Wednesday, March 23, 2011

कुंवारी सुहागिन , भाग -21
- कैसा महसूस कर रही हो मेरी जान ?
अमृता- बहुत तकलीफ हो रही है. ऐसा लगता है जैसे की किसी ने मिर्च डाल दी हो.
पूजन- शुरुआत में थोड़ी सी तकलीफ तो होती ही है. मगर बाद में ये सब ठीक हो जाएगा . अनुभव कैसा रहा ?
अमृता- अब तो खुद को तुम्हारे हवाले कर दिया है. जों होगा सो देखा जाएगा .
पूजन- दिन में ही संपन्न हुई हमारी ये सुहागरात आपको मुबारक हो मेरी जान. अब देखना , रोजाना इसी तरह की सुहाग्रातें जमेंगी . हम प्यार की दुनिया में एक नई ऊंचाई का निर्माण करेंगे . मेरा साथ दोगी न ?
अमृता- हाँ, अब तो करना ही होगा . साथ लेना और देना ही होगा . जब ये प्यार का रोग लगा ही लिया है तो इश्क का मरहम लगाना ही होगा. मैं अब हर हालत में इस सुखद यात्रा को अनवरत चालू रखना है.
पूजन - आने वाली पीढ़ी के लोग हमसे सबक सीख सकें, प्यार का ऐसा उदाहरण पेश करना है
अमृता - हाँ, आप इस सफर के अकेले मुसाफिर नहीं हैं, मैं भी हमसफ़र बनकर साथ -साथ रहूंगी . हर कदम पर साथ चलूंगी . लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कुछ भूल रही हूँ, कुछ आत्मग्लानि जैसे भाव मन
में उत्पन्न हो रहे हैं, या कुछ और है , ठीक से बता नहीं सकती. सेक्स करते समय हम कुछ भूल तो नहीं गए ?
पूजन- भूल तो कुछ नहीं की, तुमको ऐसा भ्रम हो रहा होगा, हो सकता है पहली बार शारीरिक सम्बन्ध बनाने के कारण ऐसी स्थिति हो रही होगी .
अमृता- जब आप मुझे सेक्स करने के लिए प्रेरित कर रहे थे , उस समय तो आपने हेलमेट पहनने की बात कही थी मगर फिर बाद में आपने ऐसा नहीं किया. इसे मैं क्या समझूं ?
पूजन- अरे हाँ, ये तो गंभीर भूल है. वास्तब में हमें सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए थे, जों की हम नहीं कर पाए. अब जों हुआ सो हुआ . किसी तारह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. मैं बिलकुल फिट हूँ , तुम भी
शारीरिक और मानसिक रूप से तंदुरुस्त हो , किसी तारह की कोई दिक्कत नहीं होगी.
अमृता- मैंने भले ही आपके साथ पहली बार कामक्रीड़ा की है, मगर आपने बताया की आप अक्सर अन्य महिलाओं के साथ ऐसा सुख लूटते रहते हैं. आप ठीक हैं, लेकिन जिनके साथ आप सम्बन्ध बानाते हैं, अगर उनमे से
किसीको एक को कुछ हुआ , जैसे की एड्स या अन्य कोई बीमारी हुई और जोश-जोश में आप उनके साथ भी सुरक्षा भूल गए तब क्या होगा ?
पूजन- मैं तो शेखी बघार रहा था, तुम्हारे सामने ऐसे ही फेंक रहा था ताकि तुम कन्वेंस हो जाओ , वैसे असलियत में ऐसी कोई बात नहीं है.
अमृता- तो आप ये कह रहे हो की आपने भी मेरे साथ पहली बार जिस्मानी समबन्ध बनाए हैं . इससे पहले आपने कभी कैसी अन्य महिला के साथ इतने गहरे सम्बन्ध नहीं बनाए ?
पूजन- किसीके साथ भी सम्बन्ध नहीं बनाए, ऐसा कहना तो बेमानी होगा मगर हाँ , इतना भी बुरा नहीं हूँ जितना की पूर्व में बता चुका हूँ.
अमृता- आप तो कह रहे थे की जब आप कवी सम्मलेन के लिए शहर से बाहर जाते हैं तो वहाँ पर अक्सर मैलाओं के साथ गुलछर्रे उड़ाते हैं.
पूजन- नहीं यार , वो तो हमने ऐसे ही कह दिया था. प्यार की झोंक में , वासना की झोंक में . वैसे सच्चाई तो ये है की हम लोग बदनामी से बहुत डरते हैं. अखबार वाली , टीवी चैनल वाले सब लोग हम पर
निगाह रखे होते हैं. जरा ऊंचा -नीचा हुआ तो साले बजा डालते हैं.
अमृता- अब क्या बचाव किया जा सकता है ?
पूजन- तुमने ड्रिंक लिया हुआ है इसलिए कोई दवा खाना भी ठीक नहीं है. बेफिक्र रहो कुछ नहीं होगा. चलो फ्रेश होकर आते हैं. खाना तैयार है दोनों खाना खाकर एक बार और मजा लेते हैं. उसके बाद तुम घर चली जाना.
इस वक्त जाना ठीक नहीं है, क्योंकि एक तो तुम नशे में हो और दूसरी बात अभी -अभी सेक्स किया है.
अमृता- मेरी टांगें दुःख रही हैं. .
पूजन- बाथरूम में चलो न , पहले तो तुम्हें नहलाता हूँ, इसके बाद पैर दबा दूंगा. एक क्रीम लगा दुनगा ठीक हो जाओगी . दर्द के बिना सुख कहाँ मिलता है ? दर्द भी जरूरी होता है जीवन में .
अमृता- इतना दर्द मैं सहन नहीं कर पाउंगी.
पूजन- एक बार और आनंद लेंगे तो सब ठीक हो जाएगा.

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