसी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'इस बार के आंदोलन को सरकार हिला नहीं पाएगी। मेरा न्याय व्यवस्था में पूरा विश्वास है।' अन्ना हजारे के बारे में पूछने पर योग गुरु ने कहा, 'मैं सभी महापुरुषों का सम्मान करता हूं। आज के दौर के महान लोगों की भी मैं बहुत इज़्ज़त करता हूं। लेकिन दो व्यक्तियों में तुलना करना सही नहीं है।'

योग शिविर में योग गुरु ने लोगों से पूछा कि क्या योग सिखाना पाप है? बाबा रामदेव ने राजनीतिक दलों को भी खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि उन्हें किसी भी पार्टी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। योग गुरु ने कहा कि जिन लोगों का कैरेक्टर ही नहीं है, वे मुझे क्या कैरेक्टर देंगे? बाबा रामदेव की भारत स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब से होकर गुजरेगी।

पहले चरण में बाबा रामदेव 3 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के झांसी से फर्रूखाबाद तक की यात्रा करेंगे। 7 अक्टूबर से उत्तराखंड में यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा। गौरतलब है कि इस साल जून में दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई के चलते बाबा रामदेव और उनके समर्थकों को रामलीला मैदान छोड़ना पड़ा था।

इससे पहले सोमवार को बाबा रामदेव मध्य प्रदेश के ग्वालियर में थे। भ्रष्टाचार विरोधी और कालाधन वापस लाने की अपनी मुहिम के तहत बाबा रामदेव ने सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। उनके साथ आचार्य बालकृष्ण, राजनीतिक विचारक वेदप्रताप वैदिक और दंदरौआ सरकार महंत रामदास भी मौजूद थे। समाधि स्थल से सरकार को कालेधन के मुद्दे पर घेरते हुए बाबा ने कहा सारी दुनिया जान चुकी है कि सरकार ने आम आदमी का धन लूटा है और दुनिया के तमाम बैंकों में इनका कालधन जमा है।

योगगुरु बाबा रामदेव ने सोमवार को ग्वालियर की धरती से भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध छेडऩे की घोषणा की। उन्होंने सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई समाधि की परिक्रमा कर संकल्प लिया कि वह विदेशों में जमा काला धन वापस लाने तक अभियान जारी रखेंगे। रामदेव ने कहा, इन्होंने (कांग्रेस नेताओं ने) अन्ना हजारे पर आरोप लगाए, हम पर आरोप लगाए, लेकिन आरोप लगाने भर से कोई दोषी नहीं हो जाता। अब तो सारा जहां जानता है कि हमारा चरित्र क्या है और इनका का चरित्र क्या है?’ उन्होंने कहा, ‘ग्वालियर में हमारा कोई घोषित कार्यक्रम नहीं था, फिर भी इतने लोग हमें समर्थन देने आएं हैं, मैं इससे अभिभूत हूं। मुख्यधारा की राजनीति में आने के सवाल पर योगगुरू ने कहा, ‘व्यवस्था परिवर्तन के लिए देश भर में पहले से योग विज्ञान और राष्ट्र निर्माण शिविर चलाए जा रहे हैं, इस पूरे आंदोलन को लेकर न तो पहले हमारा कोई राजनीतिक उद्देश्य था, न अभी है।’
विवाद है नहीं, बनाने की कोशिश की जा रही है
बाबा रामदेव के साथ भारत स्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण में हिस्सा ले रहे आचार्य बालकृष्ण ने मंगलवार को झांसी में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पासपोर्ट विवाद से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि विवाद है नहीं, लेकिन विवाद बनाया जा रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा, ' हमारा अभियान देश और राष्ट्र के लिए अर्पित है। सरकार के पास शक्तियां हैं, वे किसी को बदनाम कर सकती है।'

सेक्स सीडी कांड: भंवरी के पति ने दी आमरण अनशन की धमकी


जोधपुर. राजस्‍थान के जोधपुर में एक सितंबर से लापता बोरुंदा की एएनएम भंवरी देवी के मामले में राजस्‍थान हाईकोर्ट ने राज्‍य सरकार को नोटिस दिया है। अदालत ने 22 सितंबर तक सरकार से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। भंवरी का पता लगाने में नाकाम रही पुलिस के खिलाफ उनके पति अमरचंद नट ने राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। याचिका में भंवरी के अपहरण में हाईप्रोफाइल लोगों का हाथ होने का संदेह व्यक्त किया गया है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मंगलवार को राज्‍य सरकार से रिपोर्ट मांगी।
अमरचंद ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी पत्‍नी का पता नहीं लगा तो 21 सितंबर से कलेक्ट्रेट के बाहर वह आमरण अनशन शुरू करेंगे। सोमवार को उन्‍होंने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना भी दिया था। डॉ. अंबेडकर चेतना संस्थान के बैनर तले दिए गए धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अमरचंद ने बताया कि भंवरी के पास जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा सहित कई बड़े लोगों के फोन आते थे। उसका कहना था कि जब मंत्री खुद आरोपी हैं तो पुलिस उनसे पूछताछ क्यों नहीं कर रही। जब अमरचंद से पूछा गया कि एफआईआर में मंत्री का नाम क्यों नहीं लिखाया, तो उनका कहना था कि वकील से सलाह ली जा रही है। अमरचंद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सोहनलाल के अलावा जिनको पूछताछ के लिए पकड़ा था, उन सबको ठोस कार्रवाई किए बिना छोड़ दिया।करीब छह माह से एक सीडी को लेकर राजस्‍थान सरकार के एक कैबिनेट मंत्री, विधायक और पूर्व उप जिला प्रमुख पर संगीन आरोप लगे थे। कहा जा रहा है कि सीडी में भंवरी देवी इन नेताओं के साथ आपत्तिजनक हालत में हैं। यह भी बताया जा रहा है कि यह सीडी सार्वजनिक नहीं हो, इसीलिए भंवरी देवी का अपहरण करवाया गया है। उनकी हत्‍या की आशंका भी जताई जा रही है। भंवरी के पति अमरचंद ने कुछ दिन पहले टीवी चैनलों को दिए इंटरव्यू में कहा कि कैबिनेट मंत्री के फोन उसकी पत्नी के मोबाइल पर आते रहते थे। उसने इस पर ऐतराज भी किया था। आपकी राय व निवेदन
क्या राजस्थान सरकार को इस पूरे मामले पर अपना पक्ष साफ करना चाहिए? क्या संबंधित मंत्री को खुद आगे आकर सवालों के जवाब नहीं देने चाहिए? क्या अमरचंद को इंसाफ मिल पाएगा? आप खबर पर अपना कमेंट्स लिखते समय भाषा का खयाल रखें। निजी या आपत्तिजनक टिप्‍पणी किसी भी सूरत में नहीं करें। ऐसी टिप्‍पणी साइट से हटा दी जाएगी और इसके लिए अगर कोई पक्ष कानूनी कार्रवाई करता है तो उसकी जिम्‍मेदारी भी कमेंट करने वाले की ही होगी।

Monday, September 19, 2011

नाव पलटने से 25 छात्र डूबे, तलाश जारी


उन्नाव: सोमवार को उन्नाव जिले में नदी में नाव पलटने से 25 बच्चों के डूबने की खबर है। बताया जा रहा है कि सारे सरकारी स्कूल के बच्चे थे और नाव से अपने स्कूल जा रहे थे। डूबे हुए बच्चों की तलाश जारी है।
नई दिल्ली/गंगटोक। रविवार शाम आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 66 हो गई है। भारत में 52 लोगों की मौत हुई है। सिक्किम में 39, पश्चिम बंगाल में 6, बिहार में 7 लोग मारे गए हैं। नेपाल और तिब्बत में सात-सात लोगों की मौत हुई है। इस बीच सोमवार को महाराष्ट्र और मेघायल में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

सिक्किम में सबसे ज्यादा तबाही
भूकंप ने सबसे ज्यादा तबाही सिक्किम में मचाई है। राज्य में भूकंप से अब तक 23 लोग मारे गए हैं। इनमें सेना के तीन जवान भी शामिल हैं। सिक्किम के राज्यपाल बीपी सिंह ने बताया कि उत्तरी सिक्किम में ज्यादा नुकसान हुआ है। राज्य में भूकंप से एक लाख इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
जीओसी 17 माउंटेन डिवीजन के मेजर नजरल एस एल नरसिम्हन ने बताया कि तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड की बस में सवार आठ लोगों की उस वक्त मौत हो गई जब बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। भूकंप के बाद भूस्खलन से सड़क संपर्क कट गया। बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। इस बीच लापता हुई सेना की एक बस मिल गई है। इसमें 50 जवान सवार थे।

राहत और बचाव कार्य में बाधा
भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। सेना के करीब 4 हजार जवान राहत और बचाव कार्य में लगे हैं। राहत और बचाव कार्य में सेना के 9 हेलीकॉप्टर लगे हैं लेकिन भारी बारिश से राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। भूस्खलन के कारण बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। राहत और बचाव के लिए गए जवान इस रास्ते पर फंस गए हैं। भूकंप के बाद राज्य में बिजली गुल हो गई थी और संचार सेवाएं ठप हो गई लेकिन सोमवार को बिजली और संचार सेवाएं शुरू हो गई।

महाराष्ट्र और मेघालय में भूकंप
महाराष्ट्र में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। उस्मानाबाद और लातूर में सोमवार सुबह 6.22 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके 5 से 6 सैकेंड तक महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है। मेघालय में सोमवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके 12.52 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है। हालांकि भूकंप से किसी तरह के जानमाल की खबर नहीं है।




असर यहां-यहां

उत्तर-पूर्वी राज्य, प.बंगाल, बिहार, असम, राजस्थान, दिल्ली, एनसीआर, उत्तरप्रदेश, झारखंड, मप्र, नेपाल व भूटान, कोलकाता, दार्जिलिंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी जिलों में छोटे मोटे नुकसान की खबर है। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके महसूस किए गए। सिलिगुडी में इमारत गिरी। उत्तर बंगाल के कलिम्पोंग व दार्जिलिंग के ब्ाड़े हिस्सों में विद्युत सेवा बंद। जमीन धंसने से कई जगह रास्ते बंद। मकानों में दरारें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके।

Sunday, September 18, 2011


पूनम पांडे का राहुल को अनोखा फेयरवेल

मुंबई। टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने पर न्यूड होने की खबरों से सुर्खियों में आई मॉडल पूनम पांडे की लाइम लाइट में आने की भूख बढ़ती ही जा रही है।


खुद को चर्चाओं में लाने के लिए पूनम ने इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाडियों का सहारा लेना शुरू किया है। इस बार पूनम ने "द वॉल" राहुल द्रविड़ के आखिरी वनडे मैच पर उन्हें अनोखा फेयरवेल देकर एक बार सुर्खियां बटोरने की कोशिश की।

पूनम ने राहुल के आखिरी वनडे के चलते अपने प्रशंसकों के लिए ग्लेमरस एंड बोल्ड फोटोग्राफ्स टि्वटर पर डाले हैं। पूनम अपने प्रशंसकों के 24 घंटे संपर्क में रहने के लिए वेबसाइट भी लेकर आ रही हैं जिस पर उनकी फोटो पोस्ट होंगी।

अमर सिंह से मिलने एम्स पहुंचे 'बड़े भैय्या' अमिताभ

कैश फॉर वोट मामले में दोषी बनाए गए समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव अमर सिंह से मिलने के लिए 12 बजे के लगभग बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन नई दिल्ली स्थित एम्स पहुंचे। उनके साथ उनकी बेटी श्वेता नंदा भी हैं। अमिताभ नई दिल्ली में आयोजित ज्ञानपीठ पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। अमिताभ के इस तरह से एम्स पहुंचने पर पिछले दिनों दोनों के रिश्तों में आई खटास के दूर होने की संभावना भी जताई जा रही है।

गौरतलब है कि कैश फॉर वोट मामले में तिहाड़ गए अमर सिंह १९ सितंबर तक जमानत पर बाहर है। अमर सिंह इस समय एम्स में इलाज करा रहे हैं।

इससे पहले अमर सिंह की करीबी जयाप्रदा ने आरोप लगाया था कि अमर सिंह के बेहद करीब रहने वाले लोग अब मुसीबत के वक्त में उनसे दूर हो गए हैं। जयाप्रदा ने यह भी कहा था कि अमर सिंह ने जिन लोगों पर अहसान किए वो भी अब उनसे दूरी बनाए हुए हैं। जयाप्रदा का इशारा अमिताभ बच्चन की ओर ही था।

आगरा ब्लास्ट: देसी बम से किया गया विस्फोट


आगरा। आगरा के निजी अस्पताल में शनिवार को हुआ विस्फोट देसी बम (आईईडी) द्वारा किया गया था और इसमें टाइमर का इस्तेमाल नहीं हुआ। इस विस्फोट में चार लोग घायल हो गए थे।

रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने बताया, "प्रारम्भिक जानकारी और घटनास्थल के निरीक्षण से ऐसा लग रहा है कि विस्फोटक को लोहे से बांधकर बनाया गया था। इसमें टाइमर का इस्तेमाल नहीं हुआ है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इसे स्थानीय स्तर पर तैयार गया था।"

उन्होंने कहा, "विस्फोट में नौ बोल्ट की छह बैटरियों का इस्तेमाल किया गया। इन्हें तार द्वारा फिलामेंट से जोड़कर विस्फोटक में रखा गया था। फिलामेंट के हीटिंग इफेक्ट से विस्फोट कराया गया।"

बृजलाल ने कहा, "घटनास्थल पर मिले सबूतों की गहन जांच पड़ताल की जा रही है। धमाके में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की प्रकृति के बारे में जैसे ही हमें पता चलेगा हम मीडिया को इसकी जानकारी देंगे।"

बृजलाल ने कहा कि विस्फोट में चार लोग घायल हुए हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर है। दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। विस्फोट के संबंध में किसी को हिरासत में लेने की बात से पुलिस फिलहाल इंकार कर रही है।

आगरा परिक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक असीम अरुण ने रविवार को संवाददाताओं को बताया, "विस्फोट के आतंकी घटना होने के बारे में अभी ठोस तौर पर हम कुछ नहीं कह सकते हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) द्वारा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।"

उधर पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि वे आतंकी घटना और व्यवसायिक रंजिश की दृष्टि से मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि जय अस्पताल के पास कई दूसरे निजी अस्पताल भी हैं।

हरिपर्वत थाना क्षेत्र स्थित जय अस्पताल के स्वागत कक्ष में शनिवार शाम करीब 5.30 बजे विस्फोट हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसा लगता है कि विस्फोटक किसी कुर्सी के नीचे रखा गया था। यह अस्पताल ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। विस्फोट के बाद ताज महल की सुरक्षा बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में चौकसी बढ़ा दी गई है।

पुलिस को इसके आतंकी घटना होने के बारे में प्रमाण नहीं मिल पाया

आगरा के एक निजी अस्पताल में विस्फोट के करीब 15 घंटे बाद तक उत्तर प्रदेश पुलिस को इसके आतंकी घटना होने के बारे में प्रमाण नहीं मिल पाया है।

आगरा परिक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया, "अभी हम ठोस तौर पर कुछ नहीं कह सकते हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) द्वारा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।"

उधर पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि वे आतंकी घटना और व्यवसायिक रंजिश की दृष्टि से मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि जय अस्पताल के पास कई दूसरे निजी अस्पताल भी हैं।

सुराग देने वाले को इनाम, घायलों को मुआवजा

पुलिस ने सुराग देने वाले को 50 हजार के इनाम की घोषणा की है। वहीं घायलों को एक-एक लाख मुआवजा दिया जाएगा।

मोदी की मांग , ... तो मुझे फांसी पर चढ़ाओ


अहमदाबाद. गुजरात विश्विद्यालय के वातानूकूलित हॉल में उपवास पर बैठे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा है कि यदि २००२ में गुजरात में हुए दंगों में वो दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें भी फांसी दे दी जाए। आज मोदी के उपवास का दूसरा दिन है। वह सोमवार को उपवास खत्‍म करेंगे।

नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि उनका यह उपवास देश से वोट बैंक की राजनीति समाप्त करने के लिए है। साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी गुजरात के विकास के गुण गाते रहे। सद्भावना मिशन का उद्देश्य बताते हुए मोदी ने कहा कि हमें मानवता को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

वहीं कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे किसी भी तरह के आरोपों से बचते हुए मोदी ने बार-बार यह कहा कि वो किसी भी आरोप पर या कांग्रेस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। लोकायुक्त पर केंद्र सरकार के रवैये पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि देश की सभी सरकारे इस समय केंद्र सरकार से परेशान है। जिस प्रकार से देश के संघीय ढांचे पर हमला बोला गया है उससे देश के सामने बड़े खतरे पैदा हुए हैं। यह सिर्फ गुजरात की की शिकायत नहीं है बल्कि देश भर के राज्यों की भारत सरकार से यही शिकायत है। यह कोई शिकायत नहीं है बल्कि देश हित में उठाया गया कदम है।

मोदी ने यह भी कहा कि उनके सद्भावना मिशन के साथ सभी लोगों को जुड़ना चाहिए। नीतीश कुमार के न आने पर मोदी ने कहा कि यह उनका अपना फैसला है। मोदी ने यह भी कहा कि वो अपनी आलोचनाओं को हमेशा सकारात्मक रूप में स्वीकारते रहेंगे।
हालांकि मोदी ने भविष्य की राजनीति के बारे में कोई भी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि भविष्य को लेकर मेरी कोई प्लानिंग नहीं है लेकिन मैं जो भी करता हूं उसमें जुट जाता हूं। मोदी ने यह भी कहा कि मैं दिल्ली आजकल कम समय के लिए ही जाता हूं।

लेकिन कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा- है कि मोदी उपवास की नौटंकी खत्‍म कर गुजरात में दंगों से हलकान हुए लोगों की मदद करें और फर्जी मुठभेड़ के दोषी पुलिस अफसरों को सजा दिलाएं (पूरी खबर रिलेटेड आर्टिकल में पढि़ए)।

'सबका साथ सबका विकास' है मोदी का नया नारा
नरेंद्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास का नया नारा भी दिया है। नरेंद्र मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि गुजरात में जो विकास उन्होंने किया है वो देशभर में दिखना चाहिए। मोदी ने यह भी कहा कि उनका यह सद्भावना उपवास वोट बैंक की राजनीति समाप्त करने के लिए है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सभी वर्ग के लोगों को एक साथ लेकर भी आगे बढ़ा जा सकता है और यह गुजरात ने पिछले सात सालों में सिद्ध कर दिया है।

मेरे नाम नहीं दर्ज है कोई एफआईआर, दोषी हूं तो फांसी दो
मोदी ने यह बात भी जोर देकर कही कि यदि मैं दंगा कराने का दोषी पाया जाता हूं तो मुझे फांसी मिलनी चाहिए। हालांकि मोदी ने यह भी साफ कहा कि उनके नाम न ही कोई एफआईआर दर्ज है और न ही सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का कोई आदेश दिया है।
प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर खुलकर नहीं बोले मोदी
कई चैनलों के टीवी पत्रकारों ने नरेंद्र मोदी से बार-बार उनकी प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी संबंधी सवाल पूछे लेकिन हर बार नरेंद्र मोदी सवालों को बड़ी चतुराई से टालते रहे और जवाब में गुजरात के विकास की ही बात करते रहे।
उपवास किसी समुदाय को आकर्षित करने के लिए नहीं
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनका तीन दिवसीय उपवास किसी खास समुदाय या धर्म को आकर्षित करने के लिए नहीं है। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि गुजरात की जनता अपार पीड़ा सही है, जहां 2002 के साम्प्रदायिक दंगे में कम से कम 1,000 लोग मारे गए थे और उसमें अधिकांश मुस्लिम थे।

मोदी ने अपने उपवास के दूसरे दिन कहा कि सद्भावना मिशन किसी खास समुदाय या धर्म के लिए नहीं है। यह गुजरात की जनता के लिए है। गुजरात की प्रगति ने आगे का रास्ता दिखाया है।
मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि गुजरात राज्य ने अपार पीड़ा सहा है। पीड़ित हुए परिवारों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मैं अभी भी उस पीड़ा को महसूस कर सकता हूं। मोदी के इस सम्बोधन को 2002 के साम्प्रदायिक दंगे के संदर्भ के रूप में लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि यह मिशन जोड़ने के लिए है, तोड़ने के लिए नहीं। गुजरात मेरा परिवार है। छह करोड़ गुजरातियों की खुशी, गम, सपने और आकांक्षाएं मेरी हैं।
ज्ञात हो कि गुजरात विश्वविद्यालय में चल रहे मोदी के उपवास को अल्पसंख्यकों को लुभाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मोदी ने अपने 10 वर्षो के शासन के दौरान की उपलब्धियों का जिक्र किया और कहा कि उनका उपवास शांति, एकता और सद्भाव के लिए है।
उपवास के दूसरे दिन उपवास स्थल पर भाजपा सांसद और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू मौजूद थे।