Friday, March 18, 2011

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जयपुर/सवाई माधोपुर/सूरवाल। सवाई माधोपुर के सूरवाल कस्बे में वृद्धा की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर गुरुवार शाम को छात्र नेता राजेश मीणा बाईस मीटर ऊंची पानी की टंकी से आग लगाकर कूद गया। राजेश की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद गुस्साए करीब तीन हजार लोगों ने पुलिस पर पथराव किया तथा मौके पर खड़े मान टाउन थाना प्रभारी फूल मोहम्मद की जीप तथा एक अन्य जीप को घेर लिया और आग लगा दी। थाना प्रभारी जीप में जिंदा जल गए। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फूल मोहम्मद को शहीद का दर्जा देने, परिवार को 25 लाख, बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने, एमआईजी मकान और आश्रित को नौकरी देने की घोषणा की है।

घटना के दौरान वहां मौजूद पुलिस अधिकारी तथा जवान भीड़ को देख हवाई फायर करते हुए भाग गए। बाद में भारी पुलिस जाप्ते के साथ वापस आए तब तक थाना प्रभारी की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद आसपास के पांच जिलों की पुलिस सवाई माधोपुर भेजी गई है और जिले में धारा 144 लगा दी गई है। बिगड़ते हालात के मद्देनजर देर रात पुलिस इंस्पेक्टर के शव को पोस्टमार्टम के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया है।

सुरवाल के पास स्थित करमदा बाईपास पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने जाम लगा दिया। जाम में पुलिस की गाडिय़ां फंस गईं। करमोदा बाइपास सूरवाल तथा सवाई माधोपुर के बीच में है, जिसके चलते पुलिस फोर्स सूरवाल तक नहीं पहुंच सकी। रास्ता खुलवाने के लिए पुलिस ने फायरिंग की। जिससे करमोदा निवासी सिराज (20)घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल भेज दिया। सुरवाल में भड़की भीड़ के हत्थे चढ़े करीब पंद्रह पुलिसकर्मी घायल हो गए। सवाई माधोपुर एसपी विष्णु कांत ने थाना प्रभारी फूल मोहम्मद की पुलिस जीप में जिंदा जलने से मौत होने तथा 15 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही हैं।

भीड़ को देख भाग गए पुलिस प्रशासन के अधिकारीराजेश के टंकी से नीचे कूदते ही वहां खड़े सीआई फूल मोहम्मद राजेश को उठाने दौड़े। इस दौरान आRोशित भीड़ ने पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारियों पर हमला कर दिया। भीड़ को अपनी ओर आते देख पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारी जिसको जहां से जगह मिली वह वहां से भाग लिया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरु कर दिया। पुलिस ने हवाई फायर किए। एक भारी पत्थर थाना प्रभारी फूल मोहम्मद के सिर पर लगा। लहूलुहान थाना प्रभारी किसी तरह से जीप के पास पहुंचे तथा जीप को स्टार्ट करने लगे तभी ग्रामीण जीप तक पहुंच गए तथा उनके सिर पर डंडे, पत्थर से दे मारी। जिससे वे जीप की स्टेरिंग पर बेहोश हो गए। भीड़ ने फूल मोहम्मद की जीप तथा एक अन्य जीप को घेर लिया तथा आग लगा दी। स्टेरिंग पर बेहोश थाना प्रभारी फूल मोहम्मद जिंदा जल गए।

..तो बचा लेते थाना प्रभारी को टंकी से कूदने की घटना के बाद पब्लिक को अपनी ओर आते देख पुलिस के जवान, जिला प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल से भाग गए। वहीं पुलिस अधिकारी को पुलिस जीप में जिंदा जलता देख आक्रोशित लोग भी वहां से भाग गए। कुछ ही देर में चारों तरफ सन्नाटा छा गया। इस दौरान थाना प्रभारी जीप में जलते रहे और किसी ने भी बचाने का प्रयास नहीं किया।

राजस्थान विवि में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा थाराजेश मीणा राजस्थान विश्वविद्यालय में वर्ष 2010 में छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुका है। राजेश लोक प्रशासन से एमए कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने की समीक्षादिल्ली का दौरा रद्द कर आए मुख्यमंत्री ने देर रात गृह विभाग और पुलिस के आला अफसरों की बैठक बुलाकर सवाईमाधोपुर की घटना का जायजा लिया और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने घटना की जांच भरतपुर के संभागीय आयुक्त को सौंपी और मौके से भागने वाले सीओ महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। उन्होंने शहीद के नाम पर स्कूल का नामकरण करने की भी घोषणा की।

यह था मामलासूरवाल में 25 फरवरी को अज्ञात लुटेरों ने महिला दाखा देवी की जेवरात लूटने के बाद दोनों पैर काटकर हत्या कर दी थी। ग्रामीण हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। राजेश मीणा ने 14 मार्च को इस मामले को लेकर आंदोलन शुरू किया था। गुरुवार सुबह राजेश मीणा तथा बनवारी मीणा पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर जा चढ़े तथा पांच बजे तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं करने पर आग लगाकर कूदने की चेतावनी दी। पुलिस प्रशासन द्वारा यह चेतावनी अनसुनी करने के बाद शाम पांच बजे राजेश खुद को आग लगाकर टंकी से कूद गया।

मैंने चेता दिया था गृह मंत्री, डीजीपी को : अलाउद्दीनजयपुर। सत्तारूढ़ दल के सवाई माधोपुर विधायक अलाउद्दीन आजाद ने कहा है कि इलाके के समाजकंटक फूल मोहम्मद की जान के पीछे कई महीनों से पड़े थे। मैंने छह महीने पहले गृह मंत्री शांति धारीवाल और डीजीपी हरीशचंद्र मीना को लिखकर दिया था कि इनकी जगह किसी दूसरे को लगा दो। उन्होंने कहा कि इलाके में चोरियां बढ़ गई थीं तो फूल मोहम्मद को लगाया था।

जयपुर में एसआई को जला दिया थाजयपुर में घाट की गुणी स्थित सिसोदिया गार्डन के पास उप निरीक्षक मेहर सिंह को तेल डालकर जिंदा जला दिया गया था। एक अक्टूबर, 1996 को हुई इस घटना का आज तक खुलासा नहीं हो सका।

1972 में फूंक दी थी कोतवालीसवाई माधोपुर में 1972 में चोरियां बेहद बढ़ गई थीं। पुलिस के प्रति लोगों का गुस्सा तब इतना बढ़ गया था कि वे बेकाबू हो गए और कोतवाली को घेर लिया। गुस्साए लोगों ने कोतवाली फूंक दी थी। पूर्व डीजीपी अमिताभ गुप्ता कहते हैं, 1972 की यह घटना जनआक्रोश का एक उदाहरण थी, लेकिन इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। विधायक अलाउद्दीन आजाद कहते हैं, 1972 की वह घटना एक बार फिर ताजा हो गई है।

कठघरे में कलेक्टर-एसपीन मौके की नजाकत समझी, न की त्वरित कार्रवाई

चूक 125 फरवरी को लूट के बाद महिला की हत्या के मामले के दोषियों को गिरफ्तार करने में पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई। ग्रामीण गिरफ्तारी की मांग करते रहे लेकिन पुलिस को हत्यारों का सुराग ही नहीं लगा। दिनोंदिन मामला लगातार टलने से लोगों का आक्रोश बढ़ता गया।

214 मार्च को आंदोलन की कमान राजेश मीणा के हाथ में आने, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन होने और 15 मार्च को सूरवाल कस्बे के बाजार बंद रहने के बाद भी प्रशासन अंदाजा नहीं लगा पाया कि मामला उग्र हो सकता है। कलेक्टर रविकुमार और एसपी विष्णु कांत ने इसे हल्के में लिया।

3गुरुवार को सुबह नौ बजे एक अन्य छात्र के साथ राजेश के पेट्रोल की बोतलें लेकर टंकी पर चढऩे और कूदकर जान देने की चेतावनी को पुलिस ने कोरी धमकी माना। शाम पांच बजे तक टंकी पर चढ़े छात्रों के आठ घंटे बीत जाने के बाद भी मौके पर जाल या अन्य इंतजाम नहीं किए।

4खुद को आग लगाकर राजेश के टंकी से कूदने के बाद उग्र हुई भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय मौके पर मौजूद उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी भाग छूटे। भीड़ ने मानटाउन थाना प्रभारी फूल मोहम्मद को जीप के साथ जिंदा जला दिया। तब भी आला अफसरों ने मुड़कर नहीं देख

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