अपने फोन को अनचाही कॉल्स और एसएमएस से ऐसे करें आजाद
नई दिल्ली।। टेलिमार्केटिंग कंपनियों से आने वाली अनचाही कॉल्स आज से बीते दिनों की बात हो गई। ट्राई की सिफारिश को टेलिकॉम कंपनियों के लागू करने से देशभर में करीब 90 करोड़ मोबाइल और टेलिफोन यूजर्स को टेलिमार्केटिंग कॉल्स और एसएमएस से राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
अभी यह सुविधा सिर्फ उन्हीं मोबाइल ग्राहकों को मिलेगी, जिन्होंने डू नॉट कॉल (कॉल नहीं करें) रजिस्टर पर अपना नंबर दर्ज करा रखा है। अगर आपने अभी तक इसके लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो टोल फ्री नंबर 1909 पर एसएमएस कर वक्त-बेवक्त आने वाली कॉल और एसएमएस से मुक्ति पाइए।
क्या बदल गया है
-टेलिमार्केटिंग कंपनियों को 140 से शुरू होने वाले नंबर दिए जाएंगे। यह मार्केटिंग कॉल की पहचान भी होगी।
- रात 9 बजे से सुबह 9 बजे के बीच कोई भी टेलिमार्केटिंग एसएमएस या कॉल नहीं की जा सकती।
- प्रीपेड फोन से एक दिन में अधिकतम 100 और पोस्टपेड से एक महीने में अधिकतम 3000 एसएमएस ही भेजे जा सकेंगे।
- टेलिमार्केटिंग के नियम तोड़ने पर कंपनियों पर लगने वाली जुर्माना राशि ढाई लाख रु. तक। दो साल की रोक भी लग सकती है।
- सर्विस प्रोवाइडर्स ब्लैकलिस्टेड मार्केटिंग कंपनियों को टेलिकॉम नेटवर्क से जुड़ी कोई भी सुविधा नहीं दे सकेंगे।
कैसे फोन को करें आजाद
- 1909 पर SMS भेजें या www.nccptrai.gov.in पर लॉग इन करें। इससे नैशनल कंस्यूमर पेफरेंस रजिस्ट्री से जुड़ें। 2007 में लॉन्च होने के बाद फ्लॉप हुई डू नॉट कॉल रजिस्ट्री से जुड़े हैं, तो इसकी जरूरत नहीं।
-कंस्यूमर्स के पास टेलिमार्केटिंग कॉल/एसएमएस पर 'पूरी तरह रोक लगाने (फुली ब्लॉक्ड) का विकल्प होगा, जो 'डू नॉट कॉल रजिस्ट्री' जैसा है। यदि कंस्यूमर (आंशिक तौर पर बंद) पार्शियली ब्लॉक्ड विकल्प चुनता है, तो उसे चुनिंदा कैटिगरी के एसएमएस और कॉल आएंगी।
-ट्राई ने नैशनल कंस्यूमर प्रेफरेंस रजिस्ट्री में बैंकिंग व फाइनैंशल प्रॉडक्ट्स, रियल एस्टेट, एजुकेशन, हेल्थ, कंस्यूमर गुड्स, ऑटोमोबाइल, कम्यूनिकेशन, एंटरटेनमेंट, टूरिजम या लीज सेग्मेंट शामिल किए हैं।
-अनचाही कॉल/एसएमएस पूरी तरह से बंद करने के लिए कंस्यूमर START (स्पेस) 0 एसएमएस 1909 पर भेजें, अनचाही सर्विस नहीं मिलेगी।
चुनिंदा सर्विस चाहिए तो ऐसा करें...
फाइनैंशल प्रॉडक्ट्स के लिए: START (स्पेस) 1
रियल एस्टेट के लिए: START (स्पेस) 2
एजुकेशन के लिए: START (स्पेस) 3
हेल्थ के लिए: START (स्पेस) 4
कंस्यूमर गुड्स के लिए: START (स्पेस) 5
कम्यूनिकेशन के लिए: START (स्पेस) 6
टूरिजम के लिए: START (स्पेस) 7
एक से ज्यादा सर्विस के लिए मिसाल...
START (स्पेस) 1,2
-रजिस्ट्रेशन होने के बाद ग्राहक को यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ 24 घंटे में कन्फर्मेशन का मेसेज आ जाएगा। इसके बाद 7 दिनों के भीतर आपके पास अनचाही कॉल्स/SMS आना बंद हो जाएंगे।
एसएमएस भेजने के बाद
-www.nccptrai.gov.in पर कस्टमर रजिस्ट्रेशन स्टेटस पर क्लिक करके अपना स्टेटस भी जान सकते हैं। कस्टमर रजिस्ट्रेशन के सात दिनों बाद अपनी प्रेफरेंस बदल भी सकता है। मसलन, उसे एजुकेशन से संबंधित कॉल/ एसएमएस नहीं चाहिए और अब रियल एस्टेट की जानकारी चाहिए तो उस ऑप्शन के लिए 1909 पर SMS भेजकर ऐसा कर सकता है।
रजिस्ट्रेशन के 7 दिन बाद भी किसी कंस्यूमर के पास टेलिमार्केटिंग कॉल या एसएमएस आते हैं तो इसकी शिकायत तीन दिनों के भीतर 1909 पर डायल या एसएमएस करके अपने सर्विस प्रोवाइडर से कर सकता है। इसके लिए कंस्यूमर को जिससे कॉल आई थी वह नंबर या मेसेज का हेडर डेट और टाइम के साथ बताना होगा।
एसएमएस से शिकायत इस फॉर्मेट COMP TEL NO .........., dd/mm/yy, Time hh:mm में 1909 पर करनी होगी। ऊपर खाली जगह में किस नंबर से एसएमएस आया था, उसकी या हेडर की जानकारी देनी होगी।
-शिकायत मिलने के सात दिनों के भीतर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी इस पर कार्रवाई करेगी। कंस्यूमर अपनी शिकायत की स्थिति जानने के लिए UCC Complaint Registration Status पर क्लिक कर सकता है।
Tuesday, September 27, 2011
गुजरात में घुसे दो आतंकी , नवरात्रि पर तबाही मचाने की साजिस

अहमदाबाद। भारत सरकार की मल्टीलेवल इंटेलीजेंस यूनिट (मेक) ने दिल्ली ब्लास्ट के सात आतंकियों में से दो के गुजरात में दाखिल होने का अलर्ट मैसेज जारी किया है। जबकि अन्य दो के पश्चिम बंगाल में छुपे होने की भी बात कही गई है।
यहां उल्लेखनीय है कि नवरात्रि प्रारंभ होने जा रही है और गुजरात में नवरात्रि पर्व पर गरबे की जबर्दस्त धूम रहती है। इसलिए आतंकी इस मौके का फायदा उठाकर गुजरात में गरबा स्थलों को अपना निशाना बना सकते हैं। इसके अलावा नवरात्रि के बाद दशहरा और फिर दीपावली, मसलन पूरे महीने बाजारों और धार्मिक स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ जमा रहेगी। अत: भीड़भाड़ वाले इलाके या धार्मिक स्थल भी आतंकियों के निशाने पर हो सकते हैं।
दूसरी तरफ, कुछ समय पहले ही आतंकियों द्वारा सितंबर माह में गुजरात में बड़े विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। इसके बाद से ही गुजरात में अलर्ट जारी कर दिया गया था। मेक की इस रिपोर्ट के बाद फिर से गुजरात में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को खासतौर पर गरबा स्थलों पर पैनी नजर रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उधर , जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच सोमवार को शुरू हुई मुठभेड़ मंगलवार को भी जारी है। मुठभेड़ में अब तक तीन आतंकवादी मारे गए हैं जबकि दो पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में यह मुठभेड़ सोमवार को शुरू हुई थी। मुठभेड़ में सेना का एक जवान घायल भी हुआ है।
श्रीनगर में सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुठभेड़ जारी है। सेना की कार्रवाई में अभी तक तीन आतंकवादी मारे गए हैं। एक जवान घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेना के 18वीं ग्रेनेडियर्स के जवानों और पुलिस की टीम ने सोमवार को क्रालपोरा पुलिस थाने के अंतर्गत अवथकुल जंगली इलाके के आस-पास तलाशी अभियान चलाया था।
अधिकारी ने कहा कि आतंकवादियों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें घटनास्थल पर ही दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच मुठभेड़ जारी है और घटनास्थल पर और जवानों को उनकी मदद के लिए भेजा जा रहा है।
राजबाला के अंतिम संस्कार में शामिल हुए बाबा रामदेव व सुषमा
सोनीपत. बाबा रामदेव की समर्थक राजबाला मलिक का अंतिम संस्कार आज यहां उनके गांव भाटान, गोहना रोड, सोनीपत (हरियाणा) कर दिया गया। राजबाला के बड़े बेटे अनिल ने शव को मुखाग्नि दी। इस समय भाजपा नेता सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी, पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला और रामदेव व उनके सहयोगी बालकृष्ण सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। राजबाला के पति ने कहा कि गांव में ही राजबाला की समाधि बनेगी। रामदेव ने राजबाला की मौत के सिलसिले में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा दायर कराने का भी फैसला किया है।
राजबाला के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हरियाणा आते वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रामदेव ने आरोप लगाया कि उन्हें भी मारने की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा कि राजबाला को बुरी तरह पीटा गया था जिससे उनकी मौत हो गई। रामदेव ने कहा, 'मैंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति से लेकर लोकसभा अध्यक्ष तक को पत्र लिखा लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और उल्टे राजबाला की मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई है।' रामदेव ने राजबाला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। उन्होंने दोहराया कि वो इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे। रामदेव ने कहा कि रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के पीछे पी चिदंबरम का हाथ था।
बीते जून में रामलीला मैदान में स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया था। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत की दिल की धड़कन रुकने से हुई। हालांकि परिजन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को मौत के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
राजबाला के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हरियाणा आते वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रामदेव ने आरोप लगाया कि उन्हें भी मारने की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा कि राजबाला को बुरी तरह पीटा गया था जिससे उनकी मौत हो गई। रामदेव ने कहा, 'मैंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति से लेकर लोकसभा अध्यक्ष तक को पत्र लिखा लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और उल्टे राजबाला की मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई है।' रामदेव ने राजबाला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। उन्होंने दोहराया कि वो इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे। रामदेव ने कहा कि रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के पीछे पी चिदंबरम का हाथ था।
बीते जून में रामलीला मैदान में स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया था। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत की दिल की धड़कन रुकने से हुई। हालांकि परिजन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को मौत के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
रामदेव की मौजूदगी में हुआ राजबाला का अंतिम संस्कार, गांव में बनेगी समाधि
सोनीपत. बाबा रामदेव की समर्थक राजबाला मलिक का अंतिम संस्कार आज यहां उनके गांव भाटान, गोहना रोड, सोनीपत (हरियाणा) कर दिया गया। राजबाला के बड़े बेटे अनिल ने शव को मुखाग्नि दी। इस समय भाजपा नेता सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी, पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला और रामदेव व उनके सहयोगी बालकृष्ण सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। राजबाला के पति ने कहा कि गांव में ही राजबाला की समाधि बनेगी। रामदेव ने राजबाला की मौत के सिलसिले में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा दायर कराने का भी फैसला किया है।
राजबाला के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हरियाणा आते वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रामदेव ने आरोप लगाया कि उन्हें भी मारने की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा कि राजबाला को बुरी तरह पीटा गया था जिससे उनकी मौत हो गई। रामदेव ने कहा, 'मैंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति से लेकर लोकसभा अध्यक्ष तक को पत्र लिखा लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और उल्टे राजबाला की मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई है।' रामदेव ने राजबाला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। उन्होंने दोहराया कि वो इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे। रामदेव ने कहा कि रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के पीछे पी चिदंबरम का हाथ था।
बीते जून में रामलीला मैदान में स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया था। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत की दिल की धड़कन रुकने से हुई। हालांकि परिजन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को मौत के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
राजबाला के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हरियाणा आते वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रामदेव ने आरोप लगाया कि उन्हें भी मारने की साजिश की गई थी। उन्होंने कहा कि राजबाला को बुरी तरह पीटा गया था जिससे उनकी मौत हो गई। रामदेव ने कहा, 'मैंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति से लेकर लोकसभा अध्यक्ष तक को पत्र लिखा लेकिन अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और उल्टे राजबाला की मेडिकल रिपोर्ट से छेड़छाड़ हुई है।' रामदेव ने राजबाला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। उन्होंने दोहराया कि वो इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेंगे। रामदेव ने कहा कि रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के पीछे पी चिदंबरम का हाथ था।
बीते जून में रामलीला मैदान में स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया था। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत की दिल की धड़कन रुकने से हुई। हालांकि परिजन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को मौत के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
मौत की चाय , एक साथ ५ लाश देखकर रो पड़ा हर दिल

मांडलगढ़ (भीलवाड़ा)/कोटा.जालिया गांव में सोमवार सुबह कीटनाशक दवा को चाय पत्ती समझकर काम में लेने से माता-पिता और तीन बच्चों की मौत हो गई।
दोपहर बाद एक साथ उठी पांच अर्थियों से माहौल गमगीन हो गया। बीपीएल में चयनित भोजा बलाई (50) के घर सुबह चाय बनी थी।
इसे भोजा, उसकी पत्नी मन्नी (47) के अलावा तीन बेटों शैतान (17), कैलाश (14) और लोकेश (10) ने पिया। शैतान पशु चराने तथा दोनों बेटे स्कूल चले गए।
स्कूल में दोनों बच्चे उल्टी करने लगे तो शिक्षक ने उन्हें घर भेज दिया। उधर, भोजा, उसकी पत्नी व बड़े बेटे शैतान की भी तबीयत खराब होने लगी।
बाद में गांव में ही अलग से रह रहे भोजा के बड़े बेटे रामलाल ने इसकी सूचना सुबह करीब 7.30 बजे सरपंच राजकुमार पारीक को दी।
ग्रामीण उन्हें बीगोद ले गए, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिलने पर मांडलगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां मन्नी के अलावा सभी ने दम तोड़ दिया। मन्नी को गंभीर हालत में मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी अस्पताल रैफर किया गया। जहां दोपहर 12 बजे उसकी भी मृत्यु हो गई।
क्यों पता नहीं लगा कीटनाशक पी रहे हैं?
मृत्यु से पहले भोजा सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने बयान दिया कि कीटनाशक की दवा को एक थैली में रखी थी और पुरानी हो गई थी। इस कारण वह बदबू रहित हो गई और वह चाय पत्ती जैसी ही दिखने लगी थी। जिसे डिब्बे में भर लिया था। सुबह इसे ही चाय में डाला गया।
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Monday, September 26, 2011
9/11 की तर्ज पर भारत में हमले की साजिस

गलुरू। आंतकवादियों की तरफ से मिल रही धमकियां अगर सही हैं तो मुंबई की बहुमंजिली इमारतें और हवाई अड्डा इस समय खतरे में है। आंतवादियों की 9/11 के तर्ज में छोटे विमान का आपहरण कर मुंबई की किसी बहुमंजिली इमारत या फिर हवाई अड्डा से टकराने की योजना है। इसके लिए छोटे विमान का अपहरण कर्नाटक के हुबली हवाई अड्डे से किया जाएगा।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली से यह एलर्ट जारी किया गया है कि देश के सबसे व्यस्ततम हवाईअड्डे पर विमान हमला हो सकता है। हालांकि इस मामले में अभी तक सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादी संगठन के नाम का खुलासा नहीं किया है। लेकिन इतना तो तय है कि जिस तरह की धमकियां सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच रही हैं उसे नज़र अंदाज़ नहीं किया जा रहा है।
इधर खुफिया एजेंसियों की तरफ से जारी किये गये अलर्ट के बाद से हुबली हवाईअड्डे की सुरक्षा को और ज्यादा चाक चौबंद कर दिया गया है। हवाईअड्डे के बाहर और अंदर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
गौरतलब है कि हुवली कर्नाटक की राजधानी बैंगलूरू से महज़ 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से कई प्राइवेट एयर कंपनियों के छोटे विमान खास कर किंग फिशर के विमान बैंगलुरू और फिर बैंगलूरू से मुंबई के लिए उड़ान भरते हैं।
उदयपुर। यहां के अम्बामाता थाने में जब्तशुदा कार को छुड़वाने में मदद की एवज में एक सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) ने महिला से अस्मत का सौदा कर लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार रात एपीपी को महिला के बेडरूम से आपत्तिजनक अवस्था में दबोच लिया। तलाशी में एपीपी की जेब से 50570 रूपए नकद तथा उसके घर से लाखों रूपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर व दस्तावेज मिले हैं। ब्यूरो ने एपीपी को गिरफ्तार कर शनिवार दोपहर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
यूं आया पकड़ में
ब्यूरो के एएसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल के अनुसार गाड़ी छुड़ाने में मदद करने की एवज अस्मत मांगने वाला अम्बामाता क्षेत्र निवासी गिरफ्तार अभिमन्यु सिंह (49) मूलत: यूपी के बलिया के छाता गांव का रहने वाला है। वह यहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या-2) न्यायालय में एपीपी है। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी एपीपी ने महिला को सुखाडिया सर्किल बुलाया।
महिला के पहुंचते ही वह उसके स्कूटर पर पीछे बैठ गया। महिला उसे अपने घर ले गई। ब्यूरो की टीम पीछे हो गई। महिला के घर पहुंचते ही आरोपी सीधा बेडरूम में घुसा और अश्लील हरकतें करने लगा। तभी ब्यूरो टीम ने उसे दबोच लिया। मौके से शक्तिवर्द्धक दवा रैपर में एक गोली व अन्य आपत्तिजनक सामान भी मिला।
देर रात तक चली कार्रवाई : ब्यूरो ने एपीपी की तलाशी ली तो उसकी जेब से 50 हजार से अधिक की नगदी मिली, लेकिन वह इसके बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। ब्यूरो ने इसके बाद एपीपी के मकान की तलाशी भी ली। वहां लाखों के गहने व निवेश सम्बन्धी दस्तावेज मिले हैं। ब्यूरो की कार्रवाई रात करीब ढाई बजे तक चलती रही।
यह था मामला : अनबन के चलते अलग रह रही पीडिता ने पति के खिलाफ भरण पोषण का वाद दायर कर रखा है। इस दौरान पति ने उसके नाम दर्ज कार बेच दी। इसका मामला अलग से अम्बामाता थाने में दर्ज है। यह कार पुलिस ने बरामद कर ली। इसे छुड़ाने के लिए महिला व खरीदार दोनों ने एसीजेएम-2 न्यायालय में अर्जी लगा रखी है। इसमें मदद के लिए पीडिता ने एपीपी से सम्पर्क किया था।
प्रियंका चोपड़ा से मात खा गए सचिन
नई दिल्ली।। क्रिकेट के मैदान पर अच्छे-अच्छे गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ट्विटर की पिच पर अपनी बादशाहत कायम नहीं रख पाए। वह 'देसी गर्ल' प्रियंका चोपड़ा से मात खा गए।
माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर ऐक्टिव भारत की सिलेब्रिटीज़ में कभी नबंर एक पर रहने वाले तेंडुलकर फॉलोअर्स के मामले में इस पूर्व मिस वर्ल्ड से गच्चा खा गए।
' फैशन' जैसी चर्चित फिल्म में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली प्रियंका चोपड़ा ने तेंडुलकर के अलावा, 'दबंग' सलमान खान, बॉलिवुड के बादशाह शाहरुख खान, आमिर खान, अमिताभ बच्चन, शशि थरूर को पीछे छोड़ते हुए 14,54,489 फॉलोअर जुटा लिए हैं। 21,202 लोगों ने उन्हें लिस्टेड किया है।
'ट्विटर क्वीन' प्रियंका चोपड़ा खुद 114 लोगों को 'फॉलो' करती हैं। ट्विटर पर लोकप्रियता की इस जंग में 'रिकॉर्डों के शहंशाह' सचिन तेंडुलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके 14,11,593 फॉलोअर हैं। तेंदुलकर को अब तक 17,203 लोगों ने लिस्टेड किया है।
तेंडुलकर आठ लोगों को फॉलो करते हैं, जिनमें युवराज सिंह, जहीर खान, अमिताभ शामिल हैं। अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर प्रशंसकों के मामले में हिंदी फिल्म जगत के बेताज बादशाह शाहरुख खान को पीछे छोड़ दिया है। बिग बी ट्विटर पर 12,58,371 फॉलोअर्स के साथ तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। शाहरुख 11,93,140 फॉलोअर्स के साथ चौथे नंबर पर हैं।
माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर ऐक्टिव भारत की सिलेब्रिटीज़ में कभी नबंर एक पर रहने वाले तेंडुलकर फॉलोअर्स के मामले में इस पूर्व मिस वर्ल्ड से गच्चा खा गए।
' फैशन' जैसी चर्चित फिल्म में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली प्रियंका चोपड़ा ने तेंडुलकर के अलावा, 'दबंग' सलमान खान, बॉलिवुड के बादशाह शाहरुख खान, आमिर खान, अमिताभ बच्चन, शशि थरूर को पीछे छोड़ते हुए 14,54,489 फॉलोअर जुटा लिए हैं। 21,202 लोगों ने उन्हें लिस्टेड किया है।
'ट्विटर क्वीन' प्रियंका चोपड़ा खुद 114 लोगों को 'फॉलो' करती हैं। ट्विटर पर लोकप्रियता की इस जंग में 'रिकॉर्डों के शहंशाह' सचिन तेंडुलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके 14,11,593 फॉलोअर हैं। तेंदुलकर को अब तक 17,203 लोगों ने लिस्टेड किया है।
तेंडुलकर आठ लोगों को फॉलो करते हैं, जिनमें युवराज सिंह, जहीर खान, अमिताभ शामिल हैं। अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर प्रशंसकों के मामले में हिंदी फिल्म जगत के बेताज बादशाह शाहरुख खान को पीछे छोड़ दिया है। बिग बी ट्विटर पर 12,58,371 फॉलोअर्स के साथ तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। शाहरुख 11,93,140 फॉलोअर्स के साथ चौथे नंबर पर हैं।
मुश्किल में गृह मंत्री , रामदेव समर्थक राजबाला की मौत

नई दिल्ली. बीते जून में रामलीला मैदान में स्वामी रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान जख्मी हुई राजबाला ने सोमवार को जीबी पंत अस्पताल में दम तोड़ दिया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। राजबाला को सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी। उनके शव का पोस्टमार्टम हो गया है।
परिजनों ने राजबाला का शव अस्पताल से ले जाने से इनकार कर दिया है। शव अब भी जी बी पंत अस्पताल के शवगृह में पड़ा हुआ है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की राजबाला के परिजनों से किसी बात को लेकर कहासुनी भी हुई। राजबाला के भतीजे समीर चौधरी का कहना है कि जब तक केस हिस्ट्री और डिस्चार्ज स्लिप नहीं मिलता है, शव नहीं ले जाएंगे।
बीजेपी महिला मोर्चा की नेता और राजबाला की करीबी शिखा राय भी अस्पताल में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि यदि राजबाला की बीमारी की वजह और इसके लिए किए गए इलाज का पूरा ब्यौरा नहीं मिलता है तो उनके परिजन अस्पताल के बाहर धरना देंगे। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं आता है तब तक वो परिजनों को केस हिस्ट्री और डिस्चार्ज स्लिप नहीं देंगे।
यह मामला सरकार खासकर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करती है। योग गुरु बाबा रामेदव ने राजबाला की मौत के लिए सीधे तौर पर चिदंबरम को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी 6 जून को केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी थी, जिसका जवाब देना सरकार और पुलिस के लिए आसान नहीं माना जा रहा है। राजबाला की मौत के बाद आयोग अपने तेवर और सख्त कर सकता है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने राजबाला के परिवार की हिम्मत की तारीफ़ करते हुए कहा "मेरा धर्म है कि मैं उनकी अंत्येष्टि में शामिल होऊं। मैं उनके परिवार के लगातार संपर्क में हूं।" राजबाला की मौत को बाबा रामदेव ने लोकतंत्र में एक असाधारण घटना बताते हुए लोगों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग राजबाला की अंत्येष्टि में शामिल हों।
वहीं, राजबाला की बेटी ने इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। राजबाला की बेटी ने दिल्ली पुलिस की उस दलील को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि राजाबाला को भगदड़ में चोट लगी थी, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई थी। राजबाला की बेटी ने कहा कि उन्हें लाठियों से चोट लगी थी।
गौरतलब है कि 4 जून की रात रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के अनशन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में राजबाला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस घटना के बाद उन्हें पहले एलएनजेपी अस्पताल और फिर जीबी पंत में भर्ती कराया गया। 5 जून को ही उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया था।
Friday, September 23, 2011
मेरी तो हर गेंद पर नवाब ने जड़ डाले थे छक्केः अमिताभ
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट की महान हस्ती मंसूर अली खान पटौदी के निधन के बाद बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन बीते दिनों की यादों में खो गए हैं। बिग बी ने पटौदी के लिये अपने ब्लॉग पर संवेदना प्रकट की है।
अमिताभ ने टाइगर के नाम से मशहूर पटौदी के साथ बिताए अच्छे लम्हों को याद किया और कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को 'रॉकस्टार' की छवि दी थी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान पटौदी का गुरुवार को निधन हो गया। वह एक महीने से फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी से ग्रस्त थे। वह 70 साल के थे।
मेरी तो हर गेंद पर नवाब ने जड़ डाले थे छक्केः अमिताभ
अमिताभ ने लिखा, दुखद खबर है, टाइगर पटौदी नहीं रहे। पटौदी के साथ बिताए पलों की यादें आ रही हैं। उनके विवाह में शामिल होना, उनके साथ क्रिकेट खेलना, उनका तबला वादन का कौशल और उनके साथ बिताई शामें याद आ रही हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को 'रॉकस्टार' की छवि दी थी। वह
गरिमामय, शांत, मृदुभाषी और हंसमुख थे जबकि क्रिकेट की पिच पर वह एक टाइगर जैसे थे।
अमिताभ न केवल पटौदी के मित्र थे बल्कि वह उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर के नजदीकी सहयोगी भी थे। अमिताभ और शर्मिला ने 'चुपके चुपके' और 'विरुद्ध.. फेमली कम्स फर्स्ट' जैसी फिल्मों में साथ में काम किया। अमिताभ ने लिखा कि रिंकू दी (शर्मिला टैगौर) और मैंने कई फिल्मों में साथ कम किया। दरअसल जया की पहली बंगाली फिल्म में शर्मिला उनके साथ थीं। आज उन्हें अपने पति के जाने का दुख उठाना पड़ रहा है। अमिताभ ने पूरे परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
ब्राबोर्न स्टेडियम के चैरिटी मैच को याद करते हुए बिग बी ने लिखा कि उस मैच में हम दोनों एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे। मेरी गेंद पर उन्होंने बल्लेबाजी की थी। मेरी हर गेंद को उन्होंने बाउंड्री के पार पहुंचाया।
अमिताभ ने पटौदी के बेटे सैफ अली खान के साथ प्रकाश झा की फिल्म 'आरक्षण' में अभिनय किया है। उन्होंने पटौदी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट की महान हस्ती मंसूर अली खान पटौदी के निधन के बाद बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन बीते दिनों की यादों में खो गए हैं। बिग बी ने पटौदी के लिये अपने ब्लॉग पर संवेदना प्रकट की है।
अमिताभ ने टाइगर के नाम से मशहूर पटौदी के साथ बिताए अच्छे लम्हों को याद किया और कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को 'रॉकस्टार' की छवि दी थी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान पटौदी का गुरुवार को निधन हो गया। वह एक महीने से फेफड़ों में संक्रमण की बीमारी से ग्रस्त थे। वह 70 साल के थे।
मेरी तो हर गेंद पर नवाब ने जड़ डाले थे छक्केः अमिताभ
अमिताभ ने लिखा, दुखद खबर है, टाइगर पटौदी नहीं रहे। पटौदी के साथ बिताए पलों की यादें आ रही हैं। उनके विवाह में शामिल होना, उनके साथ क्रिकेट खेलना, उनका तबला वादन का कौशल और उनके साथ बिताई शामें याद आ रही हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को 'रॉकस्टार' की छवि दी थी। वह
गरिमामय, शांत, मृदुभाषी और हंसमुख थे जबकि क्रिकेट की पिच पर वह एक टाइगर जैसे थे।
अमिताभ न केवल पटौदी के मित्र थे बल्कि वह उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर के नजदीकी सहयोगी भी थे। अमिताभ और शर्मिला ने 'चुपके चुपके' और 'विरुद्ध.. फेमली कम्स फर्स्ट' जैसी फिल्मों में साथ में काम किया। अमिताभ ने लिखा कि रिंकू दी (शर्मिला टैगौर) और मैंने कई फिल्मों में साथ कम किया। दरअसल जया की पहली बंगाली फिल्म में शर्मिला उनके साथ थीं। आज उन्हें अपने पति के जाने का दुख उठाना पड़ रहा है। अमिताभ ने पूरे परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
ब्राबोर्न स्टेडियम के चैरिटी मैच को याद करते हुए बिग बी ने लिखा कि उस मैच में हम दोनों एक-दूसरे के खिलाफ खेले थे। मेरी गेंद पर उन्होंने बल्लेबाजी की थी। मेरी हर गेंद को उन्होंने बाउंड्री के पार पहुंचाया।
अमिताभ ने पटौदी के बेटे सैफ अली खान के साथ प्रकाश झा की फिल्म 'आरक्षण' में अभिनय किया है। उन्होंने पटौदी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सुप्रीम कोर्ट में प्रज्ञा ठाकुर की जमानत याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में मकोका के तहत आरोपों का सामना कर रही साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देने से शनिवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति जेएम पांचाल और न्यायमूर्ति एचएल गोखले की पीठ ने साध्वी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। साध्वी ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया। साध्वी को 23 अक्टूबर 2008 को गिरफ्तार किया गया था।
उनके वकील ने दलील दी थी कि 10 अक्टूबर 2008 से एटीएस की अवैध हिरासत में प्रज्ञा सिंह को प्रताड़ित किया गया। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि प्रज्ञा सिंह को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कानून के अनुसार एक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।
पीठ ने एक सितंबर को विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनने बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गयी थी।
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न्यायमूर्ति जेएम पांचाल और न्यायमूर्ति एचएल गोखले की पीठ ने साध्वी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। साध्वी ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया। साध्वी को 23 अक्टूबर 2008 को गिरफ्तार किया गया था।
उनके वकील ने दलील दी थी कि 10 अक्टूबर 2008 से एटीएस की अवैध हिरासत में प्रज्ञा सिंह को प्रताड़ित किया गया। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि प्रज्ञा सिंह को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें कानून के अनुसार एक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।
पीठ ने एक सितंबर को विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनने बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गयी थी।
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कविता मर्डर: सेक्स, सीडी, मिनिस्टर, मनी और मर्डर की अजीबो-गरीब दास्तां, दो को उम्रकैद

मेरठ। कविता चौधरी हत्याकांड में गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच आरोपियों में तीन को दोषी मानते हुए सजा सुना दी है। इनमें दो दोषियों रविन्द्र और सुल्तान को उम्रकैद की सजा तथा योगेश को तीन साल की सजा दी है। अदालत ने कल अशोक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
कौन थी कविता रानी, क्या थी इसकी कहानी
कविता मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रवक्ता थीं। उनका घर बुलंदशहर स्थित घंसुरपुर गांव में है। 23 अक्टूबर 2006 के दिवाली के अवकाश के बाद कविता घर से वापस आईं, लेकिन हॉस्टल नहीं पहुंची। 31 अक्टूबर को उनके घरवालों ने उसके लापता होने की खबर बुलंदशहर कोतवाली में दर्ज कराई। बुलंदशहर पुलिस ने ये मामला कुछ दिन बाद मेरठ पुलिस को सौंप दिया।
हॉस्टल के कमरे से कविता के कुछ पुराने खत, एक डायरी और धमकी भरे कागज बरामद हुए थे। डायरी मे कुछ राजनेताओं के नाम और नंबर थे। जिसके बाद मेरठ पुलिस ने रवींद्र प्रधान, सुलतान, योगेश, अशोक को गिरप्तार कर लिया था। इस मामले में कुछ राजनेताओं के नाम उछले जिससे की पूरे यूपी में हडकंप मच गया ।
पूछताछ से पता चला कि रविंन्द्र प्रधान जबरदस्ती कविता से शादी करना चाहता था और कविता को उसने काफी धमकाया भी था। दोनों ही नेताओं की अश्लील सीडी बना कर उन्हें ब्लैकंमेल किया करते थे। इस मामले में सबसे पहला नाम उस समय यूपी के मंत्री रहे मेहराजुद्दीन का आया था। इनकी अश्लील सीडी तैयार कर 35 लाख रुपये वसूला गया था। इसी रकम के बंटवारे को लेकर कविता की हत्या कर दी गई।
मर्डर के बाद कविता की लाश नहीं मिल पाई। इस मामले में फरार रविंन्द्र प्रधान को पुलिस ने गिरप्तार किया। मई 2008 में मामले की सुनवाई के ही दौरान उसकी गाजियाबाद जेल में मौत हो गई।
लोकपाल होता तो चिदंबरम जेल में होते
महाराष्ट्र में लोकायुक्त को लेकर बंटी NCPऔर कांग्रेस
नई दिल्ली। 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में गड़बड़ी की आंच अब गृह मंत्री पी.चिदंबरम तक पहुंच गई है। एक निची चैनल के मुताबिक 2 जी मामले में खुद का नाम आने से व्यथित चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि न तो चिदंबरम और न ही किसी अन्य ने इसकी पुष्टि की है।
इस बीच, अन्ना हजारे ने चिदंबरम पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर लोकपाल होता तो गृह मंत्री जेल में होते। अन्ना ने कहा कि चिदंबरम जैसे झूठे लोगों को घर भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने उनको जेल भेजा था अब उनको पद छोड़ देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बुधवार रात चिदंबरम से फोन पर करीब 20 मिनट तक बात की थी। इस बातचीत के दौरान ही चिदंबरम ने कहा था कि वह मंत्री पद छोड़ना चाहते है। हालांकि प्रधानमंत्री ने उन्हें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने चिदंबरम को धैर्य रखने को कहा था।
उधर , वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे की सूबे में मजबूत लोकायुक्त की मांग पर कांग्रेस और एनसीपी की राय बंट गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार अन्ना की मांग को मानने को तैयार है। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने इसका विरोध किया है।
गौरतलब है कि एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने साफ कर दिया है कि सरकार अन्ना की मांग मानने के लिए पूरी तरह तैयार है और मजबूत लोकायुक्त बनाने के लिए सरकार खुद अन्ना से बात करेगी।
वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जब केंद्र में लोकपाल कानून बनेगा तो उसे राज्यों में भी फॉलो किया जाएगा। सिंघवी ने ये भी कहा कि अन्ना को गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों की भी चिंता करनी चाहिए जहां या तो लोकायुक्त काफी कमजोर है या फिर है ही नहीं।
महाराष्ट्र में लोकायुक्त को लेकर बंटी NCPऔर कांग्रेस
नई दिल्ली। 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में गड़बड़ी की आंच अब गृह मंत्री पी.चिदंबरम तक पहुंच गई है। एक निची चैनल के मुताबिक 2 जी मामले में खुद का नाम आने से व्यथित चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि न तो चिदंबरम और न ही किसी अन्य ने इसकी पुष्टि की है।
इस बीच, अन्ना हजारे ने चिदंबरम पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर लोकपाल होता तो गृह मंत्री जेल में होते। अन्ना ने कहा कि चिदंबरम जैसे झूठे लोगों को घर भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने उनको जेल भेजा था अब उनको पद छोड़ देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बुधवार रात चिदंबरम से फोन पर करीब 20 मिनट तक बात की थी। इस बातचीत के दौरान ही चिदंबरम ने कहा था कि वह मंत्री पद छोड़ना चाहते है। हालांकि प्रधानमंत्री ने उन्हें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने चिदंबरम को धैर्य रखने को कहा था।
उधर , वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे की सूबे में मजबूत लोकायुक्त की मांग पर कांग्रेस और एनसीपी की राय बंट गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार अन्ना की मांग को मानने को तैयार है। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने इसका विरोध किया है।
गौरतलब है कि एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने साफ कर दिया है कि सरकार अन्ना की मांग मानने के लिए पूरी तरह तैयार है और मजबूत लोकायुक्त बनाने के लिए सरकार खुद अन्ना से बात करेगी।
वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जब केंद्र में लोकपाल कानून बनेगा तो उसे राज्यों में भी फॉलो किया जाएगा। सिंघवी ने ये भी कहा कि अन्ना को गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों की भी चिंता करनी चाहिए जहां या तो लोकायुक्त काफी कमजोर है या फिर है ही नहीं।
Thursday, September 22, 2011
बाप ने बेटी की ह्त्या
आगरा, जागरण संवाददाता: कागारौल के गांव में एक युवती को पारिवारिक मान-मर्यादा के नाम पर मौत के घाट उतारने की सूचना ने पुलिस-प्रशासन में खलबली मचा दी। सूचना पर फोर्स ने मौके पर दौड़ लगाई, परंतु तब शव का अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने परिजनों की तलाश की तो वह घर से गायब मिले, मामले पर गांव वाले भी चुप्पी साधे हुए हैं।
मामला कागारौल के गांव लोहरिया का है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गांव निवासी 18 वर्षीय युवती रविका पुत्री गोपाल की उसके परिजनों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। युवती के प्रेम संबंधों का खुलासा होने पर परिजनों ने यह वारदात की है और अब शव का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है।
घटना की सूचना के बाद एसपी पश्चिम डॉ. अरविन्द और कागारौल थाने का फोर्स गांव पहुंचा। वहां सन्नाटा पसरा था, बताया गया कि शव का अंतिम संस्कार हो चुका है। पुलिस ने श्मसान घाट पहुंच जानकारी की तो शव पूरी तरह जल चुका था। चिता के अंगारे सुलग रहे थे। लौटकर गांव आई तो युवती के परिजन भी घरों से गायब मिले। घर की तलाशी लिए जाने पर फर्श पर खून के धब्बे मिले, जिन्हें साफ करने की कोशिश की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक युवती के किसी युवक से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि पिता ने उसे युवक के साथ घूमते हुए पकड़ा था। जिसके बाद उसे घर लाकर पहले बुरी तरह पीटा और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। मामला खुलने के बाद आनन-फानन में अंतिम संस्कार करके घरों में ताला डाल फरार हो गए।
एसओ कागारौल उदयप्रताप का कहना है कि यहां लोग कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। दबी जुबान में गोली मारने या गला घोंटकर हत्या की चर्चा सामने आई है। गोपाल और उसके परिवार वालों की तलाश की जा रही है। पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
चिता से समेटी हड्डियां, फोरेंसिक लैब में होगी जांच
पुलिस की सूचना पर फील्ड यूनिट पहुंची। इसके बाद चिता की आग को ठंडा कर हड्डियों के टुकड़े और राख के सैम्पल लिए गए। नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
मामला कागारौल के गांव लोहरिया का है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गांव निवासी 18 वर्षीय युवती रविका पुत्री गोपाल की उसके परिजनों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। युवती के प्रेम संबंधों का खुलासा होने पर परिजनों ने यह वारदात की है और अब शव का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है।
घटना की सूचना के बाद एसपी पश्चिम डॉ. अरविन्द और कागारौल थाने का फोर्स गांव पहुंचा। वहां सन्नाटा पसरा था, बताया गया कि शव का अंतिम संस्कार हो चुका है। पुलिस ने श्मसान घाट पहुंच जानकारी की तो शव पूरी तरह जल चुका था। चिता के अंगारे सुलग रहे थे। लौटकर गांव आई तो युवती के परिजन भी घरों से गायब मिले। घर की तलाशी लिए जाने पर फर्श पर खून के धब्बे मिले, जिन्हें साफ करने की कोशिश की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक युवती के किसी युवक से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि पिता ने उसे युवक के साथ घूमते हुए पकड़ा था। जिसके बाद उसे घर लाकर पहले बुरी तरह पीटा और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। मामला खुलने के बाद आनन-फानन में अंतिम संस्कार करके घरों में ताला डाल फरार हो गए।
एसओ कागारौल उदयप्रताप का कहना है कि यहां लोग कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। दबी जुबान में गोली मारने या गला घोंटकर हत्या की चर्चा सामने आई है। गोपाल और उसके परिवार वालों की तलाश की जा रही है। पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
चिता से समेटी हड्डियां, फोरेंसिक लैब में होगी जांच
पुलिस की सूचना पर फील्ड यूनिट पहुंची। इसके बाद चिता की आग को ठंडा कर हड्डियों के टुकड़े और राख के सैम्पल लिए गए। नमूनों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
दलित को जिंदा जलाया, अस्पताल में मौत
भोपाल। मध्यप्रदेश के बिरसिया में जमीन को लेकर हुए विवाद में जिंदा जलाए गए दलित किसान सुमेर सिंह की गुरूवार को अस्पताल में मौत हो गई। बुधवार देर शाम को सुमेर सिंह को 7 लोगों ने जमीन के विवाद में जिंदा जला दिया था। इस घटना को अंजाम देने वाले सभी सातों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार किसान सुमेर सिंह ने अपने पुलिस बयान में बताया कि उसने तो प्रोपर्टी डीलर से महज बकाया पैसे मांगे थे और बदले में उसे जिंदा जला दिया गया। प्रोपर्टी डीलर के आदमियों ने सुमेर सिंह को जबरन जलाया गया, जिसमें वह 90 प्रतिशत तक जल गया। एक दिन बाद ही उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
कविता मर्डर केस , तीन आरोपी दोषी करार,आज मिलेगी सजा
मेरठ । साल 2006 के चर्चित कविता रानी मर्डर केस पर आज फैसला आ गया है। विशेष सीबीआई कोर्ट के फैसले के तहत तीनों आरोपियों योगेश, रविंद्र कुमार और सुल्तान को दोषी करार दिया गया है और तीनों को सजा कल यानी शुक्रवार को सुनाया जायेगा। अपने खास फैसले में कोर्ट ने चौथे आरोपी अशोक को अदालत ने बरी कर दिया है। ये फैसला करीब 33 लोगों की गवाही पर हुआ है। आपको बता दें इस मर्डर केस में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। मुख्य आरोपी रवींद्र प्रधान की साल 2008 में जेल में ही मौत हो गई थी।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रवक्ता कविता रानी बुलंदशहर स्थित घंसुरपुर गांव की निवासी थी। वो दिवाली के अवकाश के बाद 23 अक्टूबर 2006 को मेरठ यूनिवर्सिंटी वापस आयी थी, ऐसा उनके घर वालों का कहना है लेकिन कविता हॉस्टल नहीं पहुंची जिसके बाद 31 अक्टूबर को उनके घरवालों ने उसके लापता होने की खबर बुलंदशहर कोतवाली में दर्ज करायी। लेकिन बाद में बुलंदशहर पुलिस ने ये मामला मेरठ पुलिस को सौंप दिया। हॉस्टल के कमरे से कविता के कुछ पुराने खत, एक डायरी और धमकी भरे कागज बरामद हुए थे। डायरी मे कुछ राजनेताओं के नाम और नंबर थे। जिसके बाद मेरठ पुलिस ने रवींद्र प्रधान, सुलतान, योगेश, अशोक को गिरप्तार कर लिया था। इस मामले में कुछ राजनेताओं के नाम उछले जिससे की पूरे यूपी में हडकंप मच गया ।
पूछताछ से पता चला कि रविंन्द्र प्रधान जबरदस्ती कविता से शादी करना चाहता था और कविता को उसने काफी धमकाया भी था। दोनों ही नेताओं की अश्लील सीडी बना कर उन्हें ब्लैकंमेल किया करते थे। इस मामले में सबसे पहला नाम उस समय यूपी के मंत्री रहे मेहराजुद्दीन का आया जिनकी अश्लील सीडी तैयार कर उनसे 35 लाख रुपये वसूल किए थे रविद्र और कविता ने। और इसी रकम के बंटवारे को लेकर कविता की हत्या कर दी गई। लेकिन कविता की लाश कहीं से बरामद नहीं हुई। जबकि इस मामले में फरार रविंन्द्र प्रधान बेहद ही नाटकीय ढंग से गिरप्तार हुआ और मामले की सुनवाई के ही दौरान मई 2008 में उसकी गाजियाबाद जेल में हत्या हो गयी थी।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रवक्ता कविता रानी बुलंदशहर स्थित घंसुरपुर गांव की निवासी थी। वो दिवाली के अवकाश के बाद 23 अक्टूबर 2006 को मेरठ यूनिवर्सिंटी वापस आयी थी, ऐसा उनके घर वालों का कहना है लेकिन कविता हॉस्टल नहीं पहुंची जिसके बाद 31 अक्टूबर को उनके घरवालों ने उसके लापता होने की खबर बुलंदशहर कोतवाली में दर्ज करायी। लेकिन बाद में बुलंदशहर पुलिस ने ये मामला मेरठ पुलिस को सौंप दिया। हॉस्टल के कमरे से कविता के कुछ पुराने खत, एक डायरी और धमकी भरे कागज बरामद हुए थे। डायरी मे कुछ राजनेताओं के नाम और नंबर थे। जिसके बाद मेरठ पुलिस ने रवींद्र प्रधान, सुलतान, योगेश, अशोक को गिरप्तार कर लिया था। इस मामले में कुछ राजनेताओं के नाम उछले जिससे की पूरे यूपी में हडकंप मच गया ।
पूछताछ से पता चला कि रविंन्द्र प्रधान जबरदस्ती कविता से शादी करना चाहता था और कविता को उसने काफी धमकाया भी था। दोनों ही नेताओं की अश्लील सीडी बना कर उन्हें ब्लैकंमेल किया करते थे। इस मामले में सबसे पहला नाम उस समय यूपी के मंत्री रहे मेहराजुद्दीन का आया जिनकी अश्लील सीडी तैयार कर उनसे 35 लाख रुपये वसूल किए थे रविद्र और कविता ने। और इसी रकम के बंटवारे को लेकर कविता की हत्या कर दी गई। लेकिन कविता की लाश कहीं से बरामद नहीं हुई। जबकि इस मामले में फरार रविंन्द्र प्रधान बेहद ही नाटकीय ढंग से गिरप्तार हुआ और मामले की सुनवाई के ही दौरान मई 2008 में उसकी गाजियाबाद जेल में हत्या हो गयी थी।
अन्ना हजारे ने फिर किया अनशन का एलान
मुंबई।। समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर अनशन पर जाने का एलान किया है। इस बार उनके निशाने पर महाराष्ट्र सरकार है। दिल्ली में जन लोकपाल बिल पर अपनी बात मनवा चुके अन्ना ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने आने वाले शीतकालीन सत्र में मजबूत लोकायुक्त बिल पास करने को कहा है।
अन्ना हजारे ने चिट्ठी में चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार ने इस सत्र में मजबूत लोकायुक्त बिल पास नहीं किया गया, तो वह एक बार फिर अनशन पर बैठ जाएंगे।
अन्ना राज्य में एक मजूबत लोकायुक्त के लिए काफी अरसे से मांग करते रहे हैं। अन्ना हजारे की इस चेतावनी पर महाराष्ट्र सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
' पाकिस्तान न जाएं अन्ना '
उधर, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को पाक आने का आश्वासन देने पर शिव सेना ने अन्ना को वहां न जाने की सलाह दी है। शिव सेना ने कहा कि पहले पाकिस्तान भारत विरोधी गतिविधियों को बंद करे, इसके बाद अन्ना हजारे वहां जाएं। गौरतलब है कि अन्ना हजारे से पाकिस्तान प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। पाक प्रतिनिधिमंडल ने अन्ना को पाकिस्तान आने का न्योता दिया था। अन्ना ने इस पर कहा था कि अगर उन्हें समय मिला तो वह पाकिस्तान जरूर जाएंगे।
अन्ना हजारे ने चिट्ठी में चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार ने इस सत्र में मजबूत लोकायुक्त बिल पास नहीं किया गया, तो वह एक बार फिर अनशन पर बैठ जाएंगे।
अन्ना राज्य में एक मजूबत लोकायुक्त के लिए काफी अरसे से मांग करते रहे हैं। अन्ना हजारे की इस चेतावनी पर महाराष्ट्र सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
' पाकिस्तान न जाएं अन्ना '
उधर, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को पाक आने का आश्वासन देने पर शिव सेना ने अन्ना को वहां न जाने की सलाह दी है। शिव सेना ने कहा कि पहले पाकिस्तान भारत विरोधी गतिविधियों को बंद करे, इसके बाद अन्ना हजारे वहां जाएं। गौरतलब है कि अन्ना हजारे से पाकिस्तान प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। पाक प्रतिनिधिमंडल ने अन्ना को पाकिस्तान आने का न्योता दिया था। अन्ना ने इस पर कहा था कि अगर उन्हें समय मिला तो वह पाकिस्तान जरूर जाएंगे।
Wednesday, September 21, 2011
पीएम की रेस से बाहर हुए आडवाणी! अब निकलेगी रथयात्रा
नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत से संघ के मुख्यालय में मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें जीवन में संघ, जनसंघ, बीजेपी, कार्यकर्ताओं और देश से जितना कुछ मिला है, वह प्रधानमंत्री जैसे पद से कहीं ज़्यादा है। आडवाणी ने यह बात उस सवाल के जवाब में कही जिसमें उनसे 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल होने की बात पूछी गई थी। आडवाणी ने इस खबर का भी खंडन नहीं किया कि संघ ने उनसे पीएम पद की होड़ से बाहर रहने को कहा है। जानकार इन बयानों से यह नतीजा निकाल रहे हैं कि आडवाणी ने खुद को प्रधानमंत्री पद की होड़ से बाहर कर लिया है।
मोहन भागवत से मुलाकात और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी का हालचाल पूछने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि मैं रथयात्रा शुरु करने से पहले मोहन भागवत से आशीर्वाद लेने आया था। मोहन भागवत ने मुझे पूरा समर्थन और आशीर्वाद दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक मोहन भागवत ने रथयात्रा में पूरा सहयोग देने की बात कही है। आडवाणी ने रथयात्रा के कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 24 सितंबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी दिल्ली आकर रथयात्रा का कार्यक्रम घोषित करेंगे। आडवाणी ने यह भी बताया कि उनकी यात्रा 35 से 40 दिन में पूरी हो जाएगी और वो चाहेंगे की रथयात्रा लोकसभा के शीत सत्र से पहले समाप्त हो जाए।
आडवाणी ने यह भी बताया कि इस बार वह देश के पूर्वोत्तर हिस्से में भी जाएंगे। उनकी यात्रा का उद्देश्य गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स (स्वच्छ राजनीति और सुशासन) को बढ़ावा देना होगा। लालकृष्ण आडवाणी ने यह भी कहा कि वोट के बदले नोट प्रकरण में उनकी भी जिम्मेदारी थी। वह उस समय विपक्ष के नेता थे यदि वह अपने सांसदों से मना करते तो वो लोकसभा के पटल पर नोट नहीं रखते।
बीजेपी के प्रवक्ता बलबीर पुंज ने कहा कि पार्टी ने अभी तक 2014 के आम चुनावों के लिए किसी को भी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। पुंज ने कहा कि ऐसे में किसी के रेस से हटने या शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता है।
वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा है कि संघ और आडवाणी की रथ यात्रा को लेकर किसी तरह का मतभेद नहीं है। राम माधव ने कहा कि संघ ने आडवाणी को किसी तरह का दिशानिर्देश नहीं दिया है। संघ उनकी रथयात्रा का पूरा समर्थन करता है। राम माधव ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघ हर अभियान के साथ है। राम माधव ने आडवाणी की पीएम पद के लिए दावेदारी पर कहा कि यह बीजेपी का अंदरूनी मामला है।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार पर जबर्दस्त हमला करते हुए कहा, 'मेरा उद्देश्य रहा कि सरकार गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स के आधार पर चले। यदि क्लीन पॉलिटिक्स के नजरिए से सोचा जाए तो 2008 में हुआ नोट के बदले वोट घोटाला भारत के इतिहास में सबसे शर्मनाक घोटाला है। लेकिन यदि हम गुड गवर्नेंस की बात करे तो इस समय तो कोई सरकार ही नहीं है। पहली बार ऐसा हुआ है जब कई मंत्री न सिर्फ हटाए गए बल्कि जेल भी भेजे गए।'
आडवाणी ने कहा, 'कैश फॉर वोट ने न सिर्फ राजनीतिक व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा दाग लगा बल्कि यह लोकतंत्र पर भी धब्बा है। कोई सरकार अपने आपको बचाने के लिए इस बात की जांच करती है कि विपक्ष में कौन कौन से सांसद बिकाऊ है। कीमत करोड़ों में हो तो भी वो देने को तैयार है। अब इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वो विश्वासमत नोट देकर जीता गया। 19 लोगों ने क्रॉस वोटिंग की। बाद में इनमें से कुछ कांग्रेस के सांसद बन गए। इसके बाद 2010 में पूरा का पूरा शीत सत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। उस समय तीन बड़े घोटाले उजागर हुए। संसद में पूरा का पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और यह मांग की कि जब तक घोटालों की जांच नहीं होगी तब तक संसद नहीं चलने दी जाएगी।'
अपनी रथ यात्रा का जिक्र करते हुए बीजेपी के वरिष्ठतम नेता ने कहा, 'इस बीच मुझे यह लगा कि मैं गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स के मुद्दे को लेकर यात्रा करूं। मेरी यह इच्छा तब और बढ़ गई जब कैश फॉर वोट कांड का उजागर करने वाले हमारे दो सांसदों को जेल भेज दिया गया। पूरी दुनिया भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बचाती है। हमने अपने देश में ऐसा करने वाले को जेल भेज दिया गया। मैंने यह भी कहा कि यदि वे सांसद अपराधी हैं तो मैं भी अपराधी हूं। मुझे भी तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए था। देश अच्छा होगा और महान होगा यदि गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स को लेकर पार्टियां चलेंगी। मेरी यात्रा का उद्देश्य इन्हीं दो बातों को बढ़ावा देना है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी 24 सितंबर को दिल्ली में आकर रथयात्रा के कार्यक्रम की घोषणा करेंगे और हम 35-40 दिन में यात्रा पूरी कर लेंगे।'
मोहन भागवत से मुलाकात और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी का हालचाल पूछने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि मैं रथयात्रा शुरु करने से पहले मोहन भागवत से आशीर्वाद लेने आया था। मोहन भागवत ने मुझे पूरा समर्थन और आशीर्वाद दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक मोहन भागवत ने रथयात्रा में पूरा सहयोग देने की बात कही है। आडवाणी ने रथयात्रा के कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 24 सितंबर को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी दिल्ली आकर रथयात्रा का कार्यक्रम घोषित करेंगे। आडवाणी ने यह भी बताया कि उनकी यात्रा 35 से 40 दिन में पूरी हो जाएगी और वो चाहेंगे की रथयात्रा लोकसभा के शीत सत्र से पहले समाप्त हो जाए।
आडवाणी ने यह भी बताया कि इस बार वह देश के पूर्वोत्तर हिस्से में भी जाएंगे। उनकी यात्रा का उद्देश्य गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स (स्वच्छ राजनीति और सुशासन) को बढ़ावा देना होगा। लालकृष्ण आडवाणी ने यह भी कहा कि वोट के बदले नोट प्रकरण में उनकी भी जिम्मेदारी थी। वह उस समय विपक्ष के नेता थे यदि वह अपने सांसदों से मना करते तो वो लोकसभा के पटल पर नोट नहीं रखते।
बीजेपी के प्रवक्ता बलबीर पुंज ने कहा कि पार्टी ने अभी तक 2014 के आम चुनावों के लिए किसी को भी प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। पुंज ने कहा कि ऐसे में किसी के रेस से हटने या शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता है।
वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा है कि संघ और आडवाणी की रथ यात्रा को लेकर किसी तरह का मतभेद नहीं है। राम माधव ने कहा कि संघ ने आडवाणी को किसी तरह का दिशानिर्देश नहीं दिया है। संघ उनकी रथयात्रा का पूरा समर्थन करता है। राम माधव ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघ हर अभियान के साथ है। राम माधव ने आडवाणी की पीएम पद के लिए दावेदारी पर कहा कि यह बीजेपी का अंदरूनी मामला है।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार पर जबर्दस्त हमला करते हुए कहा, 'मेरा उद्देश्य रहा कि सरकार गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स के आधार पर चले। यदि क्लीन पॉलिटिक्स के नजरिए से सोचा जाए तो 2008 में हुआ नोट के बदले वोट घोटाला भारत के इतिहास में सबसे शर्मनाक घोटाला है। लेकिन यदि हम गुड गवर्नेंस की बात करे तो इस समय तो कोई सरकार ही नहीं है। पहली बार ऐसा हुआ है जब कई मंत्री न सिर्फ हटाए गए बल्कि जेल भी भेजे गए।'
आडवाणी ने कहा, 'कैश फॉर वोट ने न सिर्फ राजनीतिक व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा दाग लगा बल्कि यह लोकतंत्र पर भी धब्बा है। कोई सरकार अपने आपको बचाने के लिए इस बात की जांच करती है कि विपक्ष में कौन कौन से सांसद बिकाऊ है। कीमत करोड़ों में हो तो भी वो देने को तैयार है। अब इस बात में कोई संदेह नहीं है कि वो विश्वासमत नोट देकर जीता गया। 19 लोगों ने क्रॉस वोटिंग की। बाद में इनमें से कुछ कांग्रेस के सांसद बन गए। इसके बाद 2010 में पूरा का पूरा शीत सत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। उस समय तीन बड़े घोटाले उजागर हुए। संसद में पूरा का पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और यह मांग की कि जब तक घोटालों की जांच नहीं होगी तब तक संसद नहीं चलने दी जाएगी।'
अपनी रथ यात्रा का जिक्र करते हुए बीजेपी के वरिष्ठतम नेता ने कहा, 'इस बीच मुझे यह लगा कि मैं गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स के मुद्दे को लेकर यात्रा करूं। मेरी यह इच्छा तब और बढ़ गई जब कैश फॉर वोट कांड का उजागर करने वाले हमारे दो सांसदों को जेल भेज दिया गया। पूरी दुनिया भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को बचाती है। हमने अपने देश में ऐसा करने वाले को जेल भेज दिया गया। मैंने यह भी कहा कि यदि वे सांसद अपराधी हैं तो मैं भी अपराधी हूं। मुझे भी तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए था। देश अच्छा होगा और महान होगा यदि गुड गवर्नेंस और क्लीन पॉलिटिक्स को लेकर पार्टियां चलेंगी। मेरी यात्रा का उद्देश्य इन्हीं दो बातों को बढ़ावा देना है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी 24 सितंबर को दिल्ली में आकर रथयात्रा के कार्यक्रम की घोषणा करेंगे और हम 35-40 दिन में यात्रा पूरी कर लेंगे।'
सरकार ने उडाया गरीबों का मजाक , ३२ रुपये खर्चा करने वाले को बताया अमीर
नई दिल्ली।। योजना आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि खानपान पर शहरों में 965 रुपये और गांवों में 781 रुपये प्रति महीना खर्च करने वाले शख्स को गरीब नहीं माना जा सकता है। गरीबी रेखा की नई परिभाषा तय करते हुए योजना आयोग ने कहा कि इस तरह शहर में 32 रुपये और गांव में हर रोज 26 रुपये खर्च करने वाला शख्स बीपीएल परिवारों को मिलने वाली सुविधा को पाने का हकदार नहीं है।
अपनी यह रिपोर्ट योजना आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को हलफनामे के तौर पर दी है। इस रिपोर्ट पर खुद प्रधानमंत्री ने हस्ताक्षर किए हैं। आयोग ने गरीबी रेखा पर नया क्राइटीरिया सुझाते हुए कहा है कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नै में चार सदस्यों वाला परिवार यदि महीने में 3860 रुपये खर्च करता है, तो वह गरीब नहीं कहा जा सकता। इस हास्यास्पद परिभाषा पर हो- हल्ला मचना शुरू हो चुका है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन में एक आदमी प्रति दिन अगर 5.50 रुपये दाल पर, 1.02 रुपये चावल-रोटी पर, 2.33 रुपये दूध, 1.55 रुपये तेल, 1.95 रुपये साग-सब्जी, 44 पैसे फल पर, 70 पैसे चीनी पर, 78 पैसे नमक व मसालों पर, 1.51 पैसे अन्य खाद्य पदार्थों पर, 3.75 पैसे ईंधन पर खर्च करे तो वह एक स्वस्थ्य जीवन यापन कर सकता है। साथ में एक व्यक्ति अगर 49.10 रुपये मासिक किराया दे तो आराम से जीवन बिता सकता है और उसे गरीब नहीं कहा जाएगा।
योजना आयोग की मानें तो हेल्थ सर्विसेज पर 39.70 रुपये प्रति महीने खर्च करके आप स्वस्थ रह सकते हैं। एजुकेशन पर 99 पैसे प्रतिदिन खर्च करते हैं तो आपको शिक्षा के संबंध में कतई गरीब नहीं माना जा सकता। यदि आप 61.30 रुपये महीनेवार, 9.6 रुपये चप्पल और 28.80 रुपये बाकी पर्सनल सामान पर खर्च कर सकते हैं तो आप आयोग की नजर में बिल्कुल भी गरीब नहीं कहे जा सकते।
आयोग ने यह डाटा बनाते समय 2010-11 के इंडस्ट्रियल वर्कर्स के कंस्यूमर प्राइस इंडेक्स और तेंडुलकर कमिटी की 2004-05 की कीमतों के आधार पर खर्च का हिसाब-किताब दिखाने वाली रिपोर्ट पर गौर किया है। हालांकि, रिपोर्ट में अंत में कहा गया है कि गरीबी रेखा पर अंतिम रिपोर्ट एनएसएसओ सर्वेक्षण 2011-12 के बाद पेश की जाएगी।
मनीष तिवारी ने मांगी अन्ना हजारे से माफ़ी
पुणे।। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के बारे में अपने बयान पर आखिरकार उनसे लिखित में माफी मांग ही ली। तिवारी ने कहा कि उन्हें अपने बयानों को लेकर अफसोस है।
पुणे में हजारे के वकील मिलिंद पवार ने तिवारी को आठ सितंबर को मानहानि का नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में तिवारी ने लिखित माफीनामा भेजा है।
हजारे को भेजे लिखित संदेश में तिवारी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले ही 25 अगस्त को माफी मांग चुके हैं। तिवारी की इस चिट्ठी की कॉपी पवार ने जारी की।
इसमें तिवारी ने कहा है, 'खासतौर पर अपनी उम्र से बड़े लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करने में मेरे सामने प्रतिष्ठा या अहम की कोई बात नहीं है। मैं गंभीरता से अफसोस प्रकट करता हूं।'
उन्होंने कहा, 'मैं कानूनी जवाब नहीं देना चाहता या इस मामले को लंबा नहीं खींचना चाहता। मुझे उम्मीद है कि आप इस मामले को समाप्त मानेंगे।'
तिवारी को आईपीसी की धारा 500 के तहत मानहानि की कार्यवाही के लिए कानूनी नोटिस भेजने वाले वकील ने कहा कि हजारे ने मामले को बंद करने का फैसला किया है।
हजारे ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार विरोधी अनशन शुरू करने से पहले तिवारी ने उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि 'अन्ना हजारे सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।'
पुणे में हजारे के वकील मिलिंद पवार ने तिवारी को आठ सितंबर को मानहानि का नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में तिवारी ने लिखित माफीनामा भेजा है।
हजारे को भेजे लिखित संदेश में तिवारी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले ही 25 अगस्त को माफी मांग चुके हैं। तिवारी की इस चिट्ठी की कॉपी पवार ने जारी की।
इसमें तिवारी ने कहा है, 'खासतौर पर अपनी उम्र से बड़े लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करने में मेरे सामने प्रतिष्ठा या अहम की कोई बात नहीं है। मैं गंभीरता से अफसोस प्रकट करता हूं।'
उन्होंने कहा, 'मैं कानूनी जवाब नहीं देना चाहता या इस मामले को लंबा नहीं खींचना चाहता। मुझे उम्मीद है कि आप इस मामले को समाप्त मानेंगे।'
तिवारी को आईपीसी की धारा 500 के तहत मानहानि की कार्यवाही के लिए कानूनी नोटिस भेजने वाले वकील ने कहा कि हजारे ने मामले को बंद करने का फैसला किया है।
हजारे ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार विरोधी अनशन शुरू करने से पहले तिवारी ने उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि 'अन्ना हजारे सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।'
मोहब्बत में बेवफाई , प्रेमिका ने फांसी लगाई

बेंगलुरू/जमशेदपुर।जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करने के सपने संजोने वाली जमशेदपुर की होनहार आदिवासी छात्रा मालिनी मुर्मू ने खुद ही अपना जीवन समाप्त कर लिया। आईआईएम बेंगलुरू में एमबीए प्रथम वर्ष की छात्रा का शव सोमवार को उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से झूलता मिला। प्यार में मिले धोखे से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। लैपटॉप में छोड़े अपने सुसाइड नोट में उसने लिखा है, ‘उसने मुझे छोड़ दिया, इसलिए आत्महत्या कर रही हूं।’
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक पर मालिनी (22) के ब्वॉयफ्रैंड ने उससे संबंध तोड़ लिए थे। इससे उसे गहरा आघात लगा और उसने क्लास में भी जाना छोड़ दिया। क्लास में उसे नहीं पाकर जब उसके दोस्त हॉस्टल के कमरा नंबर 421 में गए तो उसने दरवाजा नहीं खोला। गार्डस को बुलाकर दरवाजा तुड़वाया गया। कमरे के भीतर मालिनी का शव पंखे झूलता मिला। वहां उसका कोई रूममेट नहीं था।
दीवार पर भी लिखा, धोखा मिला
मालिनी ने अपने लैपटॉप में छोड़े सुसाइड नोट में लिखा कि उसके ब्वॉयफ्रैंड ने उसे छोड़ दिया है। इसी वजह से वह आत्महत्या कर रही है। उसके कमरे की दीवार पर ‘उसने मुझे धोखा दिया’ भी लिखा हुआ मिला।
ये मैसेज बना आत्महत्या की वजह : पुलिस के अनुसार मालिनी का ब्वॉयफ्रैंड घटना के दौरान शहर में ही था। दोनों में किसी बात को लेकर बहस हुई। ब्रेकअप भी हो गया। इसके बाद ब्वॉयफ्रैंड ने फेसबुक पर एक मैसेज डाला, जिससे उसे गहरा सदमा लगा। मैसेज में लिखा था, ‘आज मुझे बहुत शांति मिली है। मैंने अपनी नई गर्लफ्रैंड को छोड़ दिया है। आजादी मुबारक हो।’
आज आएगा शव
जमशेदपुर में कदमा के विजया हेरिटेज अपार्टमेंट निवासी विश्वनाथ मुर्मू की बेटी मालिनी का शव बुधवार को यहां पहुंचेगा। विश्वनाथ शव लेकर बेंगलुरू से रांची के लिए चुके हैं। मालिनी के पिता भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के बर्मा माइंस डीपो के इंचार्ज हैं। वे घटना के वक्त विभागीय काम से पुणो में थे। मृतका की मां निरसो मुर्मू सामाजिक कार्यकर्ता हैं। मालिनी झामुमो के प्रवक्ता रमेश हांसदा की भांजी है। मालिनी ने साकची के राजेंद्र विद्यालय से 10वीं की पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने उड़ीसा के के आईटीई से 12वीं पास की। उसकी छोटी बहन भुवनेश्वर से इंजीनियरिंग कर रही है।
अमर सिंह से मिलने की सजा, सांसद धनंजय BSP से बाहर

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी [बसपा] की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने जौनपुर से पार्टी सासद धनंजय सिंह को अनुशासनहीनता और अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की जनसमस्याओं में रुचि नहीं लेने के आरोप में बुधवार दल से निलंबित कर दिया।
मायावती ने यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य में सिंह को पार्टी या संगठन के किसी भी कार्यक्रम में न तो बुलाया जाए और न ही शामिल किया जाए। बसपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यहा बताया कि धनंजय सिंह अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की जनता की काफी उपेक्षा कर रहे थे और संगठन के कार्यो में ठीक ढंग से रुचि भी नहीं ले रहे थे। साथ ही उनके खिलाफ अपनी सासद निधि का दुरुपयोग करने की शिकायतें भी मिल रही थीं।
मौर्य ने बताया कि सिंह ने अवाछनीय और अराजक तत्वों को बसपा से जोड़ा और उनके खिलाफ क्षेत्र की जनता को प्रताड़ित करने की शिकायत भी की जा रही थी। बसपा नेता ने बताया कि पार्टी नेतृत्व को मीडिया के स्त्रोतों से यह भी पता लगा है कि सिंह ने 'वोट के बदले नोट' मामले में गिरफ्तार किए गए राज्यसभा सासद अमर सिंह से दल की इजाजत के बिना मुलाकात की और मीडिया में उनके पक्ष में बयान भी दिया।
उन्होंने कहा कि सिंह का यह कृत्य अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। साथ ही यह प्रकरण चूंकि न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसी स्थिति में मामले के एक अभियुक्त को बचाने की नीयत से सिंह द्वारा बयानबाजी किया जाना अदालत की अवमानना भी है। इसे पार्टी ने बेहद गंभीरता से लिया है।
मौर्य ने कहा कि सिंह के कार्यकलापों और विभिन्न गतिविधियों के बारे में प्राप्त तमाम गंभीर शिकायतों की वजह से पार्टी नेतृत्व ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि बसपा अध्यक्ष ने भविष्य में सिंह को पार्टी तथा संगठन के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। मौर्य ने कहा कि बसपा एक अनुशासनप्रिय पार्टी है और वह अपने सदस्यों से दल की विचारधारा, कार्यक्रमों तथा गतिविधियों में पूरी निष्ठा और लगन से शामिल होने की अपेक्षा करती है।
Tuesday, September 20, 2011
पत्नी ने प्रेमी और पिता संग मिल कर नपुंसक पति की हत्या की?
मुंबई।। चार महीने पहले राजकीय रेलवे पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक लाश मिली थी। पुलिस ने इसे दुर्घटना का मामला समझ ऐक्सिडेंटल केस रजिस्टर कर लिया। जब कोर्ट के आदेश पर केस को री- ओपन किया गया तो मामला कुछ और ही लग रहा है। दरअसल, मृतक के भाई को शुरू से ही मौत के पीछे दुर्घटना नहीं, गहरी साजिश नजर आ रही थी और वह केस को फिर से खुलवाने के लिए कोर्ट की शरण में गया।
35 साल के दयालाल डूंगरजी पाटीदार की लाश भयंदर के निकट रेल ट्रैक पर 5 जून को मिली थी। तब से लेकर अब तक चार महीने तक यह मामला पुलिस की फाइलों में शट केस के तौर पर रहा, लेकिन दयालाल के बड़े भाई तेजपाल को शक था कि भाई की मौत दुर्घटना नहीं हत्या है। तेजपाल का आरोप है कि दयालाल की 26 वर्षीय पत्नी जयमाला का कमलेश नाम के आदमी से अफेयर चल रहा था। दयालाल के नपुंसक होने की वजह से जयमाला परेशान रहती थी।
कोर्ट ने तेजपाल की अर्जी पर जीआरपी को एफआईआर दर्ज कर मामले की पूरी जांच करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने पुलिस को 20 सितंबर तक जांच रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा है।
पुलिस ने 5 जून को मिली बॉडी को चार दिन तक रखा ताकि उसकी शिनाख्त करने के लिए कोई आए लेकिन किसी सगे-संबधी के न पहुंचने पर पुलिस ने दाह संस्कार कर दिया। कुछ दिनों बाद दयालाल का भाई तेजपाल थाने पहुंचा। पुलिस द्वारा शव की तस्वीर दिखाने पर तेजपाल को कुछ शक हुआ। तेजपाल ने बताया, 'जब कोई व्यक्ति ट्रैक पर गाड़ी के नीचे आने की वजह से मरता है तो बॉडी कई टुकड़ों में कटी होती है। लेकिन फोटो में साफ दिखा कि केवल सिर के हिस्से पर चोट है। मैंने यह बात पुलिस को बताई तो मेरी बात को दरकिनार कर दिया। जब मुझे लगा कि वे मेरे भाई की मौत पर न्याय नहीं देंगे, मैं कोर्ट की शरण में पहुंचा।'
तेजपाल ने कोर्ट को बताया कि दयालाल भी शादी से नाखुश था और पति-पत्नी में झगड़ा होता रहता था। पत्नी बार-बार कहती थी कि दयालाल नपुंसक है। इसी बीच जयमाला अपने मायके राजस्थान चली गई थी।
पुलिस जांच से पता चला कि जयमाला और उसके पिता ने दयालाल से छुटकारा पाने का प्लान बनाया। दयालाल ने आश्वासन देकर जयमाला को घर वापस बुला लिया। तब जयमाला के पिता ने अपने भाई वेल्गी और कमलेश के साथ मिलकर दयालाल को फंसाने की साजिश रची। वेल्गी के भयंदर स्थित होटल हनुमान में दयालाल को नौकरी दिलवाने के बाद उन्होंने उसे शराब की लत लगा दी। कोर्ट के कहने पर पुलिस ने जयमाला, वेल्गी, नात्सी और कमलेश के खिलाफ हत्या का आरोप दर्ज किया। तेजपाल के वकील का कहना है कि केस रजिस्टर होने के तीन महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं की गई।
वसाई जीआरपी के सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि कोर्ट से आदेश हमें मिल गए लेकिन पुलिस टीम राजस्थान के गांव भेजी जानी है और चारों आरोपियों के फोन रिकॉर्डस चेक किए जाने बाकी हैं। पुलिस का दावा है कि दो बार पुलिस राजस्थान जा चुकी है।
मुंबई।। चार महीने पहले राजकीय रेलवे पुलिस को रेलवे ट्रैक पर एक लाश मिली थी। पुलिस ने इसे दुर्घटना का मामला समझ ऐक्सिडेंटल केस रजिस्टर कर लिया। जब कोर्ट के आदेश पर केस को री- ओपन किया गया तो मामला कुछ और ही लग रहा है। दरअसल, मृतक के भाई को शुरू से ही मौत के पीछे दुर्घटना नहीं, गहरी साजिश नजर आ रही थी और वह केस को फिर से खुलवाने के लिए कोर्ट की शरण में गया।
35 साल के दयालाल डूंगरजी पाटीदार की लाश भयंदर के निकट रेल ट्रैक पर 5 जून को मिली थी। तब से लेकर अब तक चार महीने तक यह मामला पुलिस की फाइलों में शट केस के तौर पर रहा, लेकिन दयालाल के बड़े भाई तेजपाल को शक था कि भाई की मौत दुर्घटना नहीं हत्या है। तेजपाल का आरोप है कि दयालाल की 26 वर्षीय पत्नी जयमाला का कमलेश नाम के आदमी से अफेयर चल रहा था। दयालाल के नपुंसक होने की वजह से जयमाला परेशान रहती थी।
कोर्ट ने तेजपाल की अर्जी पर जीआरपी को एफआईआर दर्ज कर मामले की पूरी जांच करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने पुलिस को 20 सितंबर तक जांच रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा है।
पुलिस ने 5 जून को मिली बॉडी को चार दिन तक रखा ताकि उसकी शिनाख्त करने के लिए कोई आए लेकिन किसी सगे-संबधी के न पहुंचने पर पुलिस ने दाह संस्कार कर दिया। कुछ दिनों बाद दयालाल का भाई तेजपाल थाने पहुंचा। पुलिस द्वारा शव की तस्वीर दिखाने पर तेजपाल को कुछ शक हुआ। तेजपाल ने बताया, 'जब कोई व्यक्ति ट्रैक पर गाड़ी के नीचे आने की वजह से मरता है तो बॉडी कई टुकड़ों में कटी होती है। लेकिन फोटो में साफ दिखा कि केवल सिर के हिस्से पर चोट है। मैंने यह बात पुलिस को बताई तो मेरी बात को दरकिनार कर दिया। जब मुझे लगा कि वे मेरे भाई की मौत पर न्याय नहीं देंगे, मैं कोर्ट की शरण में पहुंचा।'
तेजपाल ने कोर्ट को बताया कि दयालाल भी शादी से नाखुश था और पति-पत्नी में झगड़ा होता रहता था। पत्नी बार-बार कहती थी कि दयालाल नपुंसक है। इसी बीच जयमाला अपने मायके राजस्थान चली गई थी।
पुलिस जांच से पता चला कि जयमाला और उसके पिता ने दयालाल से छुटकारा पाने का प्लान बनाया। दयालाल ने आश्वासन देकर जयमाला को घर वापस बुला लिया। तब जयमाला के पिता ने अपने भाई वेल्गी और कमलेश के साथ मिलकर दयालाल को फंसाने की साजिश रची। वेल्गी के भयंदर स्थित होटल हनुमान में दयालाल को नौकरी दिलवाने के बाद उन्होंने उसे शराब की लत लगा दी। कोर्ट के कहने पर पुलिस ने जयमाला, वेल्गी, नात्सी और कमलेश के खिलाफ हत्या का आरोप दर्ज किया। तेजपाल के वकील का कहना है कि केस रजिस्टर होने के तीन महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं की गई।
वसाई जीआरपी के सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि कोर्ट से आदेश हमें मिल गए लेकिन पुलिस टीम राजस्थान के गांव भेजी जानी है और चारों आरोपियों के फोन रिकॉर्डस चेक किए जाने बाकी हैं। पुलिस का दावा है कि दो बार पुलिस राजस्थान जा चुकी है।
चुटकी पर भड़के उद्धव, कहा-राज ठाकरे से तो जानवर अच्छे
मुंबई। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच एक बार फिर से तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। राज ठाकरे ने उद्धव के फोटोग्राफी के शौक पर चुटकी ली तो उद्धव ने राज ठाकरे की तुलना जानवर से कर दी। इस बार विवाद का मुद्दा बने मुंबई की सड़कों पर मौजूद अनगिनत गड्ढे।
उद्धव ठाकरे के फोटोग्राफी के शौक से सब वाकिफ हैं। सोमवार को एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग दूसरे राज्यों में जाकर जानवरों के फोटो निकालते हैं। अच्छा होता कि वो लोग मुंबई में घूमकर यहां के गड्ढों के फोटो खींचते। उनका शौक भी पूरा हो जाएगा और लोगों का भी भला होगा।
अपनी फोटोग्राफी की राज ठाकरे की आलोचना पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भड़क गए। उद्धव ने कहा है कि ऐसे जानवरों की ओर ध्य़ान देने की जरूरत नहीं है। राज ठाकरे की चुटकी पर बौखलाए उद्धव ने कहा कि कुछ लोगों को मुफ्त में सलाह देने का रोग लग गया है और ऐसे जानवरों की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं।
उद्धव ने कहा कि ऐसी सलाह देने की बजाए आप अपने अंदर के गड्ढों में झांकिए। जिस घर में आप पले बढे़, जिस मां के यहां खाया-पिया उसी घर के बारे में बोलने की जरूरत नहीं हैं। एक जानवर मेरे घर में पला-बढ़ा मुझे पता नहीं चल पाया। जंगल के जानवर नमक हरामी नहीं करते। जंगल के जानवर ज्यादा अच्छे हैं।
मुंबई। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच एक बार फिर से तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। राज ठाकरे ने उद्धव के फोटोग्राफी के शौक पर चुटकी ली तो उद्धव ने राज ठाकरे की तुलना जानवर से कर दी। इस बार विवाद का मुद्दा बने मुंबई की सड़कों पर मौजूद अनगिनत गड्ढे।
उद्धव ठाकरे के फोटोग्राफी के शौक से सब वाकिफ हैं। सोमवार को एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग दूसरे राज्यों में जाकर जानवरों के फोटो निकालते हैं। अच्छा होता कि वो लोग मुंबई में घूमकर यहां के गड्ढों के फोटो खींचते। उनका शौक भी पूरा हो जाएगा और लोगों का भी भला होगा।
अपनी फोटोग्राफी की राज ठाकरे की आलोचना पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भड़क गए। उद्धव ने कहा है कि ऐसे जानवरों की ओर ध्य़ान देने की जरूरत नहीं है। राज ठाकरे की चुटकी पर बौखलाए उद्धव ने कहा कि कुछ लोगों को मुफ्त में सलाह देने का रोग लग गया है और ऐसे जानवरों की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं।
उद्धव ने कहा कि ऐसी सलाह देने की बजाए आप अपने अंदर के गड्ढों में झांकिए। जिस घर में आप पले बढे़, जिस मां के यहां खाया-पिया उसी घर के बारे में बोलने की जरूरत नहीं हैं। एक जानवर मेरे घर में पला-बढ़ा मुझे पता नहीं चल पाया। जंगल के जानवर नमक हरामी नहीं करते। जंगल के जानवर ज्यादा अच्छे हैं।
चुटकी पर भड़के उद्धव, कहा-राज ठाकरे से तो जानवर अच्छे
मुंबई। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच एक बार फिर से तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। राज ठाकरे ने उद्धव के फोटोग्राफी के शौक पर चुटकी ली तो उद्धव ने राज ठाकरे की तुलना जानवर से कर दी। इस बार विवाद का मुद्दा बने मुंबई की सड़कों पर मौजूद अनगिनत गड्ढे।
उद्धव ठाकरे के फोटोग्राफी के शौक से सब वाकिफ हैं। सोमवार को एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग दूसरे राज्यों में जाकर जानवरों के फोटो निकालते हैं। अच्छा होता कि वो लोग मुंबई में घूमकर यहां के गड्ढों के फोटो खींचते। उनका शौक भी पूरा हो जाएगा और लोगों का भी भला होगा।
अपनी फोटोग्राफी की राज ठाकरे की आलोचना पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भड़क गए। उद्धव ने कहा है कि ऐसे जानवरों की ओर ध्य़ान देने की जरूरत नहीं है। राज ठाकरे की चुटकी पर बौखलाए उद्धव ने कहा कि कुछ लोगों को मुफ्त में सलाह देने का रोग लग गया है और ऐसे जानवरों की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं।
उद्धव ने कहा कि ऐसी सलाह देने की बजाए आप अपने अंदर के गड्ढों में झांकिए। जिस घर में आप पले बढे़, जिस मां के यहां खाया-पिया उसी घर के बारे में बोलने की जरूरत नहीं हैं। एक जानवर मेरे घर में पला-बढ़ा मुझे पता नहीं चल पाया। जंगल के जानवर नमक हरामी नहीं करते। जंगल के जानवर ज्यादा अच्छे हैं।
मुंबई। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच एक बार फिर से तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। राज ठाकरे ने उद्धव के फोटोग्राफी के शौक पर चुटकी ली तो उद्धव ने राज ठाकरे की तुलना जानवर से कर दी। इस बार विवाद का मुद्दा बने मुंबई की सड़कों पर मौजूद अनगिनत गड्ढे।
उद्धव ठाकरे के फोटोग्राफी के शौक से सब वाकिफ हैं। सोमवार को एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग दूसरे राज्यों में जाकर जानवरों के फोटो निकालते हैं। अच्छा होता कि वो लोग मुंबई में घूमकर यहां के गड्ढों के फोटो खींचते। उनका शौक भी पूरा हो जाएगा और लोगों का भी भला होगा।
अपनी फोटोग्राफी की राज ठाकरे की आलोचना पर शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भड़क गए। उद्धव ने कहा है कि ऐसे जानवरों की ओर ध्य़ान देने की जरूरत नहीं है। राज ठाकरे की चुटकी पर बौखलाए उद्धव ने कहा कि कुछ लोगों को मुफ्त में सलाह देने का रोग लग गया है और ऐसे जानवरों की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं।
उद्धव ने कहा कि ऐसी सलाह देने की बजाए आप अपने अंदर के गड्ढों में झांकिए। जिस घर में आप पले बढे़, जिस मां के यहां खाया-पिया उसी घर के बारे में बोलने की जरूरत नहीं हैं। एक जानवर मेरे घर में पला-बढ़ा मुझे पता नहीं चल पाया। जंगल के जानवर नमक हरामी नहीं करते। जंगल के जानवर ज्यादा अच्छे हैं।
सोने-चांदी और रत्नों से बनायी गयी, अब २२ करोड की नैनो

नई दिल्ली । नैनों को अभी तक हम लखटकिया ने नाम से ही जानते हैं। लेकिन जिस नैनों की यहां बात हो रही है उसे खरीदने के लिए अब लाख नहीं करोड़ों खर्च करने पड़ेंगे। टाटा समूह ने अपनी एक नैनो कार का ऐसा मॉडल पेश किया सोने-चांदी और कीमती पत्थरों से जड़ा हुआ है। इस नक्काशी के बाद नैनों कार के इस मॉडल की कीमत हो गई है 22 करोड़ रुपये।
सोमवार को टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने सोने की नैनो कार लॉंच किया। आपको बता दें सोने से बनी ये दुनिया की पहली कार है। इसमें 80 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है। सिर्फ सोना ही नहीं इसमें 15 किलो की चांदी भी लगाई गयी है। कार को बनाने में 30 कारीगरों की 120 दिनों की मेहनत शामिल है। इस कार को टाटा की सहयोगी कंपनी टाइटन ने बनाया है। टाइटन घड़ी बनाती है।
इस कार के साख ही टाटा ने दुनिया की पहली सोने की कार बनाने का भी तमगा हासिल कर लिया है। वैसे दुनिया की अब तक की सबसे मंहगी कार बुगाती वेरॉन है जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है।
टाटा मोटर्स ने अपनी लखटकिया कार नैनो को ८० किलोग्राम सोने और १५ किलोग्राम चांदी और रत्नों के साथ सजाकर पेश किया है। यह कार सोमवार को टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने पेश की है।
कंपनी ने इस खास कार की लागत का खुलासा नहीं किया है । टाटा ने कहा कि भारत में सोना और स्वर्ण आभूषणों का पीढ़ियों से काफी महत्व रहा है और इसे पूंजी, सम्मान, पवित्रता और समृद्धि का एक अहम चिह्न माना जाता है । भारतीयों का हमेशा से ही सोने और जेवरातों के प्रति विशेष लगाव रहा है। इस स्वर्ण कार को टाइटन इंडस्ट्रीज ने बनाया है । यह कार देश की ज्वैलरी निर्माण कला के ५००० स्वर्णिम सालों के उत्सव मनाने के रूप में तैयार की गई।
रामदेव ने दी खुलौती चुनौती, कहा- इस बार आंदोलन नहीं हिला पाएगी सरकार
झांसी. योग गुरु बाबा रामदेव एक बार फिर भारत स्वाभिमान यात्रा पर निकल पड़े हैं। योग गुरु ने मंगलवार को इस यात्रा का आगाज़ उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से किया। बाबा रामदेव ने आज सुबह इस यात्रा के आगाज़ से पहले झांसी में योग शिविर लगाया। शिविर में रामदेव ने कहा कि उनके एजेंडे में आज भी विदेशी बैंको में जमा चार सौ लाख करोड़ रुपये का काला धन स्वेदश में वापस लाना शामिल है। उन्होंने अपने सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को बेकसूर बताते हुए कहा कि उन्हें परेशान किया जा रहा है।
बाबा रामदेव ने झांसी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'इस बार के आंदोलन को सरकार हिला नहीं पाएगी। मेरा न्याय व्यवस्था में पूरा विश्वास है।' अन्ना हजारे के बारे में पूछने पर योग गुरु ने कहा, 'मैं सभी महापुरुषों का सम्मान करता हूं। आज के दौर के महान लोगों की भी मैं बहुत इज़्ज़त करता हूं। लेकिन दो व्यक्तियों में तुलना करना सही नहीं है।'
योग शिविर में योग गुरु ने लोगों से पूछा कि क्या योग सिखाना पाप है? बाबा रामदेव ने राजनीतिक दलों को भी खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि उन्हें किसी भी पार्टी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। योग गुरु ने कहा कि जिन लोगों का कैरेक्टर ही नहीं है, वे मुझे क्या कैरेक्टर देंगे? बाबा रामदेव की भारत स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब से होकर गुजरेगी।
पहले चरण में बाबा रामदेव 3 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के झांसी से फर्रूखाबाद तक की यात्रा करेंगे। 7 अक्टूबर से उत्तराखंड में यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा। गौरतलब है कि इस साल जून में दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई के चलते बाबा रामदेव और उनके समर्थकों को रामलीला मैदान छोड़ना पड़ा था।
इससे पहले सोमवार को बाबा रामदेव मध्य प्रदेश के ग्वालियर में थे। भ्रष्टाचार विरोधी और कालाधन वापस लाने की अपनी मुहिम के तहत बाबा रामदेव ने सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। उनके साथ आचार्य बालकृष्ण, राजनीतिक विचारक वेदप्रताप वैदिक और दंदरौआ सरकार महंत रामदास भी मौजूद थे। समाधि स्थल से सरकार को कालेधन के मुद्दे पर घेरते हुए बाबा ने कहा सारी दुनिया जान चुकी है कि सरकार ने आम आदमी का धन लूटा है और दुनिया के तमाम बैंकों में इनका कालधन जमा है।
योगगुरु बाबा रामदेव ने सोमवार को ग्वालियर की धरती से भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध छेडऩे की घोषणा की। उन्होंने सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई समाधि की परिक्रमा कर संकल्प लिया कि वह विदेशों में जमा काला धन वापस लाने तक अभियान जारी रखेंगे। रामदेव ने कहा, इन्होंने (कांग्रेस नेताओं ने) अन्ना हजारे पर आरोप लगाए, हम पर आरोप लगाए, लेकिन आरोप लगाने भर से कोई दोषी नहीं हो जाता। अब तो सारा जहां जानता है कि हमारा चरित्र क्या है और इनका का चरित्र क्या है?’ उन्होंने कहा, ‘ग्वालियर में हमारा कोई घोषित कार्यक्रम नहीं था, फिर भी इतने लोग हमें समर्थन देने आएं हैं, मैं इससे अभिभूत हूं। मुख्यधारा की राजनीति में आने के सवाल पर योगगुरू ने कहा, ‘व्यवस्था परिवर्तन के लिए देश भर में पहले से योग विज्ञान और राष्ट्र निर्माण शिविर चलाए जा रहे हैं, इस पूरे आंदोलन को लेकर न तो पहले हमारा कोई राजनीतिक उद्देश्य था, न अभी है।’
विवाद है नहीं, बनाने की कोशिश की जा रही है
बाबा रामदेव के साथ भारत स्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण में हिस्सा ले रहे आचार्य बालकृष्ण ने मंगलवार को झांसी में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पासपोर्ट विवाद से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि विवाद है नहीं, लेकिन विवाद बनाया जा रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा, ' हमारा अभियान देश और राष्ट्र के लिए अर्पित है। सरकार के पास शक्तियां हैं, वे किसी को बदनाम कर सकती है।'
बाबा रामदेव ने झांसी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'इस बार के आंदोलन को सरकार हिला नहीं पाएगी। मेरा न्याय व्यवस्था में पूरा विश्वास है।' अन्ना हजारे के बारे में पूछने पर योग गुरु ने कहा, 'मैं सभी महापुरुषों का सम्मान करता हूं। आज के दौर के महान लोगों की भी मैं बहुत इज़्ज़त करता हूं। लेकिन दो व्यक्तियों में तुलना करना सही नहीं है।'
योग शिविर में योग गुरु ने लोगों से पूछा कि क्या योग सिखाना पाप है? बाबा रामदेव ने राजनीतिक दलों को भी खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि उन्हें किसी भी पार्टी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। योग गुरु ने कहा कि जिन लोगों का कैरेक्टर ही नहीं है, वे मुझे क्या कैरेक्टर देंगे? बाबा रामदेव की भारत स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब से होकर गुजरेगी।
पहले चरण में बाबा रामदेव 3 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के झांसी से फर्रूखाबाद तक की यात्रा करेंगे। 7 अक्टूबर से उत्तराखंड में यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा। गौरतलब है कि इस साल जून में दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई के चलते बाबा रामदेव और उनके समर्थकों को रामलीला मैदान छोड़ना पड़ा था।
इससे पहले सोमवार को बाबा रामदेव मध्य प्रदेश के ग्वालियर में थे। भ्रष्टाचार विरोधी और कालाधन वापस लाने की अपनी मुहिम के तहत बाबा रामदेव ने सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। उनके साथ आचार्य बालकृष्ण, राजनीतिक विचारक वेदप्रताप वैदिक और दंदरौआ सरकार महंत रामदास भी मौजूद थे। समाधि स्थल से सरकार को कालेधन के मुद्दे पर घेरते हुए बाबा ने कहा सारी दुनिया जान चुकी है कि सरकार ने आम आदमी का धन लूटा है और दुनिया के तमाम बैंकों में इनका कालधन जमा है।
योगगुरु बाबा रामदेव ने सोमवार को ग्वालियर की धरती से भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध छेडऩे की घोषणा की। उन्होंने सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई समाधि की परिक्रमा कर संकल्प लिया कि वह विदेशों में जमा काला धन वापस लाने तक अभियान जारी रखेंगे। रामदेव ने कहा, इन्होंने (कांग्रेस नेताओं ने) अन्ना हजारे पर आरोप लगाए, हम पर आरोप लगाए, लेकिन आरोप लगाने भर से कोई दोषी नहीं हो जाता। अब तो सारा जहां जानता है कि हमारा चरित्र क्या है और इनका का चरित्र क्या है?’ उन्होंने कहा, ‘ग्वालियर में हमारा कोई घोषित कार्यक्रम नहीं था, फिर भी इतने लोग हमें समर्थन देने आएं हैं, मैं इससे अभिभूत हूं। मुख्यधारा की राजनीति में आने के सवाल पर योगगुरू ने कहा, ‘व्यवस्था परिवर्तन के लिए देश भर में पहले से योग विज्ञान और राष्ट्र निर्माण शिविर चलाए जा रहे हैं, इस पूरे आंदोलन को लेकर न तो पहले हमारा कोई राजनीतिक उद्देश्य था, न अभी है।’
विवाद है नहीं, बनाने की कोशिश की जा रही है
बाबा रामदेव के साथ भारत स्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण में हिस्सा ले रहे आचार्य बालकृष्ण ने मंगलवार को झांसी में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पासपोर्ट विवाद से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि विवाद है नहीं, लेकिन विवाद बनाया जा रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा, ' हमारा अभियान देश और राष्ट्र के लिए अर्पित है। सरकार के पास शक्तियां हैं, वे किसी को बदनाम कर सकती है।'
सेक्स सीडी कांड: भंवरी के पति ने दी आमरण अनशन की धमकी
जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर में एक सितंबर से लापता बोरुंदा की एएनएम भंवरी देवी के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस दिया है। अदालत ने 22 सितंबर तक सरकार से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। भंवरी का पता लगाने में नाकाम रही पुलिस के खिलाफ उनके पति अमरचंद नट ने राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। याचिका में भंवरी के अपहरण में हाईप्रोफाइल लोगों का हाथ होने का संदेह व्यक्त किया गया है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी।
अमरचंद ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी पत्नी का पता नहीं लगा तो 21 सितंबर से कलेक्ट्रेट के बाहर वह आमरण अनशन शुरू करेंगे। सोमवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना भी दिया था। डॉ. अंबेडकर चेतना संस्थान के बैनर तले दिए गए धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अमरचंद ने बताया कि भंवरी के पास जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा सहित कई बड़े लोगों के फोन आते थे। उसका कहना था कि जब मंत्री खुद आरोपी हैं तो पुलिस उनसे पूछताछ क्यों नहीं कर रही। जब अमरचंद से पूछा गया कि एफआईआर में मंत्री का नाम क्यों नहीं लिखाया, तो उनका कहना था कि वकील से सलाह ली जा रही है। अमरचंद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सोहनलाल के अलावा जिनको पूछताछ के लिए पकड़ा था, उन सबको ठोस कार्रवाई किए बिना छोड़ दिया।करीब छह माह से एक सीडी को लेकर राजस्थान सरकार के एक कैबिनेट मंत्री, विधायक और पूर्व उप जिला प्रमुख पर संगीन आरोप लगे थे। कहा जा रहा है कि सीडी में भंवरी देवी इन नेताओं के साथ आपत्तिजनक हालत में हैं। यह भी बताया जा रहा है कि यह सीडी सार्वजनिक नहीं हो, इसीलिए भंवरी देवी का अपहरण करवाया गया है। उनकी हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। भंवरी के पति अमरचंद ने कुछ दिन पहले टीवी चैनलों को दिए इंटरव्यू में कहा कि कैबिनेट मंत्री के फोन उसकी पत्नी के मोबाइल पर आते रहते थे। उसने इस पर ऐतराज भी किया था। आपकी राय व निवेदन
क्या राजस्थान सरकार को इस पूरे मामले पर अपना पक्ष साफ करना चाहिए? क्या संबंधित मंत्री को खुद आगे आकर सवालों के जवाब नहीं देने चाहिए? क्या अमरचंद को इंसाफ मिल पाएगा? आप खबर पर अपना कमेंट्स लिखते समय भाषा का खयाल रखें। निजी या आपत्तिजनक टिप्पणी किसी भी सूरत में नहीं करें। ऐसी टिप्पणी साइट से हटा दी जाएगी और इसके लिए अगर कोई पक्ष कानूनी कार्रवाई करता है तो उसकी जिम्मेदारी भी कमेंट करने वाले की ही होगी।
Monday, September 19, 2011
नई दिल्ली/गंगटोक। रविवार शाम आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 66 हो गई है। भारत में 52 लोगों की मौत हुई है। सिक्किम में 39, पश्चिम बंगाल में 6, बिहार में 7 लोग मारे गए हैं। नेपाल और तिब्बत में सात-सात लोगों की मौत हुई है। इस बीच सोमवार को महाराष्ट्र और मेघायल में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
सिक्किम में सबसे ज्यादा तबाही
भूकंप ने सबसे ज्यादा तबाही सिक्किम में मचाई है। राज्य में भूकंप से अब तक 23 लोग मारे गए हैं। इनमें सेना के तीन जवान भी शामिल हैं। सिक्किम के राज्यपाल बीपी सिंह ने बताया कि उत्तरी सिक्किम में ज्यादा नुकसान हुआ है। राज्य में भूकंप से एक लाख इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
जीओसी 17 माउंटेन डिवीजन के मेजर नजरल एस एल नरसिम्हन ने बताया कि तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड की बस में सवार आठ लोगों की उस वक्त मौत हो गई जब बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। भूकंप के बाद भूस्खलन से सड़क संपर्क कट गया। बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। इस बीच लापता हुई सेना की एक बस मिल गई है। इसमें 50 जवान सवार थे।
राहत और बचाव कार्य में बाधा
भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। सेना के करीब 4 हजार जवान राहत और बचाव कार्य में लगे हैं। राहत और बचाव कार्य में सेना के 9 हेलीकॉप्टर लगे हैं लेकिन भारी बारिश से राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। भूस्खलन के कारण बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। राहत और बचाव के लिए गए जवान इस रास्ते पर फंस गए हैं। भूकंप के बाद राज्य में बिजली गुल हो गई थी और संचार सेवाएं ठप हो गई लेकिन सोमवार को बिजली और संचार सेवाएं शुरू हो गई।
महाराष्ट्र और मेघालय में भूकंप
महाराष्ट्र में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। उस्मानाबाद और लातूर में सोमवार सुबह 6.22 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके 5 से 6 सैकेंड तक महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है। मेघालय में सोमवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके 12.52 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है। हालांकि भूकंप से किसी तरह के जानमाल की खबर नहीं है।
असर यहां-यहां
उत्तर-पूर्वी राज्य, प.बंगाल, बिहार, असम, राजस्थान, दिल्ली, एनसीआर, उत्तरप्रदेश, झारखंड, मप्र, नेपाल व भूटान, कोलकाता, दार्जिलिंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी जिलों में छोटे मोटे नुकसान की खबर है। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके महसूस किए गए। सिलिगुडी में इमारत गिरी। उत्तर बंगाल के कलिम्पोंग व दार्जिलिंग के ब्ाड़े हिस्सों में विद्युत सेवा बंद। जमीन धंसने से कई जगह रास्ते बंद। मकानों में दरारें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके।
सिक्किम में सबसे ज्यादा तबाही
भूकंप ने सबसे ज्यादा तबाही सिक्किम में मचाई है। राज्य में भूकंप से अब तक 23 लोग मारे गए हैं। इनमें सेना के तीन जवान भी शामिल हैं। सिक्किम के राज्यपाल बीपी सिंह ने बताया कि उत्तरी सिक्किम में ज्यादा नुकसान हुआ है। राज्य में भूकंप से एक लाख इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
जीओसी 17 माउंटेन डिवीजन के मेजर नजरल एस एल नरसिम्हन ने बताया कि तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड की बस में सवार आठ लोगों की उस वक्त मौत हो गई जब बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। भूकंप के बाद भूस्खलन से सड़क संपर्क कट गया। बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। इस बीच लापता हुई सेना की एक बस मिल गई है। इसमें 50 जवान सवार थे।
राहत और बचाव कार्य में बाधा
भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। सेना के करीब 4 हजार जवान राहत और बचाव कार्य में लगे हैं। राहत और बचाव कार्य में सेना के 9 हेलीकॉप्टर लगे हैं लेकिन भारी बारिश से राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। भूस्खलन के कारण बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। राहत और बचाव के लिए गए जवान इस रास्ते पर फंस गए हैं। भूकंप के बाद राज्य में बिजली गुल हो गई थी और संचार सेवाएं ठप हो गई लेकिन सोमवार को बिजली और संचार सेवाएं शुरू हो गई।
महाराष्ट्र और मेघालय में भूकंप
महाराष्ट्र में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। उस्मानाबाद और लातूर में सोमवार सुबह 6.22 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके 5 से 6 सैकेंड तक महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है। मेघालय में सोमवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके 12.52 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है। हालांकि भूकंप से किसी तरह के जानमाल की खबर नहीं है।
असर यहां-यहां
उत्तर-पूर्वी राज्य, प.बंगाल, बिहार, असम, राजस्थान, दिल्ली, एनसीआर, उत्तरप्रदेश, झारखंड, मप्र, नेपाल व भूटान, कोलकाता, दार्जिलिंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी जिलों में छोटे मोटे नुकसान की खबर है। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके महसूस किए गए। सिलिगुडी में इमारत गिरी। उत्तर बंगाल के कलिम्पोंग व दार्जिलिंग के ब्ाड़े हिस्सों में विद्युत सेवा बंद। जमीन धंसने से कई जगह रास्ते बंद। मकानों में दरारें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके।
Sunday, September 18, 2011
पूनम पांडे का राहुल को अनोखा फेयरवेल
मुंबई। टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने पर न्यूड होने की खबरों से सुर्खियों में आई मॉडल पूनम पांडे की लाइम लाइट में आने की भूख बढ़ती ही जा रही है।
खुद को चर्चाओं में लाने के लिए पूनम ने इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाडियों का सहारा लेना शुरू किया है। इस बार पूनम ने "द वॉल" राहुल द्रविड़ के आखिरी वनडे मैच पर उन्हें अनोखा फेयरवेल देकर एक बार सुर्खियां बटोरने की कोशिश की।
पूनम ने राहुल के आखिरी वनडे के चलते अपने प्रशंसकों के लिए ग्लेमरस एंड बोल्ड फोटोग्राफ्स टि्वटर पर डाले हैं। पूनम अपने प्रशंसकों के 24 घंटे संपर्क में रहने के लिए वेबसाइट भी लेकर आ रही हैं जिस पर उनकी फोटो पोस्ट होंगी।
अमर सिंह से मिलने एम्स पहुंचे 'बड़े भैय्या' अमिताभ
कैश फॉर वोट मामले में दोषी बनाए गए समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव अमर सिंह से मिलने के लिए 12 बजे के लगभग बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन नई दिल्ली स्थित एम्स पहुंचे। उनके साथ उनकी बेटी श्वेता नंदा भी हैं। अमिताभ नई दिल्ली में आयोजित ज्ञानपीठ पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। अमिताभ के इस तरह से एम्स पहुंचने पर पिछले दिनों दोनों के रिश्तों में आई खटास के दूर होने की संभावना भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि कैश फॉर वोट मामले में तिहाड़ गए अमर सिंह १९ सितंबर तक जमानत पर बाहर है। अमर सिंह इस समय एम्स में इलाज करा रहे हैं।
इससे पहले अमर सिंह की करीबी जयाप्रदा ने आरोप लगाया था कि अमर सिंह के बेहद करीब रहने वाले लोग अब मुसीबत के वक्त में उनसे दूर हो गए हैं। जयाप्रदा ने यह भी कहा था कि अमर सिंह ने जिन लोगों पर अहसान किए वो भी अब उनसे दूरी बनाए हुए हैं। जयाप्रदा का इशारा अमिताभ बच्चन की ओर ही था।
गौरतलब है कि कैश फॉर वोट मामले में तिहाड़ गए अमर सिंह १९ सितंबर तक जमानत पर बाहर है। अमर सिंह इस समय एम्स में इलाज करा रहे हैं।
इससे पहले अमर सिंह की करीबी जयाप्रदा ने आरोप लगाया था कि अमर सिंह के बेहद करीब रहने वाले लोग अब मुसीबत के वक्त में उनसे दूर हो गए हैं। जयाप्रदा ने यह भी कहा था कि अमर सिंह ने जिन लोगों पर अहसान किए वो भी अब उनसे दूरी बनाए हुए हैं। जयाप्रदा का इशारा अमिताभ बच्चन की ओर ही था।
आगरा ब्लास्ट: देसी बम से किया गया विस्फोट

आगरा। आगरा के निजी अस्पताल में शनिवार को हुआ विस्फोट देसी बम (आईईडी) द्वारा किया गया था और इसमें टाइमर का इस्तेमाल नहीं हुआ। इस विस्फोट में चार लोग घायल हो गए थे।
रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने बताया, "प्रारम्भिक जानकारी और घटनास्थल के निरीक्षण से ऐसा लग रहा है कि विस्फोटक को लोहे से बांधकर बनाया गया था। इसमें टाइमर का इस्तेमाल नहीं हुआ है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इसे स्थानीय स्तर पर तैयार गया था।"
उन्होंने कहा, "विस्फोट में नौ बोल्ट की छह बैटरियों का इस्तेमाल किया गया। इन्हें तार द्वारा फिलामेंट से जोड़कर विस्फोटक में रखा गया था। फिलामेंट के हीटिंग इफेक्ट से विस्फोट कराया गया।"
बृजलाल ने कहा, "घटनास्थल पर मिले सबूतों की गहन जांच पड़ताल की जा रही है। धमाके में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की प्रकृति के बारे में जैसे ही हमें पता चलेगा हम मीडिया को इसकी जानकारी देंगे।"
बृजलाल ने कहा कि विस्फोट में चार लोग घायल हुए हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर है। दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। विस्फोट के संबंध में किसी को हिरासत में लेने की बात से पुलिस फिलहाल इंकार कर रही है।
आगरा परिक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक असीम अरुण ने रविवार को संवाददाताओं को बताया, "विस्फोट के आतंकी घटना होने के बारे में अभी ठोस तौर पर हम कुछ नहीं कह सकते हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) द्वारा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।"
उधर पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि वे आतंकी घटना और व्यवसायिक रंजिश की दृष्टि से मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि जय अस्पताल के पास कई दूसरे निजी अस्पताल भी हैं।
हरिपर्वत थाना क्षेत्र स्थित जय अस्पताल के स्वागत कक्ष में शनिवार शाम करीब 5.30 बजे विस्फोट हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसा लगता है कि विस्फोटक किसी कुर्सी के नीचे रखा गया था। यह अस्पताल ताजमहल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। विस्फोट के बाद ताज महल की सुरक्षा बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में चौकसी बढ़ा दी गई है।
पुलिस को इसके आतंकी घटना होने के बारे में प्रमाण नहीं मिल पाया
आगरा के एक निजी अस्पताल में विस्फोट के करीब 15 घंटे बाद तक उत्तर प्रदेश पुलिस को इसके आतंकी घटना होने के बारे में प्रमाण नहीं मिल पाया है।
आगरा परिक्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया, "अभी हम ठोस तौर पर कुछ नहीं कह सकते हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) द्वारा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।"
उधर पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि वे आतंकी घटना और व्यवसायिक रंजिश की दृष्टि से मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि जय अस्पताल के पास कई दूसरे निजी अस्पताल भी हैं।
सुराग देने वाले को इनाम, घायलों को मुआवजा
पुलिस ने सुराग देने वाले को 50 हजार के इनाम की घोषणा की है। वहीं घायलों को एक-एक लाख मुआवजा दिया जाएगा।
मोदी की मांग , ... तो मुझे फांसी पर चढ़ाओ

अहमदाबाद. गुजरात विश्विद्यालय के वातानूकूलित हॉल में उपवास पर बैठे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा है कि यदि २००२ में गुजरात में हुए दंगों में वो दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें भी फांसी दे दी जाए। आज मोदी के उपवास का दूसरा दिन है। वह सोमवार को उपवास खत्म करेंगे।
नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि उनका यह उपवास देश से वोट बैंक की राजनीति समाप्त करने के लिए है। साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी गुजरात के विकास के गुण गाते रहे। सद्भावना मिशन का उद्देश्य बताते हुए मोदी ने कहा कि हमें मानवता को साथ लेकर आगे बढ़ना है।
वहीं कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे किसी भी तरह के आरोपों से बचते हुए मोदी ने बार-बार यह कहा कि वो किसी भी आरोप पर या कांग्रेस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। लोकायुक्त पर केंद्र सरकार के रवैये पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि देश की सभी सरकारे इस समय केंद्र सरकार से परेशान है। जिस प्रकार से देश के संघीय ढांचे पर हमला बोला गया है उससे देश के सामने बड़े खतरे पैदा हुए हैं। यह सिर्फ गुजरात की की शिकायत नहीं है बल्कि देश भर के राज्यों की भारत सरकार से यही शिकायत है। यह कोई शिकायत नहीं है बल्कि देश हित में उठाया गया कदम है।
मोदी ने यह भी कहा कि उनके सद्भावना मिशन के साथ सभी लोगों को जुड़ना चाहिए। नीतीश कुमार के न आने पर मोदी ने कहा कि यह उनका अपना फैसला है। मोदी ने यह भी कहा कि वो अपनी आलोचनाओं को हमेशा सकारात्मक रूप में स्वीकारते रहेंगे।
हालांकि मोदी ने भविष्य की राजनीति के बारे में कोई भी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि भविष्य को लेकर मेरी कोई प्लानिंग नहीं है लेकिन मैं जो भी करता हूं उसमें जुट जाता हूं। मोदी ने यह भी कहा कि मैं दिल्ली आजकल कम समय के लिए ही जाता हूं।
लेकिन कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा- है कि मोदी उपवास की नौटंकी खत्म कर गुजरात में दंगों से हलकान हुए लोगों की मदद करें और फर्जी मुठभेड़ के दोषी पुलिस अफसरों को सजा दिलाएं (पूरी खबर रिलेटेड आर्टिकल में पढि़ए)।
'सबका साथ सबका विकास' है मोदी का नया नारा
नरेंद्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास का नया नारा भी दिया है। नरेंद्र मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि गुजरात में जो विकास उन्होंने किया है वो देशभर में दिखना चाहिए। मोदी ने यह भी कहा कि उनका यह सद्भावना उपवास वोट बैंक की राजनीति समाप्त करने के लिए है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सभी वर्ग के लोगों को एक साथ लेकर भी आगे बढ़ा जा सकता है और यह गुजरात ने पिछले सात सालों में सिद्ध कर दिया है।
मेरे नाम नहीं दर्ज है कोई एफआईआर, दोषी हूं तो फांसी दो
मोदी ने यह बात भी जोर देकर कही कि यदि मैं दंगा कराने का दोषी पाया जाता हूं तो मुझे फांसी मिलनी चाहिए। हालांकि मोदी ने यह भी साफ कहा कि उनके नाम न ही कोई एफआईआर दर्ज है और न ही सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का कोई आदेश दिया है।
प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर खुलकर नहीं बोले मोदी
कई चैनलों के टीवी पत्रकारों ने नरेंद्र मोदी से बार-बार उनकी प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी संबंधी सवाल पूछे लेकिन हर बार नरेंद्र मोदी सवालों को बड़ी चतुराई से टालते रहे और जवाब में गुजरात के विकास की ही बात करते रहे।
उपवास किसी समुदाय को आकर्षित करने के लिए नहीं
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनका तीन दिवसीय उपवास किसी खास समुदाय या धर्म को आकर्षित करने के लिए नहीं है। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि गुजरात की जनता अपार पीड़ा सही है, जहां 2002 के साम्प्रदायिक दंगे में कम से कम 1,000 लोग मारे गए थे और उसमें अधिकांश मुस्लिम थे।
मोदी ने अपने उपवास के दूसरे दिन कहा कि सद्भावना मिशन किसी खास समुदाय या धर्म के लिए नहीं है। यह गुजरात की जनता के लिए है। गुजरात की प्रगति ने आगे का रास्ता दिखाया है।
मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि गुजरात राज्य ने अपार पीड़ा सहा है। पीड़ित हुए परिवारों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मैं अभी भी उस पीड़ा को महसूस कर सकता हूं। मोदी के इस सम्बोधन को 2002 के साम्प्रदायिक दंगे के संदर्भ के रूप में लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि यह मिशन जोड़ने के लिए है, तोड़ने के लिए नहीं। गुजरात मेरा परिवार है। छह करोड़ गुजरातियों की खुशी, गम, सपने और आकांक्षाएं मेरी हैं।
ज्ञात हो कि गुजरात विश्वविद्यालय में चल रहे मोदी के उपवास को अल्पसंख्यकों को लुभाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मोदी ने अपने 10 वर्षो के शासन के दौरान की उपलब्धियों का जिक्र किया और कहा कि उनका उपवास शांति, एकता और सद्भाव के लिए है।
उपवास के दूसरे दिन उपवास स्थल पर भाजपा सांसद और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू मौजूद थे।
गे पार्टी पर छापे में पकड़ी गईं बॉबी डार्लिंग, 110 गिरफ्तार / रिहा
मुंबई।। मुंबई पुलिस ने शनिवार देर रात गे पार्टी पर छापा मारकर टीवी पर्सनैलिटी बॉबी डार्लिंग समेत 110 लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में सभी को जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया।
जानकारी के मुताबिक यह गे पार्टी अंबोली इलाके के स्पैनिश विला होटेल में चल रही थी। मुंबई पुलिस के मुताबिक इस पार्टी के लिए टिकटों की ऑनलाइन बिक्री की गई थी। टिकट 450 रुपये में बेचे गए थे। पुलिस ने पार्टी में मौजूद बॉबी डार्लिंग सहित 100 लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में बॉबी डार्लिंग समेत सभी को 1200 रुपये का फाइन लगाकर छोड़ दिया गया।
चर्चित फिल्म और टीवी ऐक्ट्रेस बॉबी डार्लिंग का वास्तविक नाम पंकज शर्मा है। वह सेक्स चेंज करवाकर पंकज शर्मा से बॉबी डार्लिंग बनी हैं। उधर, आयोजकों ने कहा कि उनकी पार्टी गैरकानूनी नहीं थी। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि गे होने के कारण उनको टारगेट किया जा रहा है। पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि देर रात तक पार्टी चलने की वजह से कार्रवाई की गई है।
Friday, September 16, 2011
अमिताभ की जरा-सी भूल , महिला के लिए बनी आफत
मंडी गोबिंदगढ़(पंजाब)।। अमिताभ बच्चन जब भी टीवी पर ' पंचकोटी महामनी कौन बनेगा करोड़पति ' खेलाने आते हैं, तो कई लोगों की किस्मत बदल जाती है। लेकिन, बिग बी ने हाल ही में एक महिला को परेशानी में डाल दिया। 12 सितंबर यानी पिछले सोमवार को एक प्रतिभागी की रिक्वेस्ट पर जब बिग बी ने अपना मोबाइल नंबर दिया तो उन्होंने मोबाइल नंबर के सिर्फ 9 अंक ही बोले, जो थे 987730000।
बिग बी के कुछ फैन उनसे बात करने को इतने उतावले थे कि उन्होंने इस नंबर के आगे 0 से 9 तक मोबाइल पर बने सभी नंबर लगाकर उन्हें डायल किया। बाकी नंबर तो शायद नहीं लगे लेकिन एक नंबर 9877300000 लग गया। यह नंबर था पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ के शास्त्रीनगर में रहने वाली एक महिला का। इस महिला ने बताया कि शो टेलिकास्ट होने के कुछ ही मिनटों में उन्हें अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगीं।
महिला के भाई पुनीत बंसल ने बताया कि उन्हें न केवल देश बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई वगैरह से भी कॉल और मिस्ड कॉल आने लगीं। पुनीत ने कहा कि हमने मोबाइल ऑपरेटर को भी संपर्क किया लेकिन उन्होंने भी किसी तरह की मदद करने में असमर्थता जता दी।
पेट्रोल की महंगाई से भड़की आग: ममता को आया गुस्सा, सपाइयों ने फूंका पीएम का पुतला

नई दिल्ली. पेट्रोल की कीमतों में 3.14 रुपये की बढ़ोतरी होने के खिलाफ सरकार के खिलाफ गुस्सा भड़क गया है। विरोधी पार्टियां तो सड़कों पर उतर ही गई हैं, सरकार के कई साथी दल भी उसकी मुखालफत पर उतर गए हैं।
विपक्षी बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने महंगाई के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी पेट्रोल के दाम समेत तमाम जरूरी चीजों का दाम बढ़ाए जाने का विरोध कर रही है। बीजेपी ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने एलपीजी के दाम बढ़ाए तो वह पूरे देश में प्रदर्शन करेगी। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यदि एलपीजी की कीमतें बढ़ाई गईं तो वह इस मुद्दे को संसद में भी जोर शोर से उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ‘आम आदमी’ से कोई वास्ता नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि जबसे यूपीए सरकार आई है, पेट्रोल की कीमतों में 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। एलपीजी सिलेंडर के दाम भी कुछ ही महीने पहले 50 रुपये बढ़ाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर संसद तक महंगाई के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।
उधर, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए। वे पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला फूंक रहे थे। पुलिस ने उन्हें पानी की बौछार मार कर तितर-बितर किया। इलाहाबाद, पुणे आदि कई शहरों में भी सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हुए।
यूपीए में शामिल सहयोगी पार्टियां भी रसोई गैस का दाम बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं। हालांकि इसके बावजूद एक बार फिर लोन महंगा होने का रास्ता जरूर साफ कर दिया गया है। पिछले 18 महीनों में 12वीं बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हुए रिजर्व बैंक ने रीपो और रिवर्स रीपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर दी है। अब रीपो रेट 8.25 पॉइंट और रिवर्स रीपो रेट 7.25 पॉइंट हो गया है। इस बढ़ोतरी का असर कार और होम लोन पर पड़ेगा। बैंक ग्राहकों से इसके लिए ज्यादा ब्याज दर वसूलेंगे (विस्तृत खबर रिलेटेड आर्टिकल में पढ़ें)।
तेल कंपनियों ने गुरुवार को पेट्रोल की कीमतों में चार महीने में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी की थी। शुक्रवार को सरकार रसोई गैस महंगी करने की भी तैयारी कर रही थी। यूपीए गठबंधन में शामिल डीएमके, तृणमूल कांग्रेस और एनसीपी दाम बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं। समझा जाता है कि सहयोगी दलों के इसी रुख के चलते शुक्रवार को होने वाली उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रिमंडलीय समूह (ईजीओएम) की बैठक टाल दी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले ईजीओएम की बैठक में एलपीजी सिलेंडर पर दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करने पर फैसला लिया जाना था। डीएमके ने ईजीओएम की प्रस्तावित बैठक का बहिष्कार किया, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार का विरोध करने का फैसला किया है। इस बात की संभावना है कि यह बैठक अगले हफ्ते हो।
डीएमके नेता एम के अलगिरी ने आज होने वाली ईजीओएम की बैठक में हिस्सा नहीं लेने का ऐलान कर दिया था। वहीं तृणमूल का आरोप का आरोप है कि कांग्रेस ने पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने से पहले उससे सलाह मशविरा नहीं किया। तृणमूल कांग्रेस नेता मुकुल रॉय ने कहा, 'कम अंतराल में ही कई बार कीमतें बढ़ाई गईं। यह आम आदमी पर बोझ है। हमने वित्त मंत्री से अपनी शिकायत दर्ज करा दी है।
रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी का कहना है कि उन्हें ईजीओएम बैठक की जानकारी मीडिया के जरिए मिली थी। त्रिवेदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पेट्रोल की बढ़ी कीमतें वापस लेने की मांग करती है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी कीमतें बढ़ाए जाने के खिलाफ विरोध दर्ज करा चुकी हैं।
जनता का निकला तेल, मंत्री बने करोड़पति
नई दिल्ली। बढ़ती मंहगाई से जहां आम आदमी की कमर टूट रही है वहीं केबिनेट मंत्रियो की बल्ले-बल्ले हो रही है। केन्द्रीय मंत्रियों की दो साल में कुल परिसम्पत्तियों में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्तमान मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की परिसंपत्ति का औसत मूल्य 10,63,55,097 रूपए (10.6 करोड़) है जो कि 2009 में 7.3 करोड़ रूपए थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से घोषित संपत्ति के अनुसार हमारे मंत्रियों में 77 फीसदी मंत्री (77 में से 59 मंत्री) करोड़पति हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिसोर्स (एडीआर) के डाटा के मुताबिक इन मंत्रियों की औसत संपत्ति 10.3 करोड़ रूपए है। भारी उघोग मंत्री प्रफ्ल्ल पटेल 122 करोड़ की संपत्ति में इस सूची में सबसे आगे हैं। इसके बाद सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एस जगतरक्षकन 70 करोड़ और नगरीय विकास मंत्री कमल नाथ 41 करोड़ के मालिक हैं।
एडीआर के अधिकारी अनिल बेरवाल का कहना है कि मंत्रियों के संपत्ति के इस ब्योरे में आयकर भुगतान, संपित्त की मार्केट वेल्यू के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। डाटा के मुताबिक में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी डीएमके नेता जगतरक्षकन की संपित्त में हुई है। जिनकी संपित्त पिछले दो सालो ंमें 64.5 करोड़ से बढ़कर 2011 में 70 करोड़ रूपए पर पहुंच गई है। वहीं पटेल इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं जिनकी संपित्त में 42 करोड़ का इजाफा हुआ है। जबकि कमलनाथ 26 करोड़ की हाइक पर हैं।
प्रतिशत के हिसाब से भी जगतरक्षकन आगे
जगतरक्षकन - 1092 प्रतिशत
कपड़ा राज्य मंत्री, कांग्रेस -828 प्रतिशत
सड़क परिवहन मंत्री- तुषार भाई चौधरी- 705 प्रतिशत
15 मंत्रियों की संपित्त में कमी
अगाथा संगमा, प्रतीक पी पटेल, वीरभद्र सिंह, आरपीएन सिंह, डी नापोलियोन, विंसेंट पाला, जितिन प्रसाद, एम वीरप्पा मोइली, पी चिदंबरम, एस जयपाल रेड््डी, फारूख अब्दुल्ला, प्रीनीत कौर , जयराम रमेश, एस एम कृष्णा और जी के वासन ।
नई दिल्ली। बढ़ती मंहगाई से जहां आम आदमी की कमर टूट रही है वहीं केबिनेट मंत्रियो की बल्ले-बल्ले हो रही है। केन्द्रीय मंत्रियों की दो साल में कुल परिसम्पत्तियों में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्तमान मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की परिसंपत्ति का औसत मूल्य 10,63,55,097 रूपए (10.6 करोड़) है जो कि 2009 में 7.3 करोड़ रूपए थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से घोषित संपत्ति के अनुसार हमारे मंत्रियों में 77 फीसदी मंत्री (77 में से 59 मंत्री) करोड़पति हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिसोर्स (एडीआर) के डाटा के मुताबिक इन मंत्रियों की औसत संपत्ति 10.3 करोड़ रूपए है। भारी उघोग मंत्री प्रफ्ल्ल पटेल 122 करोड़ की संपत्ति में इस सूची में सबसे आगे हैं। इसके बाद सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एस जगतरक्षकन 70 करोड़ और नगरीय विकास मंत्री कमल नाथ 41 करोड़ के मालिक हैं।
एडीआर के अधिकारी अनिल बेरवाल का कहना है कि मंत्रियों के संपत्ति के इस ब्योरे में आयकर भुगतान, संपित्त की मार्केट वेल्यू के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। डाटा के मुताबिक में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी डीएमके नेता जगतरक्षकन की संपित्त में हुई है। जिनकी संपित्त पिछले दो सालो ंमें 64.5 करोड़ से बढ़कर 2011 में 70 करोड़ रूपए पर पहुंच गई है। वहीं पटेल इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं जिनकी संपित्त में 42 करोड़ का इजाफा हुआ है। जबकि कमलनाथ 26 करोड़ की हाइक पर हैं।
प्रतिशत के हिसाब से भी जगतरक्षकन आगे
जगतरक्षकन - 1092 प्रतिशत
कपड़ा राज्य मंत्री, कांग्रेस -828 प्रतिशत
सड़क परिवहन मंत्री- तुषार भाई चौधरी- 705 प्रतिशत
15 मंत्रियों की संपित्त में कमी
अगाथा संगमा, प्रतीक पी पटेल, वीरभद्र सिंह, आरपीएन सिंह, डी नापोलियोन, विंसेंट पाला, जितिन प्रसाद, एम वीरप्पा मोइली, पी चिदंबरम, एस जयपाल रेड््डी, फारूख अब्दुल्ला, प्रीनीत कौर , जयराम रमेश, एस एम कृष्णा और जी के वासन ।
विवादों में रॉ-वन
शाहरुख खान पर चोरी का आरोप
४० करोड का नोटिस
मुंबई। बॉलीवुड के बादशाह शाहरूख खान अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म रॉ-वन को लेकर मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। बेंगलुरू के एक बिजनेसमैन ने किंग खान पर रॉ-वन का मोबाइल गेम लॉन्च किए जाने का आइडिया चुराने का आरोप लगाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है और मामले के निपटारे के लिए 40 करोड़ रूपए दिए जाने की मांग की है।
बेंगलुरू में हॉस्पिटैलिटी बिजनेस चलाने वाले 27 वर्षीय शाकिर अगा का दावा है कि रॉ-वन की रिलीज से पहले फिल्म का मोबाइल गेम लॉन्च किए जाने का आइडिया शाहरूख को उन्होंने ने ही दिया था। शाकिर के मुताबिक किसी फिल्म को हिट बनाने के लिए रिलीज से पहले उसका मोबाइल गेम लॉन्च करने का आइडिया 2010 में उनके दिमाग में आया था। शाकिर ने बताया कि "जब मुझे यह आइडिया सूझा, तो मैंने एक पॉपुलर पारसी टीवी आटिस्ट लिडा मोघाघेघ के साथ अमरीका में मार्च 2010 में इस र चर्चा की थी। लिडा ने इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए रेड चिली इंटरटेनमेंट के सीएफओ (मुख्य वित्त अधिकारी) ब्लेसन ओमेन को एक ई-मेल भेजा था।"
अगा ने बताया कि इस सिलसिले में फॉलोअप करते हुए उन्होंने 18 मार्च को ओमेन को एक और ई-मेल भेजा, जिसका सीएफओ न 14 दिसंबर को जवाब दिया था। सीएफओ ने आइडिया के लिए अगा को शुक्रिया अदा किया था और कहा था कि सही समय आने पर इस बारे में आगे की बातचीत की जाएगी। शाकिर के अनुसार "मैंने इस साल 6 मई को पिछले ई-मेल के बारे में याद दिलाते हुए फिर से ओमेन को एक ई-मेल भेजा, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। मेरे कई ई-मेल्स, फोन कॉल्स और फैक्स मैसेजेस भेजे जाने के बाद भी रेड चिली इंटरटेनमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।"
बिजनेसमैन के अनुसार कुछ महीने बाद ओमेन की ओर से एक ई-मेल भेजा गया जिसमें लिखा था कि शाहरूख काफी बिजी थे, वो जल्द ही अगा से संपर्क करेंगे। अगा ने बताया कि रेड चिली इंटरटेनमेंट ने का था कि एसआरके अपनी अगली मूवी के साथ फोन गेम लॉन्च करेंगे। अगा के वकील ने एमएस मुकर्रम ने बताया कि "शाहरूख और उनकी कंपनी ने अगा को क्रेडिट दिए बिना ही फोन गेम लॉन्च कर दिया। यहां तक कि अगा को लॉन्चिंग के पहले इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। एसआरके और उनकी कंपनी ने मेरे मुवक्किल का आइडिया चोरी किया है, नोटिस भेजा गया है।"
मुकर्रम के मुताबिक "किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले कानूनी नोटिस भेजना जरूरी होता है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत हमने शाहरूख को नोटिस भेजा है और अगा के आइडिया के लिए 40 करोड़ रूपए की मांग की है। यदि एसआरके अदालत के बाहर मामले का निपटारा करना चाहते हैं, तो उन्हें हर्जाने के रूप में 40 करोड़ रूपए देने होंगे।" गौरतलब है कि शाहरूख की फिल्म रॉ-वन दिवाली पर रिलीज हो रही है। यह फिल्म 2-डी और थ्री-डी में भी रिलीज होगी। रॉ-वन से 400 करोड़ रूपए की कमाई का अनुमान लगाया जा रहा है।
शाहरुख खान पर चोरी का आरोप
४० करोड का नोटिस
मुंबई। बॉलीवुड के बादशाह शाहरूख खान अपनी होम प्रोडक्शन फिल्म रॉ-वन को लेकर मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। बेंगलुरू के एक बिजनेसमैन ने किंग खान पर रॉ-वन का मोबाइल गेम लॉन्च किए जाने का आइडिया चुराने का आरोप लगाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है और मामले के निपटारे के लिए 40 करोड़ रूपए दिए जाने की मांग की है।
बेंगलुरू में हॉस्पिटैलिटी बिजनेस चलाने वाले 27 वर्षीय शाकिर अगा का दावा है कि रॉ-वन की रिलीज से पहले फिल्म का मोबाइल गेम लॉन्च किए जाने का आइडिया शाहरूख को उन्होंने ने ही दिया था। शाकिर के मुताबिक किसी फिल्म को हिट बनाने के लिए रिलीज से पहले उसका मोबाइल गेम लॉन्च करने का आइडिया 2010 में उनके दिमाग में आया था। शाकिर ने बताया कि "जब मुझे यह आइडिया सूझा, तो मैंने एक पॉपुलर पारसी टीवी आटिस्ट लिडा मोघाघेघ के साथ अमरीका में मार्च 2010 में इस र चर्चा की थी। लिडा ने इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए रेड चिली इंटरटेनमेंट के सीएफओ (मुख्य वित्त अधिकारी) ब्लेसन ओमेन को एक ई-मेल भेजा था।"
अगा ने बताया कि इस सिलसिले में फॉलोअप करते हुए उन्होंने 18 मार्च को ओमेन को एक और ई-मेल भेजा, जिसका सीएफओ न 14 दिसंबर को जवाब दिया था। सीएफओ ने आइडिया के लिए अगा को शुक्रिया अदा किया था और कहा था कि सही समय आने पर इस बारे में आगे की बातचीत की जाएगी। शाकिर के अनुसार "मैंने इस साल 6 मई को पिछले ई-मेल के बारे में याद दिलाते हुए फिर से ओमेन को एक ई-मेल भेजा, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। मेरे कई ई-मेल्स, फोन कॉल्स और फैक्स मैसेजेस भेजे जाने के बाद भी रेड चिली इंटरटेनमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।"
बिजनेसमैन के अनुसार कुछ महीने बाद ओमेन की ओर से एक ई-मेल भेजा गया जिसमें लिखा था कि शाहरूख काफी बिजी थे, वो जल्द ही अगा से संपर्क करेंगे। अगा ने बताया कि रेड चिली इंटरटेनमेंट ने का था कि एसआरके अपनी अगली मूवी के साथ फोन गेम लॉन्च करेंगे। अगा के वकील ने एमएस मुकर्रम ने बताया कि "शाहरूख और उनकी कंपनी ने अगा को क्रेडिट दिए बिना ही फोन गेम लॉन्च कर दिया। यहां तक कि अगा को लॉन्चिंग के पहले इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। एसआरके और उनकी कंपनी ने मेरे मुवक्किल का आइडिया चोरी किया है, नोटिस भेजा गया है।"
मुकर्रम के मुताबिक "किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले कानूनी नोटिस भेजना जरूरी होता है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत हमने शाहरूख को नोटिस भेजा है और अगा के आइडिया के लिए 40 करोड़ रूपए की मांग की है। यदि एसआरके अदालत के बाहर मामले का निपटारा करना चाहते हैं, तो उन्हें हर्जाने के रूप में 40 करोड़ रूपए देने होंगे।" गौरतलब है कि शाहरूख की फिल्म रॉ-वन दिवाली पर रिलीज हो रही है। यह फिल्म 2-डी और थ्री-डी में भी रिलीज होगी। रॉ-वन से 400 करोड़ रूपए की कमाई का अनुमान लगाया जा रहा है।
सड़क हादसे में अजह्रुद्दें के घायल बेटे की मौत
हैदराबाद. भारतीय क्रिकेट टीमके पूर्व कप्तान और कांग्रेस सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन के बेटे अयाजुद्दीन की आज यहां अस्पताल में मौत हो गई। पांच दिनों से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे अयाजुद्दीन बीते रविवार को एक सड़क हादसे में गंभीर रुप से घायल हो गए थे। उनका अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था। अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने आज अयाजुद्दीन (19) को मृत घोषित कर दिया। विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।
अयाजुद्दीन और अजहरुद्दीन का भांजा अजमल उर रहमान (16) बाइक पर सवार होकर तेज रफ्तार से जा रहे थे कि पुप्पलगुडा में आउटर रिंग रोड पर उनकी स्पोर्ट्स बाइक सड़क पर फिसल गई थी। हालांकि अयाजुद्दीन हेलमेट भी पहने हुए थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें गहरी चोट आई।
अजमल ने हादसे के दिन ही दम तोड़ दिया था। डॉक्टर के मुताबिक अयाजुद्दीन के सिर, सीने और पेट में गंभीर चोट लगी थी। हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती अयाजुद्दीन को वेंटिलेटर पर रखा गया था। हादसे में घायल होने के बाद से ही अयाजुद्दीन बेहोश थे और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी रही। डॉक्टरों की तमाम कोशिश के बावजूद अयाजुद्दीन को बचाया नहीं जा सका।
अपोलो हॉस्पिटल के सीईओ (मध्य क्षेत्र) डॉ. हरी प्रसाद ने गुरुवार को जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया कि अयाजुद्दीन की बाईं किडनी में लगी चोट से लगातार खून बह रहा था इसलिए इसे निकाल दिया गया। डॉक्टर ने बताया था कि अयाजुद्दीन का दिमाग काम नहीं कर रहा है और हालत गंभीर बनी हुई है।
उभरते क्रिकेटर अयाजुद्दीन अजहरुद्दीन की पहली बीवी नौरीन से दो बेटों में एक है। नौरीन से तलाक के बाद अजहरुद्दीन ने पूर्व अभिनेत्री संगीता बिजलानी से शादी की थी। अजहरुद्दीन फिलहाल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद सीट से सांसद हैं। सेंट मैरी कॉलेज में बीकॉम सेकेंड ईयर के स्टूडेंट अयाजुद्दीन हैदराबाद की अंडर 19 टीम का हिस्सा थे।
अजहरुद्दीन के बेटे की मौत की खबर मिलते ही अपोलो अस्पताल और पूर्व क्रिकेटर के घर पर शोकसंवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगने लगा है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी और पूर्व मंत्री मोहम्मद अली शब्बीर अपोलो अस्पताल पहुंचे हैं।
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने अयाजुद्दीन के निधन पर शोक जाहिर किया है। चोपड़ा ने ट्वीट किया है, ‘खुदा अयाजुद्दीन की आत्मा को शांदि प्रदान करें। दुख की इस घड़ी में हम अयाजुद्दीन के परिवार के साथ हैं। ईश्वर अयाज के परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’
रविवार को जब हादसा हुआ था तो उस वक्त अजहरुद्दीन लंदन में थे और नौरीन सउदी अरब में थीं। हादसे की खबर मिलने के बाद ये दोनों भारत लौट गए और उस दिन से ही अस्पताल में हैं।
अयाजुद्दीन और अजहरुद्दीन का भांजा अजमल उर रहमान (16) बाइक पर सवार होकर तेज रफ्तार से जा रहे थे कि पुप्पलगुडा में आउटर रिंग रोड पर उनकी स्पोर्ट्स बाइक सड़क पर फिसल गई थी। हालांकि अयाजुद्दीन हेलमेट भी पहने हुए थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें गहरी चोट आई।
अजमल ने हादसे के दिन ही दम तोड़ दिया था। डॉक्टर के मुताबिक अयाजुद्दीन के सिर, सीने और पेट में गंभीर चोट लगी थी। हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती अयाजुद्दीन को वेंटिलेटर पर रखा गया था। हादसे में घायल होने के बाद से ही अयाजुद्दीन बेहोश थे और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी रही। डॉक्टरों की तमाम कोशिश के बावजूद अयाजुद्दीन को बचाया नहीं जा सका।
अपोलो हॉस्पिटल के सीईओ (मध्य क्षेत्र) डॉ. हरी प्रसाद ने गुरुवार को जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया कि अयाजुद्दीन की बाईं किडनी में लगी चोट से लगातार खून बह रहा था इसलिए इसे निकाल दिया गया। डॉक्टर ने बताया था कि अयाजुद्दीन का दिमाग काम नहीं कर रहा है और हालत गंभीर बनी हुई है।
उभरते क्रिकेटर अयाजुद्दीन अजहरुद्दीन की पहली बीवी नौरीन से दो बेटों में एक है। नौरीन से तलाक के बाद अजहरुद्दीन ने पूर्व अभिनेत्री संगीता बिजलानी से शादी की थी। अजहरुद्दीन फिलहाल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद सीट से सांसद हैं। सेंट मैरी कॉलेज में बीकॉम सेकेंड ईयर के स्टूडेंट अयाजुद्दीन हैदराबाद की अंडर 19 टीम का हिस्सा थे।
अजहरुद्दीन के बेटे की मौत की खबर मिलते ही अपोलो अस्पताल और पूर्व क्रिकेटर के घर पर शोकसंवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगने लगा है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी और पूर्व मंत्री मोहम्मद अली शब्बीर अपोलो अस्पताल पहुंचे हैं।
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने अयाजुद्दीन के निधन पर शोक जाहिर किया है। चोपड़ा ने ट्वीट किया है, ‘खुदा अयाजुद्दीन की आत्मा को शांदि प्रदान करें। दुख की इस घड़ी में हम अयाजुद्दीन के परिवार के साथ हैं। ईश्वर अयाज के परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’
रविवार को जब हादसा हुआ था तो उस वक्त अजहरुद्दीन लंदन में थे और नौरीन सउदी अरब में थीं। हादसे की खबर मिलने के बाद ये दोनों भारत लौट गए और उस दिन से ही अस्पताल में हैं।
Monday, September 12, 2011
उड़ीसाः 14 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, 22 की मौत

भुवनेश्वर। उड़ीसा की आधा से ज्यादा आबादी बाढ़ की चपेट में है। उड़ीसा में महानदी अपने पूरे उफान पर है। बाढ़ से 14 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। 60 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है।
गौरतलब है कि महानदी में आई बाढ़ में 2800 गांव प्रभावित हुए हैं। करीब 11,255 मकानों को नुकसान पहुंचा है। कटक, पुरी, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, बारगढ़, संभलपुर, सोनपुर, नौपाड़ा और देवगढ़ जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सरकार ने उड़ीसा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स को राहत कामों लगाया है। भारतीय नौसेना के हेलिकॉप्टर भी राहत कामों में जुटे हुए हैं।
उड़ीसाः 14 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, 22 की मौत
विदर्भ की विधवा की कहानी , क़र्ज़ से केबीसी तक
मुंबई। विदर्भ की रहने वाली अपर्णा मालिकर की जिंदगी दो साल पहले पूरी तरह तबाह हो गई। विवाह के महज छह साल बाद ही उनके पति ने आत्महत्या कर ली। मात्र 25 साल में विधवा हो गई अपर्णा पर अपने दो बच्चों के पालन-पोषण का भार तो था ही उन्हे अपने पति द्वारा खेती के लिए लिया गया कर्ज भी चुकाना था। जब उनकी दुनिया पूरी तरह बेरंग हो गई थी तभी उन्हे एक टीवी शो में उम्मीद की किरण दिखाई दी।
रिएलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' [केबीसी] ने अपर्णा के मन में आस जगा दी। ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के जमाल की तरह अपर्णा ने भी खुद को शो के मेजबान अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर पाया।
शो के इस विशेष हिस्से का प्रसारण सितंबर के अंतिम सप्ताह में होगा। यवतमाल जिले के वरा-क्वाथा की 27 वर्षीया अपर्णा ने इस शो के जरिए 640,000 रुपये की राशि जीती और खुद अमिताभ ने भी अपनी ओर से उन्हे 50,000 रुपये दिए।
अपर्णा ने बताया कि मैं यह भी नहीं कह सकती कि यह एक सपने के सच होने जैसा था। मैंने अपनी जिंदगी में ऐसी घटना का सपना कभी नहीं देखा था।
अपने गांव से शायद ही कभी बाहर निकलने वाली अपर्णा के लिए मुंबई में तीन दिन बहुत प्रेरणादायक रहे। वह कहती है कि मैं अपने 27 साल के जीवन में कभी भी मुंबई नहीं गई थी, न विमान की यात्रा की थी और न ही किसी होटल में ठहरी थी। उन्होंने कहा कि जब मैं विमान में थी तो बहुत घबराई हुई थी और उससे भी ज्यादा घबराहट तब हुई जब मैं एक पांच सितारा होटल में ठहरी। वैसे जब वह अमिताभ के सामने पहुंची तो उन्हे जरा भी घबराहट नहीं हुई।
स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुकीं अपर्णा कहती है कि मुझसे पूछे गए सवाल बहुत कठिन नहीं थे। वास्तव में मैंने जिन सवालों के लिए लाइफलाइंस का इस्तेमाल किया उनके जवाब मुझे पता थे।
उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से अलग वातावरण में थीं, उनके सामने अमिताभ और आसपास एकदम अनजान दर्शक थे इसलिए वह अपने जवाब भूल गई थीं।
अब सात लाख रुपये के आसपास की राशि जीतने के बाद वह सबसे पहले अपना 60,000 रुपये का कर्ज चुकाएंगी।
सात वर्षीया रोहिणी और तीन वर्षीया समृद्धि की मां अपर्णा अपनी बच्चियों की शिक्षा व परवरिश के लिए कुछ पैसा रखना चाहती है। वह कहती है कि मैं खुद के लिए पक्का मकान भी बनाना चाहती हूं क्योंकि अभी मैं जिस घर में रहती हूं वह बहुत कमजोर है और कभी भी ढह सकता है।
शो में अपर्णा के साथ 18 वर्षीया मंजूषा अम्बरवार भी उन्हे नैतिक सहयोग देने के लिए विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थीं। यवतमाल जिले के तालांग-ताल्की गांव की रहने वाली मंजूषा, रामदास अम्बरवर की बेटी है। रामदास विदर्भ कृषि संकट का शिकार बने शुरुआती किसानों में से एक थे। उन्होंने 1999 में आत्महत्या कर ली थी। अब मंजूषा नागपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है।
रिएलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' [केबीसी] ने अपर्णा के मन में आस जगा दी। ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के जमाल की तरह अपर्णा ने भी खुद को शो के मेजबान अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर पाया।
शो के इस विशेष हिस्से का प्रसारण सितंबर के अंतिम सप्ताह में होगा। यवतमाल जिले के वरा-क्वाथा की 27 वर्षीया अपर्णा ने इस शो के जरिए 640,000 रुपये की राशि जीती और खुद अमिताभ ने भी अपनी ओर से उन्हे 50,000 रुपये दिए।
अपर्णा ने बताया कि मैं यह भी नहीं कह सकती कि यह एक सपने के सच होने जैसा था। मैंने अपनी जिंदगी में ऐसी घटना का सपना कभी नहीं देखा था।
अपने गांव से शायद ही कभी बाहर निकलने वाली अपर्णा के लिए मुंबई में तीन दिन बहुत प्रेरणादायक रहे। वह कहती है कि मैं अपने 27 साल के जीवन में कभी भी मुंबई नहीं गई थी, न विमान की यात्रा की थी और न ही किसी होटल में ठहरी थी। उन्होंने कहा कि जब मैं विमान में थी तो बहुत घबराई हुई थी और उससे भी ज्यादा घबराहट तब हुई जब मैं एक पांच सितारा होटल में ठहरी। वैसे जब वह अमिताभ के सामने पहुंची तो उन्हे जरा भी घबराहट नहीं हुई।
स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुकीं अपर्णा कहती है कि मुझसे पूछे गए सवाल बहुत कठिन नहीं थे। वास्तव में मैंने जिन सवालों के लिए लाइफलाइंस का इस्तेमाल किया उनके जवाब मुझे पता थे।
उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से अलग वातावरण में थीं, उनके सामने अमिताभ और आसपास एकदम अनजान दर्शक थे इसलिए वह अपने जवाब भूल गई थीं।
अब सात लाख रुपये के आसपास की राशि जीतने के बाद वह सबसे पहले अपना 60,000 रुपये का कर्ज चुकाएंगी।
सात वर्षीया रोहिणी और तीन वर्षीया समृद्धि की मां अपर्णा अपनी बच्चियों की शिक्षा व परवरिश के लिए कुछ पैसा रखना चाहती है। वह कहती है कि मैं खुद के लिए पक्का मकान भी बनाना चाहती हूं क्योंकि अभी मैं जिस घर में रहती हूं वह बहुत कमजोर है और कभी भी ढह सकता है।
शो में अपर्णा के साथ 18 वर्षीया मंजूषा अम्बरवार भी उन्हे नैतिक सहयोग देने के लिए विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थीं। यवतमाल जिले के तालांग-ताल्की गांव की रहने वाली मंजूषा, रामदास अम्बरवर की बेटी है। रामदास विदर्भ कृषि संकट का शिकार बने शुरुआती किसानों में से एक थे। उन्होंने 1999 में आत्महत्या कर ली थी। अब मंजूषा नागपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है।
जिंदगी-मौत के बीच झूल रहा अजहरुद्दीन का बेटा , मामा ने कराया केस

हैदराबाद. सांसद और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन के बेटे की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि अयाजुद्दीन को अब भी वेंटीलेटर पर रखा गया है। उनके मुताबिक अयाजुद्दीन के सिर, सीने और पेट में गंभीर चोट लगी है। इस पर मुसीबत यह कि उनके मामा ने अयाजुद्दीन के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और इसकी वजह से अपने बेटे की जान जाने का मामला दर्ज कराया है।
अजहरुद्दीन का छोटा बेटा मोहम्मद अयाजुद्दीन (19) रविवार को यहां सड़क हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। हादसे में अयाजुद्दीन के ममरे भाई अफजल उर रहमान की मौत हो गई थी। नरसिंगी थाना के पुलिस इंस्पेक्टर पी नारायण ने कहा कि अफजल के पिता ने अयाजुद्दीन के खिलाफ लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के मामले में आईपीसी की धारा 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
रविवार को शहर के आउटर रिंग रोड पर हादसा उस वक्त हुआ जब ये दोनों सुजुकी स्पोर्ट्स बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस का गश्ती वाहन मौके पर पहुंचा लेकिन एंबुलेंस किसी वजह से समय पर नहीं पहुंच सका था। पुलिस की गाड़ी में ही इन दोनों को जुबली हिल्स स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अफजल ने रविवार को ही अस्पताल में दम तोड़ दिया।
सूत्रों का कहना है कि दोनों बिल्कुल नई बाइक पर टेस्ट ड्राइव कर रहे थे। 13 लाख रुपये की इस बाइक का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि अयाजुद्दीन के पास ड्राइविंग लाइसेंस था या नहीं। बताया जा रहा है कि अयाजुद्दीन और अफजल तेज रफ्तार से जा रहे थे कि उनकी बाइक सड़क पर फिसल गई। ऐसी खबर है कि ये दोनों जिस सड़क से गुजर रहे थे वहां बाइक चलाने की इजाजत नहीं है।
अफजल सेंट मेरिज कॉलेज में इंटरमीडिएट का स्टूडेंट था। अयाजुद्दीन भी इसी कॉलेज में पढ़ता है। घर में आई नई बाइक चलाने की ललक उसमें काफी पहले से थी। परिवार के लोगों ने इन दोनों को कई बार इस नई बाइक की सवारी करने से मना किया था। लेकिन रविवार तड़के अफजल अपने घर से निकलकर अयाजुद्दीन के घर गया और वहीं अपनी कार खड़ी की। फिर दोनों बाइक से निकल पड़े। तब घरवाले सो रहे थे। अयाजुद्दीन अपने दादा-दादी के साथ जुबली हिल्स इलाके स्थित मकान में रहता है।
कहा जा रहा है कि अफजल ने अपने दोस्तों को बताया था कि अयाजुद्दीन अपनी नई बाइक को 250 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाना चाहता है। हालांकि उसके दोस्तों को ऐसा नहीं लगा था कि अयाजुद्दीन ऐसा कर सकता है।
अयाजुद्दीन पूर्व क्रिकेटर की पहली बीवी नौरीन से दो बेटों में एक है। नौरीन से तलाक के बाद अजहरुद्दीन ने पूर्व अभिनेत्री संगीता बिजलानी से शादी की थी। अजहरुद्दीन फिलहाल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से कांग्रेस सांसद हैं।
हादसे के वक्त नौरीन सउदी अरब में थीं, जबकि अजहर लंदन में थे। रविवार शाम दोनों हैदराबाद पहुंचे। इस हादसे के बाद सबसे पहले अस्पताल पहुंचने वाले परिजनों में संगीता बिजलानी भी थीं।
लोअर कोर्ट में होगा मोदी की किस्मत का फैसला, मोदी को राहत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने साल 2002 गुजरात दंगा मामले में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के रोल पर एसआईटी रिपोर्ट और एमिकस क्यूरी रामचंद्रन के रिपोर्ट के आधार पर लोअर कोर्ट को केस चलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने लोअर कोर्ट को निर्देशित किया है कि वो अपने विवेक के आधार पर मोदी समेत 63 लोगों के खिलाफ सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करे।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस में सुप्रीम कोर्ट को मोनिटर करने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि ट्रायल कोर्ट याचिका पर कानून के हिसाब से कदम उठाए।
लोअर कोर्ट में होगा मोदी की किस्मत का फैसला
वहीं, याचिकाकर्ता जकिया जाफरी ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर कहा कि संभव हो एसआईटी जांच पूरी इमानदारी से नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कई सबूत पेश किए गए। जाफरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सुप्रीम कोर्ट को इन सबूतों में कुछ नहीं मिला?
नरेंद्र मोदी सहित 63 लोगों पर आरोप लगाया गया। मोदी पर आरोप है कि उन्होंने दंगा कराने के लिए खुली छूट दे दी थी। 72 घंटे की छूट दे दी थी। सरदारपुरा, नरोदापाटिया कांड दो दिनों तक चलता रहा। दो दिन बाद ही ये बैठक की गई।
वहीं, गुजरात दंगों में पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहीं तीस्ता सीतलवाड़ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा कि जो जांच हुई है उसे कोर्ट ने स्वीकार किया है। और उस सबूतों के आधार पर मजिस्ट्रेट को फैसले के लिए आदेशित किया है। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट में हम दोगनी शक्ति से आगे की लड़ाई लड़ेंगे।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस में सुप्रीम कोर्ट को मोनिटर करने की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि ट्रायल कोर्ट याचिका पर कानून के हिसाब से कदम उठाए।
लोअर कोर्ट में होगा मोदी की किस्मत का फैसला
वहीं, याचिकाकर्ता जकिया जाफरी ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर कहा कि संभव हो एसआईटी जांच पूरी इमानदारी से नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कई सबूत पेश किए गए। जाफरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सुप्रीम कोर्ट को इन सबूतों में कुछ नहीं मिला?
नरेंद्र मोदी सहित 63 लोगों पर आरोप लगाया गया। मोदी पर आरोप है कि उन्होंने दंगा कराने के लिए खुली छूट दे दी थी। 72 घंटे की छूट दे दी थी। सरदारपुरा, नरोदापाटिया कांड दो दिनों तक चलता रहा। दो दिन बाद ही ये बैठक की गई।
वहीं, गुजरात दंगों में पीड़ितों की लड़ाई लड़ रहीं तीस्ता सीतलवाड़ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कहा कि जो जांच हुई है उसे कोर्ट ने स्वीकार किया है। और उस सबूतों के आधार पर मजिस्ट्रेट को फैसले के लिए आदेशित किया है। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट में हम दोगनी शक्ति से आगे की लड़ाई लड़ेंगे।
Friday, September 9, 2011
दस लाख की रिश्वत लेते हुए मनपा उपायुक्त रोकडे गिरफ्तार

मुंबई।।मनपा उपायुक्त चंद्रशेखर रोकडे को दस लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है. एंटी करप्शन ब्यूरो ने यह कार्रवाई की है . चंद्रशेखर रोकडे को अतिक्रमण निर्मूलन व हॉकिंग पॉलिसी का जिम्मा दिया गया था । श्री रोकडे करीब छह साल पहले यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनकी छवि राजनीतिक दबावों के आगे नहीं झुकने वाले व्यक्ति की रही है। इसके लिए उनके पिछले कार्यकाल चर्चित रहे हैं। रोकडे उससे पहले बाग व सुरक्षा विभाग संभालते थे। ज्ञात हो की चंद्रशेखर रोकडे पर पिछले कुछ दिनों से गंभीर आरोप लगने लगे थे. छोटे -मोटे फ़ूड स्टाल लगाने वाले गरीब लोगों से रिश्वत लेने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं, मगर रोकडे की पिछली छवि को देखते हुए किसी को यह यकीन ही नहीं हो रहा था. बताया तो यहाँ तक जाता है की रोकडे के स्क्वाड के लोग किसी भी फेरीवालोए के पास जाते और डायरेक्ट उसे चंद्रशेखर साब से मिलने की धमकी दिया करते थे, इसके बाद तोड़ पानी का सिलसिला शुरू हो जाता था.
"दावा नहीं कर सकते कि धमाके नहीं होंगे"
दावा नहीं कर सकते कि धमाके नहीं होंगे"
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए ब्लास्ट के मामले में अहम कामयाबी मिली है। गृह मंत्री ने तीसरा ई मेल आने संबंधी बात कही है। उन्होंने कहा कि तीसरा ई मेल मिला है। इसमें अहमदाबाद में ब्लास्ट की धमकी दी गई है। गुजरात सरकार को सतर्क कर दिया है। चिदंबरम ने कहा कि कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि आगे से आतंकी हमले नहीं होंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत आंतकियों के निशाने पर है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान भारत के पड़ोसी देश हैं। ऎसे में आतंक का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आतंकी घटनाएं रोकने में राज्यों की भी अहम भूमिका है। सभी राज्यों से कहा गया है कि वे छोटी से छोटी सूचना सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय के साथ साझा करें। चिदंबरम ने कहा कि सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने भाजपा के आरोपों पर कहा कि एनडीए के शासन के समय संसद पर हमला हुआ था लेकिन उस समय किसी ने एनडीए के किसी नेता पर सवाल नहीं उठाए गए थे। भाजपा नेताओं की अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए ब्लास्ट के मामले में अहम कामयाबी मिली है। गृह मंत्री ने तीसरा ई मेल आने संबंधी बात कही है। उन्होंने कहा कि तीसरा ई मेल मिला है। इसमें अहमदाबाद में ब्लास्ट की धमकी दी गई है। गुजरात सरकार को सतर्क कर दिया है। चिदंबरम ने कहा कि कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि आगे से आतंकी हमले नहीं होंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत आंतकियों के निशाने पर है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान भारत के पड़ोसी देश हैं। ऎसे में आतंक का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आतंकी घटनाएं रोकने में राज्यों की भी अहम भूमिका है। सभी राज्यों से कहा गया है कि वे छोटी से छोटी सूचना सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय के साथ साझा करें। चिदंबरम ने कहा कि सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने भाजपा के आरोपों पर कहा कि एनडीए के शासन के समय संसद पर हमला हुआ था लेकिन उस समय किसी ने एनडीए के किसी नेता पर सवाल नहीं उठाए गए थे। भाजपा नेताओं की अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
शाहिद की 'मौसम' पर मंडराए वायुसेना के 'काले बादल

नई दिल्ली। शाहिद कपूर की फिल्म ‘मौसम’ भी अब विवादों से घिर गई है। वायुसेना ने फिल्म के एक सीन पर आपत्ति जताते हुए उसे फिल्म से हटाने की मांग की है। वायु सेना ने फिल्म के एक सीन पर ऐतराज जताते हुए फिल्म को एनओसी देने से इनकार कर दिया है। वायुसेना को जिस सीन पर ऐतराज है वो लगभग 30 सेकेंड का है और इसमें शाहिद कपूर 6 लड़ाकू विमानों में से एक को चला रहे हैं।
वहीं सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म का रिव्यू करने से मना कर दिया है। बोर्ड ने कहा है कि जबतक वायुसेना की तरफ से एनओसी नहीं मिल जाती तब तक वो फिल्म का रिव्यू नहीं करेगी।
शाहिद की 'मौसम' पर मंडराए वायुसेना के 'काले बादल'
मौसम 16 सिंतबर को रिलीज होनी है। ऐसे में अगर जल्द ही वायुसेना की तरफ से एनओसी नहीं ली गई तो फिल्म की रिलीज टालनी पड़ेगी।
13 मिनट बाद ही आईएम ने ले ली थी धमाके की जिम्मेदारी!

नई दिल्ली। दिल्ली धमाके के सिलसिले में आईबीएन7 ने एक बड़ा खुलासा किया है। ये खुलासा कहता है कि दिल्ली धमाका इंडियन मुजाहिदीन ने कराया और इसकी जानकारी खुद इस आतंकी संगठन ने ही दिल्ली पुलिस को दी। ये जानकारी खुद इंडियन मुजाहिदीन ने दिल्ली पुलिस की बेवसाइट पर दी।
इंडियन मुजाहिदीन ने धमाके के 13 मिनट बाद ही दिल्ली पुलिस की बेवसाइट को हैक कर उसपर ये जानकारी दी। लेकिन तब दिल्ली पुलिस ने इस खबर को दबा दिया। माना जा रहा है कि धमाके की जिम्मेदारी लेने वाले जिस तीसरे मेल की बात कही जा रही है वो कुछ और नहीं बल्कि इंडियन मुजाहिदीन का वही मेल है जिसे धमाके के 13 मिनट बाद भेजा गया था। उसी मेल में इस बात का खुलासा किया गया है कि अगला निशाना अहमदाबाद है।
गौरतलब है कि इंडियन मुजाहिदीन अक्सर आतंकी हमलों के बाद ऐसे ईमेल भेजता है। दिल्ली धमाकों के महज 13 मिनट बाद ही दिल्ली पुलिस को ये मेल उसकी वेबसाइट पर मिला लेकिन पुलिस उस मेल की खबर को दबा गई क्योंकि पुलिस उसे डिकोड ही नहीं कर पाई। अब दिल्ली पुलिस भी स्वीकार रही है कि उसे ऐसा मेल मिला। हालांकि उसने अपनी वेबसाइट हैक होने से इनकार कर दिया। मेल को डिकोड करने पर पता चला कि इंडियन मुजाहिदीन का अगला निशाना अहमदाबाद होगा।
वैसे इससे पहले मीडिया संगठनों को धमाके के दो ईमेल मिले थे। पहला ईमेल हुजी के नाम से भेजा गया था तो दूसरा इंडियन मुजाहिदीन के नाम से। हुजी का मेल जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से भेजा गया था। पुलिस ने मेल भेजने वाले युवक व साइबर कैफे के मालिक को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
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