Wednesday, March 9, 2011

नाभा। उम्र 34 दिन और कीमत 1 लाख 10 हजार रुपए। कमीशन के तौर पर कुछ रकम दाई को भी दी और मां-बाप ने अपना बच्च बेच दिया। उनका तर्क है कि गरीबी ने ऐसा करने पर मजबूर कर दिया। जिला नाभा, अजैब सिंह कालोनी में रहने वाली बीर कौर उर्फ रजनी और उसके पति निरभै सिंह ने दस दिन पहले रानी बाग के व्यापारी विनोद कुमार को अपना बेटा बेचा था। शक न हो इसलिए बच्च गुम होने की कहानी गढ़ी और रिपोर्ट दर्ज करा दी।

जांच के दौरान पुलिस को मां-बाप की बातों पर शक हुआ। पूछताछ होते ही बीरकौर ने सच उगल दिया। बेचने वाले मां-बाप, खरीदने वाले व्यक्ति और बिचौलिया बनी दाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ 317, 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। दाई मनजीत कौर ने बीच में पड़कर सौदा पक्का कराया था।

पड़ोसियों ने फोड़ा भांडा
ये राज शायद कभी न खुलता अगर बीर कौर के पड़ोसी उसके मायके वालों को बच्च गुम होने की खबर न देते। मायके वालों ने 5 मार्च को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। जन्म लेते ही जिस बच्चे की कीमत वसूली गई वह फिलहाल खरीदार के घर पर ही है। बेचने वाले दंपती के चार अन्य बच्चे पूरी घटना से अनजान अपने मां-बाप का इंतजार कर रहे हैं। बीर कौर की पहले तीन बेटियों और एक बेटा हैं। बेचा गया बच्च उसकी पांचवीं संतान है। खरीदार विनोद दो बेटियों का पिता है।

गरीबी ने किया मजबूर
बच्च बेचने वाले दंपति ने कहा, वे ऐसा कभी न करते अगर गरीबी ने उनकी कमर न तोड़ दी होती। पहले से चार बच्चंे का बोझ उठाते हुए एक किराए के कमरे में रह रहे इस परिवार की मजबूरी का फायदा उठाया दाई ने। जरूरतमंद लेकिन पैसे वाले परिवार को बच्च बेचकर उसने अपना कमीशन बटोरा। बीर कौर और निरभै सिंह ने स्वीकार किया है कि उन्होंने बेटे के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए वसूले। पुलिस को उनके घर से 78, 500 बरामद हुए ह

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