
कोयंबटूर, जाको राखे साइयां मार सके न कोय. यह कहावत उस समय चरितार्थ हुई जब ट्रेन की चपेट में आने के बाद भी एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। हालांकि टक्कर के बाद महिला की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार संगनूर रोड पर रहने वाली 36 वर्षीय कुप्पामल शुक्रवार सुबह शौच करने गई जब नीलगिरी एक्सप्रेस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई लेकिन उसी दौरान उसने बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को केवल मामूली चोटे ही आई हैं।
वहां मौजूद लोगों ने देखा कि नवजात रेलवे ट्रैक के बीच में पड़ा हुआ था। लोगों ने पुलिस को इस बारे में जानकारी दी जिसके बाद नवजात को कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। कुप्पामल और उसका पति गोपाल दोनों ही श्रमिक हैं और उनके पहले ही पांच बच्चे हैं. यह पहला मौक़ा नहीं है जब कुदरत ने लोगों को चमत्कृत करने वाला कार्य किया है. इससे पहले भी चमत्कार होते रहते हैं मगर संसार में यह पहली घटना है जब किसी गर्भवती महिला ने मरते -मरते भी बच्चे को जन्म दिया , वो भी ट्रेक के नीचे . बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ है.
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