कुंवारी सुहागिन - 27
पूजन- हाँ, सिद्धार्थ थियेटर है उधर. उससे आगे एक होटल है.
महिला- बिलकुल सही पहुँच गए, लेकिन आपको उस होटल में नहीं उससे अगले वाले होटल में आना है. उसकी दूसरी मंजिल पर २०३ नंबर का कमरा है. अपने साथ कंडोम मत लाना . यह
वहाँ पर मिल जायेंगे. वहाँ तुम्हें एक निहायत खूबसूरत महिला मिलेगी. वह महिला नकाब पहने हुए होगी . उसके हाथ में गुलाब का फूल होगा. उसका नाम रोशनी है.
पूजन- उस महिला का मैं क्या करूँगा ?
महिला- उसीके साथ तुम्हें सेक्स करना है, जब तक वह सन्तुष नहीं हो जाती तब तक तुम्हें छुट्टी नहीं मिलेगी . समझ रहे हो न . अगर इसमें कोई हील हवाली की तो खैर नहीं है.
पूजन- मैं अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोडूंगा, जिस तरह से मैं नेचुरल सेक्स करता हूँ उसी तरह से करूँगा . किसी प्रकार की शिकायत का मौक़ा नहीं दूंगा , लेकिन शंका और खौफ के साये
में भला किसी अपरिचित के साथ सेक्स कैसे किया जा सकता है ? अगर शारीरिक सुख वसूलना है और सम्पूर्ण सुख सुविधा चाहिए तो उसके लिए महिला और पुरुष में मैत्री भी होनी चाहिए
, जब तक दोस्ती नहीं होगी , एक दूसरे से जान -पहचान नहीं होगी , सफल सेक्स नहीं हो सकता .
महिला- आप तो उस लड़की का चेहरा भी नहीं देख सकते. वह नकाब में रहेगी, तुम्हें देखने की कोशिश भी नहीं करनी है . हाँ, उसका बाकी बदन देख सकते हो. यकीन मानो , बहुत खूबसूरत
है, मैंने उसे देखा है. एक -एक अंग लाजवाब है, उसे पाकर तुम धन्य हो जाओगे, उसकी जवानी का रस पीकर तुम दुनिया की सारी महिलाओं को भूल जाओगे , ये मेरा दावा है. ऐसी करारी
चीज है वो, तुम्हारी परिक्षा इसी बात में है की तुम उसके साथ बिना ज्यादा बात किये, यहाँ तक की चेहरा देखे बिना भी उसके साथ पूरा इंजॉय करो और वह भी तुम्हारी मर्दानगी के सबूत लेकर
मेरे पास तक आये, मैं भी उसे देखकर खुश हो सकूं.
पूजन- उस अनजान लड़की पर इतनी मेहरबानी का कारण सकता हूँ, जानना भी चाहता हूँ.
महिला- सवाल करने की स्थिति में नहीं हैं आप. ध्यान रखिये की इस समय आप मुजरिम हैं, एक ऐसा मुजरिम जिसने अपनी वासना की भूख को शांत करने के लिए एक नाबालिग छात्रा को डराया
, धमकाया , बहकाया और फिर उसके साथ बलात्कार कर उसे लहूलुहान कर दिया . जब वह लड़की भागकर छत पर आ गयी तो आपने उसे नीचे गिराकर मारने की कोशिश भी की ताकि सबूतों को मिटाया
जा सके, ऐसा करके आप क़ानून की नजर से बचना काहहते थे.
पूजन- मैं पहले भी इस सबका खंडन कर चुका हूँ. बता चुका हूँ की मैंने उसकी राजी से सेक्स किया था, मैंने कोई जोर जबरदस्ती नहीं की .
महिला- अमृता के यौवंद्वार पर चोट के निशाँ इस बात के गवाह हैं की तुमने जरूर उसके साथ दुष्कर्म किया है.तुम्हारे कहने से वो राजी से किया गया खेल नहीं हो जाता, समझे मिस्टर कवी.
पूजन- आपसे तो मुझे डर लगने लगा है. आप क़ानून की भाषा बोलती हैं, या तो आप वकील हैं, या फिर लौ कर रही होंगी ?
महिला- मैं कण हूँ, क्या हूँ, कहाँ रहती हूँ, क्या खाती क्या पीती हूँ, इसमें इंटरेस्ट लेना बंद कीजिये, वरना बहुत भारी पडेगा , हाँ कहे देती हूँ.
पूजन- कहीं आप पुलिस में तो नहीं ? मुझे होटल भेजकर रंगे हाथों पकड़ने का इरादा तो नहीं है ?
महिला- तुम मेरा वक्त जाया कर रहे हो. सीधी सी बात को घुमा -फिराकर खींचना चाहते हो. सीधे-सीधे कह क्यों नहीं देते की आपको मेरी बात नहीं माननी है. मैं कर लेती हूँ जों मुझे करना है.
पूजन- अच्छा , समजह गया कहीं तुम किसी चैनल की रिपोर्टर तो नहीं हो ? आजकल चैनल वाले भी एक्सक्लूसिव के चक्कर में इस तारह के चोचले करते रहते हैं.
महिला- ठीक है, मैं फोन रखती हूँ, जब तुम खुद अपनी बर्बादी की कहानी लिखना चाहते हो तो मैं भला तुम्हें रोकने वाली कौन होती हूँ.
पूजन- अगर तुम्हें फोन रखना होता तो अब तक कबकी रख चुकी होतीं, मुझे बर्बाद करने की तमन्ना रखने वाली अब तक चुप नहीं बैठती . उसे जों करना है वह कर गुजरती . तुम्हारे पास मेरा
नंबर भी है, तुम्हें मेरे घर की हर गतिविधि भी मालूम है, इससे साफ जाहिर होता है की तुम यहीं कहीं आसपास की हो और मेरे आसपास में ऐसी कोई नहीं जिसका इतिहास -भूगाल मैं नहीं जानता ,
बहुत जल्दी मैं गिरफ्तार होने वाला नहीं हूँ, तुम्हारे कहने से भी कुछ होने वाला नहीं है. जब तक लड़की खुद बयां नहीं करती की उसके साथ किसने क्या किया है ?
महिला- अगर मैं ये कहूँ की लड़की बयां दे चुकी है, और वह बयां तुम्हारे खिलाफ है तो ?
पूजन - तो साफ़ हो जाता है की फिर कोई तीसरा व्यक्ति जैसे की आप कुछ कर ही नहीं सकते, एक बार उसने बयां दे दिया तो दे दिया. फिर मैं तुम्हारी धौंस क्यों सहूँ. जों होगा सो होगा , लेकिन
ध्यान रखना अरमान तुम्हारे भी जलेंगे . सुख से तुम भी नहीं रह पाओगी.
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