Tuesday, May 31, 2011

भाग-२८
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सलमा- इतना भी जान लो तो यह काम सिर्फ हम ही कर सकते हैं की सुहागरात के पावन अवसर पर भी समाज और देश की सेवा करने का व्रत ले रहे हैं, वरना हमारी जगह पर कोई और होता तो उसे वासना के अलावा कुछ याद ही नहीं रहता .
जुनैब- हाँ, कोई और होता तो अब तक दो बार सेक्स कर चुका होता और मुंह मोड़कर अब तक बिस्तर पर भी सो भी चुका होता. और हो सकता है वही कल किसी दूसरी हसीना की बांहों में रात गुजार रहा होता .
सलमा- मैं तो पहले ही कह चुकी हूँ की लड़के बहुत बेवफा होते हैं.
जुनैब- हा हा हा... अच्छा ... मेरा हथियार मुझ पर ही चला रही हो. कोई बात नहीं, तुम्हें सात खून माफ हैं. मगर मैं किसी एक लड़के की बात कर रहा था . सभी लड़कों के बारे में मेरा ज्यादा कुछ कहना नहीं था. ये तो तुम भी जानती हो और हम भी जानते हैं की लड़के हों या लड़कियां सभी तरह के होते हैं , उनमे से कोई बेवफा भी हो सकता है और कोई नहीं भी हो सकता. हाथ की पाँचों उँगलियाँ बराबर तो नहीं होती न, मेरे कहने का मतलब ये था की हम अपनी उम्र वालों में अन्य से काफी बेहतर हैं और उनसे ज्यादा सब्र भी रखते हैं. उन लोगों से ज्यादा मोहब्बत भी है और उन सबसे बेहतर जीवन जीने का नजरिया भी रखते हैं. हमारे लिए इतना ही काफी है की हम दोनों साथ-साथ होते हुए भी, यहाँ तक की नग्न अवस्था में दोनों एक साथ हैं, चुम्बन ले रहे हैं , प्यार कर रहे हैं मगर किसी के दिलो -दिमाग पर भी वासना का भूत अभी तक सवार नहीं है. हमारे प्यार का इम्तिहान लेने वाले इससे बड़ा और क्या इम्तिहान ले सकते हैं ?
सलमा- मेरे मन में लड़कों के प्रति जो भावनाएं थीं अब वे नहीं हैं. अब से पहले तो मेरे मन में लड़कों की फ़िल्मी छवि बसी हुई थी , यही की लड़के पहले तो लड़कियों को अपने प्रेम के जाल में फंसाते हैं और फिर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करते हैं. इस स्थिति में लड़की का जीना दुश्वार हो जाता है.
जुनैब- फिल्मों में दिखाई गयी हर बात ठीक नहीं होती. हाँ , कुछ चीजें हैं जो बिलकुल सही होती हैं. हम उन्हीं के चककर में आ जाते हैं. सोचते हैं की सब कुछ उसी तरह हो रहा होगा . अब जैसे तुम इस ब्लू फिल्म को देख रही हो तो ये सब सीन सच्चे तो नहीं होंगे , ये ट्रिक होती है. ट्रिक के कारण कुछ द्रश्य ऐसे दिखाए जाते हैं जो बिलकुल ओरीजनल जैसे दीखते हैं. इसे देखकर हर कोई चक्कर में पड़ जाएगा . कोई सोच भी नहीं सकता की ये द्रश्य असली नहीं है. मैंने कई फिल्मों की शूटिंग देखी है. तभी तो दावे के साथ कह सकता हूँ की असली और फ़िल्मी कहानी में बड़ा फर्क होता है.
सलमा- यह तो मेरे लिए एकदम नया अनुभव है. मैं तो समझती थी की जिस तरह परदे पर नायक और नायिका रोमांस करते हैं हैं, वे सब हकीकत में ही होते होंगे. जिस तरह नायक फिल्म में नायिका के होठों को चूमता है, उसकी जीभ के अंदर जीभ डालकर यौवन के रस का स्वाद लेता है , क्या वह सब नकली होता है ?
जुनैब- हाँ, बड़ी नायिका इतना गहरा किस सीन थोड़े ही देंगी. उनके बिहाफ पर किसी दूसरी लड़की का सीन ले लिया जाता है. यह सीन इतने नजदीक से लिया जाता है की होठों की पहचान ही नहीं हो पाती.
सलमा- और इस ब्लू फिल्म में नायक-नायिका जिस तरह से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित कर रहे हैं और जिस तरह से इसका फिल्मांकन किया गया है, यह सब भी ट्रिक की बदौलत किया गया है क्या ?
जुनैब- हाँ , मेरा तो यही व्सिश्वाश है. क्योंकि इसमें जिस तरह से लड़का और लड़की कियो बिना कंडोम के ही सम्बन्ध बानाते हुए दिखाया गया है, उससे डाउट होना स्वभाविक है. आजकल हर आदमी समझदार हो गया है, वह अखबार पढता है, रेडियो में समाचार सुनता है या फिर टीवी - इंटरनेट पर खबर पढता है, हर जगह यही दिखाया गया है की जब भी शारीरिक सम्बन्ध बने, जब भी कोई कोई प्रणय क्रीडा करे तो उससे पहले वह सुरक्षित उपाय जरूर करले. एड्स का खौफ हर आदमी पर छाया रहता है. ऐसे में ये सवाल ही नहीं उठता की यह हीरो इस तरह से बिना सुरक्षा के सम्बन्ध स्थापित कर सकता है. मैं यह बात मानने के लिए तैयार नहीं हूँ.
सलमा- अच्छा , अगर ये बात है तो इसका मतलब ये हुआ क्या की ये जो दिखा रहे हैं ये भी ट्रिक है ? यही न ?
जुनैब- जी , बिलकुल. मेरे कहने का अर्थ वास्तब में यही है. हांलाकि ये लोग एक हद तक खास द्रश्य देते हैं. यहाँ तक की अंग प्रद्रर्शन तो सचमुच करते ही हैं. मुझे ये बात एक खास व्यक्ति ने बताई है.
सलमा- तुम भी पहुंचे हुए उस्ताद लगते हो.
जुनैब- अगर मैं तुम्हें एक और बात बताऊंगा तो तुम्हारे पैरों के नीचे से जमीन खिसक जायेगी . तुम मदहोश हो जाओगी .

Monday, May 30, 2011

स्क्रिप्ट

तड़प... यह कहानी नहीं, जज्बातों के तारों से बुनी हुई दो धड़कते दिलों की दर्द भरी दास्ताँन है. जिसकी सच्चाई की महक आज भी फिजाओं में बिखरी हुई है और जब तक दुनिया में प्यार का वजूद रहेगा तब तक लोग इसकी खुशबू को महसूस करेंगे . इसकी शुरुआत होती है राज से... राज ... , जो युवा है, प्रतिभाशाली है, सुरों का जादूगर है. जिसके लफ्जों में सम्मोहन है. उसकी मुलाक़ात होती है खूबसूरत रागिनी से. रागिनी आकर्षक व्यक्तित्व की मलिका है. जब राज और रागिनी की निगाह आपस में टकराती हैं तो दो युवा दिल बगावत पर उतर जाते हैं. रागिनी चंचल स्वभाव की खुश मिजाज लड़की है. वह खुले आसमान में उड़ने में भरोसा करती है.. एक खूंटे से बंधे रहने वाले वफादार पशु के मुकाबले उसे ऐसे पंछी पसंद हैं जो अपनी मर्जी से अनंत आकाश में कहीं भी विचरण कर सकते हैं. उससे जो भी मिलता है वह उसीका होकर रह जाता है. राज भी भी उसकी हसीं मुस्कान का शिकार हो जाता है. रागिनी की दिलकश अदाएं उसे इतनी भाती हैं की वह अपना दिल रागिनी को दे बैठता है. उसके सौंदर्य का रसपान करते हुए कहता है-

-१. ---- मेरे मन को तुम तो इतना भा गए हो. प्यार बनकर यार दिल पर छा गए हो.

लेकिन रागिनी का स्वच्छंद व्यवहार राज को अखरने लगता है. जब रागिनी अपने दोस्त या रिश्तेदारों के साथ हँसती बोलती है तो राज का मन कसमसा उठता है. वह उसे ताना मारते हुए गाता है-

२, --- जबसे मेरे नैनों में तुम बस गए रे , हम तो तुमसे प्यार करके फंस गए रे ...

एक मौक़ा ऐसा भी आता है जब वे दोनों एक महफ़िल में आमने सामने मिल जाते हैं. राज के साथ उसके दोस्त लोग हैं और रागिनी अपनी सहेलियों की टोली के साथ है. दोनों तरफ से गीत युद्ध छिड़ जाता है. राज उलाहना देता है-

३. -जादू सा चला देते हैं, सीने में बसा लेते हैं. ये हुस्न के मालिक देखो ,दिल लेके दगा देते हैं.

रागिनी भी कम नहीं है . उसका जवाब देते हुए कहती है-

- सपना सा दिखा देते हैं, अपना सा बना लेते हैं. ये जिस्म के आशिक देखो, दिल लेके दगा देते हैं .

- राज मन ही मन रागिनी से मोहब्बत करता है और जब उसे किसी दुसरे लड़के के साथ देखता है तो तड़प उठता है. अपनी तड़प को शब्दों में ढालते हुए कहता है-

- ४,---यूँ नमक न छिड़को जख्मों पर बेदर्द सनम बेदर्दी से , हमें मौत ही दे दो ए मालिक जीने की इस सरदर्दी से....

शिकायतों का यह सिलसिला यहीं पर नहीं थमता . वह मन ही मन रागिनी को बेवफा समझ लेता है और शराब सिगरेट पीने लगता है. गलत सोहबत में पड़ जाता है. उसके मन में नेगेटिव विचार आने लगते हैं. वह आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगता है . नशे की हालत में वह अपनी पीड़ा को कागज़ पर उतारता है. लेपटोप पर लिखता है-

-५,- तुम चिता सजादो ए लोगो, मुझे अग्नि वही लगाएंगे . उन्हें देर लगेगी आने में , वो चोरी छिपके आयेंगे .

उधर रागिनी के परिजन उसकी सगाई किसी दुसरे लड़के के साथ तय कर देते हैं. जब यह खबर राज को लगती है तो वह टूट जाता है. उसके अरमान धू धू कर सुलग उठते हैं. उसको अपने प्यार की दुनिया उजडती नजर आती है. वह रागिनी के सगाई समारोह में गीत गाता है-

६,- साजन के शहर में जाके , खुश हो गयी दौलत पाके . बस इतना बतादो बैरन ,क्या मिला मुझे ठुकराके ...

रागिनी उसके तानो की गंभीरता और उसके प्यार की हकीकत को समझ जाती है. उसके मन में भी राज के प्रति जो प्यार का पौधा पल्लवित हो रहा था, वह विशाल वट वृक्ष का रूप धारण कर लेता है. वह अपनी संवेदनाओं को व्यक्त करते हुए गाती है.-

-७,- साजन के शहर में आके, रोती हूँ दौलत पाके . तू क्या समझेगा बैरी , ज़िंदा हूँ जहर मैं खाके ...

अब रागिनी पूरी तरह से राज की हो चुकी है, राज की दशा देखकर वह दुखी हो जाती है और उसे सुधारने के लिए गाती है-

-८,- दारु सिगरेट छोड़ दे सैया ....

राज उसकी बात मान लेता है. नशे की लत को छोड़ देता है. अब राज और रागिनी मिलकर दुनिया को सुधारने निकले हैं, समझाने निकले हैं की जिंदगी बहुत खूबसूरत है, मानव जीवन सिर्फ एक बार ही मिलता है, इसे व्यर्थ में नहीं गंवाना चाहिए .वे बताते हैं की किसी भी हालत में आत्महत्या नहीं करनी चाहिए वे गाते हैं-

खुदकुशी न करो ...

... और इसी पोजीटिव सन्देश और आशाओं के साथ तड़प का सिलसिला खत्म होता है .

- मुकेश कुमार मासूम

99207 99258

भाग-२७

सलमा- कुछ लगने के लिए ज़िंदा रहूंगी तब न बता पाउंगी . मेरी जान निकल जायेगी. कभी मजाक में भी दूर जाने की बात न करना और अगर मेरी मौत प्यारी हो तो जो चाहो कहना, कोई दिक्कत नहीं है.

जुनैब- कितने कम समय में ही तुम मुझसे कितनी मोहब्बत करने लगी हो. जब पहली बार मिलीं तो मुंह फूला हुआ था और अब देखिये की अब तो जान देने के लिए भी तैयार हैं. सही कहते हैं की समय बड़ा बलवान होता है. अगर समय सही हो तो कुछ भी किया जा सकता है.

सलमा- मोहब्बत सबसे बड़ी चीज है . अगर मोहब्बत में जादू नहीं होता तो आज मैं तुम्हारी बांहों में इस तरह नगन नहीं झूल रही होती. मैं जानती हूँ की तुम मेरी इज्जत करते हो, मेरा ख़याल रखते हो . इसलिए मुझे कभी भी दुखी नहीं देखना चाहोगे. इसिलए तो यह सम्पूर्ण समर्पण है. अब तुम्हारे ऊपर सब कुछ छोड़ दिया है, जैसा चाहे करना, मैं कोई ऐतराज नहीं उठाऊँगी . मुझे कुछ भी नहीं चाहिए , सिवाय तुम्हारे प्यार के. मुझे तुम्हारा प्यार मिल जाए , वही मेरे लिए सब कुछ है. मैंने तो आज तक अपने मन में किसी लड़के की छवि भी नहीं बसाई थी, कभी किसीके बारे में सोचा भी नहीं था, तुम अकेले वो लड़के हो, जिसने पल भर में मेरे ऊपर जादू कर दिया. मुझ जैसी पत्थर को भी मोम बना दिया. मैं तो अपने आपको पत्थर से भी कठोर समझती थी. अक्सर लोग कहते थे थे की ये लड़की पता नहीं कहाँ रहेगी , इंसानों की दुनिया से तो ये बिलकुल अलग है. कोई इसे अच्छा ही नहीं लगता है. अब मैं उन लोगों को दिखाउंगी की देखो , मैं भी अब इंसानों की दुनिया में रहने के लायक हो गयी हूँ. अब मैं भी किसी लड़के के साथ निबाह सकती हूँ, उसका ख्याल रख सकती हूँ, उससे प्यार कर सकती हूँ, उसके प्रति अपने आपको समर्पित कर सकती हूँ और यहाँ तक की अपनी जान भी न्यौछावर कर सकती हूँ.

जुनैब- और मैं भी बड़े फख्र के साथ कह सकता हूँ की मुझ पर मर मिटने वाली भी इस दुनिया में मौजूद है. हम दोनों मिलकर कुछ अच्छा काम करने की कोशिश करेंगे. हम लोग राजनीति में आयी गिरावट को कम करने की दिशा में प्रयास करेंगे . ऐसा काम हम दोनों बड़े आराम से कर सकते हैं. पिताजी तो राजनीति में हैं ही, जब हम अभी से लोगों के बीच में जायेंगे , उनके दुःख-सुख सुनेंगे तो सहज रूप से वे हमसे जुड जायेंगे . हम अपने क्षेत्र और प्रदेश तथा देश के बारे में अभी से स्टडी करेंगे , पहले उसे छोटे स्तर पर सुधारेंगे और फिर बड़े लेबल पर सेवा करेंगे . हम लोगों में ये भरोसा दिलाने का प्रयास करेंगे की राजनीति में भी अच्छे और सच्चे लोग काम कर सकते हैं.

सलमा- ये बड़ा कठिन काम है. सुनते हैं यह काजल की कोठरी है, जो इसमें एक बार गया तो दाग लगना लाजिमी है. ना चाहते हुए भी किसी न किसी तरह से दाग लग ही जाता है. अगर कोई नेता सच्चा होता भी है तो उसकी पार्टी उसे नेक नहीं रहने देती. पार्टी उसे बिगाड़ देती है. पार्टी को चन्दा चाहिए वरना वह आपको टिकट नहीं देगी. और अगर बड़ी पार्टी का टिकट चाहिए तो बड़ा चन्दा चाहिए अजुर बड़े चन्दा देने के लिए बड़ा भ्रस्टाचार करना होगा. या फिर छोटे-छोटे , गरीब लोगों का गला काटना =होगा.

जुनैब- हाँ, ये तो है, मगर हमको इसीमे से कोई बीच का रास्ता निकालना होगा. और कोशिश करने पर ये हो भी सकता है. जब हम दोनों मिलकर इस कार्य को हाथ में लेंगे तो असंभव कुछ भी नहीं है. हाँ, मुश्किलें बहुत आयेंगी मगर सही नीयत है तो काम हो ही जाएगा .

सलमा- मैं तो परछाई बनकर चलूंगी. जो चाहोगे वैसा करूंगी . हर काम सहयोग करूंगी. मुझे न तो दौलत की हवस है और ना ही शौहरत का लालच है. मुझे तो अपना जुनैब चाहिए, जुनैब की मोहब्बत चाहिए. मेरे लिए तो तुम ही सब कुछ हो. तुम्हारी एक मुस्कान पर ही मैं अपनी जान दे सकती हूँ.

जुनैब- यह मोहब्बत का पर्व है, इतनी सुहानी मुलाक़ात में मरने -गिरने की अशुभ बातें क्यों करती हो. आज इस मिलन को इतना यादगार बनादो की आने वाली पीढ़ी के लोग भी हमारा उदाहरण दे सकें. यह कह सकें की जुनैब और सलमा जैसा सच्चा और सार्थक प्यार होना चाहिए .

सलमा- इतना भी जान लो तो यह काम सिर्फ हम ही कर सकते हैं की सुहागरात के पावन अवसर पर भी समाज और देश की सेवा करने का व्रत ले रहे हैं, वरना हमारी जगह पर कोई और होता तो उसे वासना के अलावा कुछ याद ही नहीं रहता .

जुनैब- हाँ, कोई और होता तो अब तक दो बार सेक्स कर चुका होता और मुंह मोड़कर अब तक बिस्तर पर भी सो भी चुका होता. और हो सकता है वही कल किसी दूसरी हसीना की बांहों में रात गुजार रहा होता .

सलमा- मैं तो पहले ही कह चुकी हूँ की लड़के बहुत बेवफा होते हैं.

जुनैब- हा हा हा... अच्छा ... मेरा हथियार मुझ पर ही चला रही हो. कोई बात नहीं, तुम्हें सात खून माफ हैं.

Sunday, May 29, 2011

भाग-२६
जुनैब तो जैसे अपने होश ही खो बैठा था. वह एक लाईट जलाना चाहता था ताकि सलमा के उन्नत उभारों को ठीक तरह से देख सके मगर शर्मो हया का वास्ता देकर सलमा उसका विरोध कर रही थी. जुनैब को जैसे ही थोड़ा सा समय मिला उसमे मौक़ा पाकर लाईट ओंन करदी. सलमा के पूरे जिस्म को अब वह करीब से नग्न अवस्था में देख सकता था. जुनैब का मुंह फटा का फटा रह गया. दुनिया की सबसे खूबसूरत और सबसे आकर्षक बदन की मलिका उसकी बांहों में थी. उन दोनों की निगाहें टकराई . आँखों में वासना के लाल-लाल डोरे तैरने लगे थे. जुनैब के जिस्म से चिंगारियां सी निकलने लगीं, उसका जी चाहा की वह सलमा के बदन से लिपट जाए और उसके अंग प्रत्यंग को चूमना शुरू करदे . अभी वह सोच ही रहा था की सलमा ने अपने शरीर के शेष कपड़ों को भी उतारकर फेंक दिया . अब उन दोनों के शरीर पर कसम खाने के लिए भी कपडे नहीं थे. वे पूरी त्यारह से निर्वस्त्र थे. सलमा नबे जुनैब के खास अंग को हाथ में पकड़कर निहारा तो वह फडफडाने लगा, सलाम को जोश आ गया. मन में कामोत्तीजना की जोरदार आंधी चलने लगी. वह जुनैब के उस खास अंग को पुचकारने लगी तो वह और भी मस्ती में आ गया. जुनैब ने सलमा के सर पर पीछे से अपना हाथ सटाया और उसके मुख को अपने करीब लाकर अपना अंग उसके होथु से स्पर्श कर दिया . अब सलमा से रहा नहीं गया, उसने जुनैब के खास अंग को अपनी जीभ के बीच भींचकर उसे आहिस्ता से चूसना शुरू कर दिया , जुनैब को महसूस हुआ जैसे उसका अंग अब फटने ही वाला है. मगर वह चुप रहा. सलमा ने जो फिल्म लगवाई थी अब तक उसने भी कमाल दिखाना शुरू कर दिया . अब हालत ये हो गयी की जिस तरह से रेगिस्तान में लोग पानी के लिए तरसते रहते हैं, ठीक उसी तरह से उन दोनों के खास अंग तरस रहे थे. सलमा इस तरह से लगी हुयी थी मानो अगर छूटी तो फिर कभी उसे ऐसा सुख नहीं मिलेगा. काफी देर के आबाद जब उसने अपना मुख वहाँ से हटाया तो उसकी आँखें सुर्ख लाल हो चुकी थी. शराब पीकर भी जो खुमार उस पर नहीं छाया, वह अब छाया हुआ था. जुनैब ने पूछा-
- कैसा लग रहा मेरी जान ? तुम्हारी आँखें तो खून से भी ज्यादा सुर्ख हो चुकी हैं.
सलमा- तुमने ठीक कहा था, असली मजा तो इश्क में है, अगर जवानी आयी और इश्क नहीं फरमाया तो ऐसी जवानी भी किसी काम की नहीं है. पहले मैं इन सब अबतों को नहीं मानती थी. मैं सोचती थी की ये सब बेकार की बातें हैं. या फिर बड़े लोगों के चोचले हैं. जिन लोगों के पास अथाह पैसा होता है वही ऐसा नाटक करते हैं. मगर अब समझ में आया की ये प्यार मोफब्बत नाटक से कहीं बढ़कर है.
जुनैब- तुम तो जैसे दीवानी हो गयीं थीं, देखो न मैं तो वैसे ही फिनिश होना वाला था. तुम हट ही नहीं रही थीं.
सलमा- मुझे इस सबके लिए होश ही नहीं था, फुर्सत ही नहीं थी, मैं तो सोचती थी की शायद दुनिया थम सी गयी है और सारे सुख मेरे पास शरण मांगने के लिए आ गए हैं, मैं उसी को इंजॉय कर रही थी. इस प्रणय क्रीडा में ऐसा अथाह सुख भी मिलता होगा कभी कल्पना तक नहीं की थी. आज पता चला की लोग अपने प्यार पर कुर्बान होने की बात क्यों करते हैं ? आज ये जाना की सच्चा पया क्या होता है ?
जुनैब- अब अगर मैं तुमसे दो साल के लियी दूर चला जाऊं तो कैसा लगेगा ?
सलमा- कुछ लगने के लिए ज़िंदा रहूंगी तब न बता पाउंगी . मेरी जान निकल जायेगी. कभी मजाक में भी दूर जाने की बात न करना और अगर मेरी मौत प्यारी हो तो जो चाहो कहना, कोई दिक्कत नहीं है.
जुनैब- कितने कम समय में ही तुम मुझसे कितनी मोहब्बत करने लगी हो. जब पहली बार मिलीं तो मुंह फूला हुआ था और अब देखिये की अब तो जान देने के लिए भी तैयार हैं. सही कहते हैं की समय बड़ा बलवान होता है. अगर समय सही हो तो कुछ भी किया जा सकता है.
सलमा- मोहब्बत सबसे बड़ी चीज अहि. अगर मोहब्बत में अजदु नहीं होता तो आज मैं तुम्हारी बांहों में इस तरह नगन नहीं झूल रही होती. मैं जानती हूँ की तुम मेरी इज्जत करते हो, मेरा ख़याल रखते हो . इसलिए मुझे कभी भी दुखी नहीं देखना चाहोगे.

Saturday, May 28, 2011

भाग-२५
चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाए मगर मैं मोहब्बत की राह पर चलती रहूंगी . मैंने जब एक बार कदम बढ़ा दिए हैं तो पीछे हटने का नाम नहीं है. अगर कुछ तकलीफ है तो बस इतनी सी की मैं ये नहीं समजह पा रही हूँ की मैंने तुम्हारे जैसे अमीर लड़के से प्यार क्यों किया ? तुम्हारे पिता राजनीति में ऊंचा मकाम हासिल किये हुए हैं और वे हरगिज नहीं चाहेंगे की उनके इकलौते बेटे की शादी किसी आम इंसान की लड़की से हो या फिर उनका बेटा किसी आम लड़की के साथ प्यार करे.
जुनैब- हर आदमी एक जैसा नहीं होता. मेरे पिताजी समाजसेवक हैं. वे अगर सांसद बने हैं तो इसके पीछे उनकी सेवा और उच्च विचारों का भी बहुत बड़ा योगदान है. भले ही लोग नेताओं के बारे में कुछ भी कहें लेकिन सच्चाई ये है की ये लोग बड़े दिलवाले और लीक से हटकर चलने वाले होते हैं . जिस काम के बारे में आम इंसान कल्पना भी नहीं कर सकते उसे समाजसेवा और राजनीति से जुड़े लोग सहज ही कर गुजरते हैं.
सलमा - जी , मगर आम तौर पर तो इनकी छवि बिलकुल अलग होती है. इनको कड़क, भ्रष्ट और साजिस करने वाले के रूप में दर्शाया जाता है.मैं भी उसी से डर रही हूँ., जिस तरह फिल्मों में दिखाया जाता है, उसी तारह का भ्रम मेरे दिमाग में हो गया है. और डर लगना लाजिमी भी है, जब तुम जैसा साथी हो और जीवन साथी बन्ने जा रहे हो तो दिल में हलचल का मचना स्वभाविक ही है. कहाँ तो आप हैं आसमान पर चमकने वाले सूरज और कहाँ मैं एक धुल के कण के बराबर भी नहीं. उस पर मेरा सौभाग्य ये की आपने ही मुझे इस लायक चुना है. इस सौभाग्य पर मैं क्या करू, मन में घबराहट तो होनी ही है. वही हो भी रही है.
जुनैब- तुम क्या हो ये मुझसे पूछो, मेरे दिल से पूछो. एक कहावत याद आ रही है. एक बार किसी ने मजनू से पूछा की लैला तो बहुत काली है फिर वह उस पर इतना क्यों मरता है ? इस पर मजनू ने कहा की लैला कैसी है वह उसकी नजरों से देखिये . यही बात मैं कहना चाहता हूँ, तुम क्या हो, कैसी हो यह सिर्फ मेरे दिल से पूछिए . सही जवाब वहीं से मिल सकता है. दौलत और शौहरत तो पल भर की चीजें हैं. असली बात तो प्यार में है. अगर प्यार है तो दुनिया है और प्यार नहीं तो कुछ भी नहीं. लोग मरते हैं. नए लोग आते हैं, ज़माना बदलता रहता है, प्यार का स्वरूप भी बदलता है मगर प्यार का वजूद वही रहता है. यानी की अजर -अमर . हमेशा -हमेशा जीवित रहता है और रहेगा. प्यार के बिना किसी भी दुनिया की कल्पना तक नहीं की जा सकती. मैं तुम्हें चाहता हूँ, तुम्हें प्यार करता हूँ, तुम्हारे साथ जिंदगी गुजारना चाहता हूँ, यह ख़याल ही मेरे लिए सबसे बड़ी सौगात है. सोचिये अगर यह खाब हकीकत में उतर गया तब क्या होगा ?
सलमा- मैंने न जाने किस जन्म में और कित्न्मे पुन्य कर्म किये होंगे की तुम जैसा चाहने वाला प्रेमी मिल गया वरना मैं तो सोचती थी की शायद मैं ही दुनिया की सबसे बदनसीब लड़की हूँ, ऐसी लड़की जिसे कोई सच्चे दिल से नहीं चाहता. अगर कोई लड़का देखता तो उसकी निगाह में वासना होती थी. प्यार दिखाई दिया तो तुम्हारी निगाह में. मुझे तुम मिले तो ऐसा लगा जैसे की अचानक सब कुछ मिल गया है. अब हालत ये है की सौगात ज्यादा हैं और दामन बहुत छोटा पड़ गया है. जब ऐसी स्थिति आती है तो सुनते हैं की लोग मगरूर हो जाते हैं. अल्लाह मुझे इस चीज से बचाए. मेरे अंदर गुरुर न आने दे.
जुनैब- हमारा सपना अब पूरा होने होने जा रहा है. तुम्हारी इच्छा ब्लू फिल्म देखने की थी न, उसकी भी व्यवस्था कर दी गयी है. इसकी आवाज को साइलेंस रखेंगे और फिल्म देखते -देखते बातचीत करेंगे .
सलमा- तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे की ब्लू फिल्म देखने के लिए तुम इच्छुक नहीं थे ? चलो ऐसा ही सही मगर इसे चालु तो करिये . जब ये चलेगी ही नहीं तो इसे मंगाने से क्या फायदा. इसका सितम कैसा है, उसे देखना होगा .तभी समझ में बात आयेगी . हाँ, लाइए . मैं अब जान गयी हूँ.
जुनैब मुस्करा रहा था. सलमा ने उसके हाथ से सीडी ली और सीडी प्लेयर में लगा दी. उसे फिल्म स्टार्ट करने में थोड़ा सा टाइम तो लगा मगर जब वह शुरू हुई तो उसके तन-मन में हंगामा हो गया . पहली ही द्रश्य जानलेवा था. एक लड़का नग्न अवस्था में था और दो नग्न लड़कियां उसके गुप्त अंग को चूम रही थी. उन दोनों मैं पहले किस करने की होड सी मची थी. उसे देखते ही सलमा के जिस्म में आग सी लगने लगी. जब जुनैब ने उसके उभरे हुए अंग को सहलाना शुरू किया तो सलमा अब और भी ज्यादा उत्तेजक हो गयी. वह अपने हाथ ऊपर उठाकर अंगड़ाई ले रही थी. जुनिअब तो जैसे अपने होश ही खो बैठा था. वह एक लाईट जलाना चाहता था ताकि सलमा के उन्नत उभारों को ठीक तारह से देख सके मगर शर्मो हया का वास्ता देकर सलमा उसका विरोध कर रही थी. जुनैब को जैसे ही थोड़ा सा समय मिला उस्न्मे मौक़ा पाकर लाईट ओं करदी. सलमा के पूरे जिस्म को अब वह करीब से नग्न अवस्था में देख सकता था. जानिब का मुंह फटा का फटा रह गया. दुन्जिया की सबसे खूबसूरत और सबसे आकर्षक बदन की मलिका उसकी बांहों में थी. उन दोनों की निगाहें टकराई .

उत्तर प्रदेश के झांसी में लोगों से भरी नाव के नदी में पलटने से छह लड़कियों की मौत हो गई.

झांसी जिले के एरच क्षेत्र में बेतवा नदी पार कर एक मजार पर चादर चढ़ाने जा रहे लोगों से भरी नाव मझधार में पलट गई जिससे छह लड़कियों की मौत हो गई.

पुलिस उपमहानिरीक्षक एंटनी देव कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश के दतिया जिले के इंदरगढ़ गांव के 10 लोग झांसी के एरच क्षेत्र में स्थित मीरा शाह मजार पर चादर चढ़ाने के लिये नाव से बेतवा नदी पार कर रहे थे.

उन्होंने बताया कि तेज बहाव के चलते नाव नदी में पलट गई. इस हादसे में रुखसार (18), खुशबू (17), करिश्मा (16), सोनम (16), अतिया (छह) और करीब 10 वर्षीय एक अज्ञात लड़की की डूबने से मौत हो गई.

कुमार ने बताया कि चार अन्य लोगों को नदी से निकालकर गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस दुर्घटना से क्षेत्र में मातम का माहौल है. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर आक्रोस है की सरकार ने पीद्तिओं के परिवारों की सुध भी नहीं ली है.

कैथल। हरियाणा के कैथल से एक महिला को अगवा कर चलती गाड़ी में रेप किया गया है। उसके बाद आरोपियों ने महिला के हाथ पैर बांधकर यमुनानगर की नहर में फेंक दिया। महिला को लोगों ने बचाया। फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

दरअसल, आज सुबह होने पर यमुनानगर नहर में लोगों को एक महिला दिखाई दी। लोगों ने जब उसे बाहर निकाला तो उसके हाथ-पैर बंधे हुए पाए गए। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में जब महिला को होश आया तो उसने अपनी आपबीती सुनाई।

चलती गाड़ी किया गैंगरेप, मरने के लिए नहर में फेंक गए!

महिला के अनुसार रात में उसे तीन लोगों ने कैथल से अगवा किया जिसके बाद उन सभी ने उसके साथ रेप किया। हालांकि महिला की हालत अभी भी स्थिर नहीं है लेकिन उसने कुछ लोगों के नाम बताए हैं जो इस घटना में शामिल रहे हैं। महिला की मेडिकल जांच कराई जा रही है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।दूसरी तरह देश की
राजधानी की सड़कें दिन ढलते ही महिलाओं के लिए कितनी अनसेफ हैं, अंदाजा लगाया जा सकता है कि घर से निकलते ही शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे 23 साल की एक लड़की को एक कार में खींच कर गैंग रेप किया गया। घटना नॉर्थ वेस्ट दिल्ली की बताई जा रही है। लड़की किसी काम के लिए घर से निकली थी। कुछ दूरी पर ही राह चलते उसे एक चलती कार में खींच लिया गया। कार में तीन लड़के सवार बताए जा रहे हैं।

तीनों ने चलती कार में ही लड़की के साथ रेप किया। उसके बाद उसे नॉर्थ दिल्ली के रूपनगर इलाके में कार से फेंककर फरार हो गए। लड़की रोड किनारे पड़ी मिली। किसी राहगीर ने इसकी पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस उसे बाबू जगजीवन राम अस्पताल लेकर गई। वारदात के इलाके को लेकर पहले नॉर्थ दिल्ली और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली पुलिस आपस में उलझी रही। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मामले को सुलझाया गया।

नॉर्थ वेस्ट इलाके में केस को दर्ज किया गया है। इलाके के पुलिस अधिकारियों के अनुसार लड़की को मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उसका आधा मेडिकल भी हो चुका था। लेकिन उसके बाद लड़की अस्पताल से लापता हो गई। अधिकारियों के यह बयान संदेह के घेरे में हैं। गैंग रेप की 100 नंबर पर कॉल के बाद पुलिस स्टेशन पहुंची लड़की का मेडिकल करवाने के दौरान अस्पताल से भाग जाना पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है।
11)
साहेबगंज. जिले के तालझारी थाना क्षेत्र स्थित सांवलापुर गांव में एक छह वर्षीया बच्ची की बलि उसी के सगे चाचा ने दे दी। इस घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फ़ैल गयी है। मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची की बलि देने के बाद उसके चाचा खुदू कर्मकार ने उसे गांव के फोतिफेरारी पोखर में फेंक दिया। इधर, बच्ची के पिता मधु कर्मकार व अन्य परिजनों ने बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी। बीते बुधवार को बच्ची का शव तालाब में तैरता मिला।

पुलिस ने बताया कि बच्ची की हत्या धारदार हथियार से गला काट कर की गयी है। बच्ची के माथे पर सिंदूर लगा हुआ था तथा शव के आसपास अड़हुल के फूल, अगरबत्ती व एक प्लास्टिक का बोरा मिला। इसमें खून के धब्बे लगे हुए थे।

पुलिस संग पहुंचे विधायक

घटना को सूचना मिलते ही बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम पुलिस के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। हालांकि, पुलिस ने मधु कर्मकार के बयान पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।


बलि देने के आरोप में पहले भी जा चुका है जेल

पुलिस ने बताया कि नरबलि देने के आरोप में खुदू कर्मकार पहले एक बार जेल भी जा चुका है। वर्ष 2002 में राधानगर थाना क्षेत्र के आतापुर में फेंकू साह की 12 वर्षीया पुत्री को बलि देने के आरोप में जेल गया था। निचली अदालत ने उसे सजा-ए-मौत दी थी लेकिन उच्च न्यायालय ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया

Friday, May 27, 2011

भाग -२४
वह काम वासना की आग को और भी ज्यादा भडकाना चाहता था इस ताकि आराम से उसकी प्यास को शांत किया जा सके. जुनैब ने एक जोरदार अंगड़ाई ली और फिर सलमा को लेकर अपने खास कमरे में आ गया . उसने पहली बार महसूस किया की सलमा पहले से ही पहल करने के मूड में थी. उसने ब्लू फिल्म देखने का भी जिक्र किया था. जुनैब तो अक्सर अपने लैपटॉप पर अश्लील फिल्म देख लिया करता था ,उसने सोचा की आज टीवी पर भी देख लिया जाए तो क्या फर्क पड़ता है. उसने होटल के एक स्टाफ को बुलाकर एक ब्लू फिल्म की सीडी का इंतजाम कराया .इसके बाद जुनैब ने सलमा को गुजरे हुए पल याद कराते हुए कहा -
तुम्हें याद है शुरुआत की मुलाक़ात में मैंने क्या कहा था ?
सलमा- अच्छी तरह से याद है. तुमने कहा था की ये सच है की तुम्हारे सीने की इन गोलाइयों ने मुझे रात-रात भर सोने नहीं दिया . मगर इस सबको पाने के लिए नहीं बल्कि तुम्हे हमेशा के लिए अपनाने के लिए मैं दृढ संकल्पित हूँ. मेरा प्यार छिछोरा नहीं है. यह सच्चा प्रेम है .यहाँ अगर प्यार नहीं तो कुछ भी नहीं होता. सामने जो तुम देख रही हो यह फिल्म नहीं सच्चाई है. यहाँ कितने ही लोग प्यार में , कितने ही रोमांस में और कितने ही सेक्स के समुन्दर में डूबे हुए हैं. इन लोगों के जीवन में जितने भी दुःख -तकलीफ हैं, इस वक्त ये उन सबको भूले हुए हैं. ऐसा आनंद इनको स्वर्ग में भी नहीं मिल सकता. कितने प्यार फूल खिले हैं. पास से होकर नदी बह रही है. और उस प्रकृति की गोद में ये बड़े ही सुख के साथ जी रहे हैं. इनके जीवन के यही पल अनमोल हैं . यहाँ से जाने के बाद ये फिर अपने -अपने संघर्ष की दुनिया में डूब जायेंगे . अब तक तुम और हम इन सबके लिए तरसते रहे हैं . हम लोगों के मन भी प्यार की उमंग आती हैं मगर कभी हम व्यस्तताओं के कारण तो कभी शर्मो हया के कारण इससे वंचित रहे हैं . आओ, आज हम भी इन खुशनसीब लोगों की तरह अपनी जिंदगी जी लें.
जुनैब - और तुमने बताया था की 'तुम बहुत अच्छे वक्ता हो जुनैब, मगर ये भूल गए की मैं इस पाश्चात्य संस्कृति के खिलाफ हूँ. मुझे इन सब चोंचलों से ज्यादा अपनी पढाई प्यारी है, अपनी जिम्मेदारी प्यारी है. मैं अपने माता -पिता से ये वादा कर चुकी हूँ की मुझे उनका सहारा बन्ना है. मैं अपने परिवार की बेटी भी हूँ और बेटा भी. मुझे अपने कैरियर पर ध्यान देना है. अगर मैं इन लोगों की तरह प्यार के चक्कर में पड़ गयी . इस तरह के लव गार्डन में समय बिताती रही तो मेरे कैरियर का क्या होगा. जो सपने मेरे घरवालों ने मेरे लिए देखे हैं, उन सपनों का क्या होगा. तुम लड़के हो, इसलिए तुम इस तरह की मौज मस्ती सोच सकते हो. हो सकता है तुम्हारे घर की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो, इसलिए तुम्हें धन कमाने की चिंता नहीं होगी . लेकिन मुझे तो सभी चीजें एक साथ देखनी है. वैसे आपके फादर क्या करते हैं /
जुनैब- मेरे पिता आपके क्षेत्र के सांसद हैं, ये सच है की मुझे अर्थ की परेशानी नहीं है. मगर सिर्फ कैरियर और पढाई और कमाने के चककर में मैं अपनी जिंदगी को भी तो नहीं भूल सकता हूँ. मालिक ने हमें जो जीवन दिया है. उसका सही तरह से उपयोग करना है. प्यार का मतलब ये नहीं की हम हर दिन इसी गार्डन में पड़े रहें. मगर जब काभी हमें महीने -दो महीने में अवसर मिलता है, तो क्यों न हम उस समय को प्यार में खर्च करें ?
सलमा- समझ गयी , बड़े बाप के बेटे हो, इसीलिए ऎसी भाषा बोल रहे हो. आपने तो पहले से ही सात पीढ़ियों का इंतजाम कर लिया है, मगर हम लोग तो आपके पैरों की धुल भी नहीं है.
जुनैब- मर -मर कर जीने से , हमेशा तनाव में रहने भर से ही तो कुछ हासिल नहीं हो जाता है. उसके लिए हमें प्रयास करना पडता है. अगर किसी भी क्षेत्र में मेरे सहयोग की जरूरत है तो मैं हमेशा रहूंगा तुम्हारे साथ .
सलमा- जो कुछ होना होता है वो दो मिनिट में ही हो जाता है, यहाँ पर जितने भी प्रेमी जोड़े रोमांस या सेक्स के आनंद में डूबे हुए हैं, अगर उन्होंने एक बार भी रिश्तों की हदें पार की तो कुछ पलों में ही लड़की की जिंदगी ताश के पत्तों की तरह बिखर जायेगी . अगर वह गर्भवती हो जाती है तब क्या होगा ? लड़का तो अलग पडेगा. लड़की का क्या होगा ? लड़कों का क्या है, आज इस लड़की के साथ मौज मस्ती करेंगे तो कल उस लड़की के साथ नजर आयेंगे . तुम लड़कों का क्या भरोसा है. तुम लोग तो भंवरों की तरह मंडराते रहते हैं, जब एक कली या फूल से जी भर गया तो दूसरी ढूंढ लेते हैं. तुम लोगों के लिए शिकार की कोई कमी तो होती नहीं है.
जुनैब - हमारी बातचीत यहाँ से चली थी और अब इस बात पर आकार टिकी है की हम दोनों को ही प्यार की दुनिया में डूब जाना चाहिए. प्यार के समुन्दर में डूबकर हमें इशक का रस चखना है.
सलमा- अब तो जीना भी तुम्हारे साथ है और मरना भी तुम्हारे साथ है. चाहे दुनिया इधर से उधर हो जाए मगर मैं मोहब्बत की राह पर चलती रहूंगी . मैंने जब एक बार कदम बढ़ा दिए हैं तो पीछे हटने का नाम नहीं है. अगर कुछ तकलीफ है तो बस इतनी सी की मैं ये नहीं समजह पा रही हूँ की मैंने तुम्हारे जैसे अमीर लड़के से प्यार क्यों किया ? तुम्हारे पिता राजनीति में ऊंचा मकाम हासिल किये हुए हैं और वे हरगिज नहीं चाहेंगे की उनके इकलौते बेटे की शादी किसी आम इंसान की लड़की से हो या फिर उनका बेटा किसी आम लड़की के साथ प्यार करे.

Thursday, May 26, 2011

भाग-२३
सच्चा प्रेमी तो वही होता है जो जिस्म तक नहीं रूह तक , दिल की गहराइयों तक पहुँचने का काम करता है . अगर तुम चाहते तो अब तक मेरे साथ शारीरिक सम्बन्ध बना सकते थे मगर तुमने ऐसा नहीं किया, मैं तुम्हारी साथ नग्न अवस्था में थी. तुम भी नग्न थे, मगर मेरे कहने पर तुरंत टेरेस तक चले आये. इससे साफ़ होता है कि तुम प्रेम के भूखे हो, सीढ जिस्मानी सुख तक सीमित नहीं हो. तुम जीत गए जुनैब.
जुनैब- सचमुच मेरे मन में इस तरह का कोई गलत भाव नहीं है, जिससे कि तुमको तकलीफ होती हो. जिससे कि तुम्हारे आत्मसम्मान को ठेस पहुँचती हो
सलमा- हमारा प्यार सच्चा है. हमें कोई भी जुदा नहीं कर सकता . मुझे तुम्हारा यह प्रस्ताव अच्छा लगा कि हम लोग हफ्ते में एक बार मिला करेंगे , जी भरके प्रेम करेंगे और बाकी के दिनों में अपने कैरियर पर ध्यान देंगे .इससे किसीको हमारे संबंधों के बारे में जानकारी भी नहीं होगी और हम ठीक तरह से मिल भी सकते हैं.
जुनैब- आखिरकार औकात में आ ही गयी न, मैं भी तो आपको पहले ऐसे ही समझा रहा था, उस समय तो तुम भी ना नुकर करने में लगी थीं. अब समझीं कि अच्छी तरह से कैसे जिया जा सकता है. इसमें रिस्क भी कम रहेगा और काम भी बेहतरीन तरीके से हो जाएगा. एक ही रात में मैं तुम्हें इतना सुख दे दिया करूँगा कि उसीके सहारे तुम आराम से बाकी के दिन गुजार सकती हो.. उसके बाद में छुट्टी आ ही जाएगी . तुम्हें खर्चे के लिए भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. किसी फाइव स्टार होटल मे हम दोनों मिला करेंगे. वहाँ पर आराम से रात गुजारेंगे . उस रात जमकर पार्टी करेंगे, सिगरेट -शराब पियेंगे , यहाँ तक कि ब्लू फिल्म भी देखेंगे मगर यह तय है कि सप्ताह के बाकी दिनों में शराब और सिगरेट को छुएंगे भी नहीं. बोलो मंजूर है ? यह समय हमारा इस तरह से गुजरेगा जैसे कि राजा महाराजा का होता है. तुम मेरी महारानी होंगी और मैं होउंगा महाराजा . मेरे सुरक्षा कर्मी मेरे साथ होंगे इसलिए हमें कोई कभी भी रंगे हाथों तो पकड़ ही नहीं सकता . उसकी तो गुंजाइश हेई नहीं छोड़ी है. हम दोनों के बीच में कभी कोई नहीं आएगा.
सलमा- आप ठहरे सांसद के बेटे. आपके पास करोरों -अरबों की संपत्ति है जबकि मैं एक आम खानदान से ताल्लुक रखती हूँ. ऐसे परिवार से जहां पर जैसे-तैसे गुजारा होता है. तुम्हारे परिवार के लोग क्या सोचेंगे हमारे संबंधों के बारे में ?
जुनैब- सोचना ही क्या है ? प्यार से बड़ा कुछ होता है क्या ? प्यार की खातिर लोग किसी भी हद से गुजर जाते हैं. वे जो चाहें त्याग कर देते हैं. हमने सूना है की राजा -महाराजा अपनी गद्दी तक छोड़ देते हैं. ऐसा होता है यहाँ .अगर वे मुझसे कुछ कहेंगे तो मैं साफ़ बता दूंगा की मैं सलमा से प्यार करता हूँ और जिऊँगा-मरूंगा तो सिर्फ सलमा के साथ .
सलमा- ऐसा न करना की जब बोलने की बारी आये तो चुप रह जाओ. अक्सर लोग ऐसा करते हैं. बोलने के समय पर चुप हो जाते हैं और चुप रहने के टाइम पर बड -बड करते रहते हैं.
जुनैब- जी नहीं, हम ऐसे लोगों में से बिलकुल नहीं हैं. हम तो ऐसे हैं की एक बार प्यार का हाथ बढ़ाया है तो अपनी जान भी दे देंगे लेकिन कभी भी बेवफाई नहीं करेंगे . दागा देना तो हमने सीखा ही नहीं है.
सलमा- अरे ये क्या ? संगीत तो बंद हो गया. अबी कैसे होगा डांस ? डांस के चांस तो खत्म ही हो चुके हैं. चलो एक बार फिर से अपने प्रेसीडेंट सुइट में चलते हैं. वहीं पर कुछ संगीत- वन्गीत सुनते हैं. ठीक है ?

जुनैब के चेहरे से मुस्कान उभर उठी, वह जान गया की सलमा के जिस्म में जबरदस्त आग सुलग रही है, वह काम वासना की आग को और भी ज्यादा भडकाना चाहता था इस ताकि आराम से उसकी प्यास को शांत किया जा सके. जुनैब ने एक जोरदार अंगड़ाई ली और फिर सलमा को लेकर अपने खास कमरे में आ गया . उसने पहली बार महसूस किया की सलमा पहले से ही पहल करने के मूड में थी. उसने ब्लू फिल्म देखने का भी जिक्र किया था. जुनैब तो अक्सर अपने लैपटॉप पर अश्लील फिल्म देख लिया करता था ,उसने सोचा की आज टीवी पर भी देख लिया जाए तो क्या फर्क पड़ता है. उसने होटल के एक स्टाफ को बुलाकर एक ब्लू फिल्म की सीडी का इंतजाम कराया .

Wednesday, May 25, 2011

भाग-२२
सलमा- ऐसी बात है तो चलो इस होटल के टेरेस पर चलते हैं. वेटर बता रहा था कि वहाँ पर प्यार भरे गीत सुनाये जा रहे हैं. चलो वहाँ चलते हैं. पहले गीत सुनते हैं. उसके बाद दोनों लोग छत से कूदते हैं. अगर हम दोनों एक दुसरे से प्यार करते हैं और यह प्यार सच्चा है तो इस सच्चाई के लिए हमें जान देने के लिए तैयार रहना होगा.
जुनैब- ठीक है, मुझे तुम्हारी हर बात मंजूर है, जिस तरह और जब भी चाहो मुझे आजमा सकती हो, मैं तुम्हारी खातिर सब कुछ करने के लिए तैयार हूँ.
सलमा- फिर देर क्यों करते हो, चलो टेरेस पर चढ़ते हैं.फिर देखते हैं किसमे कितना प्यार है और कौन कितना वफादार है ? मैं आज मोहब्बत का इम्तिहान लेना चाहती हूँ, आइये मेरे साथ .
नशे की हालत में इंसान आधा पागल हो जाता है, इस बात का सबूत भी वहां देखने को मिल रहा था. जल्दी-जल्दी कपडे पहनकर वे दोनों छत पर जाने के लिए तैयार हो गए. कुछ देर पहले तो वे चाहते थे कि सब कुछ छोड़कर जिस्मानी प्यास बुझा ली जाए और देखिये नशे में क्या तुनक्बाजी हो गयी कि अब वे टेरेस पर मरने की बात सोचने लगे . यही होता है जब इंसान की बुद्धि खराब हो जाती है. टेरेस का माहौल बहुत ही प्यारा था, उससे भी प्यारा वहाँ का मौसम था. ठंडी-ठंडी हवा बह रही थी और उस ठंडी हवा में मधुर संगीत बज रहा था. ऐसा कातिलाना मौसम सलमा ने पहली बार देखा था. एक बुजुर्ग व्यक्ति कोई वेदना वाला गीत गा रहा था. एक लड़की उस पर थिरक रही थी. बेहद हसीं नजारा था. सलमा ने जुनैब से कहा -
- जनेब , देखो कितना मस्त मौसम है, मेरा तो नाचने का मन हो रहा है. अगर तुम साथ दो तो यह रस्म भी पूरी कर ली जाए. मगर यही है कि मैं तुम्हारे बिना नहीं नाच सकती .
जुनैब- मुझे नाचने का अनुभव नहीं है. हाथ-पाँव मारूंगा तो बेढंगा लगूंगा . तुम नाचना चाहो तो स्वागत है, तुम्हारी हौसला अफजाई के लिए मैं दूर से ही नाच लूंगा. एकाध ठुमका लगाने की कोशिश करूँगा लेकिन यहीं से . अपनी जुल्फों को खोलकर बिखेर दो. टेरेस से कूदने का प्रोग्राम पहले स्थगित करते हैं बाद में जब समय आएगा तो देखेंगे , पहले इस संगीत का लुत्फ़ उठाते हैं. मेरी इच्छा भी यही है. मरना कैंसल. मस्ती की शुरुआत . मैं दो पैग का ऑर्डर दे देता हूँ. सिर्फ दो मिनिट तक ही नाचना, उसके बाद दोनों जाम छलकायेंगे . अब देखते हैं मौज मस्तियाँ कैसे हमसे दूर भागती हैं ?
सलमा - ओहो, मेरे दिल की बात छीन ली है.

अब ऐसा करते हैं कि इम्तिहान नहीं इशक पर ध्यान देते हैं. जब तक हम लोग प्यार की दुनिया में समाये हैं तब तक हमें मरने -गिरने की बातें नहीं करनी चाहिए . जो लोग कमजोर होते हैं वे इस तरह की बातें सोचते हैं.
जुनैब- हाँ यार आत्महत्या करना पाप है. बड़ी मुश्किल से तो यह जीवन मिलता है . अगर इसे व्यर्थ में गँवा दिया तो कोई मतलब नहीं है. होना ये चाहिए कि हमें जीवन का मकसद तलाश करना चाहिए ,.
सलमा- मैं तो जीने की वजह भी समझ गयी हूँ. मैं जानती हूँ कि प्यार से ही दुनिया है. प्यार है टॉप जीवन है, प्यार नहीं तो कुछ नहीं. जिन लोगों के मन में वासना ही वासना होती है वे कभी किसी से सच्चा प्यार कर ही नहीं सकते. सच्चा प्रेमी तो वही होता है जो जिस्म तक नहीं रूह तक , दिल की गहराइयों तक पहुँचने का काम करता है . अगर तुम चाहते तो अब तक मेरे साथ शारीरिक सम्बन्ध बना सकते थे मगर तुमने ऐसा नहीं किया, मैं तुम्हारी साथ नग्न अवस्था में थी. तुम भी नग्न थे, मगर मेरे कहने पर तुरंत टेरेस तक चले आये. इससे साफ़ होता है कि तुम प्रेम के भूखे हो, सीढ जिस्मानी सुख तक सीमित नहीं हो. तुम जीत गए जुनैब.
जुनैब- सचमुच मेरे मन में इस तरह का कोई गलत भाव नहीं है, जिससे कि तुमको तकलीफ होती हो. जिससे कि तुम्हारे आत्मसम्मान को ठेस पहुँचती हो
सलमा- हमारा प्यार सच्चा है. हमें कोई भी जुदा नहीं कर सकता ./ मुझे तुम्हारा यह प्रस्ताव अच्छा लगा कि हम लोग हफ्ते में एक बार मिला करेंगे , जी भरके प्रेम करेंगे और बाकी के दिनों में अपने कैरियर पर ध्यान देंगे .

Tuesday, May 24, 2011

भाग -२१
तुम्हें तो बता ही चुकी हूँ कि प्यार के नाम से ही मुझे डर लगने लगा था . मैंने सोच लिया था कि जीवन में कभी किसी लड़के के प्यार के चक्कर में नहीं आउंगी. मैंने भी यह सुन रखा था कि लड़के लोग पहले तो हम जैसी जवान और सुन्दर लड़कियों को अपने प्रेम के जाल में फंसाते हैं और बाद में उनका शारीरिक शोषण करते हैं.
जुनैब- तुम भी बड़ी भोली हो . हर लड़का एक जैसा नहीं होता. सब अलग-अलग तरह के होते हैं. कोई गलत होता है तो कोई बहुत अच्छा होता है. ऐसी लड़कियों की भी कमी नहीं है जो लड़कों को अपनी अदाओं में फंसाकर उनका आर्थिक शोषण करती हैं और बाद में उन्हें धोखा दे देती हैं. मैंने ऐसी कितनी ही कहानियाँ सुन रखी हैं, जहां पर ये सब होता है. अगर यकीन नहीं आये तो तुम्हें एक ऐसे लड़के से मिलवा भी दूंगा, जिसका अच्छा -खासा होटल हुआ करता था. महीने में लाकों की कमाई थी लेकिन वह फंस गया एक लड़की के चककर में और वहीं से उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गयीए, सुनते हैं कि लड़की बेंतिहां खूबसूरत थी, उसकी सुंदरता पर वह लड़का ऐसा मर मिटा कि उसे कुछ होश ही नहीं रहा था, जो कुछ फरमाइश करती वह लड़का झट से पूरी कर देता . कई बार उसे विदेश यात्रा पर भी लेकर गया. कुल मिलाकर इसी तरह उस लड़के ने अपनी सारी जायदाद उस प[आर लुटादी और नौबत यहाँ तक आ गयी कि उसे अपना होटल भी बेचना पड़ा और घर भी. अब बेचारा किराए पर रहता है और छोटे से होटल में मैनेजर का काम करता है.
सलमा- तो उस लड़की का क्या हुआ ? क्या वह अपने प्रेमी के साथ नहीं रहती ?
जुनैब- अब उसके प्रेमी के पास क्या रखा है जो वह रहेगी, वो तो आस्ट्रेलिया में अपने खसम के साथ रहती है. एन आर आई पति मिल गे, जो कि दौलत वाला है, उसीके चक्कर में वह सब कुछ भूल गयी. ठुकरा दिया अपने सच्चे प्रेमी को. जिस प्रेमी के करोड़ों लूटकर उसे भिखारी बना दिया उसे साथ में ठोकर भी मार दी.
सलमा- मेरी तरफ से बेफिक्र रहना, इस तरह की कोई बात मैं करने वाली नहीं हूँ. मैंने तुमसे प्यार किया है, दिल भी तुम्हींको दूंगी और जरूरत पडी तो जान भी दे दूंगी . ये पकडिये सिगरेट और मुझे एक पैग पीने दीजिए ,बेताबी बढ़ती ही जा रही है, बेचैनियों का आलम ये है कि नस -नस में दर्द हो रहा है. समझ में नहीं आता कि क्या किया जाए ?
जुनैब- अब इन बेचैनियों का एकमात्र इलाज है - सेक्स. अगर ये कर लेती हो तो तन और मन दोनों का दर्द दूर हो जाएगा , मगर एक बात और याद रखना, अगर इसकी आदत पड़ गयी तो एक बार खाना खाने से रह सकती हो मगर सम्बन्ध बनाए बिना नहीं रह सकती . भाजी वाली पड़ौसन ने मुझे ये बात बताई थी. हमारे शहर में वह अकेली ऐसी थी जो भाजी का काम करके भी आलीशान बंगले में रहती थी. वह बँगला उसे उसके एक आशिक ने गिफ्ट में दिया था.
सलमा- कोई इतना बड़ा गिफट कैसे दे सकता है ? ये सब बातें मेरे लिए हैरत वाली हैं.
जुनैब- जब दिल लगा गधी से तो परी क्या चीज है ? यहाँ पर ऐसे -ऐसे लोग पड़े हैं जो अपनी चाहने वाली के लिए ताजमहल तक बना डालते हैं. ऐसा ताजमहल , जिसकी कोई कीमत नहीं होती जो अनमोल होता है. दुनिया में सबसे अलग होता है. सबसे खास और बेशकीमती होता है.
सलमा- हाँ , ये बात तो है. आप भी तो मेरे चाहने वाले हैं, ये तो बताओ मेरे लिए तुम क्या बानाने वाले हो ?
जुनैब- जो तुम कहो मैं वही करने के लिए तैयार हूँ. यहाँ तक कि तुम्हारते एक इशारे पर अपनी जान भी दे सकता हूँ. अगर यकीन नहीं आये तो कभी आजमाकर देख लेना .
सलमा- तुमने बहुत पी ली है, इसके लिए ऐसी बात कर रहे हो . जब वक्त आएगा तो सब कुछ भूल जाओगे.
जुनैब- जी नहीं. अपनी कहो. तुम्नको ही चढ गयी है, तभी तो मेरी बात का भरोसा नहीं कर रही हो.
सलमा- ऐसी बात है तो चलो इस होटल के टेरेस पर चलते हैं. वेटर बता रहा था कि वहाँ पर प्यार भरे गीत सुनाये जा रहे हैं. चलो वहाँ चलते हैं. पहले गीत सुनते हैं. उसके बाद दोनों लोग छत से कूदते हैं. अगर हम दोनों एक दुसरे से प्यार करते हैं और यह प्यार सच्चा है तो इस सच्चाई के लिए हमें जान देने के लिए तैयार रहना होगा.
जुनैब- ठीक है, मुझे तुम्हारी हर बात मंजूर है, जिस तरह और जब भी चाहो मुझे आजमा सकती हो, मैं तुम्हारी खातिर सब कुछ करने के लिए तैयार हूँ.
सलमा- फिर देर क्यों करते हो, चलो टेरेस पर चढ़ते हैं.

Monday, May 23, 2011

भाग-२०
जुनैब - तो क्या आप इसके साथ रोजाना सम्बन्ध बानाती हैं.
- नहीं रे पागल है क्या ? ऐसी कोई बात नहीं है. जब मूड हो तभी कर लेती हूँ. अगर मैं रोजाना करती तो तुमको पता नहीं चलता क्या ?
जुनैब - नहीं , बिलकुल नहीं. मुझे क्या पाटा चलेगा ? मैं यहाँ पर हमेशा थोड़े ही रहता हूँ.
- हफ्ते में एक या दो बार, बस. इससे ज्यादा कभी नहीं किया . बीच -बीच में तो मर्द ही मिलते रहते हैं. कुछ चुनिन्दा लोगों के साथ ही समबन्ध बनाती हूँ, एड्स का डर लगा रहता है . अगर एड्स का रोग हो गया तो जानते हो जिंदगी को क्या लग जायेंगे . समझ गए न, इसलिए अभी तुम भी इशक के रोग से दूर ही रहना . लड़कियों से भी दूर रहना और लड़कों से भी. जब कभी ज्यादा मन करे और शरीर की आग को शांत करने का कोई तरीका ही नजर न आये तो बाथरूम में जाकर हाथ की सफाई दिखा सकते हो. यह भी लिमिटेड करना ही ठीक रहेगा . ज्यादा हस्तमैथुन से भी बहुत नुक्सान होता है.समझ रहे हो न, मैं क्या कह रही हूँ. तुम्हें मुझे देखने की आदत पड़ गयी है, तो कोई बात नहीं . मैंने भी माफ कर दिया है. देख -देखकर खूब मजे लो. जो चाहे सीख भी लो, सुहागरात मनाने के काम आएगा. तुम्हारा ये अनुभव भी बेकार नहीं जाएगा. और जानते हो तुम्हारी जब शादी होगी तो तुम्हारी पत्नी तुमसे खुश हो जायेगी . कहेगी कि मजे का शौहर मिला है, जिसे पहले से ही सब कुछ पता है. काम क्रीडा करने के तौर तरीके भी आसान नहीं हैं. जो कोई इस काम को सीख जाता है उसकी भी बल्ले -बल्ले हो जाती है. मगर इससे एक नुक्सान भी है. जानते हो क्या ?
जुनैब - जब इतना कुछ बता दिया है तो ये भी बता ही डालो.
- तुम्हारी पत्नी को तुम पर संदेह भी हो सकता है. वह सोचेगी कि जब तुम इतना सेक्स ज्ञान रखते हो तो जरूर तुम्हें इसके बारे में सब कुछ जानकारी होगी.
सलमा- अच्छा जी, तुम मर्द लोग भी बड़े गज़ब के होते हो. कहते कुछ हो और करते कुछ हो. मैं नहीं मानती कि तुमने उस भाजी वाली को ऐसे ही छोड़ा होगा. माना कि एक बार के लिए तुम उसको छोड़ भी दोगे मगर इतनी कामुक महिला जो अपने जिस्म की प्यास बुझाने के लिए कुत्ते का सहारा लेती हो , वो एक कोरे लड़के को अकेले में कैसे छोड़ सकती है. उस स्थिति में जबकि वह किसी और के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाती थी तो तुम भी उसके घर में मौजूद रहते थे.
जुनैब- मेरी जान मत खाओ , चाहो तो मेरे कुंवारेपन का टेस्ट करवालो, मैं बिलकुल कोरा हूँ. अभी तक मैंने कभी किसी लड़की का साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाए हैं. ,मैं ये भी बता चुका हूँ कि मैंने कई बार उस भाजी वाली के पास प्रस्ताव रखा था ,मैंने अपना तना हुआ अंग भी कई बार दिखाया , लेकिन उसने साफ़ इनकार कर दिया था. उसका मानना था कि मेरी उम्र कम है , अगर मुझे काम क्रीडा की आदत लग गयी तो मैं कैरियर पर ध्यान नहीं दे पाऊंगा. दूसरी बीवजह जो उसने बताई वो ये थी कि मेरे पिता के सांसद होने के कारण उसे इस बात का भय था कि इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते. एक न एक दिन इसकी जानकारी लोगों को हो जायेगी . अगर सांसद को यह मालूम हो जाता कि उनके बेटे के साथ किसी औरत ने यौन व्यवहार किया है तो उसकी जान ही ले लेते .
सलमा- अब चाहे जो कहो , यह दलील किसीके गले नहीं उतरेगी .
जुनैब- बात सही है. उसने भी यही कहा था कि तुम्हारी बात कोई मानेगा नहीं. चाहे जो कहना. आज वही हो रहा है.
सलमा- मुझे भरोसा है तुम्हारी बात पर. अब मुझे सिगरेट की तलब हो रही है. तुम भरोसा नहीं करोगे , आज तक मैंने कभी इसे हाथ भी नहीं लगाया था. सिगरेट और शराब के नाम से बचपन से ही चिढ थी,मगर जबसे तुम मिले हो. तुमने मेरा खाने -पीने का मेनू ही बदल दिया है. अब मुझे पजाम अच्छा लगता है. धुंए उडाना अच्छा लगता है और सबसे मुख्य बात ये कि तुम्हारे शरीर से लिपटकर प्यार करना भी अच्छा लगता है.
तुम्हें तो बता ही चुकी हूँ कि प्यार के नाम से ही मुझे डर लगने लगा था . मैंने सोच लिया था कि जीवन में कभी किसी लड़के के प्यार के चक्कर में नहीं आउंगी. मैंने भी यह सुन रखा था कि लड़के लोग पहले तो हम जैसी जवान और सुन्दर लड़कियों को अपने प्रेम के जाल में फंसाते हैं और बाद में उनका शारीरिक शोषण करते हैं.
जुनैब- तुम भी बड़ी भोली हो . हर लड़का एक जैसा नहीं होता. सब अलग-अलग तरह के होते हैं. कोई गलत होता है तो कोई बहुत अच्छा होता है. ऐसी लड़कियों की भी कमी नहीं है जो लड़कों को अपनी अदाओं में फंसाकर उनका आर्थिक शोषण करती हैं और बाद में उन्हें धोखा दे देती हैं.



Sunday, May 22, 2011

भाग-१९

इसका कारण ये है की वह मानती है की उसने मुझे बचपन से गोद में खिलाया है इसलिए वह मेरे साथ हमबिस्तर नहीं हो सकती . मैंने एक बार उससे कहा था-

- आप इस कुत्ते के साथ क्या सुख ले पाओगी , मैं हूँ , मेरे साथ भी मजे ले सकती हो .मेरा भी बहुत मन करता है. तुम्हें देखकर मेरा काला नाग सख्त हो जाता है. देखो कैसा फडफडा रहा है. पेंट फाडकर बाहर निकलने के लिए बेताब है.

सलमा- ओह, तब वह क्या बोली ? जैसा की तुमने उसके बारे में बताया है, वह तो तुरंत तैयार हो गयी होगी ?

जुनैब- नहीं यार . उसने साफ़ मना कर दिया. वह बोली -

- नहीं रे जुनैबं . तू अच्छा लड़का है. तेरे साथ मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी जिससे तेरी आदत खराब हो जाए . ये काम अच्छे नहीं हैं, इनसे लोगों का जीना हराम हो जाता है. एक बार अगर कम उम्र में किसीको इश्क का चस्का लग गया तो फिर इसे छुडाना मुश्किल हो जाता है.

सलमा- अच्छा,उसने ऐसा बोला क्या ? अगर ऐसा है तो वह तुम्हारे सामने ऐसा कार्य क्यों कर रही थी ? वह भी कुत्ते के साथ . क्या उसे ये सब करने के लिए कोई इंसान नहीं मिला था ?

जुनैब- मैंने भी उससे यही सवाल किया था. तब वह बोली -

- नहीं रे जुनैब . अभी तू सिर्फ देख रहा है, और देख रहा है तो यह मेरी कमी नहीं है. मैंने तो तुम्हें आमंत्रित नहीं किया था कि तुम आओ और मेरा ये खेल देखो. तुम पहले चोरी छिपके देखा करते थे लेकिन एक दिन जब मैंने तुम्हें रंगे हाथों पकड़ लिया तो तुमने वादा किया कि कभी यह बात किसीको नहीं बताओगे, और इसी शर्त पर मैंने तुमको इजाजत भी दे दी कि चलो अगर देखने भर से ही तुम्हारी इच्छा पूरी होती है तो यह काम भी कर लिया जाए . तब से तुम यह सब देखने आते रहे हो.

सलीम- लेकिन यह सब देखकर मेरी भी इच्छा जाग्रत होती है, उसका मैं क्या करू?

- तुम्हें सब्र करना होगा . बड़ा होकर किसी अच्छी लड़की से शादी कर लेना , सब कुछ ठीक हो जाएगा. उसके बाद पूरी ताकत के साथ सेक्स करना, रात -रात भर सुहागरात मनाना , कौन मना करता है ?

सलीम- क्या भरोसा कि मेरी होने वाली मेरे प्रति वफादार होगी, कहीं ऐसा न हो कि वह भी तुम्हारी तरह अपनी जवानी किसी कुत्ते पर लुटाती रहे ?

- तुम मुझ पर इल्जाम लगा रहे हो, मैंने कभी भी मर्दों को इग्नोर नहीं किया और ये भी सुनलो कि तुम मर्दों की नहीं, बच्चों की गिनती में आते हो. समझे ? जो भी अच्छा मर्द मिला तो मैंने उसे कभी निराश नहीं किया. हमेशा यही चाहा है कि सब कुछ ठीक तरह से हो जाए . मैंने पहले अपने पति से सम्पूर्ण संतुष्टि चाही, लेकिन जब वहाँ भी संतुष्टि नहीं मिल पाई तो आखिरकार मैंने बाहर सुख तलाशना शुरू कर दिया. तुमने तो छिप-छिपकर अच्छी तरह से देखा भी है कि एक ही बार में मैंने तीन -तीन हट्टे कट्टे मर्दों को धुल चटाई है. जब मर्द भी मेरी जिस्मानी भूख को शांत नहीं कर आप्टे तो इस कुत्ते के साथ मन बहला लेती हूँ. मेरा एक एनआरआई दोस्त है, उसने यह खास नस्ल का कुत्ता लाकर दिया है. विदेशों में जो तनहा महिलायें होती हैं वे ऐसे ही खास नस्ल के कुत्तों से काम चलाती हैं.

सलीम- क्या बात कर रही हैं, इसका मतलब ये हुआ कि यह शौक सिर्फ आपको ही नहीं है बल्कि और भी ऐसे बहुत से महान लोग हैं जो इस तरह के कुत्तों का सहारा लेते हैं. इसकी कीमत तो बहुत होती होगी .

- हाँ, मंहगे तो होंगे ही. उसका कारण ये है कि इन कुत्तों को विशेष तरह से ट्रेंड किया जाता है. तब जाकर ये सेक्स करने के काबिल बनते हैं. तुम देख रहे हो ,इसका स्वभाव बिलकुल इंसानों जैसा हो गया है. अब इसको आदत भी पड़ गयी है. लेकिन तकलीफ ये है कि इसके साथ सम्बन्ध बनाने के बाद कम से कम एक घंटा तक इन्तजार करना पड़ता है. उतनी देर में अगर कोई आ गाया तो बड़ी तकलीफ हो जाती है. तेरी वजह से मुझे बहुत अफय्दा होता है. अगर कोई आये तो तू उसे पहले से ही वापस कर देता है. कोई न कोई बहाना कर देता है. मेरा हसबेंड तो ऐसे समय आ ही नहीं सकता. वह भाजी की दूकान पर ही बैठा रहता है. उसे मालूम है कि मेरे मौज मस्ती का टाइम हो गया है.

सलीम- तो क्या आप इसके साथ रोजाना सम्बन्ध बानाती हैं.

- नहीं रे पागल है क्या ? ऐसी कोई बात नहीं है. जब मूड हो तभी कर लेती हूँ. अगर मैं रोजाना करती तो तुमको पता नहीं चलता क्या ?

सलीम- नहीं , बिलकुल नहीं. मुझे क्या पाटा चलेगा ? मैं यहाँ पर हमेशा थोड़े ही रहता हूँ.

- हफ्ते में एक या दो बार, बस. इससे ज्यादा कभी नहीं किया . बीच -बीच में तो मर्द ही मिलते रहते हैं. कुछ चुनिन्दा लोगों के साथ ही समबन्ध बनाती हूँ, एड्स का डर लगा रहता है.