Monday, February 28, 2011
किरण- मुझे बोलने दो सूरज. तुम अदभुत हो . तुम्हारी शक्ति अदभुत है. जी चाहता है की सदा तुम्हारे क़दमों में पडी रहूँ.
सूरज- तुम्हारी जगह मेरे दिल में है. कहो, मजा आ रहा है की नहीं ?
किरण- हाँ, बहुत आनंद आ रहा है. ऐसा लगता है जैसे खिचड़ी में घी डाल दिया हो.
सूरज- अच्छा ... तुमने तो इस सुख को मापने का हथियार भी ढूंढ लिया.
किरण- तुम्हारे इस हथियार के सामने हर हथियार फेल है. यह गज़ब का है. इसे मै खूब प्यार दूंगी. इन पलों को सुहागरात की तरह से मनाने का इरादा है.
सूरज- माना कि सुहागरात मिलन की रात और ज़िंदगी में एक बार आती है। लेकिन अपने पार्टनर के साथ सेक्स करने का सुहागरात एक मात्र मौका नहीं है .सुहागरात तो सेक्सुअल संबंधों की शुरुआत की रात है.
जैसे-जैसे वक्त बितेगा आप अपने पार्टनर को बेहतर तरीके से जान सकेंगे और उसकी सेक्सुअल नीड को समझ सकेंगे। इसलिए हर रात सुहागरात की तरह खास है. आपके मन में सेक्स के बारे में जो टेंशन है,
उसे निकाल दीजिए और तनावमुक्त होकर अपने पार्टनर के साथ सेक्स कीजिए. मै तो बेफिक्र होकर इसका आनंद उठा रहा हूँ. मुझे किसी तरह की कोई प्रोब्लम नहीं है.
किरण- पुराने जमाने में सुहागरात के मौके पर दुल्हन ट्रडिशनल ड्रेस पहनती थी और पति घूघंट उठाकर संबंधों की शुरुआत करता था. लेकिन आज के दौर में दुल्हन सुहागरात में सेक्सी परिधान पहनना पसंद करती हैं.
पर पारंपरिक परिधान में जो चार्म है, वह सेक्सी गाउन या लॉन्जरी में नहीं है .इसलिए इस मौके पर ट्रडिशनल परिधान ही सही रहेगा, इसलिए मैंने पहले इस तरह के कपडे पहने थे. और अब तो वो भी नहीं हैं.
अब तो इस गर्म बदन को तुम्हारे लिए पेश कर दिया है.
सूरज- आपने जों प्यार दिया है, मेरे लिए यही महत्वपूर्ण है. मैंने आज तक इतना प्यार नहीं पाया. सेक्स से ज्यादा मुझे तुम्हारा प्यार लुभाता है.
किरण- अगर ऐसी बात है तो आज से मैं तुम पर प्यार लुटना शुरू कर दूंगी और इतनी मोहब्बत करूंगी की अपने दामन में संभाल भी नहीं पाओगे .
सूरज- मोहब्बत में धोखे भी तो मिल जाते हैं.
किरण- वो लोग और होंगे , हम तो इश्क में जान देने वालों में से हैं . जब कहोगे तब हम जान न्यौछावर कर देंगे .
समझिए की आपके कदमों में जान है, ईमान है. कभी आजमाकर देख लेना , अगर अपनी बात पर खरे न उतरें तब कहना . हमने आज तक किसी भी लड़की से ऐसा वादा नहीं किया. हम ये भी नहीं कहते
की तुम इतना प्यार दोगी , तभी हम बदले में प्यार देंगे. हम तो ये कहते हैं की जब भी कहोगी , हमें अपने करीब पाओगी , जों लोग महिलाओं को प्यार के जाल में फंसाकर उसके जिस्म का शोषण करते हैं
या फिर उन्हें अपने दिल में बसाने के बजाय कोठे पर पहुंचा देते हैं, हम उनसे बिलकुल अलग हैं. हर इंसान अभिप्रिय जैसा नहीं होता , जों आशिक बनकर आपका पीछा करता है, आपसे प्यार का इजहार करता
है, आपको भावनात्मक रूप से ब्लेकमेल करता है और जब आप उसे अपना दिल दे बैठती हैं तो आशिक सेदलाल बनकर आपके जिस्म का सौदा करता है. हम लोग औरत की इज्जत के लुटेरे नहीं हैं, बल्कि
उसकी लाज बचाने वाले हैं .
किरण- वो तो दिख ही रहे हो, किस तरह से लाज बचा रहे हो.
सूरज- अच्छा , इसका मतलब आप मेरा मजाक उड़ा रही हैं. ?
किरण- मजाक तो मेरा किस्मत ने उडाया है सूरज . मैं तुम्हारा मजाक कैसे बना सकती हूँ ? जबकि मेरा तो अस्तित्व ही नहीं है. मै तो अस्तित्वहीन हूँ.
सूरज- मतलब ? क्या अब आपने ज्यादा पी ली है ?
किरण- नहीं सूरज- यह सच्चाई है ?जानते हो न सच्चाई कड़वी होती है और यह कड़वा सच है की.... खैर जाने दो....
सूरज- कहते-कहते रुक क्यों रहे हो ? बताओ न ... क्या कोई दिक्कत है ?
किरण- बताने में भी मुश्किल है और छिपाने में भी...
सूरज- प्यार में न कुछ बताने के लिए होता है , और न कुछ छिपाने के लिए ... ऐसी क्या बात है जिसे अपने महबूब से छिपाना चाहती हो ?
किरण- मैं ज़िंदा नहीं हूँ सूरज , मैं मर चुकी हूँ. मुझे मरे हुए भी काफी समय हो चुका है, कहिये की एक जमाना बीत चुका है. यह सुनकर आप चौंक सकते हैं. मगर............
कोझीकोड. केरल के नंदपुरम में कोझीकोड में एक खाली प्लॉट में गैरकानूनी बम बनाए जाने के दौरान धमाका हो गया। धमाके में पांच लागों के मरने और तीन के घायल होने की खबर है। सूत्रों के अनुसार शनिवार को राजनीतिक रूप से संवेदनशील नंदपुरम के नारीकेट्टीरी मेंयह धमाका हुआ।
पुलिस ने बताया कि मरने वालों में रियाल, शमीर, शबीर, शाबिल और रफीक के नाम शामिल है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों ने आसपास के इलाकों की जांच शुरू कर है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से नंदपुरम और आसपास के इलाके में आईयूएमएल और सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं में तनाव के कारण क्षेत्र में अशांति व्याप्त है। इनमें से 15 मामले नंदपुरम पुलिस स्टेशन में जबकि आठ बम हमलों से संबंधित है केरल के कोझीकोड जिले के नरिक्कट्टेरी में बम बनाते समय विस्फोट होने से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के पांच कार्यकर्ताओं की मौत हो गई और तीन गंभीर घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि बम बनाते समय विस्फोट हुआ। हादसे में घायल तीन अन्य लोगों को कोझीकोड मेडीकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
यूडीएफ रच रहा साजिश :
केरल के मुख्यमंत्री अच्युतानंदन ने इस घटना के बाद आरोप लगाया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्ष का कांग्रेस नीत गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट हिंसा की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि आईयूएमएल यूडीएफ का सहयोगी है। उन्हें बम बनाने के काम में लगाए जाने से यह साफ हो गया है
पति-पत्नी को पंचों ने बनाया भाई-बहन!
मुजफ्फरनगर। सगोत्रीय विवाह के विवाद में रिश्तों की डोर उलझ गई। तीन दिन पहले साथ जीने-मरने की कसम खाने वाले दूल्हा-दुल्हन को समाज ने जुदा कर दिया। जो राजेश व पायल कल तक पति-पत्नी थे, वो पंचायत की व्यवस्था के बाद आज भाई-बहन बन गए। हालांकि दोनों अभी भी साथ रहने की जिद पर अड़े हैं, जबकि पुलिस की मौजूदगी में हुए समझौते में दोनों पक्षों में एक-दूसरे का सामान लौटाने पर सहमति बन गई।
शामली क्षेत्र के गांव नंगली जलालपुर निवासी राजेश की शादी तीन दिन पहले शाहपुर क्षेत्र के गांव दुल्हैरा की रहने वाली पायल के साथ हुई थी। पायल का गोत्र बालियान है, जबकि राजेश मलिक गोत्र से ताल्लुक रखते हैं। शादी के बाद राजेश अपनी दो बहनों के साथ पगफेरा के लिए ससुराल दुल्हैरा आया तो वहां बातों ही बातों में खुलासा हुआ कि राजेश और पायल के मामा का गोत्र एक है। दोनों की मां तोमर गोत्र से हैं। मामला सह गोत्रीय होते ही गांव में चर्चा फैल गई। बंधक बनाए जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस दूल्हे और उसकी दोनों बहनों को थाने ले आई। पुलिस ने बहनों को तो रिश्तेदारों के साथ भेज दिया, जबकि राजेश को थाने में ही बैठा लिया।
रविवार को थाने पहुंचे राजेश और पायल के परिजनों में समझौते को बातचीत शुरू हुई। घंटों की वार्ता के बाद दोनों पक्षों में एक-दूसरे का सामान वापस करने पर सहमति बन गई। दोनों पक्षों ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। उधर, राजेश और पायल साथ रहने की जिद पर अड़े हैं।
समाज के जानकारों के मुताबिक समान गोत्र के व्यक्तियों में कहीं न कहीं खून का ताल्लुक रहता है। मां का गोत्र समान होने पर भी विवाह वर्जित है। समान गोत्र में लड़का-लड़की के संबंध भाई-बहन के होते हैं।
सोरम की महापंचायत में भी गूंजा था मुद्दा
नवंबर माह में शाहपुर क्षेत्र के गांव सोरम में हुई दो दिवसीय सर्वखाप-सर्वजातीय महापंचायत में सहगोत्रीय विवाह का ही मुद्दा गूंजा था। महापंचायत के फैसले में सगोत्र में विवाह करने पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया गया थSunday, February 27, 2011
उसे शराब पीने और सिगरेट पीने का शौक था. मर्द्खोरी करने की भी आदत थी. जब उन दोनों को कोई लड़का नहीं मिलता था तो वे आपस में ही अपने जिस्म की प्यास बुझाने की कोशिश
करती थी. मुझे प्रोफ़ेसर ने यह सब बातें इतने विस्तृत में बतलाईं की मैं सब कुछ जान गयी. उसीने यह जिक्र किया था की शरीर के किस अंग को किस तरह से चूमा जाए.
सूरज- मुझे भी सिख्लाइये न ऐसे गुर. मै भी जानना चाहता हूँ की काम क्रीडा कैसे की जाती है ?
किरण- सफल कामक्रीड़ा करने का तरीके तुम्हें बताने की जरूरत ही नहीं है. तुम खुद अपने आप में श्रेष्ठ हो .
सूरज- लों, इस हथियार को एडजस्ट करो. अब ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. मै जान ही गया हूँ की तुम बेवजह मेरी तारीफ करने लगे हो. आह , अब फिट बैठ गया न . कहो तो धक्के
लगाने शुरू करूं ?
किरण- हाँ, मेरे राजा. धक्के लगाओ मगर पहले धीरे-धीरे, इसके बाद में रफ़्तार तेज कर देना. पहले ठीक तरह से एडजस्ट हो जाने दो. तुम्हें भी तो तभी मजा आएगा न .
सूरज- मै तो इसलिए कह रहा था, क्योंकि कामक्रीड़ा के दौरान तुम्हें तेजी के साथ प्रहार करना पसंद है. यह बात भी तो तुम्हीं ने बतलाई थी, जों तुम कहती हो मै उसे गाँठ बाँध लेता हूँ. और
हाँ, तुम मेरे मजे की बात मत करो, जब तुम्हारा नग्न बदन मेरे नग्न बदन से टकराता है, मुझे तो तभी से सुख की अनुभूति होने लगती है. तुमसे स्पर्श का , तुम्हें चूमने का और तुम्हारे संवेदनशील
अंग को चूसने का आनंद ही कुछ और है. उसे तो वही महसूस कर सकता है जों इसे प्राप्त करता है.
किरण- हाँ, यह कामसुख ऐसा ही होता है . पहले-पहले तो मैं भी यकीन नहीं कर पाती थी. चूंकि मै एयर होस्टेस थी , इसलिए मेरे साथ में काम करने वाली लड़कियां बड़ी उस्ताद थीं, जब वे अपने बोयफ़्रेंड
के साथ बिताए हसीन और रंगीन पलों के बारे ,में चर्चा करती तो मुझे भरोसा ही नहीं होता था. मै सोचती थी की यह दुनिया के सबसे घृणित कार्यों में से है.
सूरज- जब तुम्हें धोखे से जिस्म बेचने के व्यापार में डाला गया तो क्या उस समय दिल के किसी कोने में मजा लेने की उत्सुकता नहीं थी ?
किरण- नहीं सूरज, उस समय ऐसा नहीं था. मैंने बताया न की अभिप्रिय और ब्रिज ने मुझे धोखे से अपने कब्जे में लिया था. उन्होंने मुझे कामोत्तेजना बढाने वाली दवा पिलाई,, अश्लील फिल्म दिखाई और
साथ एहे ऐसा माहौल बनाया की मुझे अपना जिस्म सौपना पड़ा. इसके बाद जब मै बेहोश हो गयी तो उन लोगों ने मेरे साथ सम्बन्ध बना लिए. वैसे मैंने उनसे अपना इंतकाम ले भी लिया ?
सूरज- इंतकाल ले लिया ? वो कैसे ? इस बात का जिक्र तो आपने पहले कभी भी नही किया ?
किरण- वो सब फिर कभी बतलाऊंगी . अभी तो बड़ा सोने जैसा समय है. इस वक्त को किसी हालत में बर्बाद नहीं किया जा सकता.
सूरज- समझता हूँ, तुम्हारी मजबूरी को भी और अपनी बेकरारी को. मै भी तुमसे अलग नहीं हूँ. मेरी भी हार्दिक इच्छा है की एक -एक पल को ठीक तरह से वसूल किया जाए. लेकिन मै कोताही भी तो
नहीं बरत रहा हूँ. अपना काम बदस्तूर जारी है.
किरण- अब मै प्रकृति के महत्त्व को समजह पाई हूँ. इसीलिए कहा जाता है की जों पेट देता है वह चुगा भी देता है. मेरा ख़याल था की इस देश में ऐसा कोई इंसान नहीं मिलेगा जों मुझे संतुष्ट कर सके.
मेरा मतलब सम्पूर्ण संतुष्टि से है. मै चाहती हूँ की आज की रात में कुलसात बार मेरी कामाग्नि को शांत करो , और जब मै पूरी तरह सुख भोग सकूं , उसके बाद तुमेहन संतुष्टि मिले.
सूरज- इस अकाम में मुझे कोई खास दिक्कत नजर नहीं आ रही .
किरण- तुम सच्चे मर्द हो, बहादुर हो. कामदेव हो, इसलिए ऐसा बोल रहे हो. तुम्हें हक है बोलने का. तुम मेरे जैसी लाखो हसीनों को अपना गुलाम बनाने की क्षमता रखते हो .
सूरज- अब बस भी कीजिये. मजा लीजिए ...
किरण- मुझे बोलने दो सूरज. तुम अदभुत हो . तुम्हारी शक्ति अदभुत है. जी चाहता है की सदा तुम्हारे क़दमों में पडी रहूँ.
सूरज- तुम्हारी जगह मेरे दिल में है. कहो, मजा आ रहा है की नहीं ?
किरण- हाँ, बहुत आनंद आ रहा है. ऐसा लगता है जैसे खिचड़ी में घी डाल दिया हो.
सूरज- अच्छा ... तुमने तो इस सुख को मापने का हथियार भी ढूंढ लिया.
किरण- तुम्हारे इस हथियार के सामने हर हथियार फेल है. यह गज़ब का है. इसे मै खूब प्यार दूंगी.
नई दिल्ली. स्वामी रामदेव ने रविवार को कहा कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ छेड़ा गया उनका अभियान किसी व्यक्ति या पार्टी विशेष के खिलाफ नहीं है बल्कि यह देश के गद्दारों के खिलाफ है। दिल्ली में रामलीला मैदान पर एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह पर भी, बिना नाम लिए, निशाना साधा। रैली में स्वामी अग्निवेश, सुब्रमण्यम स्वामी, अरविंद केजरीवाल सहित कई व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। रैली में अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरु भी शामिल थे।
बाबा रामदेव ने कहा कि यह आंदोलन उनके खिलाफ है, जिन्होंने देश को लूटा और विदेशी बैंकों में धन जमा किया। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के लिए केंद्र सरकार निश्चित ही जिम्मेदार है क्योंकि उन्होंने कोई सख्त कानून नहीं बनाया। उन्होंने बिना दिग्विजय सिंह का नाम लिए कहा कि एक राजा ने उनके खिलाफ बोला, लेकिन प्रजातंत्र में न कोई राजा बड़ा है और न रानी, सबसे बड़ी जनता की ताकत है, जो इस समय भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार नहीं सुधरी तो जल्दी ही दिल्ली में एक करोड़ लोग हल्ला बोलेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि आज महर्षि दयानंद का जन्मदिवस और क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया था।
रैली भारत स्वाभिमान आंदोलन के बैनर तले आयोजित हुई। रैली में बोलते हुए स्वामी अग्निवेश ने कहा कि 5 अप्रैल को जब समाज सेवी अन्ना हजारे काले धन के खिलाफ आंदोलन करेंगे तो करीब 1 करोड़ लोग उनके समर्थन में जुटेंगे। अग्निवेश ने कहा कि यदि भारत में भ्रष्टाचार इसी तरह बढ़ता रहा तो ट्यूनिशिया, मिस्र और दूसरे अरब देशों की तरह भारत में भी विद्रोह हो सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता एकजुट हो रही है और अब समय आ गया है कि इसे रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की जरुरत है।
जनता पार्टी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि आज देश को बाबा रामदेव का नेतृत्व मिल गया है और देश फिर एक बार सोने की चिड़िया के रूप में स्थापित होगा।
बाबा के अनुरोध पर राष्ट्रपति ने बदला मिलने का समय
बाबा रामदेव को पहले राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से साढ़े तीन बजे मिलना था। लेकिन वे रैली से निकल नहीं सके और उन्होंने फिर राष्ट्रपति से बात की। उन्होंने उन्हें बाद में मिलने का समय दिया। वे राष्ट्रपति से मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्ञापन सौंपेंगे।
कांग्रेसी नेताओं के निशाने पर बाबा रामदेव
कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने हाल ही में बाबा को निशाने पर लिया था, जिसके बाद कई कांग्रेसी नेताओं ने भी बाबा की संपत्ति की जांच की मांग की है। उत्तराखंड के कुछ विधायकों ने मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर योग गुरू की संपत्ति की जांच कराने का अनुरोध किया है। इन नेताओं ने बाबा रामदेव से भी कहा है कि वो अपनी संपत्ति की सीबीआई से जांच कराने के लिए आगे आएं।
इस बीच, बाबा रामदेव ने साफ किया है कि वह काला धन के मामले में सोनिया गांधी या उनके परिवार को दोषी नहीं ठहरा रहे हैं। हालांकि उन्होंने आरोप जरूर लगाया कि सरकार विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने वालों को बचाने की कोशिश कर रही है। बाबा जून में राजनीतिक पार्टी का ऐलान करने पर अडिग हैं।
टिहरी से कांग्रेस के विधायक किशोर उपाध्याय सहित उनकी पार्टी के अन्य नेताओं दिनेश अग्रवाल, केदार सिंह रावत और जोत सिंह गुनसोला ने कहा है कि बाबा रामदेव की संपत्ति में तेजी से इजाफा हो रहा है जिससे लोगों और साधु समाज के मन में भी संदेह पैदा हो रहे हैं। इन नेताओं ने कहा कि करीब दस साल पहले बाबा रामदेव साइकिल से चलते थे और अब उनके पास करोड़ों की संपत्ति है। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विशाल पी नाबम ने काला धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को कोसने से पहले बाबा को अपनी आमदनी का जरिया सार्वजनिक करने की मांग की है।
बाबा की बढ़ी संपत्ति
बाबा रामदेव के आश्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हरिद्वार से दस किलोमीटर की दूरी पर मौजूद आश्रम के अलावा हरियाणा में अरावली की पहाड़ियों के नजदीक और स्कॉटलैंड में रामदेव के आश्रम बन चुके हैं। बाबा रामदेव ने कहा था कि वह आयुर्वेद और योग का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र बनाना चाहते हैं जहां इलाज, शोध और अध्यापन किया जाए। बाबा रामदेव ने हाल ही में स्कॉटलैंड में बीस लाख पाउंड स्टर्लिंग में एक टापू खरीदा ह
अमेरिका की एक जॉब वेबसाइट ' क्रेग्सलिस्ट ' के जॉब्स वॉन्टेड सेक्शन में दिए गए एक ऐड में इस अमेरिकी जोड़े ने लिखा है कि अगर आपको मेडिकल एक्सपेरिमेंट या किसी और काम के लिए हमारे बॉडी पार्ट्स की जरूरत है, तो आप हमारे बच्चे का एजुकेशन लोन चुका कर हमें या हमारे बॉडी पार्ट्स को खरीद सकते हैं। लोन की कीमत है 2 लाख अमेरिकी डॉलर।
ऐड में मां ने लिखा है कि मेरी लंबाई 5 फुट 1 इंच है और मेरे शरीर के सारे पार्ट्स सही तरीके से काम कर रहे हैं। आप चाहें तो खून, प्लाज्मा, किडनी, हार्ट और दिमाग यानी कुछ भी खरीद सकते हैं लेकिन आपको मेरे बच्चे का लोन चुकाना होगा। मैं आपको अपनी जिंदगी तक देने को तैयार हूं।
हालांकि, बेवसाइट पर उन्होंने अपनी पहचान जाहिर नहीं की है। पैरंट्स ने लिखा है कि अगर आपको पूरी बॉडी चाहिए तो आप हमारे बच्चे की पूरी फीस चुका दीजिए, वरना आप बॉडी को टुकड़ों में भी खरीद सकते हैं। आपको बॉडी का जो भी पार्ट चाहिए उसकी कीमत अदा करें और ले जाएं।
अमेरिका से लौटने के एक माह बाद ही गुरप्रीत ने ढाई लाख रुपए देकर पति की हत्या करवा दी। पकड़े गए आरोपियों में से दो जालंधर के हैं। इनकी पहचान पवन कुमार निवासी अशोक नगर जालंधर, ललित कुमार उर्फ सोनू निवासी तेजमोहन नगर जालंधर तथा बलजीत सिंह उर्फ साबी निवासी सीनपुरा कपूरथला और कुलदीप सिंह निवासी पापा नगर दिल्ली के रूप में हुई है। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त सफेद कार व किरचें बरामद हुई हैं। वारदात को लूट का रूप देने के लिए आरोपी परमजीत के गहने व नकदी साथ ले गए थे।
पुलिस ने जब गहराई से जांच की मामला सुपारी किलिंग का निकला। परमजीत सिंह अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर, 6 वर्ष के बेटे और सास ससुर के साथ बीती 19 जनवरी को अमेरिका से थाना दीनानगर के अंतर्गत पड़ते अपने गांव कुंडे लालोवाल लौटा था। भारत लौटने पर गुरप्रीत कौर भोगपुर में जाकर पवन कुमार से मिली। इसके बाद उनमें फोन पर लगातार संपर्क बना रहा।
माथा टेकने के बहाने फंसाया
फरवरी को गुरप्रीत कौर अपने मायके गांव नौशहरा बहादुर आई थी। उसने पवन कुमार व ललित कुमार को यहां बुलाकर वह रास्ता दिखाया जहां से वह अपने पति को लेकर गुजरेगी। फरवरी को जब परमजीत सिंह पत्नी को ले जाने के लिए आया तो गुरप्रीत ने पवन कुमार को सूचित कर दिया। परमजीत जब पत्नी व बेटे को लेकर रवाना हुआ तो गुरप्रीत उसे गुरुद्वारा बीबी सुंदरी में माथा टेकने के बहाने दूसरे रास्ते से ले आई। तय जगह पर उल्टी का बहाना कर उसने कार रुकवाई और वहां पहले से ही मौजूद पवन कुमार व उसके साथियों ने परमजीत सिंह को किरचों से काट डाला।
विदेश के चक्कर में हत्या
गुरप्रीत ने पवन को ढाई लाख रुपए देने के अलावा अपने साथ अमेरिका ले जाने का लालच दिया था। गुरप्रीत का कहना था कि परमजीत उसके साथ मारपीट करता है और वह उसे रास्ते से हटाने के लिए मुंहमांगी रकम देने को तैयार है। काम के एवज में उसने पवन को अमेरिका ले जाने की बात कही थी। पवन कुछ समय इंग्लैंड में रह चुका है। फिर से विदेश जाने के चक्कर में उसने 2.50 लाख रुपए लेकर अपने साथियों को हत्या के लिए रजामंद कर लिय
Saturday, February 26, 2011
फिर से इन तड़प रहे जिस्मों को सुकून मिल जाए तो रूह भी निश्चिन्त रहेगी. इजाजत हो तो इस हथियार को अंधी गुफा में प्रवेश करूं ?
किरण- नेकी और पूछ-पूछ. जब तुम भी चरम सुख चाहते हो और मै भी चरम सुख के इन्तजार में हूँ तो भी मुहूर्त क्यों निकलवाना. अपने मन की सारी कसर निकाल लों सूरज, मै दीवनी हो चुकी
हूँ, जिस तरह से और जैसे भी चाहो इस मिट्टी के बदन का इस्तेमाल करो. मै कभी भी तुम्हें रोकूँगी नहीं, कभी टोकुंगी भी नहीं .
सूरज- आओ, मेरी बांहों में टो समा ही चुकी हो अब मेरी आत्मा में भी समा जाइए. आज तुम्हें सेक्स का ऐसा सुख दूंगा कि कामदेव को भी भूल जाओगी . आज मेरा हथियार भी जरूरत से ज्यादा
लंबा और मोटा होता जा रहा है. शायद यह भी तुम्हारी साइज को देखकर पाँव फैला रहा है.
किरण- तुम भी अब बहुत शरारती होते जा रहे हो. चोके पर छक्का लगाते जा रहे हैं.
सूरज- यह सब तुम्हीं से टो सीखा है. और अभी भी सीखने का प्रयास हो रहा है. मै दिल से इतना खुश हूँ कि बयां नहीं कर सकता .
किरण- मेरे यौवन की घाटी में इस वक्त घंटियाँ सी बज रही हैं. जिस्म में आग लगी है, और मन में तरंग सी उठ रही हैं.
सूरज- मैंने अपने जीवन में न टो तुम्हारे जैसी सुन्दर कोई लड़की देखी है और ना ही शायद देख ही पाउँगा. अगर मेरे वश में होता टो जीवन भर के लिए तुम्हें अपना बना लेता. उसका कारण ये है
कि मैंने अब तक अपनी जिंदगी ऐसे ही गुजारी थी. किसी भी लड़की को अपनी लाइफ में पटा ही नहीं पाया . मैं टो जानता तक भी नहीं था कि इस कामक्रीड़ा में इतना आनंद आता है. अब महसूस करता
हूब कि यह टो आनंद की भी इन्तेहाँ हो गयी है.
किरण- अभी टो कुछ नहीं है मेरे साजन . जब हम रोजाना इस जिस्म के साथ तरह -तरह के खेल खेलेंगे तब देखना क्या होता है ? तुम खुद जान जाओगे कि असली सुख किसे कहते हैं .
सूरज- सच टो ये है मेरी जान कि मैं अभी से एहसास कर सकता हूँ, मेरी समझ में समझ में सब कुछ आ गया है .
किरण - मेरी तरह अब तुम भी बातूनी हो गए हो. वैसे बिना इसके उतना मजा भी नहीं आता है. मै टो पहले ही बता चुकी हूँ कि सेक्स के दौरान अगर अश्लील बातें की जाएँ टो बेहतर होता है.
इतना बेहतर कि सेक्स करने का मजा ही कई गुना बढ़ जाता है. मेरा मानना है कि अगर सेक्स करते समय असली सुख नहीं मिल रहा हो टो सेक्स करना ही बेकार है.
सूरज- अब टो मैं भी यही महसूस करने लगा हूँ, अगर चाहो तो तुम भी मुझसे इस तरह की बातें कर सकती हैं. मै भी उस आनंद की अनुभूति करना चाहता हूँ.
किरण- हाँ, हाँ क्यों नहीं मै . समझ गयी. अब तुम्हारे हथियार को भी हवा लग गयी है. मै इस हवा में कामोत्तेजना का रस मिला दूंगी .
सूरज- क्यों नहीं, मैं भी उस रस का स्वाद चखने के लिए बेताब हूँ. वैसे तुम्हारी यौवन घाटी का रस तो चख ही चुका हूँ.
किरण- यह नमकीन स्वाद तुम्हें जीवन भर याद रहेगा . मै भी तो तुम्हारे हथियार का रस पी चुकी हूँ. बड़ा सुख मिलता है. यह इस तरह का सुख है जिसे भूलना संभव नहीं है.
सूरज- यह यौवन का रस चखने का आइडिया तुम्हें कहाँ से आया ? क्या यह भी डोली और सविता ने ही सिखाया था क्या ?
किरण- हाँ ... मै तो भूल ही गयी, मैंने तो यह भी ध्यान नहीं दिया की वो स्टोरी अभी पूरी ही नहीं हो पाई है.
सूरज- बोलो न , क्या प्रोफ़ेसर के पास सविता ने डोली को भी बुला ही लिया था या वह वैसे ही झूठ बोल रही थी ?
किरण- नहीं, नहीं, वास्तव में सविता ने डोली को बुला ही लिया था. डोली विदेश में रहती थी. उसे पश्चिम की हवा देखी थी और अब वह अपने मन की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से यहाँ पर आई
हुई थी. उसका एक ही मकसद था- मौज मस्ती और आराम. सविता उसे ऐसी सहली मिली थी जों अपार धन के मालिक की बेटी थी और उसका स्वभाव भी आजाद किस्म का था. वह खुली हवा में उड़ने
की आदी थी. उसे शराब पीने और सिगरेट पीने का शौक था. मर्द्खोरी करने की भी आदत थी. जब उन दोनों को कोई लड़का नहीं मिलता था तो वे आपस में ही अपने जिस्म की प्यास बुझाने की कोशिश
करती थी. मुझे प्रोफ़ेसर ने यह सब बातें इतने विस्तृत में बतलाईं की मैं सब कुछ जान गयी. उसीने यह जिक्र किया था की शरीर के किस अंग को किस तरह से चूमा जाए.
सूरज- मुझे भी सिख्लाइये न ऐसे गुर. मै भी जानना चाहता हूँ की काम क्रीडा कैसे की जाती है ?
किरण- सफल कामक्रीड़ा करने का तरीके तुम्हें बताने की जरूरत ही नहीं है. तुम खुद अपने आप में श्रेष्ठ हो .
सूरज- लों, इस हथियार को एडजस्ट करो. अब ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. मै जान ही गया हूँ की तुम बेवजह मेरी तारीफ करने लगे हो.
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Thursday, February 24, 2011
किरण- रुको सूरज, इतनी जल्दबाजी मत करो , इसे चाटने से पहले ठीक तरह से धोअना पडेगा .
सूरज- मुझसे रहा नहीं जाता .
किरण- हाँ, समः सकती हूँ. इतनी सेक्सी बातें सुनने के बाद तो रौंगटे खड़े होना निश्चित है , लेकिन हमें जोश में आकर होश गंवाने से बचना होगा .
सूरज- अब , जब हम सब कुछ गँवा चुके हैं तो आगे किसकीचिंता ? मैं सोचता हूँ कि डोली अगर तुम्हारे टच में है तो उसे मुझसे मिलवाओ. अगर वह कुत्ते के साथ सम्बन्ध बनाना नहीं भूल जाए तो कहना.
चाहे डोली कितनी भी हवस की पुजारिन हो, उसे कितना भी सेक्स पसंद हो , अगर मेरे साथ दो दिन रही और दो रातें सो गयी तो इतना ध्यान रखो कि उसे छका डालूँगा. मेरे साथ सम्बन्ध बनाने के बाद
वह जानवरों के साथ अंदरूनी सम्बन्ध बनाने की उसकी आदत हमेशा -हमेशा केलिए छूट जायेगी . मेरे ख़याल से संतुष्टि गुप्तांग के साइज से नहीं , बल्कि मन के सटीक मिलन से होती है. अगर मन में संतुष्टि
रहे तभी तन को संतुष्टि महसूस होती है.
किरण- और तुम तो तन और मन दोनों ही के बादशाह हो. तुमने तो मेरी काया को भी स्वर्ण बना डाला है. अब प्रोफ़ेसर का अध्याय खत्म करूं या आगे बढूँ, मुझे तो सविता और डोली के बारे में उसीने बतलाया
था. उसीने कहा था कि वह सविता को दिलो जान से चाहता था लेकिन सविता को किसीसे प्रेम नहीं था, वह तो अपने तन की भूख को शांत करने के लिए ही सहारा लिया करती थी, उसने अपनी वासना को
शांत करने के लिए ही प्रोफ़ेसर के साथ प्यार का ड्रामा किया और जब तक वह कुंवारी रही तब तक अपनी कामाग्नि को प्रोफ़ेसर से ही भी शांत करवाती रही , इसके बाद उसने दूसरी जगह पर विवाह कर लिया .
वह खुद तो सामान्य अवस्था में थे, मगर सविता बहुत बड़े व्यवसाई की लड़की थी.
सूरज- हाँ, ये तो तुम पहले भी जिक्र कर चुकी हो. मगर सविता के ताल्लुक ऐसी लड़कियों से थे जों अपने शरीर की प्यास बुझाने की खातिर कुत्तों का सहारा लिया करती थी , यह मेरे लिए हैरत वाली खबर
है. मैंने इस तारह की बात कभी नहीं सुनी.
किरण- कमाल है. यह कोई खास बात नहीं है. सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि वर्ल्ड के लगभग सभी देखों में ऐसे लोग मिल जायेंगे जों जानवरों के साथ शारीरिक समबन्ध बनाते हैं. मैंने एक दिन कहीं समाचार
पढ़ा था , उसमे भैंस, बकरी आदि के साथ सेक्स करने वालों की संख्या बताई गयी थी.
सूरज- कैसे करते होंगे वे लोग ? और उनको मजा भी कैसे आता होगा ?
किरण- ऐसी हरकत वही लोग करते हैं जों बेहद कामोत्तेजित होते हैं और पल भर में ही जों आवेश में आ जाते हैं. वे अपनी क्षणिक प्यास बुझाने के लिए ऐसी हरकत करते रहते हैं.
सूरज- समाज में शादी जैसी संस्था शायद तभी निर्माण हुई होगी, क्योंकि आदिकाल में लोग सेक्स के लिए लड़ पड़ते होंगे, जानवरों के साथ भी ज्यादा समबन्ध बांटे होंगे . हो सकता है
इसी झगडे को रोकने के लिए समझदार लोगों ने शादी करने का विचार किया होगा .
किरण- हाँ, सूरज . बिलकुल सही कहते हो. और हाँ, प्रोफ़ेसर अब मिलेगा नहीं. उसका कोई कोंटेक्ट नंबर मेरे पास नहीं है. वह दो या तीन बार ही मेरे साथ रात गुजारने आया हुआ था. ज्यादा डिटेल मेरे
पास नहीं है. इसलिए उस लड़की का यानि सविता और डोली का ढूँढना मुश्किल हो जाएगा . वैसे अगर वे मिलीं तो मुझे तुरंत पहचान जायेंगी.
सूरज- तो क्या वे आपके साथ भी मौज मस्ती कर चुकी हैं ?
किरण- जी हाँ, बिलकुल सही पहचाना. मैंने सविता को उस वक्त प्रोफ़ेसर के कहने पर फोन किया था. वह जिद कर राह था कि मै उसका दर्द उसकी बेवफा प्रेमिका तक पहुंचाऊं .
सूरज- अच्छा. फिर क्या हुआ ? बातें हुईं ?
किरण- हाँ, वह ससुराल जाकर भी संतुष्ट नहीं थी. उसकी आदत जों बिगड चुकी थी. इसी कारण वह गैर मर्दों के साथ गुलछर्रे उडाया करती थी.
सूरज- जब उसे गैरों के साथ सम्बन्ध रखना ही था तो प्रोफेसर क्या बुरा था, उसके साथ भी रति क्रेडा का आनंद उठाती रहती .
किरण- सविता ने समझाया था उसे, वह कहती भी थी कि उसका पति उसे बिस्तर पर बिलकुल भी संतुष्ट नहीं कर पाता. वह रोजाना उसे अपनी जिस्म सौंपने के लिए तैयार है , मगर प्रोफ़ेसर
ही इसके लिए तैयार नहीं था. उसका कहना था कि वह किसीकी शादीशुदा जिंदगी में जहर नहीं घोलना चाहता .
सूरज- धात्तेरे की. ये भी कोई बात हुई. इतना ही बड़ा धर्मात्मा बनना था तो उसके साथ सेक्स समबन्ध ही क्यों बनाए ?
ग्लूकोज़ चढ़ाने से 13 महिलाओं की मौत | |||||||||
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जोधपुर के सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए आई महिलाओं को जो ग्लूकोज़ चढ़ाया गया उसमें बैक्टीरिया था.
सरकारी अस्पतालों में लापरवाही का रवैया कोई नई बात नहीं है. ऐसी ही लापरवाही का उदाहरण जोधपुर के सरकारी अस्पताल में देखने को मिला. यहां डिलिवरी के लिए आई कुछ महिलाओं को प्रसव के बाद ग्लूकोज़ चढ़ाया गया और इसके बाद से अस्पताल में शुरू हुआ मौत का सिलसिला. बाद में पता चला कि ग्लूकोज़ में बैक्टीरिया था जिसकी पुष्टि भी हो चुकी है. अभी तक बैक्टीरिया युक्त ग्लूकोज़ 13 महिलाओं की जान ले चुका है.अस्पताल जोधपुर के उम्मेद ज़िले में है. अस्पताल में बुधवार को भावना नाम की एक महिला को प्रसव के बाद रक्तस्राव शुरू हुआ. इसके बाद इस महिला को महात्मा गांधी अस्पताल भेज दिया गया. वहां पर भावना की तबीयत और बिगड़ गई जिसके बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया.
लोगों के हंगामे का बाद महात्मा गांधी अस्पताल के बाहर जाम लग गया. पुलिस और प्रशासन ने मरीज़ के परिजनों को समझाया तब कहीं जाकर ये जाम खुला.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासन पूरी घटना की जांच की बात कर रहा है.
इससे पहले भी जोधपुर में जच्चाओं की मौत पर कई सवाल खड़े हो चुके हैं. अब जबकि दोबारा से ऐसी घटना सामने आई है तो सरकार जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ लेना चाहती है. लेकिन लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है और वो सड़कों पर उतर आए ह

नई दिल्ली. योग गुरु बाबा रामदेव कभी हरिद्वार में साइकिल से चलते थे, लेकिन आज उनके पास करोड़ों की संपत्ति है। हालांकि उन्होंने साफ किया है कि वे सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगे, लेकिन उनकी पार्टी 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों में सभी 543 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। अभी उन्होंने किसी राजनीतिक दल की घोषणा नहीं की है लेकिन चर्चा है कि वे जल्दी ही पार्टी की घोषणा करेंगे।
करोड़ों की संपत्ति है बाबा रामदेव के पास
बाबा रामदेव के पास देश विदेश में करीब साठ से सत्तर हज़ार करोड़ की संपत्ति मानी जाती है। इंग्लैंड में उनके पास एक पूरा द्वीप है। उन्होंने अमेरिका के ह्यूस्टन में लगभग तीन सौ एकड़ ज़मीन ख़रीद ली है। बाबा ने देश में योग सिखाने की शुरुआत की। बाबा ने देश में योगा को योग के रूप में फिर किया तथा नई चेतना पैदा की। मधुमेह और हृदय रोग के सर्दी-जुकाम की जगह लेने के बाद लोग बड़ी संख्या में योग की तरफ आकर्षित हुए। टीवी के विभिन्न चैनलों ने उनकी लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्रियों, सांसदों, मुख्यमंत्रियों ने भी बाबा से संपर्क करना शुरू कर दिया। इसी दौरान बाबा रामदेव ने योग के लिए पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट बनाया तथा भारत स्वाभिमान के नाम से आंदोलन की शुरुआत की।
कभी साइकल पर चलते थे बाबा रामदेव
लेकिन यह भी सच है कि आज करोड़ों के मालिक बने बाबा रामदेव हरिद्वार में गुरु शंकर देव के शिष्य थे और कहा जाता है कि एक समय साइकिल पर चलते थे। गुरु शंकर देव का अब कुछ पता नहीं है। कहां हैं गुरुशंकर देव, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। बाबा रामदेव के सबसे विश्वस्त साथी बालकिशन महाराज हैं। बाबा के पीछे रहने वाले बालकिशन महाराज ने बाबा के आयुर्वेद का साम्राज्य खड़ा किया हैं। बाबा रामदेव को एक ब्रांड बनाने में सबसे बड़ा योगदान बालकिशन महाराज का है। बाबा सब कुछ बेचना चाहते हैं आटा, आंवला, फलों का रस, दवाएं, यहां तक कि अब वह पानी भी बेचने जा रहे हैं।
मुस्लिमों का भी लिया साथ
मौलाना कल्बे रुशैद रिज़वी के भाषणों से प्रभावित हो, बाबा उन्हें अपने पास बैठाने लगे और उनके द्वारा मुस्लिम समाज से संपर्क साधना शुरू किया। इसके बाद जमातुल-उलेमा-ए- हिंद के मौलाना महमूद मदनी ने उन्हें देवबंद आने की दावत दी। बाबा रामदेव देवबंद गए और उन्होंने लाखों मुसलमानों की भीड़ को संबोधित किया. संबोधन उन्होंने कुरान शरीफ की आयत से शुरू किया। बाबा ने वहां जमा लाखों की भीड़ के साथ प्रमुख मौलानाओं से कहा कि जब मैं कुरान की आयत पढ़कर मुसलमान नहीं बन सकता, तब आप वंदे मातरम पढ़कर हिंदू कैसे बन सकते हैं?
देशव्यापी आंदोलन की योजना
बाबा एक देशव्यापी आंदोलन की योजना भी बना रहे हैं। उन्होंने भारत स्वाभिमान ट्रस्ट बनाया है और उसकी राजनैतिक शाखा भारत स्वाभिमान जवान बनाई है। माना जाता है कि भारत स्वाभिमान जवान संगठन ही इस वर्ष राजनैतिक दल के रूप में बदल दिया जाएगा। बाबा की योजना है कि 2014 तक भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या भी करीब पचास करोड़ हो जाए।
बीजेपी भी है परेशान?
बाबा के राजनीति में आने की बात से बीजेपी और कांग्रेस, दोनों परेशान हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बाबा को पिछले साल मई में पत्र लिखकर कहा है कि यदि वह चुनाव में खड़े होंगे तो हिंदू वोट का बंटवारा होगा।
गिरिडीह. पहली पत्नी के बच्चों पर सारा प्यार उड़ेल दे, इसके लिए महावीर मंडल ने दूसरी पत्नी सोस्ता देवी का बंध्याकरण करवा दिया। हालांकि इसके लिए सोस्ता देवी तैयार नहीं थी। लेकिन, पति के दबाव में आकर उसे सौतन के बच्चों के लिए अपना कोख कुर्बान करना पड़ा।
यह मामला मुफ्फसिल थानाक्षेत्र की मटुरूखा पंचायत के महतोडीह गांव का है। महतोडीह निवासी महावीर मंडल ने पत्नी की मौत के बाद अपने ही गांव के सोस्ता देवी से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उसे 18 वर्षीय एक बेटा और 13 व 14 वर्षीय एक बेटी है। महावीर चाहता था कि उसकी पत्नी कोई बच्चा नहीं जने। उसे आशंका थी कि उसके बच्चे होने पर वह अपनी सौतन के बच्चों पर पूरा प्यार नहीं लूटा सकेगी।
लिहाजा, उसने पत्नी पर बंध्याकरण कर लेने का दबाव बनाया। हालांकि सोस्ता देवी चाहती थी कि उसे भी एक बच्चा हो। मगर आखिरकार सोस्ता को बंध्याकरण के लिए तैयार होना पड़ा। साथ ही उसे अपना कोख कुर्बान कर देना पड़ा।
अस्पताल में बदल डाला इरादा
हालांकि, गिरिडीह सदर अस्पताल में एक बार सोस्ता देवी ने अपना इरादा बदल दिया था। उसके विरोध के बाद अस्पताल में पुलिस भी आयी। लेकिन, बाद में सोस्ता देवी के शांत होने के बाद पुलिस को बैरन लौटना पड़ा। इधर महावीर मंडल का कहना है कि सोस्ता राजी-खुशी अस्पताल आयी थी। मगर, ऑपरेशन का नाम सुनकर डर गयी और रोने लगी। इसी वजह से पुलिस को स्वास्थ्यकर्मियों को पुलिस ने बुलवा लिय
Wednesday, February 23, 2011
प्रो- जिस तरह इलाहाबादी अमरुद की तरह तुम्हारा बदन गदराया हुआ है, उसी तरह तुम्हारी भावनाएं भी गदरा रही है,. मै मादकता के समुन्दर में डूबा ही जा राह हूँ.
सविता- यार के साथ रहोगे तो ऐसे ही मजे उड़ाओगे . तो शाम को अपनी सहेली को बुलाऊ क्या ? डोली नाम है उसका . है भी बिलकुल डोल जैसी ही.
प्रो- उसे बुलाकर क्या करोगी, मै तो तुम्हारे प्रति ही प्रतिबद्ध हूँ.
सविता- उसे एक बार देख तो लों.वह बम का दूसरा नाम है, उसे देखोगे तो रोंगटे खड़े हो जायेंगे . उसका अंग -प्रत्यंग मादकता और सुंदरता का नमूना है. अगर उसके यौवन उभारों को देख लोगे तो बस देखते रह जाओगे.
.उन्हें देखते ही तुम्हारा दबाने का जी चाहेगा. चूमने और यहाँ तक कि चूसने का जी चाहेगा. तुम तो खैर लड़के हो , मेरा भी जी चाहने लगता है .मैंने भी कई बार डोली के यौवन उभारों को सहलाया है, चूमा है.
प्रो- अगर तुम लड़की होकर दूसरी लड़की के यौवन उभारों को को चूमोगी तो तुम्हें क्या मजा मिलेगा ?हाँ, अगर लड़का उनेह्न्द दबाएगा तो बात कुछ और होगी .
सविता- क्या बात करते हो प्यारे प्रोफ़ेसर. उस आनंद को महसूस करके देखिये, कभी अपने पुरुष साथी के गुप्तांग को अपने हाथों में लेकर देखिये, उसे सहलाइये . फिर देखिये क्या आनंद आता है ? लेकिन यह भी ध्यान
रखना कि अपने उसी साथी के गुप्तांग को सहलाना, जिसके साथ तुम्हारे विचार मिलते हों. और ये सब बिलकुल अकेलेपन में करना.
प्रो- क्या बात करती हो ? मैं पुरुष होकर पुरुष साथी के साथ कामक्रीड़ा क्यों करना चाहूँगा ? क्या औरतें मौजूद नहीं हैं ?
सविता- ऐसे तो रोजाना होता ही रहता है लेकिन जब समलेंगिक सम्बन्ध बनाए जाते हैं तो उनका आनंद ही कुछ और आता है. मैं तो भुक्तभोगी हूँ. खुद भोग चुकी हूँ. मौज मस्ती से पीछे नहीं हटती हूँ.
प्रो- तो क्या तुम लेस्बियन हो ?
सविता- नहीं यार. मै पक्की लेस्बियन नहीं हूँ. जब हम दोनों सहेलियां साथ में होती हैं और हमारे आसपास कोई नहीं होता तो ड्रिंक के बाद मस्ती करने की सूझती है. जब कोई मर्द उपलब्ध नहीं होता तो अपना
हाथ जगन्नाथ वाली कहावत आजमा लेते हैं. हमें तो खूब मजा आता है. जब मै उसके यौवन उभारों को चूमती हूँ तो डोली को इतना करंट लगता है कि वह डायरेक्ट मेरी यौवन घाटी का चुम्मा लेती है. ये देखो. ये जो
पार्ट देख रहे हो न, देखो न . तुमने बहुत दिन से इसे देखा भी नहीं है. हाँ, यही है. जब वह इसे चूमती है तो जिस्म से आग सी दहकने लगती है. बदन फटने को बेताब हो जाता है.
प्रो- उसके बाद कैसे मजा वसूलती होंगी , क्योंकि ऐसा करने से तो तुम्हारी काम इच्छाएं भड़क जाती होंगी , और उसके बाद तृप्ति की इच्छा होती होगी ?
सविता- हाँ, तुम ठीक कहते हो. मगर उसके बाद हम जों आनंद उठाते हैं, उसकी कल्पना भी तुम नहीं कर पाओगे. तुम भी इस स्थान परअपनी जीभ फिराकर देखो, उसके बाद महसूस कर पाओगे कि काम सुख का
असली मतलब क्या होता है. सिर्फ ऐसे ही तो मजा नहीं आ जाता कि मै नीचे लेटा , तुम मेरे ऊपर लेट गए और ऊपर नीचे कर लिया . ऐसे पूरा मजा नहीं आ पाता है.
प्रो- इसका मतलब तुम बहुत बड़ी खिलाड़ी हो इस खेल की. मुझे इतना तजुर्बा नहीं है.
सविता- कोई बात नहीं, हमारे साथ रहोगे तो तुम भी उस्ताद बन जाओगे. थोडा झुकिए तो सही , इसे चाटो तो सही.
किरण इस वक्त सूरज को अपनी आपबीती सुना रही थी. वह बता रही थी कि उसे वैश्या व्यवसाय के दौरान कैसे -कैसे लोग मिले और उन्होंने क्या -क्या खास बातें बताई . सूरज ने पूछा -
-तो क्या प्रोफ़ेसर ने सविता के यौवन उभार को चूम लिया ?
किरण- हाँ, तो क्या करता ? जब तुम बिस्तर पर अपने साथी के साथ होते हो तो उसकी सलाह भी माननी पड़ती है. प्रोफ़ेसर ने भी उसके यौवन की गहराइयों में अपनी जीभ प्रवेश करदी .
सूरज- मै भी ऐसे ही करके देखूं क्या ? मेरा भी जी चाहने लगा है. क्या मै इसका स्वाद नहीं चख सकता ?
किरण- हाँ, हाँ क्यों नहीं ? तुम्हारा हक है. तुम चाहो तो मेरे समूचे जिस्म को चाट सकते हो , चूम सकते हो. मेरा पूरा बदन तुम्हारा है.
सूरज- मैं अपना समझता हूँ तभी तो मुझे किसी तरह का ऐतराज नहीं है.
किरण- रुको सूरज, इतनी जल्दबाजी मत करो , इसे चाटने से पहले ठीक तरह से धोअना पडेगा .
सूरज- मुझसे रहा नहीं जाता .
किरण- हाँ, समः सकती हूँ. इतनी सेक्सी बातें सुनने के बाद तो रौंगटे खड़े होना निश्चित है , लेकिन हमें जोश में आकर होश गंवाने से बचना होगा .
सूरज- अब , जब हम सब कुछ गँवा चुके हैं तो आगे किसकीचिंता ? मैं सोचता हूँ कि डोली अगर तुम्हारे टच में है तो उसे मुझसे मिलवाओ. अगर वह कुत्ते के साथ सम्बन्ध बनाना नहीं भूल जाए तो कहना.
Tuesday, February 22, 2011
प्रेमिका- क्यों नहीं करेंगे ? भले ही दौलत में तुम्हारी हैसियत उतनी नहीं है, मगर तुम्हारी सेक्स करने की पावर भी तो अदभुत है. इसे तो मै ही जानती हूँ/.
प्रो- अब तुम मजाक कर रही हो.
प्रेमिका- जी नहीं, अब मै प्रेम कर रही हूँ, मुझे मजा आ रहा है और शायद इसीलिए मस्ती सूझ रही है.
प्रो- जिस दिन तुम्हें मुझसे ज्यादा कामशक्ति वाला व्यक्ति मिल जाएगा, मुझे भूल जाओगी और उसीकी बांहों में समा जाओगी.
प्रेमिका- ऐसा नहीं होगा यार. तुमसे तो अभी बहुत मजा लेना बाकी है. देखो मै क्या लेकर आई हूँ , यह सांडा आयल से भी मजबूत तेल है. इसकी मालिस अपने काले नाग पर करवाके देखो. तुम्हारा अंग एक इंच तक तो
अभी बढ़ जाएगा . अब से दोगुना मोटा जाएगा. फिर जब इसको मेरी यौवन घाटी में डालोगे तो स्वर्ग के जैसा मजा आएगा, तुम्हें भी और मुझे भी. यह तेल मैंने बाहर देश से मंगवाया है. मेरी एक सहेली लेकर आई है.
वह तो मुझसे भी ज्यादा सेक्सी है. वह मर्दों के साथ तो सेक्स करती ही है, इसके अलावा अपने एक पालतू कुत्ते से भी मौज लेती है. जब वहाँ आती है तो कूटे को साथ ला नहीं सकती . और सादा मर्द उसकी कामेच्छा
की पूर्ती नहीं कर सकता. इसलिए वह वाइब्रेटर कंडोम, खास अंग को बढाने वाला तेल और सेक्स का समय बढाने वाली दवा लेकर आती है.
प्रो- मुझे यकीन नहीं आता, तेल लगाने से किसीका विशेष अंग कड़क, मोटा , लंबा और संतुष्ट करने वाला कैसे हो सकता है ? तुम बहका तो नहीं रही हो ?
प्रेमिका- नहीं मेरी जान, मैं बिलकुल सच कहती हूँ, तब तो तुम्हें ये भी यकीन नहीं आएगा कि वह अपने कुत्ते के साथ सम्बन्ध बनाती होगी.
प्रो- हाँ, ये सच बात है. मुझे ज़रा भी भरोसा नहीं हो रहा, मै तो इस समय ऐसा फील कर रहा हूँ कि मेरी काम भावनाओं को बढाने के लिए और मुझे जोश दिलाने के लिए तुम ऐसा कह रही हो.
प्रेमिका- नहीं, नहीं मेरे प्यारे प्रोफ़ेसर . मै सत्य कह रही हूँ. वह दुबली -पतली है. बड़ी कंपनी में बड़े पद पर काम करती है मगर क्या कहूँ , उसकी आदत बहुत बिगड गयी है. वह इस मामले में इतनी प्यासी हो चुकी है
कि जल्दी से संतुष्ट ही नहीं हो पाती, उसने एक बार अपनी और अपने कुत्ते कीवीडियो मुझे दिखाई थी, उस वीडियो में साफ़ दिख रहा था कि उसका पालतू कुत्ता उसके साथ सम्बन्ध बना रहा था, कम से कम तीन घंटों तक उसने
यह समबन्ध बनाया और कैमरा सेट करके अपनी फिल्म भी खुद ही बना ली थी. उसका जिस्म पूरा छिल गया , वह इतने समय तक कराहती रही लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी, वह पूरा आनंद लेती रही .
प्रो- इंसानों की कमी हो गयी है क्या जों इस तारह से लोग जानवरों का इस्तेमाल आकर आरहे हैं, यह तो मानवता के खिलाफ है. मौज मस्ती एक हद तक ही अच्छी लगती है. अगर उसे कोई बीमारी हो गयी तो क्या होगा ?
और पूरे चांस हैं ऐसा होने के. आजकल वैसे ही एड्स जैसी गंभीर बीमारियाँ इंसान की नाक में दम किये हुए हैं, इनका कोई पक्का इलाज ही ईजाद नहीं हो पाया है. अगर इस तरह जानवर के साथ असुरक्षित सम्बन्ध बनाए
जाते हैं तो एक नहीं, न जाने घातक बीमारियाँ हमारा स्वागत करेंगी .
प्रेमिका- असुरक्षित यौन सम्बन्ध की बात मैंने कब कही,? जब भी वह शारीरिक सम्बन्ध बानाती है तो कंडोम का इस्तेमाल जरूर करती है. जब उसे कुत्ते के साथ मजा लेना होता है तो महिला कंडोम का सहारा लेती है.
अगर कभी तुम भी उसके साथ मजा लेना चाहो तो भी कंडोम का इस्तेमाल करेगी, वैसे तुम्हें तो तेल लगाने या काम शक्ति बढाने वाली दवा की भी जरूरत नहीं है. तुम तो वैसे ही ताकतवर मर्द हो. तुम्हारा तो काला
नाग भी खूब बड़ा है, इससे तो संतुष्ट हो ही जायेगी . कहो तो मैं उसे बुला लेती हूँ, आजकलयहीं पर आई हुई है. लेकिन उसे पाने के बाद मुझे मत भूल जाना.
प्रो- ये तुम क्या कह रही हो .मै तुमसे प्रेम करता हूँ, तुम्हारी सहेली के साथ शारीरिक सम्बन्ध भला कैसे बना सकता हूँ.
प्रेमिका- क्यों ? आखिर दिक्कत क्या है ? तुम मुझसे प्रेम करते हो तो मेरी सहेली का भी तुम पर कुछ हक बनाता है न . उसके भी कुछ लगते हो कि नहीं . अरे , साली समझकर ही मजा लूट लीजिए
, वैसे भी साली तो आधी घरवाली होती है.
प्रो- सविता , आजकल तुम बड़ी हॉट होती जा रही हो. एकदम सेक्सी.
प्रेमिका- तुम्हें तो इससे खुश होना चाहिए. वैसे भी मैंने कहीं पढ़ा था कि बिस्तर पर पत्नी को वैश्या की तारह निसंकोच होना चाहिए , तभी वह अपने पति को सम्पूर्ण सुख-संतुष्टि दे पायेगी .
प्रो- जिस तरह इलाहाबादी अमरुद की तरह तुम्हारा बदन गदराया हुआ है, उसी तरह तुम्हारी भावनाएं भी गदरा रही है,. मै मादकता के समुन्दर में डूबा ही जा राह हूँ.
सविता- यार के साथ रहोगे तो ऐसे ही मजे उड़ाओगे . तो शाम को अपनी सहेली को बुलाऊ क्या ? डोली नाम है उसका . है भी बिलकुल डोल जैसी ही.
प्रो- उसे बुलाकर क्या करोगी, मै तो तुम्हारे प्रति ही प्रतिबद्ध हूँ.
सविता- उसे एक बार देख तो लों.वह बम का दूसरा नाम है, उसे देखोगे तो रोंगटे खड़े हो जायेंगे .
अश्लीलता परोसने वाली इस वेबसाइट पर भारत सरकार ने बैन लगा दिया था। निर्देशक का कहना है कि यह फिल्म अश्लील नहीं है। इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस भोजपुरी हिरोइन हीना रहमान है। मार्च में इस फिल्म के रिलीज होने की संभावना है।
सविता भाभी डॉट कॉम पर आधारित इस फिल्म का नाम शीतल भाभी डॉट कॉम होगा। निर्देशक को उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को पसंद आएग
अमेरिका। मौज-मस्ती जरूरी है लेकिन अगर यही जीवन का मकसद बन जाए तो इससे सिर्फ एक व्यक्ति को ही नही बल्कि पूरे समाज को खामियाजा भुगतना पड़ता है। ऐसी ही दर्दनाक और शर्मनाक घटना घटी दुनिया के सबसे विकसित कहे जाने वाले देश अमेरिका में।
यहां एक मां और पिता ने मिलकर अपनी चार साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया, उसका वीडियो बनाया और उसे इंटरनेट पर अपलोड भी कर दिया। इस अपराध के जुर्म में मां को 29 साल और पिता को कम से कम 26 साल की सजा हो सकती है।
अमेरिकी इंटेलीजेंस ऐजेंसी यानि एफ बी आई द्वारा एक घटना की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ। एफ बी आई इस जोड़े का ऐसे व्यक्ति के साथ संबंधों की जांच कर रही थी जिसे एक बच्चे के साथ र्दुव्यवहार के लिए 42 साल कैद की सजा हो चुकी थी।
वाशिंगटन के किंग्स कांउटी सुपीरीयर कोर्ट में जज मैरीयन स्पीयरमैन ने बच्चे की 32 वर्षीया मां होली बेस्टन को सजा दी है जबकि उसके 36 वर्षीय पिता ब्रायन बेस्टन की सजा का निर्धारण अभी बाकी है। जबकि बच्चे को वाशिंगटन स्टेट चाइल्ड प्रोटेक्टिव सर्विस ने अपने कब्जे में ले लिया ह
गांव चालंदा निवासी संदीप सिंह की मां तरसेम कौर ने 11 फरवरी को पुलिस को सूचित किया कि उनका बेटा ६ फरवरी से लापता है। कई दिन बाद रविवार को संदीप के चाचा बिकर सिंह ने शंका जताई कि संदीप का पड़ोसी गांव लक्खवरिया निवासी बलविंद्र सिंह ने अपहरण किया है। संदीप का बलविंद्र सिंह की बेटी से प्रेम प्रसंग था। संदीप अलग जाति का था। इसलिए बेटी से उनके प्रेम पर बलविंद्र को एतराज था।
पुलिस ने बलविंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर उसके गांव लक्ख वरिया में छापा मारा। पुलिस की रेड से पहले ही बलविंद्र परिवार सहित भूमिगत हो गया। बाद में बलविंद्र ने सुल्तानपुर लोधी की अदालत में आत्मसमर्पण किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
Monday, February 21, 2011
पीडित युवती को झांसी अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां आज उसकी मौत हो गई। वह 80 प्रतिशत तक जल गई थी। पुलिस ने बलात्कारी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ए। सतीश गणेश ने बताया कि युवती के मृत्यु पूर्व बयान ले लिये गये हैं। बतादें कि
उत्तर प्रदेश में बलात्कार की कोशिश और छेड़छाड़ के दो मामले बढते जा रहे हैं. बलात्कार की कोशिश करने वाले युवक ने लड़की को जिंदा जला कर मार डाला जबकि एक अन्य घटना में छेड़छाड़ का विरोध करने पर लड़की पर ब्लेड से हमला कर जख्मी कर दिया गया था।
हाथरस जिले की 21 साल की संगीताको अपनी इज्जत बचाने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी थी । पुलिस सूत्रों के मुताबिक संगीता के पड़ोसी कालू लाल ने युवती के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया जब वह खेतों की तरफ गई। हालांकि लड़की वहां से भागने में कामयाब रही और इसकी शिकायत अपने माता-पिता से की।
हालांकि कालू लाल ने लड़की को धमकी थी लेकिन इसके बावजूद लड़की ने पुलिस से शिकायत की। इससे गुस्साया कालू को संगीता के घर में घुस गया और जबरदस्ती करते हुए उसे घर से घसीटता हुआ बाहर ले गया। उसने लड़की के शरीर पर किरोसिन तेल छिड़क कर आग लगा दी।
लड़की को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया। लेकिन लड़की ने आखिरकार दम तोड़ दिया।
एक ऐसी ही घटना में गाजियाबाद में हापुड़ के मोहल्ला पन्नापुरी में एक छात्रा को छेड़छाड़ का विरोध करना इतना महंगा पड़ा था कि एक मनचले युवक ने उस पर ब्लेड से हमला कर उसे घायल कर दिया। इस प्रकार महिला उत्पीडन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
Sunday, February 20, 2011
सूरज- मुझे क्या तुमने वहशी समझा है ?
किरण- क्या अपनी बेड पार्टनर को समस्त सुख देने वाले को वहशी कहा जाता है ?
सूरज- जिस तरह की व्याख्या कर रही हो, उससे तो ऐसा ही लगता है.
किरण- जी नहीं, उसे कामदेव कहते हैं, तुम सचमुच कामदेव कहलाने लायक हो.
सूरज- जिस प्रिंस के बारे में बात कर रही हो, क्या वह प्रिंस भी कामशक्ति के मामले में मेरे जैसा नहीं था ? क्या वह तुम्हारी अतृप्त इच्छाओं को तृप्त करने में सक्षम नहीं था ?
किरण- उसका विशेष अंग तो गज़ब का था, तुम्हारे जैसा लंबा और सख्त तो फिर भी नहीं था , मगर वह उतनी काम क्षमता वाला नहीं था. बहुत जल्दी उसका खास अंग नरम हो जाया करता था. उस समय
तो मै नई थी, लेकिन फिर भी मैंने महसूस किया कि वह मेरी काम वासना की पूरी तरह से पूर्ती नहीं कर पाता था. संतुष्ट होने के बाद वह फिर से शराब के नशे में डूब जाया करता था. मुझे ज्यादा पीने की
आदत नहीं थी , लेकिन उस दिन उसने मुझे भी खूब पिलाई. जब मैं उत्तेजित होती तो वह ठंडा हो चुका होता था,
सूरज- जिसके विशेष अंग की लम्बाई कम होती है, क्या वे अपनी महिला पार्टनर को बेड पर संतुष्ट नहीं कर पाते ?आपने इस मामले में कुछ प्रत्यक्ष अनुभव किया है क्या ?
किरण- अच्छा, मेरे अनुभव जानना चाहते हो ? अगर ऐसी बात है तो मै जरूर बताउंगी . एक दिन एक प्रोफ़ेसर ने मुझे रात भर के लिए बुक किया. उनकी उम्र ४५ से ऊपर थी, दिखने में हट्टे-कट्टे थे,. मगर उनका
खास हथियार अपेक्षाकृत छोटा था. शायद इसीलिए वे हीन भावना के शिकार थे , यहाँ तक कि उन्होंने विवाह भी नहीं किया था. काफी देर तक वे झिझकते रहे. जब पैग पर पैग चलते रहे तब जाकर उनकी भय खुली
. थोड़ी देर तक प्यार मोहब्बत की बातें करते रहे. अपनी शादी नहीं करने के फैसले के बारे में बाताते रहे. कुछ लड़कियों की बेवफाई की चर्चा भी की . बोले-
- सबकी बात तो मैं नहीं कर सकता, लेकिन ज्यादातर के मामले में मेरी राय यही है कि ये वफ़ा करके बेवफाई जरूर करती हैं. मुझे तो इनसे नफरत जैसी हो गयी है.
किरण- मैं भी तो औरत हूँ. अगर सभी से नफरत है तो मेरे यहाँ पर मोहब्बत तलाशने कैसे आ गए ?
प्रो- तुम्हारी गिनती सबमे थोड़े ही होती है, तुम तो बड़ी खास हो, सबसे स्पेशल. तुम तो बेचैन दिल का करार हो. हुस्न की देवी हो. तुम्हारी पनाह में दिल को सुकून मिलता है. तुमसे बहारें हैं, खुशियाँ हैं. सब कुछ हैं.
तुम हो तो रंगीनियाँ हैं और अगर तुम नहीं हो उजाला भी अँधेरे की तरह लगता है. तुम किरण नहीं समूचा चाँद हो. तुम जैसे चांद को मै बेवफा कैसे कह सकता हूँ. मैंने सुना है कि तुम अपने हर ग्राहक का खास ख़याल
रखती हो और महीने में सिर्फ एक कस्टमर को ही हेंडल करती हो ?
किरण- हो सकता है ये सब सुनी सुनाई बातें गलत भी हों. इसलिए उसी बात पर भरोसा करो जों देखी हुई हो, भोगी हुई. आज रात मेरे साथ बिताइए, उसके बाद अपनी कोई राय जाहिर कीजिये .
प्रो- लिफाफा देखकर ही मजमून समझ में आ जाता है . तुम्हारी बातें मन को मोहने वाली हैं, तुम्हारी आँखों से मदिरा के प्याले छलक रहे हैं. इस अमृत रस की वर्षा देखकर शक की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती .
किरण- दिखने में जितने भोले हो , उतने ही रंगीन नजर आते हो प्रोफ़ेसर . क्या कोलेज में कोई फुलझड़ी नहीं मिली जों हम लोगों का सहारा लेना पद रहा है.
प्रो- लड़कियां तो बहुत हैं मगर तुम जैसी हसीना कहाँ मिलेगी ? तुम्हारी एक मुस्कान से ही दिल के जख्मों पर मरहम लग जाता है.
किरण- आप भी कुछ कम खूबसूरत नहीं है, जवां मर्द हैं, आप पर भी न जाने कितनी ही जान छिडकती होंगी ?
प्रो- एक थी जिसने पहले तो मुझसे प्यार करने का दावा किया, मेरे मन को लूट लिया और मुझे भी प्यार का पाठ सिकह दिया. पहले मै प्यार के इस चक्कर में पढ़ना नहीं चाहता था लेकिन वह नहीं मानी . उसने
मुझे प्यार करने के लिए मजबूर किया . और जब मै भी प्यार का रोगी बन गया तो उसने मोहब्बत की कसमों को भूलते हुए एक अमीर व्यक्ति से शादी करली.
किरण- ओह, ये तो उसने ठीक नहीं किया. उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था.
प्रो- क्या कहूँ , मैं उसके सामने बहुत रोया, गिडगिडाया मगर वह नहीं पिघली. उसका दिल पत्थर का हो चुका था. उसने मेरी एक न मानी , बाद में पता चला कि उसे दौलत की हवस थी. अपनी जिस्मानी प्यास
बुझाने के लिए उसने मेरे से दोस्ती की थी , और जब उसका स्थाई इंतजाम हो गया तो उसने मुझे ठुकरा दिया.
किरण- तो क्या तुम उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बना चुके थे ?
प्रो- हाँ, कई बार. मैंने बहुत मना किया था, जब वह नहीं मानी तो मैंने उसकी ख्वाहिश पूरी करदी, उसको जिस्मानी सुख दिया. जिस तरह वह चाहती थी , मेरे जिस्म का इस्तेमाल करती थी.
Saturday, February 19, 2011
किरण- क्योंकि तुम्हें चरम सुख तक पहुँचने के लिए समय चाहिए, और इतने समय तक तो कोई मर ही मिटेगी. कोई भी औरत इतना वक्त नहीं दे पायेगी.
सूरज- मुझे क्या तुमने वहशी समझा है ?
किरण- क्या अपनी बेड पार्टनर को समस्त सुख देने वाले को वहशी कहा जाता है ?
सूरज- जिस तरह की व्याख्या कर रही हो, उससे तो ऐसा ही लगता है.
किरण- जी नहीं, उसे कामदेव कहते हैं, तुम सचमुच कामदेव कहलाने लायक हो.
सूरज- जिस प्रिंस के बारे में बात कर रही हो, क्या वह प्रिंस भी कामशक्ति के मामले में मेरे जैसा नहीं था ? वह तो बड़ा आदमी था, अरब था,सुना है वे लोग कामशक्ति बढाने के नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। यहाँ तक कि हमेशा कम उम्र की लड़कियों के साथ ही सेक्स सम्बन्ध बनाते हैं, इस बात में कितनी सच्चाई है ?
किरण- तुने सही सुना है, वे कामशक्ति के मामले में बड़े जागरूक होते हैं, खाते -पीते भी अच्छा हैं और कीमती भस्मों का प्रयोग भी करते हैं। यही वजह है कि वे लोग सेक्सी भी बहुत ज्यादा ही होते हैं। लेकिन इसके बावजूद तुम्हारे जैसा मैंने कोई शेख नहीं देखा, सच कहती हूँ। ये कोई मक्खन लगाने वाली बात नहीं है।
सूरज- इतनी ज्यादा तारीफ़ करोगी तो नुक्सान ये होगा कि मैं घमंडी भी हो सकता हूँ। अगर चाहती हो कि मई हमेशा नम्र ही बना रहूँ तो इसके लिए ये जरूरी है कि तुम मुझे मेरी खासियतों के बारे में नहीं बल्कि कमजोरियों के बारे में बताओ। समझ रही हो ने ?
किरण- तुम बहुत प्यारे हो और प्यार करने का तुम्हें पूरा हक़ है। सच पूछो तो तुम इसी लायक हो। तूम्हारी जो सेक्स करने की शक्ति है, ये असीमित है।, मुझे जितना मजा तुम्हारे साथ आ रहा है उतना किसीके साथ नहीं आया। अरब के जो लोग यहाँ पर सेक्स करने के इरादे से आते हैं, वे हवाश तो खूब करते हैं मगर औरत को पूरी तरह से सुख संतुष्टि नहीं दे पाते। राज की एक बात बताती हूँ। देखो, अगर खुद सुखी रहना है तो यह काम कोई ज्यादा मुश्किल नहीं है। स्वार्थी लोग ये काम बखूबी कर सकते हैं मगर अपने साथ वालों को खुश रखने के बाद खुश रहना बहुत बड़ी बात है। तुम जो करते हो वह कोई नहीं कर सकता। तुम ऐसा प्यार करते हो जिससे कि खुद तो खुश रहते ही हो साथ ही मुझे भी सम्पूर्ण संतुष्टि भी देते हो। बस , यही बात है जो तुमको सबसे जुदा करतीहै।
सूरज- मैं ठहरा गरीब आदमी। मैं भला बड़े लोगों का मुकाबला कैसे कर सकता हूँ।, हाँ, अगर उम साथ देती हो तो आगे से मैं ऐसे काम करने की कोशिश करूंगा जिनसे सभी लोगों को फायदा हो सके । यानी कि मेरे साथ -साथ तुम भी खुश अह सको। क्या इस समय तुम असली सुख यानी परामई सुख को भोगने के लिए तैयार हो ?
किरण- बिलकुल, क्यों नहीं ? मैं तो बेताब हूँ, तुम क्या जानो ,मैं यह जानकार कितनी खुश हूँ कि तुम भी अब बोलने लगे हो। मोहब्बत के इस खेल में असली मजा तभी मिल पाटा है जब दोनों साथी बराबर सक्रीय रहते हैं। इससे पहले तो ऐसा लगता था जैसे कि मई तुम्हारे साथ बलात्कार कर रही हूँ।
सूरज- तुम्हारी जवानी का रस भी चखता रहूंगा और कहोगी तो अभिप्रिय और चांदनी वाला किस्सा भी सुनता रहंगा । तुम जिस्म बेचने वाले गिरोह के चंगुल में कितने दिनों तक रहीं और वहां से किस तरह से निकल पाई ? मैं यह जान्ने के लिए बड़ा बेताब हूँ।
किरण- मैंने प्रिंस नामक शेख को अपनी अदाओं के जाल में उलझा लिया था, उसे खुश रखने के लिए मैंने हर संभव प्रयास भी किये। बहुत तकलीफें उठाई । यहाँ तक कि उसने मेरे साथ अप्राकृतिक कुकरम भी किया , मई बता नहीं सकती , उस समय जो पीड़ा हूई थी। मगर उस नरक से निकलने के लिए उसका साथ देना जरूरी था। चांदनी मेरे हर तरह से मदद कर रही थी। जब वह मेरे साथ सम्बन्ध बनाता था तो चांदनी वहीं पर उपस्थित रहती थी और उस शेख की भावनाओं को भड़का दिया करती थीम जिसमें कारण वह जल्दी ही चरम सुख तक पहुँच जाता था और मुझे कम तकलीफ होती थी। एक बार उसने मुझे पूछा -
- मेरे बाद तुम किसीगैर मर्द के साथ सम्बन्ध मत बनाना , जो चाहोगी इनाम दूंगा ।
किरण- लेकिन आप तो मुझे अपने साथ ले जाने की बात कर रहे हो ।
प्रिंस- अगर वहां नहीं पहुँच पाओ तब भी नहीं। उसका एक कारण है।
किरण- बोलो न, ऐसा भला क्या कारण हो सकता है ? जब आप मुझे अपने साथ नहीं ले जा सकते तो आपको क्या मतलब होना चाहिए, मैं कुछ भी करूं , कहीं भी जाऊं।
प्रिंस- नहीं यार, बात ऐसी है कि तुम पर हमारा दिल आ गया है। पहली बात तो हर तरह से कोशिश की जायेगी कि तुम्हें अपने साथ ले चलूँ , और अगर नहीं भी ले जा पाया तो मेरा दिल भी तुम्हारे साथ रात गुजारने की इच्छा व्यक्त करेगा , इसलिए कहता हूँ मेरे लिए रिजर्व रहना। मुंह माँगी फीस दूंगा।
Friday, February 18, 2011
सूरज- ये हुनर कहाँ से सीख लिया ?
किरण- बस , तुम जैसे दीवानों ने सिखा दिया . तुम जैसे मस्ताने भी कम शौक़ीन नहीं होते हैं ?
सूरज- खैर, हमारी बातें छोडिये, हम तो रात भर करते रहेंगे. बाद में भी कर लेंगे. उस प्रिंस और अभिप्रिय की दास्ताँ सुनाओ. बाद में क्या हुआ ?
किरण- प्रिंस के साथ मै बातचीत भी कर रही थी और उसके खास अंग को सहलाती भी जा रही थी. इससे वह कामोत्तेजित हो गया.तुम मेरे अपने हो , इसलिए तुम कुछ छिपाऊंगी नहीं , जिस तरह से मेरे साथ हादसे पेश
आये हैं, मै उसी तरह से बयां करूंगी. मै ऐसी नहीं हूँ कि अपनी छवि सुधारने के लिए झूठ का सहारा नहीं लूंगी .
सूरज- यही खासियत तो आपको अन्य लोगों से अलग करती हैं. यही अदाएं तो तुमको औरों से अलग और खास बनाती हैं. जितनी मदमस्त तुम्हारी जवानी हैं, उतनी ही प्यारी बातें हैं और उतनी ही अच्छी आदतें हैं.
किरण- शुक्रिया. मैंने प्रिंस के खास अंग को सहला-सहलाकर गर्म कर दिया था. उसका अंग सख्त होकर बड़ा हो गया, अब इतना बड़ा भी नहीं जितना कि तुम्हारा यह महा अंग है. इसके जैसा मदमस्त अंग तो किसी
दूसरे का हो ही नहीं सकता. यह दावा तो मै आँख बंद करके भी कर सकती हूँ.
सूरज- तुमने तो अब तक सकड़ों लोगों के साथ सुहागरात मनाई है, अच्छी तरह से लोगों के गुप्त अंगों को देखा है. ये कैसे हो सकता है , उनमे से मेरी टक्कर का किसी और का हो ही नहीं ?
किरण- इसे चूमने , सहलाने और प्यार करने को जी चाहता है. इसे हमेशा के लिए अपनी आँखों में बसाने को जी चाहता है. इसे देखते ही मै बेहद रोमांटिक हो जाती हूँ, मेरा रोम-रोम कांपने लगता है. कामोत्तेजना की तीव्रता
मुझे मदहोश बना देती है , और मेरे मन का मोर बावला होकर नाचने लगता है.
सूरह- आह, ये शब्द नहीं अंगारे हैं और इन्होने मेरे जिस्म को झुलसा दिया है. मै बेचानियों की हद को पार करने लगा हूँ.
किरण- अपने वादों को मत भूल जाना, ध्यान रखना कि तुमने एक रात में साथ बार सेक्स का आनंद देने का वादा किया है. मुझे तो तुम पर पक्का भरोसा है मगर शराब जितनी मस्ती देने वाली होती है उतनी ही खराब भी होती
है. इसे पीकर ऐसा न हो जाए कि अपना इरादा ही भूल जाओ.
सूरज- जिस शराब को हम पी रहे हैं, यह तुम्हारे हुस्न के नशा के सामने कुछ भी नहीं है,. तुम्हारी शराबी निगाहों के जाम पीपीकर मै धन्य हो रहा हूँ, जिसे पी रहे हैं यह तो नकली शराब है. असली तो मेरे सामने है.
और जब असली शराब ही मुझे दिग्भ्रमित नहीं कर सकती तो असली क्या मायने रखती है ?
किरण- बड़ा सटीक जवाब दिया है. दिल खुश हो गया. आनंद के सागर में हिंडोले मारने लगा. अब देर न करो, मेरे ऊपर छा जाओ. तुम्हारे कलेजे में जों अंगारे दहक रहे हैं, उस आग को भू बुझा दो और मेरे तन -मन की प्यास को बुझाकर
मुझे भी हमेशा के लिए तृप्त करदो, यह वादा तो मै कर ही चुकी हूँ कि तुम्हारे साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद मै अब इस तन को किसी पराये मर्द को स्पर्श भी नहीं करने दूंगी.
सूरज- मेरा भी तुमसे वादा रहा, मैं भी तुम्हारे सिवाय किसी दूसरी लड़की के साथ कभी सेक्स नहीं करूँगा, भले ही इसके लिए मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े, अगर कोई लड़की मेरे सामने नग्न भी होकर आती है तब भी
मैं उसे बुरी निगाह से नहीं देखूंगा. जब भी मेरा दिल चाहेगा, जब भी मेरी कामवासना भड़केगी, तभी मै तुम्हारे पास आ जाया करूँगा.
किरण- सूरज, सच बात तो ये भी है कि हर कोई औरत तुम्हारी प्यास को बुझा भी नहीं पायेगी. क्योंकि तुम बलवान ही इतने हो. जों महिला तुम्हारे साथ बिस्तर पर जंग लड़ेगी वह भी उतनी ही कामुक और शक्तिवान
होनी चाहिए. जों कि बहुत कम मिलती हैं. मेरे कहने का मतलब है कि मुझसे मजा लेने के बाद तुम्हें कोई दूसरी लड़की इतना मजा दे ही नहीं सकती . भले ही ट्राई करके देख लेना.
सूरज- इतने बड़े दावे का कारण ?
किरण- क्योंकि तुम्हें चरम सुख तक पहुँचने के लिए समय चाहिए, और इतने समय तक तो कोई मर ही मिटेगी. कोई भी औरत इतना वक्त नहीं दे पायेगी.
सूरज- मुझे क्या तुमने वहशी समझा है ?
किरण- क्या अपनी बेड पार्टनर को समस्त सुख देने वाले को वहशी कहा जाता है ?
सूरज- जिस तरह की व्याख्या कर रही हो, उससे तो ऐसा ही लगता है.
किरण- जी नहीं, उसे कामदेव कहते हैं, तुम सचमुच कामदेव कहलाने लायक हो.
सूरज- जिस प्रिंस के बारे में बात कर रही हो, क्या वह प्रिंस भी कामशक्ति के मामले में मेरे जैसा नहीं था ?
Thursday, February 17, 2011
उसका पासपोर्ट तक जब्त कर लिया गया था. बड़ी मुश्किल से वह यहाँ आ पाई.
प्रिंस- सब जगह सब लोग एक तरह के नहीं होते, मै भरोसा दिलाता हूँ, तुम्हारे साथ किसी तरह की गद्दारी नहीं की जायेगी.
किरण- वहां पहुंचकर मेरे साथ ऐश करने वालों की संख्या तो नहीं बढ़ेगी ?
प्रिंस -हरगिज नहीं. भले ही रत को मौज मस्ती करने की संख्या बढ़ आजाये मगर मेरे सिवाय और कोई तुम्हें हाथ नहीं लगायेगा. तुम्हें दूसरा कोई घरेलू काम भी नहीं करना होगा. मै तुमको रानी बनाकर
रखूंगा, और ऐसे -वैसे नहीं बल्कि बाकायदा निकाह करके ले जाउंगा. ताकि तुम्हारे मन में भी किसी तरह की कोई हीन भावना न रहे और मैं भी इत्मीनान के साथ तुमसे जी भरके मोहब्बत कर सकूं.
किरण- इससे पहले भी तो आपकी रानियाँ होंगी, फिर उनका क्या होगा ? क्या आप उन्हें तलाक दे देंगे ?
प्रिंस- तलाक देने की क्या जरूरत है, हमारे क़ानून के मुताबिक़ हम ७ निकाह तो कानूनी रूप से भी कर सकते हैं. किसीको कोई दिक्कत नहीं होगी.
किरण- जहां तक क़ानून का सवाल है तो उसकी भूमिका अदालत से शुरू होती है, उससे कई गुना ज्यादा मामले ऐसे होते हैं जों कोर्ट तक पहुँचते ही नहीं और पहुँच भी गए तो अंत में भी इंसान की
इच्छा को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया जाता है. भले किसी क़ानून में ७ निकाह वाजिब हो सकते हैं , मगर किसी भी इंसान की पत्नी यह हरगिज नहीं चाहेगी कि कोई उसके प्यार को आपस में बांटे.
प्रिंस- ये सब पुरानी बातें हैं, आजकल मॉडर्न जमाना है. इतना कोई ध्यान नहीं देता . सब लोग अपने लिए कोई न कोई राह निकाल लेते हैं. महिला को क्या दिक्कत है, भले ही हम १० निकाह करें ,
उन्हें अपने खर्चे पानी से ताल्लुक रखना चाहिए .
किरण- खर्चे पानी के सिवाय क्या हमारी लाइफ में और कुछ नहीं होता है ? क्या महिलाओं की कुछ भावनाएं, कुछ जज्बात नहीं होते ? क्या उनका अपना कोई अस्तित्व नहीं होता ?
प्रिंस- इसमें उन्हें कोई असुविधा नहीं होती. तुम इसलिए चिंता करती हो क्योंकि तुम्हें इसका ज्ञान नहीं है, वैसे प्रत्यक्ष में इसका अपना कोई महत्त्व नहीं है.
किरण- अगर मै दुबई में कोई काम नहीं करूंगी तो मेरा टाइम पास कैसे होगा ? जीने के लिए कुछ तो चाहिए. सिर्फ मौज मस्ती से ही तो कुछ नहीं हो जाता.
प्रिंस- मेरे शो रूम हैं, एक दो नहीं बहुत सारे हैं. अगर चाहो तो वहां पर बैठ सकती हो. मैंने अपनी खुद की एअर लाइन की मंजूरी के लिए भी आवेदन किया है अगर हो गया तो तुम मेरी उस कंपनी को भी
संभाल सकती हो, तुम एअर होस्टेस हो, तुम्हें इस मामले की पूरी नोलेज भी है.
प्किरण- क्या अभिप्रिय को यह पसंद आएगा ? क्या वह इसका विरोध नहीं करेगा ?
प्रिंस- क्यों ? उसे क्या पडी है ? उसकी जों अपेक्षा है, उतना मै उसको एकमुश्त भुगतान कर दूंगा. लेकिन इसके बाद फिर मै तुम्हें किसी दूसरे मर्द एक साथ सम्बन्ध नहीं बनाने दूंगा .
किरण- मुझे डर लग रहा है. कहीं कुछ गडबड न हो जाए . ऐसा न हो कि आपस में ही मनमुटाव हो जाए . अभीप्रिय को बुरा नहीं लगना चाहिए . शायद वह मुझे प्यार करता है .
सूरज- अच्छा, तुमने यह बात उस अरब शेख प्रिंस को भी बत्लादी . फिर क्या हुआ ?
किरण- वह जोर-जोर से ऐसे हंसा जैसे कोई पागल हंस रहा हो. उसकी हंसी थम ही नहीं रही थी. मुझे तो चांदनी पहले ही बता चुकी थी कि संबहलकर रहना है. इसलिए मै जों भी बात करती थी , ऐसी करती
थी जों अभिप्रिय तक पहुँच भी जाएँ तो उसे अच्छी लगें. मै अभिप्रिय पर इमोशनल वार करना चाहती थी.
सूरज= अच्छा, तुम तो उसके साथ शराब पी रही थीं, क्या तब भी तुम अच्छी तारह से सब कुछ सोच सकती थीं ?
किरण- हाँ, हाँ क्यों नहीं ? क्या मै अब ठीक तरह से नहीं सोच रही हूँ, जबकि तुम्हारे साथ जमकर शराब का आनंद भी उठा रही हूँ. मुझे पीने की आदत तो नहीं थी लेकिन हाँ, कभी कभार यार दोषों के साथ
पैग मार लिया करती थी, दोस्तों की हठ पर धुना भी उड़ा लिया करती थी. वैसे कितना भी पिऊ.लेकिन होश बराबर रहता है.
सूरज- ये हुनर कहाँ से सीख लिया ?
किरण- बस , तुम जैसे दीवानों ने सिखा दिया . तुम जैसे मस्ताने भी कम शौक़ीन नहीं होते हैं ?
सूरज- खैर, हमारी बातें छोडिये, हम तो रात भर करते रहेंगे. बाद में भी कर लेंगे. उस प्रिंस और अभिप्रिय की दास्ताँ सुनाओ. बाद में क्या हुआ ?
किरण- प्रिंस के साथ मै बातचीत भी कर रही थी और उसके कहास अंग को सहलाती भी जा रही थी. इससे वह कामोत्तेजित हो गया.
पार्वती पुथानार नहर से इस महिला और बच्चों को स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला और एक अस्पताल ले गए, जहां पर इन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वैन के चालक के मुताबिक, वाहन में नौ बच्चे और एक परिचारिका सवार थी। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए की नहर में कोई बच्चा छूट नहीं गया है, इसकी तलाशी ली जा रही है।
यह सभी बच्चे पेट्टाह इलाके स्थित अपने विद्यालय की ओर जा रहे थे। यह सभी बच्चे एलकेजी और यूकेजी के छात्र है।
इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में गुरुवार को एक तेज रफ्तार स्कूली बस ने एक छात्रा को कुचल दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। छात्रा की मौत से नाराज भीड़ ने हिंसक प्रदर्शन करते हुए तोड़फोड़ और पुलिस से झ्झड़प की। घटना शहर के सासनीगेट इलाके की है, जहां आगरा रोड पर सुबह दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस-अलीगढ़) की तेज रफ्तार बस ने स्कूटी से कॉलेज जा रही छात्रा अनीता को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक बस छोड़कर फरार हो गया। अनीता स्थानीय राम कटोरी वार्षनेय इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा थी।
घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया और खाली स्कूल बस में तोड़फोड़ की। सासनीगेट थाना प्रभारी कमला शंकर ने संवाददाताओं से कहा कि हालात काबू में करने के लिए मौके पर पहुंचे पुलिस बल से उग्र लोगों ने धक्का मुक्की करते हुए झड़प की। शंकर ने कहा कि फिलहाल हालात काबू में हैं। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फरार बस चालक की तलाश की जा रही है।

भुवनेश्वर। उड़ीसा के मलकानगिरी जिले के जिलाधिकारी का नक्सलियों द्वारा अपहरण किए जाने की गुरुवार को पुष्टि कर दी गई। नक्सलियों ने उनकी रिहाई के लिए दो शर्ते रखी हैं। वह बुधवार से लापता थे।प्रदेश में नक्सलियों ने पहली बार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) स्तर के किसी अधिकारी का अपहरण किया है।
बुधवार को रात तक जिलाधिकारी आर. वेनेल कृष्णा के मुख्यालय वापस नहीं पहुंचने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने उनकी तलाश शुरू कर दी थी। कृष्णा कुछ अन्य अधिकारियों के साथ बुधवार सुबह चित्रकोंडा इलाके में जनसंपर्क बैठकों में हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए थे।
प्रदेश के खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सूचना मिली है कि नक्सलियों ने कृष्णा और एक अन्य अधिकारी का अपहरण किया है।उन्होंने कहा कि अपहरण के समय कृष्णा के साथ मौजूद एक अन्य अधिकारी जिला मुख्यालय लौट आए हैं। नक्सलियों ने इस अधिकारी को एक नोट दिया है, जिसमें सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। जिलाधिकारी की रिहाई के लिए दो शर्ते रखी गई हैं।
इन शर्तो में इलाके में नक्सल विरोधी अभियान रोकने और अब तक गिरफ्तार किए गए सभी नक्सलियों को रिहा करने की मांग शामिल है।
कृष्णा आंध्रप्रदेश के हैदराबाद के उपनगर चंदानगर के निवासी है और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद अगस्त 2005 में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए थे। 16 महीने पहले उन्हें मलकानगिरी का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया थ
आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि प्रशांत नामक युवक ने पुलिस अधीक्षक केएजे नरसन से पिछले दिनों मुलाकात कर उसे धोखे से किन्नर बनाने की दास्तां बयां की है।
सूत्रों के मुताबिक खुद पर हुई ज्यादती के बाद अंजलि किन्नर बने प्रशांत ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि जिले में एक किन्नर गिरोह, सुन्दर दिखने वाले गरीब युवकों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर पहले विश्वास में लेता है और फिर नशे का इंजेक्शन देने के बाद उनका गुप्तांग काटकर उन्हें किन्नरों का जीवन जीने के लिये मजबूर कर देता है। इसके अलावा इनमें से कई लोग देश के बड़े शहरों में बेचे जाने को विवश भी किये जाते हैं।
प्रशांत ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि अब तक करीब 12 युवकों को किन्नर बनाकर देश के विभिन्न शहरों में बेचा जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत ने कहा है कि अंसार नाम के एक किन्नर ने उसकी गरीबी का फायदा उठाकर पहले तो उस पर हजारों रुपए खर्च कर ऐश-ओ-आराम भरे दिन दिखाए और फिल्मों में काम दिलाने के लिये बाल बढ़ाने और फिर महिलाओं के कपड़े पहनने को कहा था। कुछ दिन के बाद अंसार ने उसे नशीला इंजेक्शन देकर उसका गुप्तांग काट दिया। प्रशांत के मुताबिक शहर के गढ़ी कोहना क्षेत्र का निवासी अंसार किन्नर नौजवानों को किन्नर बनाने वाले संगठित गिरोह का सरगना है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस मामले की जांच कर रही है।
