Wednesday, March 9, 2011

नेरचौक। मगर पाधरू पंचायत के एक बहादुर युवक ने नरभक्षी तेंदुए को मौत के घाट उतार दिया। युवक आधे घंटे तक तेंदुए से भिड़ता रहा और बाद में दराट से उसे मार डाला। युवक गंभीर रूप से घायल है। उसे मंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।


इंद्र सिंह (36) ने कहा, सोमवार शाम वह अपने खेत में घास काट रहा कि अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। हमला होते ही उसने फुर्ती दिखाते हुए तेंदुए पर दराट से वार कर दिया। दोनों के बीच आधे घंटे तक घमासान जारी रहा। तेंदुए ने उस पर कई घातक वार भी किए, लेकिन आखिर में इंद्र सिंह का हौसला जीत गया और उसने तेंदुए को मार गिराया। घायल इंद्र सिंह को लोगों ने रति अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे मंडी अस्पताल रेफर कर दिया गया।


वन विभाग के कर्मचारियों ने तेंदुए के शव को कब्जे में ले लिया है। डीएफओ बी.के. बाबू ने बताया कि इंद्र सिंह को फौरी राहत के तौर पर पांच सौ रुपए दिए गए हैं। उसे वन विभाग के नियमों के अनुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी। डीसी डॉ. अमनदीप गर्ग ने कहा, तेंदुए के हमले से घायल इंद्र सिंह के उपचार के लिए रेडक्रॉस मंडी की ओर से धन की व्यवस्था की जाएगी।


याद आई निर्मला

सात साल पहले बल्ह में ही एक हमलावर तेंदुए को एक महिला ने मार गिराया था। निर्मला नाम की महिला जब खेतों में घास लेने गई थी तो तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। लेकिन निर्मला ने दरांती से तेंदुए पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। निर्मला को प्रदेश सरकार की ओर से सम्मानित किया गया थ

No comments: