Thursday, March 17, 2011

कुंवारी सुहागिन , भाग--16
अमृता उसे ऐसी आँखों से निहारने लगी मानो पूजन के पास सभी समस्याओं का समाधान मौजूद हो. पूजन अपने कपडे उतारने में मशगूल था, जब वह बिलकुल नग्न हो गया तो उसने अम्राता को भी नग्न करना
शुरू कर दिया, थोड़ी सी नानुकर करने के बाद वह भी चुप हो गयी. जब पूजन ने बिना कपड़ों की अम्राता को देखा तो पागलों की तारह देखता ही रह गया. वह बेहद सुन्दर नजर आ रही थी. उसके यौवन के
उभारों ने पूजन के दिल में खलबली मचादी . यह ऐसी उथल-पुथल थी जिसे बताना भी मुश्किल था और छिपाना भी मुश्किल था. पूजन का गुप्त अंग पूरी तरह से तैयार हो चुका था, उसकी सख्ती बता रही थी
की वह भूखे भेडिये की तारह अपने शिकार पर टूट पड़ने के लिए तैयार है. पूजन उसे बांहों में भरकर बोला-
-अब हम दोनों सुहागरात के लिए तैयार हैं. दुआ करो की ये पल हमेशा के लिए यादगार बन जाएँ, इन हसीन क्षणों को कभी किसीकी नजर न लगे.
अमृता- जों करना है वो तुम करो , मुझे तो नींद आ रही है. मैं लेट जाती हूँ. प्यार का रंग महसूस करने दो .
पूजन के चेहरे की मुस्कान गहरी हो गयी , अमृता उसे प्यार करने की साइलेंस अनुमति दे चुकी थी. इस वक्त वे दोनों नग्न अवस्था में थे. अमृता की पलकें हया से झुकी थीं, पूजन भी निर्वस्त्र था. उसका
संवेदनशील अंग पहले से भी ज्यादा सख्त हो गया था. वह बेड पर लेटी हुई हसीना के पास झुका , पहले उसके होठों का एक चुम्बन लिया और फिर उसके नग्न जिस्म को सर से लेकर पाँव तक चूमने लगा.
अमृता थोड़ी सी विचलित हुई लेकिन पूजन ने उसके साथ गर्मागर्म बातें करनी चालू करदी. बोला-
- तुम्हारी भाभी को जब तुमने सेक्स करते देखा तो तुम्हारी भावनाएं भी भड़क उठीं थीं, मैं तुम्हें इतना आनंद दूंगा की भाभी को उसके आशिक ने कभी नहीं दिया होगा . यह मेरा दावा है. जों सुख हम प्राप्त करने
जा रहे हैं, यह ऐसा है की हम जितना सुख लुटाएंगे हमको उतना ही ज्यादा सुख मिलेगा .
अमृता- हाँ, भाभी तो उस समय बहुत खुश थीं, उनका आशिक उन पर छाया हुआ था, वे कराह रही थीं, उसे अपनी तारफ खींच रही थीं, ऐसा लगता था जैसे वे दोनों एक दूसरे के जिस्म में हमेशा के लिया समा जाना
चाहते हों, उन्हें देखकर ऐसा लगता था जैसे उन्हें दुनिया की हर खुशी मिल गयी हो.
पूजन- बात सही है. कामक्रीड़ा अगर सफल हो जाए तो वास्तब में बहुत सुख मिलता है, उस आनंद की कल्पना भी नहीं की जा सकती. लेकिन अगर सेक्स सफल न हो तो बहुत तकलीफ भी होती है , अक्सर ऐसा
देखा गया है की जब किसी लड़की के साथ कोई जबरदस्ती सेक्स सम्बन्ध बनाता है तो पीड़ित लड़की अपना होश तक खो बैठती है, कभी -कभी वह कोमा में भी चली जाती है. मुंबई में ऐसे कई केस हुए हैं.
अमृता- अच्छा , हाँ मैंने भी अखबारों में समाचार पढ़े हैं. ऐसा कैसे हो जाता है ?
पूजन- इसका असर दिमाग से होता है . जब सहमति से शारीरिक सम्बन्ध बनाए जाते हैं तो अत्यंत आनंद की अनुभूति होती है. दिमाग में डर की बजाय आनंद का आवास होता है. अगर दोनों पार्टनर चरम सुख तक
पहुँच जाएँ तो उन दोनों के आनंद की सीमा नहीं होती. वे परम सुख और चरम सुख को प्राप्त करते हैं. सफल सेक्स के बाद दोनों पार्टनर अपने जीवन में भी सफल होते हैं. देखा आजाये तो हम ये कह सकते हैं की '
सहमति के साथ किये गए सेक्स से हमें पोजीटिव ऊर्जा मिलती है, हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है.
अमृता- असफल सेक्स से क्या नुक्सान हो सकते हैं ?
पूजन- बहुत से नुक्सान हो सकते हैं. जैसे की लड़की या लड़का चिडचिडे हो सकते हैं. जिदंगी जीने का उनका नजरिया थोड़ा सा नेगेटिव हो जाता है. वे समझते हैं की जिस तारह वे बिस्तर पर अपनी पार्टनर को सन्तुष्ट
नहीं कर पाए उसी प्रकार अपने प्रोफेशन में भी सफल नहीं हो पायेंगे. कहीं न कहीं उनके मन के अंदर हीन भावना घर कर जाती है.
अमृता- अच्छा, क्या इसीलिए भाभी दूसरे व्यक्ति के साथ संतुष्टि तलाशती है ?
पूजन- यह स्वभाविक है, जब हम एक जगह से संतुष्ट नहीं हो पाते, तो कमजोर हो जाते हैं. गलत फैसले लेने लगते हैं. जबकि सही और गलत में बहुत सूक्ष्म अंतर होता है. जिसने इस अंतर को पहचान लिया वह
सक्सेस हो जाता है , जों नहीं समझा वह गलत निर्णय ले लेता है.
अमृता- हाँ, ठीक कहते हो.
पूजन- अगर इस प्यार में हम थोड़ा सा अल्कोहल भी मिलादें तो मस्ती हजार गुना बढ़ जायेगी.
अमृता- वो कैसे होगा ?
पूजन- मैं अभी बोतल निकालकर लाता हूँ, थोड़ा-थोड़ा पीयेंगे , एकाध सिगरेट मारेंगे तब देखो, जोश और भी कई गुना ज्यादा बढ़ जाएगा

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