नई दिल्ली।
जाट आंदोलन: आंदोलनकारी की मौत, तेज हो सकता है आंदोलन
चण्डीगढ। जाट आंदोलन के कारण रेल यातायात अस्त-व्यस्त हो गया। ट्रैक पर जमे जाटों के कारण यात्रियों को बुधवार भी परेशानी हुई।
आंदोलनारी बुधवार को उग्र हो गए और मतलौडा में बस स्टॉप पर मुख्यमंत्री, रेलवे टै्रक पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। वहीं सिवाह में पंच गावों की बैठक कर 28 मार्च को रेलवे टै्रक और जीटी रोड जाम करने का फैसला किया। फतेहाबाद जिले के मेहुवाला गांव में पिछले 12 मार्च से भूख हडताल पर बैठे 60 वर्षीय विजय सिंह की बुधवार रात को मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलने के बाद जाट नेताओं ने नई दिल्ली में गुरूवार को मुख्यमंत्री दीपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ होने वाली बैठक रद्द कर दी है। इस मौत के बाद अगले दिनों में यह आंदोलन और तेज होने की सम्भावना व्यक्त की जा रही हैजाट समुदाय द्वारा नौकरियों में आरक्षण की मांग के लिए चलाए गए आंदोलन के दौरान रेलवे यातायात को बाधित किए जाने के कारण उत्तर रेलवे को 200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेलवे यातायात को बाधित किए जाने के कारण रेलवे को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकारी के मुताबिक रेलवे अभी भी नुकसान का आकलन कर रहा है। नुकसान के 200 करोड़ रुपये से अधिक होने की सम्भावना है। राष्ट्रीय राजधानी के पड़ोसी राज्यों में आंदोलन अभी भी जारी है।
अधिकारी ने कहा कि रेलवे को सिर्फ संचालन लाभ का ही नुकसान नहीं हो रहा है, बल्कि माल ढुलाई में देरी के कारण हर्जाना भी भरना पड़ रहा है। रेल यात्रा बाधित होने पर आम तौर पर सब्जी, दूध, कोयले और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बाधित होती है। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को 66 रेलगाड़ियां रद्द की गईं। इसके एक दिन पहले 71 रेलगाड़ियां रोकी गईं थीं।
उल्लेखनीय है कि जाट आंदोलनकारियों ने 28 मार्च से दिल्ली से आगरा, कानपुर और अम्बाला मार्ग पर भी रेल यातायात अवरुद्ध करने की चेतावनी दी है। इस आंदोलन के कारण अभी हरियाणा के हिसार, जींद और भिवानी जिले में रेल यातायात बाधित हो रही हैं।
IBNKhabar
Thursday, March 24, 2011
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