Wednesday, June 29, 2011

सिब्बन बैजी की गज़लें

शायर सिब्बन बैजी का मूल नाम सीबी सिंह है, छपने-छपाने के मामले में बेपरवाह शायर रहे हैं. तभी तो उनका एकमात्र ग़ज़ल संग्रह २००७ में आ पाया है वह भी नौकरी से रिटायर होते-होते.



सिब्बन मूलतः अलीगढ़ जनपद स्थित विजयगढ़ नामक क़स्बे के हैं. जिंदगी भर पोस्ट ऑफिस में चाकरी की लेकिन शायरी का चस्का ऐसा कि मनीआर्डर फॉर्म पर भी शेर लिख लेते थे. सिब्बन की और मेरी उम्र का फासला बहुत है लेकिन पहले दिन से ही हम दोस्तों कीतरह रहते आए हैं, न मैंने महसूस किया कि वह उम्रदराज़ हैं और न उन्होंने यह महसूस होने दिया कि मैं उनसे २५ वर्ष छोटा हूँ. यही सरलता उनकी शायरी की भी खासियत है. पछाहीं लोक संस्कृति कीछौंक और तुर्शी उनके अश'आर में सर्वत्र मिलेगी. पेश हैं उनके संग्रह 'आग उगलने की जिद में' से चंद गज़लें-

कैसा है यह शहर कि हर पल गज़र सुनाई देता है
ढलती हुई रात का तन दोपहर दिखाई देता है.

बाहर से हर शख्स यहाँ का हरा-भरा-सा है लेकिन
भीतर जले हुए जंगल का शजर दिखाई देता है.

दूर तलक बस्ती है लेकिन कहीं घरों का नाम नहीं
घर रहते हर शख्स यहाँ दर-ब-दर दिखाई देता है.

किस्सों में खो गयीं नेकियाँ या दरिया में डूब गयीं
जित देखो उस ओर बदी का असर दिखाई देता है.

चलते रहे सहर से शब तक आख़िर वहीं लौट आए
जीवन जाने क्यों अंधों का सफर दिखाई देता है.

मेरी मानो तो 'सिब्बन जी' इस नगरी को छोड़ चलो
चंद सयानों की मुट्ठी में शहर दिखाई देता है.

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रख अपनी मुख्तारी बाबा
अपन भले बेगारी बाबा.

हम अपने बंजर खेतों की
हैं सब मालगुज़ारी बाबा.

रस्ते लहूलुहान कर गयी
राजा की असवारी बाबा.

जब देखो हंसते रहते हो
ऐसी क्या लाचारी बाबा.

आख़िर कब तक ख़ैर मनाती
'सिब्बन' की महतारी बाबा.


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इसका सर उसकी दस्तार
सबसे बढ़िया कारोबार.

दिन में लोग लगें दरगाह
रातों में मीना बाज़ार.

हर इक लब पे लिखा मिला
नानक दुखिया सब संसार.

है इन दिनों वही बीमार
जिसके आँगन पका अनार.

कलम कटारी मीठे बोल
सबके अलग-अलग औज़ार.

हर मजहब है 'सिब्बन जी'
धोती के नीचे सलवार.

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रास्तों से जिस रोज़ सफ़र डर जायेगा
दरिया हो या बँजारा, मर जायेगा

दो की रंजिश में ये बस्ती उजड़ी है
पर इल्ज़ाम तीसरे के सर जायेगा

कितनों को आबाद कर गया देखेंगे
जिस दिन ये तूफ़ान लौट कर जायेगा.

ये तो ज़ख्म दोस्ती का है सच मानो
अगला धोखा आने तक भर जायेगा.

मालूम है अंजाम, भटक ले फिर भी
'सिब्बन' साला भोर भये घर जायेगा.


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झूठी आस बंधाने वाले दिल को और दुखइयो न
माज़ी की मुस्कान लबों को हरगिज याद दिलइयो न.

दुनिया इक रंगीन गुफा है ऐयारी से रौशन है
मेरी सादगी के अफसाने गली-गली में गइयो न.

रमता जोगी बहता पानी इनका कहाँ ठिकाना है
कोरे आँचल को नाहक में गीला रोग लगईयो न.

हम हैं बादल बेरुत वाले बरसे बरसे, न बरसे
मौसम के जादू के नखरे मेरी जान उठइयो न.

रुसवाई के सौ-सौ पत्थर क़दम-क़दम पर बरसेंगे
दिल के टूटे हुए आईने दुनिया को दिखलइयो न.

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खाली बोतल, टूटी चूड़ी, कपड़े फटे-पुराने से
हमने सुना है हुए बरामद मन्दिर के तहखाने से.

बाहर शोर कीर्तन का और भीतर चीख़ कुमारी की
ठाकुरजी की खुली न खिड़की महतो के चिल्लाने से.

सारा दोष बिजूकों का है फसलों को भरमाने में
नाहक ही बदनाम हो गया मौसम रंग जमाने से.

शोहदों से तो ख़ैर बच गयी इज्जत एक कुंआरी की
लगता है मुश्किल बच पाना पंच-कचहरी-थाने से.

शायद कोई जादूगरनी रहती होगी शहरों में
तभी लोग डरते रहते हैं गाँव लौटकर आने से.

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((मेरा मानना है कि जब तक किसी कवि या शायर की चार-छः कवितायें-गज़लें एक साथ पढ़ने को न मिलें तब तक उसके मिज़ाज को समझ पाना ज़रा कठिन होता है. उम्मीद है उपर्युक्त ग़ज़लों से गुजरने के बाद सिब्बनजी के बारे में आप कोई राय बना पायेंगे. आपकी राय यकीनन उन तक पहुंचा दी जायेगी.
सिब्बन बैजी के घर का पता है- बी/३०९, अरुणोदय अपार्टमेंट, गोड़देव नाका, भायंदर (पूर्व), ज़िला-ठाणे (महाराष्ट्र), पिन- ४०११०५))
भाग -अंतिम
जुनैब- यह ख्वाहिश बहुत अच्छी जाहिर की है. ऐसा करना ठीक रहेगा कि तुम मोहब्बत की गहराई में डूब जाओ , इतनी गहराई तक कि जहां से सिर्फ आत्मा का मिलन दिखता हो. जहां जिस्म का मतलब मिट्टी दिखता हो.मैं ऐसी दुनिया में जाना चाहता हूँ जहां पर प्यार ही प्यार हो . प्यार के अलावा कुछ भी न हो.
सलमा- बातचीत में एक बात तो भूल ही गयी हूँ, मुझे सिर्फ एक बात बता दीजिए कि उस दिन क्या हुआ? विजय चोधरी की पत्नी विनीता के साथ तुमने सेक्स किया कि नहीं ?
जुनैब- मैं तुम्हें विस्तार से ये सब बताना चाहता था , लेकिन स्टोरी इतनी लंबी है कि बताते -बताते टाइम हो जाएगा .
सलमा- मैं सिर्फ हाँ या ना में जानना चाहती हूँ, शायद मेरे पास भी अब इतना समय नहीं रह गया है. मैं एक खास नतीजे पर पहुंचना चाहती हूँ. प्लीज बताइये न . देखिये ऐसा है कि इस बात को मैं ठीक तरह से जां नहीं पा रही हूँ, मेरा दिल जोर -जोर से धड़क रहा है. मैं अंजाम तक पहुँचने से पहले आपकी राय जानना चाहती हूँ.
जुनैब- अच्छा ये बताओ तुम मुझसे क्या सुनना पसंद करोगी ? हाँ या ना ?
सलमा- सिर्फ सच, सच के सिवाय मुझे कुछ भी मंजूर नहीं है.
जुनैब- हाँ, हाँ, मैंने उस दिन विनीता के साथ जिस्मानी सम्बन्ध बनाये थे लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि मैंने ऐसा जानबूझकर किया , बल्कि हालात कुछ ऐसे बन चुके थे कि उसके बिना कुछ संभव ही नहीं था.
सलमा- ओह, काश, मेरे इस भ्रम को भ्रम ही रहने देते कि तुम सिर्फ और सिर्फ मेरे हो. मेरे अलावा तुम पर किसीका अधिकार नहीं है, कि तुम्हारे जिस्म और तुम्हारी आत्मा पर सिर्फ मेरा ही हक है.
जुनैब- ये तो हकीकत है, इसमें भ्रम की क्या बात है ?
सलमा ने इससे आगे का कोई भी शब्द नहीं सुंना. उसक व्यवहार बिलकुल बदल गया था, अब वह पहले जैसी सलाम नहीं थी, उसने कपडे पहने , एक कागज़ पर कुछ लिखा और १६ वी मंजिल से छलांग लगादी , उसकी चीख आसमान की गोद को चीरती चली गयी , उसके बाद वातावरण में जो अगली चीख सुनाई दी वह जुनैब की थी. वह भी बिना सोचे समझे कूद चुका था. अगले दिन जब अखबार आया तो उसकी हैडलाइन थी- 'दिलजले आशिक '............
समाप्त .........

कल से पढ़ें मशहूर शायर सिब्बन बैजी की प्रसिद्द ग़ज़लें

मेरठ। मशहूर पहलवान रहे फिल्म अभिनेता दारा सिंह के पौत्र विजय सिंह रंधावा और उसके साथियों को उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक होटल में कल रात एक युवती से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया लिया गया।

पुलिस के अनुसार होटल क्रिस्टल पैलेस के बेसमेंट में रात को सेना के एक मेजर की बेटी का विवाह समारोह था। होटल में विजय और उसके तीन साथी शराब पी रहे थे। इस बीच मेजर की एक भांजी बाथरूम में गई तो उसके पीछे-पीछे विजय और उसके साथी भी चले गए। उन्होंने युवती को बाथरूम में दबोच कर बाथरूम की कुंडी बंद कर दी और दुष्कर्म का प्रयास किया जिसके बाद युवती ने शोर मचा दिया।

पुलिस ने बताया कि शोर सुनकर बारात में आये लोगों ने किसी तरह बाथरूम का गेट खुलवाकर युवती को बाहर निकाला और तीनों युवकों की जमकर पिटाई भी की। बाद में पुलिस को बुलाकर तीनों को उसके हवाले कर दिया गया।


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नई दिल्ली। चौतरफा घोटालों के आरोपों से घिरी यूपीए सरकार की धूमिल छवि फिर चमकाने के लिए इस बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोर्चा संभाला है। पीएम ने संपादकों के साथ बातचीत में जोर देकर कहा कि उन्हें पीएम को लेकपाल के दायरे में लाने को लेकर व्यक्तिगत तौर पर कोई आपत्ति नहीं है। अपनी सरकार का पक्ष रखने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 5 वरिष्ठ संपादकों के साथ मुलाकात करीब दो घंटे चली। प्रधानमंत्री से मिलकर बाहर आए वरिष्ठ संपादक आलोक मेहता ने कहा कि पीएम ने उनसे राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात की। लोकपाल बिल को लेकर मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें लोकपाल के दायरे में पीएम को लाने पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन कैबिनेट और विपक्षी दल से बातचीत के बाद ही लोकपाल बिल को सामने लाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने मीडिया की शिकायत करते हुए कहा कि देश की मीडिया पुलिस, वकील और जज का काम कर रही है। उनकी इस बात से मीडिया को लेकर नाराजगी सामने आई है।

आलोक मेहता ने बताया कि पूरी बातचीत के दौरान पीएम मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आड़े हाथों लेते नजर आए। प्रधानमंत्री ने बीजेपी असहयोगात्मक रवैया अपनाने वाला विपक्षी दल बताया।

लोकपाल के दायरे में आने को तैयार हूं: पीएम
प्रणब मुखर्जी की जासूसी को लेकर उन्होंने आईबी की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट ने जासूसी की बात को नकार दिया है। प्रधानमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि रामलीला मैदान में रामदेव के साथ जो कुछ भी हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण था। अन्ना के मुद्दे पर पीएम ने बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का उन पर पूरा भरोसा है.

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जयपुर. सीकर के बाद अब राजस्थान यूनिवर्सिटी में भी ‘सेक्स ब्लैकमेलिंग’ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फिजिक्स डिपार्टमेंट की एक शोध छात्रा ने दो सहायक प्रोफेसरों के खिलाफ अस्मत मांगने तथा यौन शोषण के प्रयास का मामला दर्ज कराया है।
गांधीनगर थाना पुलिस ने मंगलवार दिनभर पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी सहायक प्रोफसेर ऋषि कुमार (आरके) सिंघल को देर रात गिरफ्तार कर लिया। दूसरे सहायक प्रोफेसर एसएन डोलिया की भूमिका के मामले की पुलिस जांच कर रही है। हालांकि राजस्थान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। डीसीपी जयपुर शहर (पूर्व) महेन्द्र सिंह ने बताया कि बयाना निवासी शोध छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि वह प्रोफेसर सिंघल के मार्गदर्शन में पीएचडी कर रही है।
फरवरी में जब वह लैब में गई तो प्रोफेसर अकेले मिले। उन्होंने पीचएडी पूरी होने की बधाई दी तथा कहा कि अब मिठाई तो खिला दो। छात्रा ने मिठाई लाने की बात कही तो सिंघल ने कहा कि उनके लिए तो चुंबन ही मिठाई है। इसका विरोध करते हुए छात्रा घर चली गई और करीब चार दिन बाद वापस आई तो लैब में सिंघल ने फिर कहा कि किस देना ही उसकी दक्षिणा है।
पोर्न फोटो बनाकर छात्रा के घर भेजा: पीड़िता का आरोप है कि जब वह बार बार विरोध करती रही तो सिंघल ने कई बार उसे ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। सिंघल की नीयत इस कदर बिगड़ गई कि बदनाम करने के लिए उसके चेहरे के साथ पोर्न फोटो नेट से तैयार कर उसके घर तथा नई नौकरी वाले कार्यालय में पोस्ट कर दिया। इसके बाद ही घरवालों को इस सारे मामले का पता चला। छात्रा ने जब शिकायत करने की धमकी दी तो सिंघल ने छात्रा की एक फोटो खुद के घर भी पोस्ट करवा दी ताकि कोई शक न करे।
छात्रा ने दो बार की विश्वविद्यालय में शिकायत: छात्रा ने इस मामले में दो बार विश्वविद्यालय प्रशासन से लिखित में शिकायत की, लेकिन उसको दबा दिया गया। इसके उलट सहायक प्रोफेसर को जरूर बता दिया कि उनके खिलाफ छात्रा ने शिकायत की है। बचाव में सिंघल ने भी छात्रा पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा कर विश्वविद्यालय में सफाई पेश कर दी थी।
राजीनामा का बनाया दबाव: इस दौरान सिंघल ने इटली जाने से पहले अपने एक अन्य साथी सहायक प्रोफेसर को छात्रा तथा उसके बीच राजीनामा करवाने के लिए कहा, लेकिन छात्रा ने इनकार कर दिया.


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काबुल।। काबुल के एक फाइव स्टार होटेल पर तालिबान आतंकियों के हमले में करीब 10 लोगों की मौत हो गई। नाटो के सैनिकों ने हेलिकॉप्टरों से कार्रवाई कर तीनों हमलावरों को मार गिराया है। इन तीन हमलावरों को नाटो के हेलिकॉप्टरों ने उस समय मारा, जब वे छत से सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर रहे थे।

मंगलवार को ये हमला उस समय शुरु हुआ था, जब तीन हमलावरों ने खुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया था। चार घंटे तक चले इस हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है और आठ घायल हुए हैं। तालिबान के एक प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

इंटरकॉन्टिनेंटल होटेल की छत पर तड़के गोलीबारी की आवाज साफ सुनी जा सकती थी। होटेल के एक हिस्से में आग भी लग गई। 1960 के दशक में बना यह सरकारी होटेल वैश्विक इंटर कॉन्टिनेंटल सीरीज का होटेल नहीं है, लेकिन इसकी भव्यता की वजह से वहां अक्सर बड़े आयोजन किए जाते हैं।

जिस समय हमला हुआ उस समय अफगान सुरक्षा संबंधी एक बैठक हो रही थी, जिसमें कई प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा कई वीआईपी एक शादी की पार्टी में भाग लेने आए थे।

काबुल के पुलिस प्रमुख अयूब सलांगी ने बताया कि हमले में 10 लोग मारे गए। इनमें ज्यादातर होटेल के कर्मचारी थे। उन्होंने बताया कि हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता सिद्दीक सिद्दिकी ने बताया कि हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच पांच घंटे तक गोलीबारी हुई। उन्होंने कहा कि समझा जाता है कि आत्मघाती हमलावरों की संख्या छह थी और वे मारे जा चुके हैं.
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Tuesday, June 28, 2011

भाग-५६
वह अनमोल है, अतुल्य है. अमर है. मगर मुझे भी कुछ करने का मौक़ा दीजिए , मैं चाहती हूँ कि जिस शरीर को एक पापी भोग चुका हो उससे तुम्हारे पवित्र हाथ का स्पर्श भी नहीं होना चाहिए , वरना मैं अपने आपको माफ नहीं कर पाउंगी .
जुनैब- तुम ये कैसी बहकी-बहकी बातें कर रही हो ?मैं तुम पर कोई एहसान नहीं कर रहा हूँ. कोई दया नहीं कर रहा. तुमसे प्यार कर रहा हूँ और उसके बदले प्यार और सम्मान दोनों ले रहा हूँ. समझीं तुम ? भावुकता में आकार कोई ऐसा निर्णय मत लेना जिससे मुझे भी जीवन भर पछताना पड़े.
सलमा- तुम मेरे देवता हो. मैंने पहले तुम्हें नहीं चाहा, तुमने मुझे पसंद किया, दोस्ती का ऑफर दिया , मगर जब मैंने तुम्हें समझा, तुम्हारे विचार सुने, तुम्हारी अच्छी नीयत देखी तब मैं तुमसे भी कई हजार गुना ज्यादा प्यार करने लगी , मगर अब मैंने जाना है कि मैं अपवित्र हूँ, मेरे साथ बचपन में बलात्कार हो चुका है. अगर तुम मेरे जिस्म को भोगोगे तो तुम भी अपवित्र हो जाओगे , इससे अच्छा तो मैं यही समझती हूँ कि ....कि ... कि मैं अपनी जांन दे दूं.
जुनैब- ओह, ये तो तुम पागलपन पर उतर आई हो. ऐसा होता है क्या ? जीवन को क्या इतना हल्का समझ लिया है. यह अधिकार भगवान का है कि वह कब किसे अपने पास बुलाता है . अगर हम आत्महत्या का विचार भी मन में लाते हैं तो जां लीजिए कि कुदरत को चैलेन्ज कर रहे हैं. मालिक के अधिकार को उससे छीनने का प्रयास कर रहे हैं. जीवन एक अनमोल तौहफा है, जो हमें खुदा की तरफ से प्रदान किया जाता है. यूँ तो कुत्ते -बिल्ली, गधे -घोड़ों को भी जन्म मिलता है लेकिन इंसान का जन्म दोबाया नहीं मिल पाता . कहते हैं कि कई लाखों योनियों में भटकने के बाद तब जाकर इंसान का जन्म मिलता है. इसे व्यर्थ में नहीं जाने देना है. इसका सदुपयोग करना है. मानव हित में इसका सही इस्तेमाल करना है.
सलमा- ऐसे नाजुक अवसरों पर इस तरह के भाषण बहुत बोरिंग लगते हैं. काश, ये धरती फट जाए , जिसमे मैं आसानी से समा जाऊं . या कुछ ऐसा हो कि मैं सब कुछ भूल जाऊं, मुझे कुछ याद ही न रहे , कुछ भी नहीं .
जुनैब- यह ख्वाहिश बहुत अच्छी जाहिर की है. ऐसा करना ठीक रहेगा कि तुम मोहब्बत की गहराई में डूब जाओ , इतनी गहराई तक कि जहां से सिर्फ आत्मा का मिलन दिखता हो. जहां जिस्म का मतलब मिट्टी दिखता हो.

मानसूनी मौसम खुशियों के अलावा कुछ बीमारियों को भी अपने साथ लाता है, लेकिन कुछ सजगताएं बरतकर आप इन रोगों की रोकथाम कर सकते हैं.. पर कैसे?

गैस्ट्रोइनटेराइटिस

बरसात में गैस्ट्रोइनटेराइटिस के मामले काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। ऐसा क्यों? डॉ. सुनीता पटेल के अनुसार, प्रदूषित खाद्य पदार्र्थो को खाने से और अस्वच्छ पानी पीने से गैस्ट्रोइनटेराइटिस की शिकायतें बढ़ जाती हैं। बच्चों के इस मर्ज के संक्रमण से ग्रस्त होने की आशंकाएं ज्यादा होती हैं।

लक्षण

इस मर्ज के लक्षण डायरिया और कोलाइटिस से काफी मिलते हैं। गैस्ट्रोइनटेराइटिस के कई मामलों में बड़ी आंत में सूजन भी आ जाती है। मरीज को दस्त और उल्टियां होती हैं। पेट में रह-रहकर दर्द होता है।

रोकथाम

गैस्ट्रोइनटेराइटिस की रोकथाम, इसके इलाज और उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ इन तीनों ही स्थितियों में स्वच्छता का विशेष महत्व है। खाद्य पदार्र्थो व पेयों को स्वच्छ रूप में ग्रहण करें। घर और आसपास के माहौल को साफ-सुथरा रखें। कोई भी खाद्य पदार्थ खाने से पहले साबुन से हाथ धोना आपकी सेहत के हित में है।

ध्यान दें

अगर कोई शख्स गैस्ट्रोइनटेराइटिस से ग्रस्त है, तो उसे पर्याप्त मात्रा में पानी ग्रहण करना चाहिए, क्योंकि दस्त व उल्टियों से मरीज के शरीर से काफी मात्रा में पानी निकल जाता है।

इलाज

गैस्ट्रोइनटेराइटिस की कई दवाएं उपलब्ध हैं, जिन्हें डॉक्टर के परामर्श से ही लेना चाहिए।

पीलिया/ हेपेटाइटिस ए

हर साल मानसून में यह बीमारी पूरी तेजी के साथ अपना फन उठाती है। डॉक्टर अभिषेक भार्गव के अनुसार, इस मौसम में होने वाली अनेक बीमारियों की तरह पीलिया/ हेपेटाइटिस भी दूषित पानी पीने से फैलता है। यह मर्ज प्रदूषित पानी या तरल पदार्थ के जरिये व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में लेता है। यह बीमारी सामान्यत: हेपेटाइटिस ए के वायरस द्वारा फैलती है। साफ-सफाई के अभाव में इसका प्रसार तेजी से होता है। अक्सर यह बीमारी मक्खियों द्वारा खाद्य पदार्र्थो पर बैठने से उत्पन्न होती है। मक्खियों द्वारा संक्रमित खाद्य पदार्र्थो को खाने से यह मर्ज तेजी से फैलता है।

लक्षण

* लगभग समस्त शरीर पर पीलापन नजर आने लगता है।

* मरीज को तेज बुखार के साथ सिरदर्द की शिकायत संभव है।

* भूख लगना खत्म हो जाता है।

रोकथाम

* परिवार के सदस्यों को हेपेटाइटिस ए की वैक्सीन लगवाएं।

* घर को स्वच्छ रखें और मक्खियों को पनपने न दें।

* जहां तक संभव हो, घर से बाहर का कोई खाद्य पदार्थ न खाएं और न ही पेय पदार्थ लें।

* ऐसा आहार ग्रहण करें, जिसमें प्रोटीन कम हो, लेकिन कैलोरीज उच्च मात्रा में हो।

बेहतर है बचाव

न्यूट्रीशनिस्ट माधुरी रुइया कहती हैं कि रोगग्रस्त होने से बचना एक समझदारी भरा कदम है। कुछ सजगताओं पर अमल कर आप मानसून के मौसम में होने वाली कई बीमारियों से बच सकते हैं

* सब्जियों को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए उन्हें 1:10 में क्रमश: सिरका और पानी के घोल में 10 मिनट तक के लिए भिगो दें। यानी सिरका का अनुपात 1 और पानी का 10 रहेगा। फूलगोभी और ब्रोकोली जैसी सब्जियों पर नमक छिड़कें।

* शेष बच रहे खाद्य पदार्र्थो को शीघ्र ही फ्रिज में रख दें।

* पानी को उबालकर और फिर ठंडा कर पिएं। उबले हुए पानी से ही किसी वस्तु को धोएं।

* खाद्य पदार्र्थो और रसोई की वस्तुओं को ढककर रखें ताकि घरलू मक्खियां उन पर न बैठ सकें।


मलेरिया..

मानसून का मौसम जहां लू और सूर्य की झुलसाने वाली गर्मी से राहत दिलाता है, वहींयह मच्छरों से पैदा होने वाले रोगों को भी बड़े पैमाने पर फैलाता है। मच्छरों से पैदा होने वाले प्रमुख रोगों में मलेरिया, चिकेनगुनिया और डेंगू बुखार को शामिल किया जाता है। बीते साल उत्तर भारत में मच्छरों द्वारा पैदा होने वाली इन बीमारियों ने कुहराम मचा दिया था। इसलिए मलेरिया के संक्रमण से बचने के बारे में जानकारी रखना जरूरी है।

कारण

मादा एनाफिलीस मच्छर के काटने से उसकी लार (सैलाइवा) के जरिये मलेरिया का जीवाणु व्यक्ति के रक्त में पहुंच जाता है।

लक्षण

* तेज बुखार

* ठंड लगना और कपकपाहट होना

* सिरदर्द व बदनदर्द

* कुछ गंभीर मामलों में पीड़ित को जॉन्डिस, बेहोशी, और गुर्र्दो से संबंधित समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

रोकथाम

इलाज से बेहतर रोकथाम की प्रक्रिया है। मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बांह वाली शर्ट और फुल पैंट पहनें यानी वस्त्रों से पूरे बदन को ढककर रखें। रात में सोते समय मच्छरदानी और मच्छर दूर करने वाली क्रीम्स का प्रयोग करें। घर के अंदर व बाहर पानी का जमाव न होने दें। इसी तरह सरकार व प्रशासन को भी मच्छर बहुल इलाकों में फॉगिंग करानी चाहिए और ठहरे हुए पानी और गंदगी को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।

इलाज

रोग के लक्षणों के प्रकट होते ही शीघ्र ही डॉक्टर से संपर्क करें। अतीत में आम तौर पर मलेरिया में जो दवाएं दी जाती रही हैं, उनका प्रभाव मादा एनाफिलीज के प्रतिरोध (रेजिस्टेंट) के कारण अब असरकारक नहींरहा। इसलिए अब डॉक्टर मलेरिया के इलाज में नवीनतम कारगर दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं। मलेरिया का पता लगाने के लिए रक्त परीक्षण कराया जाता है। कभी -कभी एक बार परीक्षण कराने से मलेरिया के परजीवी(पैरासाइट) का पता नहीं चलता। इसलिए किन्हीं मामलों में मलेरिया है या नहीं, इस बात का संदेह दूर करने के लिए कम से कम तीन बार रक्त परीक्षण कराना पड़ सकता है। वहीं तेज बुखार को दूर करने के लिए डॉक्टर द्वारा बतायी गयी पैरासीटामॉल का प्रयोग करें और पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ ग्रहण करें।

[डॉ. सुशीला कटारिया]

सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन मेदांत-दि मेडिसिटी,

जीवन रक्षक प्रणाली ने ली मरीज की जांन


चंडीगढ़। पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार रात करीब 10.30 बजे वेंटीलेटर में ब्लास्ट होने से लगी आग में एक मरीज देखते ही देखते बुरी तरह जल गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे पीजीआई के इमरजेंसी परिसर में भर्ती मरीजों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

अस्पताल में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। वेंटीलेटर फटने के मामले में पीजीआई प्रशासन का कोई भी व्यक्ति मुंह खोलने को तैयार नहीं है। लुधियाना जिले के कस्बा दोराहा निवासी 55 वर्षीय किंदर सिंह लिवर में परेशानी के चलते पिछले डेढ़ महीने से पीजीआई में भर्ती थे।

कंदर के परिजनों ने बताया कि इलाज के दौरान दो दिन पहले डॉक्टर के निर्देश पर किंदर को कोई इंजेक्शन लगाया गया था। इसके बाद किंदर की हालत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे डॉक्टरों ने वार्ड से इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया था। हालत नाजुक होने पर रविवार को उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था।

सोमवार की रात इमरजेंसी में तेज धमाके के साथ वेंटीलेटर फट गया और चारों तरफ आग लग गई। धमाके के साथ इमरजेंसी के आईसीयू वार्ड में आग की लपटें उठते देख मरीज दहशत में आ गए और चीख पुकार का माहौल पैदा हो गया।

कोई कुछ कर पाता, उससे पहले ही वेंटीलेटर पर चल रहे किंदर सिंह पूरी तरह आग की लपटों से घिर गए और उन्हें जीवित रखने के लिए लगाया गया वेंटीलेटर उनकी चिता बन गया। मरीज के करीबी रिश्तेदार ने पीजीआई प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बच गई 14 मरीजों की जान

जिस समय वेंटिलेटर में आग लगी, उस समय वार्ड में 14 दूसरे मरीज भी भर्ती थे। आग लगते ही मरीजों का शोर सुनकर तीमारदार अंदर गए तो डॉक्टर वहां से खिसक गए। जसदीप ने आरोप लगाया कि यह हादसा डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से हुआ है

विवाद की जड़ बनी ऐश्‍वर्या की प्रेग्‍नेंसी, अभिषेक ने जताई 2 बच्‍चों की ख्‍वाहिश


मुंबई. फिल्‍म अभिनेत्री ऐश्‍वर्या राय की प्रेग्‍नेंसी की खबर आम होने के बाद पति अभिषेक बच्‍चन ने मीडिया को दिए अपने पहले इंटरव्‍यू में बताया है कि वह चाहते हैं कि उनके दो बच्‍चे हों। उन्‍होंने बताया कि उनका पहला बच्‍चा नवंबर में दुनिया में आएगा। उन्‍होंने यह भी बताया कि उनके माता-पिता बनने की खबर दुनिया को अमिताभ के जरिए मिले, यह खयाल ऐश्‍वर्या का ही था।
इस बीच, 'हीरोइन' फिल्‍म की निर्माता कंपनी यूटीवी मोशन पिक्‍चर्स ने साफ किया है कि प्रेग्‍नेंट होने के चलते ऐश्‍वर्या इस फिल्‍म के लिए फिलहाल काम नहीं करेंगी। कंपनी ने मंगलवार को ईमेल के जरिये जारी बयान में कहा कि ऐसे समय में ऐश्‍वर्या का स्‍वास्‍थ्‍य ज्‍यादा मायने रखता है। बयान के मुताबिक, 'ऐसे हालात में हम सभी इस बात के लिए राजी हुए कि ऐश्‍वर्या अभी शूटिंग नहीं करेंगी।'
यूटीवी का बयान तब आया है, जब ऐश्‍वर्या राय की प्रेग्‍नेंसी बॉलीवुड में विवादों को जन्‍म दे रही है। 'हीरोइन' के निर्देशक मधुर भंडारकर ने उनके सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे मानना गर्भवती ऐश्‍वर्या के लिए संभव नहीं है, वहीं निर्देशक रामगोपाल वर्मा कह रहे हैं कि हीरोइन के साथ निर्माता-निर्देशकों को यह लिखित करार करना चाहिए कि फिल्‍म के दौरान वह मां नहीं बनेंगी।
ऐश्‍वर्या भंडारकर की फिल्‍म 'हीरोइन' में मुख्‍य भूमिका (टाइटल रोल) निभा रही हैं। शूटिंग शुरू होने के कुछ ही समय बाद उनकी प्रेग्‍नेंसी की खबर आम हुई। यह सुन कर भंडारकर के होश उड़ गए। ऐश्‍वर्या का कहना है कि वह जुलाई तक सारे डेट्स देकर फिल्‍म की शूटिंग पूरी कर लेंगी। पर अब पता चल रहा है कि भंडारकर ने ऐश्‍वर्या के सामने नई और अजीब शर्त रख दी है।
इससे पहले खबर आई थी कि निर्देशक भंडारकर और फिल्‍म बनाने वाली कंपनी यू टीवी के सिद्धार्थ राय कपूर ने ऐश्‍वर्या से मुलाकात कर उन्‍हें बताया कि फिल्‍म में दो आइटम सॉन्‍ग शूट करने हैं। बताया जाता है कि पहले हुए करार या फिल्‍म की कहानी में आइटम सॉन्‍ग का कहीं जिक्र नहीं था, लेकिन अब ऐश्‍वर्या के सामने इसकी जरूरत बता कर पूछा जा रहा है कि वह इसे कैसे करेंगी? जाहिर है, इससे ऐश्‍वर्या और पूरा बच्‍चन परिवार असहज हो गया है।
उधर, राम गोपाल वर्मा ने ऐश्‍वर्या की प्रेग्‍नेंसी के बहाने नई बहस छेड़ दी है। उनका कहना है कि हॉलीवुड की तरह बॉलीवुड में भी यह चलन शुरू करना चाहिए कि करार में हीरोइन से यह शर्त मनवाई जाए कि फिल्‍म की पूरी शूटिंग के दौरान वह गर्भवती नहीं होगी

ठाकरे की संपत्ति जब्त करने का नोटिस

पटना। बिहार की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की संपत्ति जब्त करने का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पार्टी के मुखपत्र सामना में घृणित टिप्पणी करने व अदालत की अवमानना करने पर यह नोटिस जारी किया है।

आरा जिले के सब डिवीजनल ज्यूडिशिनल मजिस्ट्रेट एस बी एम त्रिपाठी ने एडवोकेट राजेश कुमार सिंह द्वारा ठाकरे के खिलाफ दायर शिकायत पर सुनवाई करते हुए ठाकरे की संपत्ति जब्त करने का नोटिस जारी किया। राजेश ने 7 मार्च 2008 को सेना के मुखपत्र सामना में घृणास्पद टिप्पणी छापने पर ठाकरे के खिलाफ याचिका दायर की थी। राजेश का आरोप है कि ठाकरे की टिप्पणी से बिहार के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

कोर्ट ने इस मामले में ठाकरे को अपना पक्ष रखने के लिए समन भेजकर कई बार अदालत में बुलाया लेकिन ठाकरे न तो खुद हाजिर हुए और न ही अपना वकील भेजा। इसके बाद अदालत ने ठाकरे की संपत्ति जब्त करने का नोटिस जारी किया.
ज्ञात हो कि शिवसेना सुप्रीमो इस मामले में दर्ज केस की पेशी में कोर्ट में पेश नहीं हुए जिसके बाद 7 जुलाई को जारी ऑर्डर पर फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश राकेश तिवारी ने ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। तिवारी ने 2008 में एडवोकेट राजेश कुमार सिंह द्वारा दायर केस पर फैसला सुनाते हुए ठाकरे के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। लेकिन न तो ठाकरे कोर्ट में पेश हुए और न ही उनका वकील. इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया .
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उत्तरकाशी में बिजली गिरने से 800 भेड़ों की मौत
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी इलाके में बिजली गिरने से 800 से ज्यादा भेड़ों की मौत हो गई हैं। घटना उस वक्त हुई जब गांववाले अपनी भेड़ों को घास चराने जा रहे थे। अचानक मौसम ख़राब होने से बिजली गिरी और सैकड़ों भेड़ों की मौत हो गई। घटना के बाद मौक़े पर हालात का जायज़ा लेने प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। उत्तराखंड में बिजली गिरने से इतनी बड़ी तादाद में भेड़ों की मौत का पहला मामला है।

प्रेमी से शादी करने के लिए बेटी ने गला रेता मां बाप का

जयपुर। कोटपूतली के करवास गांव में दस दिन पहले हुई पति पत्नी की हत्या उनकी बेटी ने ही प्रेमी से करवाई थी। पुलिस ने आरोपी बेटी, उसके प्रेमी तथा चार अन्य को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। बेटी ने प्रेमी से शादी करने में बाधा बनने पर हत्या की साजिश रची थी।

कोटपूतली थाना प्रभारी सांवर मल नागौरा ने बताया कि दंपती की हत्या के आरोप में उनकी बेटी पपीता (18) तथा उसके प्रेमी नारनौल हरियाणा निवासी धर्मेंद्र जाट (25) तथा चार अन्य युवकों को गिरफ्तार कर लिया। 17 जून की रात को करवास गांव में पपीता के पिता पप्पू जाट तथा मां राजबाला की लाश चारपाई पर मिली थी। जिनका गला रेता हुआ था। जांच की तो सामने आया कि पप्पू की बेटी पपीता के धर्मेंद्र से प्रेम संबंध थे।

धर्मेंद्र उससे शादी करना चाहता था लेकिन पप्पू जाट ने बेटी की कही अन्यत्र सगाई कर दी थी। रात का पप्पू बेटी को कमरे बंद कर बाहर सोता था। जिसके चलते धर्मेंद्र तथा पपीता आपस में मिल नहीं पा रहे थे। पपीता ने मां बाप को ठिकाने लगाने के लिए धर्मेंद्र के साथ साजिश रची तथा धर्मेंद्र ने पपीता को नींद की गोलियां लाकर दी।

जिनको पपीता ने मां बाप को किसी तरह से खिला दी। रात को दोनों जब सो गए तो धर्मेंद्र आया और पपीता के साथ मिलकर चारपाई पर सो रहे पप्पू तथा राजबाला की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस मामले को लेकर कोटपूतली के विभिन्न समाजों के लोग गत दिनों मुख्यमंत्री से मिले थे। घटना के दस दिन बाद ही पुलिस ने सारे मामले का खुलासा कर बेटी, उसके प्रेमी तथा चार अन्य युवकों को गिरफ्तार कर लिया.


पंचकुला। हरियाणा के पंचकुला में एक नाबालिग लड़की की इज्जत उसी के भाई के दोस्तों ने लूट ली। पुलिस ने इस सिलसिले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

सोमवार की रात साहिल नाम का युवक सेक्टर-6 में रह रहे अपने ही दोस्त की बहन को गाड़ी में घुमाने के बहाने ले गया। उस वक्त लड़की घर में अकेली थी और साहिल को वो जानती थी इसलिए खुशी-खुशी उसके साथ चली गई। साहिल के साथ उसका एक और दोस्त भी उसकी अल्टो गाड़ी में मौजूद था। पुलिस के मुताबिक दोनों लड़कों ने लड़की को जबरदस्ती शराब पिलाई और फिर उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद ये दोनों अपनी गाड़ी में लड़की को उसके घर के बाहर उतार कर भाग खड़े हुए।

भाई के दोस्तों ने शराब पिलाकर किया नाबालिग से रेप

दोनों आरोपी लड़के भी पंचकुला के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपी लड़कों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इन आरोपियों में से एक के पिता बड़े कारोबारी हैं और जबकि दूसरे के पिता इंश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं। एक आरोपी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ता है तो दूसरा चंडीगढ़ कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहा है। पंचकुला कोर्ट ने दोनों आरोपियों को तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

उधर ,


नई दिल्ली।। साउथ-वेस्ट दिल्ली के द्वारका में एक जिम ट्रेनर से रेप और छेड़छाड़ के आरोप में जिम के मैनेजर व उसके दोस्त को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि द्वारका सेक्टर-11 के डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के हेल्थ क्लब में जिम ट्रेनर की ट्रेनिंग ले रही युवती दीपा (बदला हुआ नाम) से मैनेजर ने चेंजिंग रूम में एक सप्ताह के भीतर दो बार बलात्कार किया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दीपा की शादी होने वाली है, इसलिए उसने लोक लाज से इसके बारे में किसी को नहीं बताया। कुछ दिन बाद जिम मैनेजर अजय प्रताप के दोस्त कमलेश ने भी बलात्कार की कोशिश कोशिश की तो दीपा ने अपने मंगेतर को इस बारे में बताया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब बॉयफ्रेंड ने इस बारे में अजय प्रताप और कमलेश से बात करनी चाही तो दोनों ने उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद उसे इलाज के दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। इसके बाद लड़की की ओर से 26 जून को द्वारका साउथ थाने में लिखित शिकायत दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दीपा के साथ जिम मैनेजर ने 19 और 24 जून को बलात्कार किया।

दीपा का मेडिकल करवाया गया और रेप की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जिम मैनेजर अजय प्रताप को रेप के आरोप में और उसके दोस्त कमलेश को छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की जुडिशल कस्टडी में भेज दिया गया.
इसी तरह की एक घटना में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को उसके मामा की हवस का शिकार बनना पड़ा. मेडीकल टेस्ट में रेप की पुष्टि हियो चुकी है. इस तारह पूरे देश में बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि हो रही है.

रायपुर। अंबिकापुर के एसपी बंगले की दीवार ढह जाने से मंगलवार सुबह एक महिला समेत 13 लोगों की मौत हो गईं। ये सभी बंगले से लगे नगर निगम के यात्री प्रतीक्षालय में बस का इंतजार कर रहे था। पिछले दो दिनों से अंबिकापुर समेत आसपास के इलाके में जमकर बारिश हो रही है। कलेक्टर जीएस धनंजय का कहना है कि बारिश की वजह से यह हादसा हुआ।
रामानुजगंज की तरफ जाने वाले ज्यादातर यात्री इसी स्टॉप से बस पकड़ते हैं। बारिश के बीच करीब ३२ से ज्यादा लोग प्रतीक्षालय के शेड में बस का इंतजार कर रहे थे। अचानक दीवार भरभराकर ढह गई। 20 से ज्यादा लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर लोगों को निकालना शुरू किया। घटनास्थल के पास ही सीआरपीएफ का कैंप भी है।
सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के जवानों ने भी वहां पहुंचकर मलबा हटाने में मदद की। मलबे से निकाले जाने तक आठ लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। मरने वाले ज्यादातर लोग मजदूर हैं। एंबुलेंस पहुंचने में भी आधा घंटा लग गया। पांच अन्य ने अंबिकापुर के मिशन अस्पताल और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मिशन अस्पताल में चार और जिला अस्पताल में पांच घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घायलों में से पांच लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। माना जा रहा है कि बारिश की वजह से मिट्टी की जुड़ाई से तैयार की गई ईटों की दीवार कमजोर हो गई थी। हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से १-१ लाख रुपए और घायलों को २५-२५ हजार रुपए देने की घोषणा की है

Monday, June 27, 2011

भाग-५५
मैं समझता हूँ कि इसमें तुम्हारी कोई कमी नही है. यह सिर्फ एक दुर्घटना है जो किसी के साथ भी हो सकती है. इसमें तुम्हारा कसूर जब होता तब तुम भी इसमें किसी न किसी रूप में इन्वोल्ब होती .
सलमा- मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ. मैं अपवित्र हो चुकी हूँ. मैं बदनसीब हूँ.
जुनैब- जिस्म तो मर जाता है, मिट जाता है. ये मिट्टी का बना है. असली चीज तो प्यार है. प्यार के बिना इंसान जीवित नहीं रह रह सकता. जब तक दुनिया है तब तक प्यार रहेगा .सब कुछ मिट सकता है सिवाय प्यार के . मैंने भी तुमसे सच्चा प्यार किया है. इस प्यार का जिस्म से कोई मतलब नहीं है. अगर तुम्हारे साथ किसी ने अमानवीय हरकत की है तो ये तुम्हारा नहीं उसका दोष है, इससे तुम्हारा बदन अपवित्र नहीं हुआ बल्कि उस बलात्कारी का जिस्म ही अपवित्र हुआ है, उसकी नीयत तो पहले से ही गंदी थी अब उसकी आत्मा भी गंदी हो गयी है. सूरज की तारफ थूकने वाले का जो हश्र होता है, वही उसका हुआ है. इसमें तुम्हारी क्या कमी है ?
सलमा- जिसने बचपन में मेरे साथ रेप किया था वह भी एक मर्द था और आप भी एक मर्द हैं, मगर दोनों में कितना फर्क है . वो एक शैतान था और तुम एक देवता जैसे हो. आज मालूम हुआ , एक जैसी शक्ल के दिखने वाले लोग भी कितना अलग हो सकते हैं. आपके विचार आसमान से भी ऊंचे हैं. मेरा भी फर्ज बनता है कि मैं भी एक उच्च आदर्श प्रस्तुत करू, ताकि तुम्हारे आदर की पात्र बन सकूं.
जुनैब- काश , तुम मेरे दिल में झाँक पाती, काश तुम समझ पाती कि मैं तुम्हें कितनी मोहब्बा करता हूँ, तुम्हारा कितना सम्मान करता हूँ. सम्मान की शुरुआत ही प्यार से होती है. अगर मन में प्यार नहीं है तो कुछ नहीं है. प्यार पहली सीढी होती है, यहाँ से आगे बढते हुए जाया जाता है. और मैं तो पहले से ही सारी हदें पार कर चुका हूँ. सारे रास्तों को छान बैठा हूँ.
सलमा- मुझे डर लगता है. मेरा कलेजा कांपता है. सोचती हूँ जरूर कोई अनहोनी होने वाली है. क्योंकि अचानक इतनी खुशियाँ एक साथ किसीको नसीब नहीं हो सकतीं,तुम मुझे जीता प्यार डे रहे हो , वह अनमोल है, अतुल्य है. अमर है. मगर मुझे भी कुछ करने का मौक़ा दीजिए , मैं चाहती हूँ कि जिस शरीर को एक पापी भोग चुका हो उससे तुम्हारे पवित्र हाथ का स्पर्श भी नहीं होना चाहिए , वरना मैं अपने आपको माफ नहीं कर पाउंगी .
जुनैब- तुम ये कैसी बहकी-बहकी बातें कर रही हो ?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आम आदमी ही नहीं मीडिया भी सुरक्षित नहीं है। सीएमओ हत्याकांड और डॉ. सचान की मौत की खबर का पर्दाफाश करने वाले आईबीएन7 संवाददाता शलभमणि त्रिपाठी पर पुलिस अधिकारी ने हमला किया और हजरतगंज ऑफिस से उठा ले गए। जहां लड़की के साथ जोड़कर केस में घसीटने की कोशिश की गई।

आईबीएन7 के पत्रकार पर हमले को लेकर देशभर में निंदा हो रही है। देश की तमाम पार्टियां इसे यूपी सरकार की तानाशाही बता रही है। चाहे कांग्रेस, हो या बीजेपी सभी ने मीडिया पर हमले की निंदा की है। वहीं मायावती ने सूबे में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बैठक की और इस बैठक में अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मीडिया के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीडिया के साथ बदसलूकी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शलभ के मुताबिक पुलिस ने उनके साथ मारपीट और गालीगलौच की। वहीं, रिपोर्ट मनोज राजन त्रिपाठी को पुलिस ने अपराधियों की तरह दौड़ाया। वो अपने आप को बचाने में कामयाब रहे और मौके पर मीडिया कर्मियों को जमा करने में सफल रहे। जिसके बाद पत्रकारों के दबाव में पुलिस अधिकारियों को शलभ को छोड़ना पड़ा। ये अधिकारी हैं हजरतगंज थाने के सीओ अनूप कुमार और एएसपी बी पी अशोक।

दूसरी तरफ लखनऊ में मीडिया पर हुए इस हमले के खिलाफ पत्रकार बीती रात सड़क पर उतर आए। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास के आगे प्रदर्शन किया जिसके बाद दबाव में आकर यूपी सरकार ने दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।





लाल आतंक : मुठभेड़ में पांच जवान शहीद, आठ नक्सली ढेर

कांकेर/जगदलपुर.कांकेर और जगदलपुर में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में बीएसएफ और सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए, जबकि सात के घायल होने की खबर है।

कांकेर जिला मुख्यालय से करीब सौ किमी दूर कोयलीबेड़ा थाने के सुलंगी गांव के नजदीक रविवार को हुई मुठभेड़ में बीएसएफ के दो जवान शहीद हुए हैं। घंटेभर चली मुठभेड़ में तीन जवान घायल भी हुए हैं। सुरक्षा बलों ने आठ नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया है। इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया। मरने वालों में कुछ महिला नक्सली भी हैं।

उधर दंतेवाड़ा के किरंदुल और पालनार के बीच नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस वाहन को उड़ा दिया। घटना में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए और चार घायल हैं। घटना रात नौ बजे हुई।
कांकेर में हमला उस वक्त हुआ जब बीएसएफ और डीएफ की संयुक्त टीम सर्चिग पर निकली थी। पुलिस के मुताबिक घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के लिए कोयलीबेड़ा बीएसएफ कैंप लाया गया। बाद में उन्हें वहां से बाहर ले जाने के लिए हेलिकॉप्टर की मांग की गई थी लेकिन मौसम खराब होने कारण हेलिकॉप्टर कैंप तक नहीं पंहुच पाया।

शाम साढ़े पांच बजे घायलों को एंबुलेंस से उपचार के लिए सड़क मार्ग से बाहर भेजा गया। रविवार सुबह कोयलीबेड़ा बेस केंप से सुलंगी को ओर बीएसएफ टीम सर्चिग के लिए निकली थी।

दोपहर 12 बजे कोयलीबेड़ा-अंतागढ़ मार्ग पर सुलंगी गांव के पास घात लगाए नक्सलियों ने हमला बोलते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। सचिर्ंग टीम ने भी मोर्चा लिया। गोलीबारी में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार (दिल्ली) और कांस्टेबल एके ईमोल (असम) शहीद हो गए। बीएसएफ के कांस्टेबल के भागेश्वर, पी धनेकर तथा पंकज कुमार घायल हुए हैं। जवानों के शव को एंटी लैंडमाईन व्हिकल से रायपुर के लिए रवाना किया गया।

बारिश की वजह से मदद में देरी

बेस कैंप में नक्सली हमले की सूचना मिलते ही अलग-अलग दिशाआंे से जवानों को सहायता पहुंचाने के लिए टीम रवाना की गई। क्षेत्र मंे लगातार हो रही बारिश के चलते टीम को घटना स्थल तक पहुंचने परेशानी का सामना करना पड़ा। मुठभेड़ के फौरन बाद हुई सर्चिग में एक नक्सली का शव मिला। साथ ही एक थ्रीनॉटथ्री और दो बम मिले।

नक्सली के शव के साथ बरामद टोपी में स्टार बना हुआ है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है की मृतक नक्सली संगठन का अहम पदाधिकारी है। जवानों ने मुठभेड़ में मारे गए आठ नक्सलियों के शव को साथी नक्सलियों द्वारा उठाकर ले जाते देखने का दावा किया है।

जवाबी कार्रवाई में आठ नक्सली ढेर

"कांकेर में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए है। सर्चिग टीम ने मोर्चा लेते हुए जवाबी कार्रवाई की जिसमे आठ नक्सली के मारे जाने की संभावना है। एक नक्सली का शव बरामद हुआ है।"

राम निवास
एडीजीपी नक्सल आपरेशन

कई इलाकों में रोड काटे, पटरी उखाड़े

माओवादियों ने देशव्यापी काला दिवस के तहत रविवार को बस्तर संभाग के कई हिस्सों में खूब उत्पात मचाया। इस दौरान यातायात और साप्ताहिक बाजार खासा प्रभावित हुए। नक्सलियों ने जगदलपुर से कोंटा जाने वाली सड़क को कई स्थानों पर काट दिया है। बचेली और किरंदुल के बीच माओवादियों ने देर रात पटरी उखाड़ दी और काला दिवस के समर्थन में पर्चे भी फेंके।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक विशाखापट्टनम से किरंदुल रेल लाइन के 442/17 एवं 442/18 किमी के बीच बांई ओर की 13 मीटर लंबी पटरी उखाड़ दी गई। हालांकि रात में मालगाड़ियों की आवाजाही बंद होने से कोई हादसा नहीं हुआ।

माओवादियों ने पटरियों पर हाथ से लिखे करीब ढाई सौ के ज्यादा पर्चे भी फेंके। इनमें बस्तर में सेना की तैनाती और आपरेशन ग्रीन हंट का विरोध किया गया है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे पटरियों की मरम्मत के बाद इस मार्ग पर मालगाड़ियों का परिचालन शुरू हुआ।


दंतेवाड़ा से सुकमा और कटेकल्याण जाने वाली सड़क पर कई जगह गड्ढे कर दिए और पेड़ काट कर डाल दिया था। देर शाम पुलिस ने इसकी मरम्मत कर आवागमन बहाल कराया है। सुकमा रोड पर भूसारास घाटी में कुछ स्थानों पर सड़क काट दिए गए हैं। पालनार किरंदुल रोड पर भी जगह-जगह गड्ढे खोद दिए गए हैं। कटेकल्याण मार्ग पर बालूद और चितालूर के बीच भी सड़क काटने और पेड़ काटकर डालने की खबर है।

एनएच 30 पर तोंगपाल थाना क्षेत्र के टाहकवाड़ा और जीरम के बीच दो स्थानों पर सड़क काट तथा पेड़ों को सड़क पर डाल आवागमन बाधित कर दिया गया था। जिससे इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। सुबह करीब आठ बजे के करीब पुलिस ने वहां पहुंचे यात्रियों, ग्रामीणों और वाहन चालकों के सहयोग से गड्ढे पाट कर यातायात आरंभ कराया। कूकानार थाना क्षेत्र में करीब 15 स्थानों पर एनएच को काटे जाने की सूचना है। कोंटा इलाके में आंध्रप्रदेश से आने वाली यात्री बसें चिड़मुड़ तक ही चलीं। जगदलपुर से विजयवाड़ा और हैदराबाद की ओर जाने वाली यात्री बसें बंद रहीं।

पैसेंजर स्थगित

विशाखापट्टनम से किरंदुल के बीच चलने वाली एकमात्र पैसेंजर ट्रेन दूसरे दिन भी जगदलपुर स्टेशन पर स्थगित कर दी गई। अब यह ट्रेन सोमवार सुबह विशाखापटनम के लिए रवाना होगी

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दाऊद के साथी से मुलाकात से खफा छोटा राजन ने उड़वाया डे को!


मुंबई. मुंबई पुलिस ने क्राइम रिपोर्टर ज्योतिर्मय डे के हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। हत्या के केंद्र में कुख्यात अपराधी छोटा राजन है, जो कि डे के दाऊद इब्राहिम के ब्रिटेन में छुपे बैठे साथी से मुलाकात करने से नाराज था। दाऊद का यह साथी 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों का प्रमुख आरोपी भी है।
पुलिस ने छोटा राजन गैंग से जुड़े हुए सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें पूछताछ के लिए 4 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। ये आरोपी तमिलनाडु के रामेश्वरम, महाराष्ट्र के शोलापुर और मुंबई से गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार डे के राजन से बेहतर संबंध थे। लेकिन डे ने इसी साल 28 अप्रैल से 5 मई के बीच ब्रिटेन की यात्रा की और इसी दौरान वे दाऊद के खास साथी से मिले। माना जा रहा है कि इसके बाद छोटा राजन डे से नाराज हो गया। हालांकि डे की यह मुलाकात उनकी अंडरवर्ल्ड पर लिखी जा रही तीसरी पुस्तक के लिए जानकारियां जुटाने के लिए थी।
पुलिस की साइबर सेल ने हाल ही में डे का ई-मेल एकाउंट ‘कमांडरडे’ का पासवर्ड खोजने में सफलता पाई थी और उसमें मिली जानकारियों ने पुलिस को मामले की तह तक पहुंचने में काफी मदद की। साइबर टीम को इस मेल में डे द्वारा लिखे कुछ आवेदन भी मिले, जो उन्होंने फिलीपींस काउंसलेट को लिखे थे। वे फिलीपींस जाना चाहते थे और माना जाता है कि छोटा राजन इस समय वहीं छुपा हुआ है। चर्चा है कि डे छोटा राजन से मिलकर उसे वास्तविकता बताना चाहते थे, लेकिन राजन काफी नाराज था और उसने ऐसा कोई मौका नहीं दिया।

पांच लाख की राजन ने दी सुपारी

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने वरिष्ठ पत्रकार जेडे की हत्या करवाने के लिए सतीश कालिया नाम के शूटर को 20 दिन पहले फोन किया था और उसे 2 लाख रुपए भी दिए। हत्या में इस्तेमाल होने वाला हथियार नैनीताल से लिया गया। हत्या के बाद छोटा राजन ने हत्यारों को 3 लाख रुपए मुंबई छोड़ने से पहले मुंबई में ही किसी से दिलवाए।

हत्याकांड की जांच कर रही मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कहा कि हत्या से पहले पांच तारीख को एक बार फिर छोटा राजन ने कालिया को फोन किया था। 7 जून को हत्या के लिए रेकी की गई। सतीश कालिया ही इस मामले में मुख्य अभियुक्त है।

कालिया पर 3 मामले पहले से ही चल रहे हैं, वह खार इलाके का रहने वाला है। सतीश के अलावा अनिल, निलेश, सचिन गायकवाड़, अभिजीत शिंदे, मंगेश अगाउनी भी इस हत्या में शामिल थे

नई दिल्ली।। वरिष्ठ गांधीवादी अन्ना हजारे ने अपने अनशन में योग गुरु बाबा रामदेव के शामिल होने के प्रस्ताव पर कहा है कि इसके लिए उन्होंने कुछ शर्तें रखी हैं। इस साल अप्रैल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे ने मंच पर योग गुरु बाबा रामदेव का स्वागत किया था। अन्ना हजारे ने 16 अगस्त से एक बार फिर अनशन पर बैठने की घोषणा की है।

महाराष्ट्र में रविवार देर शाम अन्ना हजारे ने कहा, 'बाबा रामदेव ने मेरे साथ अनशन पर बैठने की इच्छा जताई है, लेकिन मैंने उनके सामने कुछ शर्तें रखी हैं। यदि वह शर्तें मानते हैं तो मैं इस बारे में विचार करूंगा।

इस बारे में अन्ना हाजरे के नेतृत्व वाले सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के एक सदस्य ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है , जब अन्ना हजारे ने ऐसा कहा है। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि बाबा रामदेव से कुछ निश्चित मुद्दों पर बातचीत करने के बाद वह अनशन में उनके शामिल होने का स्वागत करेंगे।

सरकारी और सिविल सोसायटी की जॉइंट ड्राफ्टिंग कमिटी में एक मजबूत लोकपाल विधेयक तैयार करने में विफल रहने के कारण अन्ना हजारे ने 16 अगस्त से फिर अनशन करने की घोषणा की है। भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव के अभियान का समर्थन करने वाले अन्ना हजारे कुछ मुद्दों पर बाबा के विचारों से सहमत नहीं है.
मुंबई में पत्रकार जे डे की हत्या अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने कर्रवाई है यह दावा किया है मुंबई पुलिस ने। मुंबई पुलिस का कहना है कि सतीश कालिया मेन शूटर था जिसने वारदात को अंजाम दिया है। उसने .32 बोर की पिस्टल से जे डे पर गोलियां चलाई थी।

पुलिस का कहना है कि उसने हत्या में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम हैं सतीश कालिया, अनिल बाघमोड, निलेश, अरूण, डेके सचिन गायकवाड़ अभिजीत शिंदे और मंगेश अगावने। पुलिस ने साथ ही यह भी कहा कि जेडे की हत्या का मकसद अभी तक पता नहीं चल सका है।


महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर आर पाटिल ने जेडे हत्याकांड सुलझने के बाद क्राइम ब्रांच का अभिनंदन किया और पुलिस टीम को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।


इससे पूर्व मुंबई पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था और सेशन कोर्ट में पेशी के बाद इन सभी आरोपियों को चार जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सातों आरोपियों में से तीन को मुंबई, एक को महाराष्ट्र के सोलापुर और तीन को तमिलनाडु के रामेश्वरम से गिरफ्तार किया गया है.
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गौरतलब है कि मिड डे के खोजी पत्रकार जे. डे के हत्यारों का सुराग देने वाले को मुंबई पुलिस ने 50 लाख के भारी-भरकम इनाम का ऐलान किया था। मुंबई पुलिस के इतिहास में सुराग देने वालों के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी इनामी राशि है।

56 वर्षीय जे डे की 11 जून को पवई इलाके में चार मोटरसाइकिल सवारों ने दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कहा गया था कि जे. डे को काफी नजदीक से पांच गोली मारी गई थी।

हत्या के पीछे छोटा राजन गैंग
अभी तक पुलिस ने औपचारिक तौर पर हत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं किया है। थोड़ी देर में मुंबई पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस मामले का खुलासा कर सकती है। लेकिन, गिरफ्तार किए गए लोग छोटा राजन गैंग के लिए काम करते रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में भी इन लोगों ने बताया है कि उन्हें छोटा राजन की ही तरफ से इस हत्या की सुपारी दी गई थी। उन्हें कहा गया था कि यह एक कॉरपोरेट प्रफेशनल है जिसे उन्हें टपकाना है।

क्या रही वजह?
इस खुलासे को अहम इसलिए माना जा रहा है कि एक तो अब तक छोटा राजन भी इस काम के पीछे अपना हाथ होने से इनकार करता रहा है और दूसरे पत्रकार जे डे को छोटा राजन गैंग का ही करीबी माना जाता था। उनकी कई रिपोर्टें दाऊद विरोधी मानी गई थीं। ऐसे में पूछा जा रहा है कि आखिर अपने ही करीबी पत्रकार की हत्या छोटा राजन क्यों करवाएगा?
इसका कोई सीधा और साफ जवाब तो फिलहाल नहीं मिल पा रहा, लेकिन जे डे ने मुंबई में दाऊद के भाई पर हाल में हुए हमले के बाद जिस तरह की आक्रामक रिपोर्टिंग की थी, उससे वह दाऊद गैंग के निशाने पर आ ही गए थे। ऐसे में सूत्रों के मुताबिक छोटा राजन की यह चाल हो सकती है कि ऐसे मौके पर डे की हत्या से दोष दाऊद गैंग पर जाएगा और इसका खामियाजा भी डी गैंग को ही भुगतना पड़ेगा। हालांकि इसके क्या और भी वजहें थी छोटा राजन की जे डे से चिढ़ने की? क्या छोटा राजन के खिलाफ भी कोई अहम जानकारी जे डे के हाथ लग गई थी?

Saturday, June 25, 2011

भाग-५४
सलमा- बात सब ठीक है, मगर मैं आज माफी चाहूंगी . मैं इस अकाम को नहीं कर पाउंगी .
जुनैब- तुम्हें इस बात का भेद बताना पडेगा. मुझे यह बताना होगा कि पहले तुमने हाँ क्यों की और अब ना क्यों कर रही हो.
जब तक इस बात का राज नहीं बताओगी , मैं किसी भी हालत में मानने वाला नहीं हूँ. भले ही मुझे जेल क्यों न जाना पड़े ?
सलमा- बात कुछ ऐसी है जिसे सुनने के बाद तुम मुझसे नफरत करने लगोगे . जितना ज्यादा प्यार कर रहे हो, सुनने के बाद उतनी ही नफरत करने लगोगे. मैं जानती हूँ कि इस तरह की बात सुनने के बाद तुम्हारे अंदर से प्रेम का भूत उतर जाएगा .
जुनैब- ऐसा तो कभी हो ही नहीं सकता. मैंने प्यार किया है कोई मजाक नहीं . चाहे जो हो जाए मैं नहीं बदल सकता , ऐसी कोई भी घटना मुझे विचलित नहीं कर सकती जो तुम्हें परेशान कर रही हो.तुम अपने दिल में किसी तरह का डर मत रखना सलमा- तुम बहुत अच्छी आदमी हो, तुम्हारे पिता भी एक सम्मानित राजनेता हैं. इसलिए मैं नहीं काहह्ती कि मेरी बदनामियों का साया या फिर मेरी काली छाया तुम पर पड़े. तुम मुझसे दूर हो जाओ. अब तक तो मैं स्वार्थ में अंधी हो गयी थी और इसी कारण मैंने तुम्हें अपने अतीत के बारे में कुछ नहीं बताया ,
जुनैब-मुझे कुछ जानने की जरूरत भी नहीं है. मैं तो सिर्फ इतना जानता हूँ , मैं तुम्हें प्रेम करता हूँ और तुम्हारे बिना जी नहीं सकता . एक पल भी नहीं रह सकता . मेरे प्यार में बहुत ताकत है. इस शक्ति को दुनिया की कोई शक्ति परास्त नहीं कर सकती. आंधी आये तूफ़ान आये , किसी में इतनी हिम्मत नहीं है जो मुझे मोहब्बत की राह से हटा सके.
सलमा- अगर किसी दिन तुम्हें ये पता चल जाये कि जिसे तुम प्यार करते हो, जिस पर जां निसार करते हो , जिसे मोहब्बत की देवी मानते हो , उसके साथ अतीत में बलात्कार हो चुका है, वह अपवित्र हो चुकी है तबी तुम्हारा क्या रिएक्शन होगा ?
जुनैब- तो मैं कहूँगा कि ऐसा संभव ही नहीं है . जिसने कहा है, झूठ कहा है, नेरी चाहने वाली के साथ ऐसा नहीं हो सकता .
सलमा- मगर ऐसा हो चुका है. ये जब की कहानी है , जब मैं बहुत छोटी थी. मुझे ठीक से याद भी नहीं है. बस इतना सा ध्यान है कि जब मैं पेड़ के नीचे खेल रही थी तभी एक रिश्ते का मामा मेरे पास आया और मुझे चोकलेट खिलाने का लालच दिया और मैं झांसे में आ गई . मैं तो इतना जानती ही नहीं थी, बस उसके चक्कर में आ गयी , इसका नतीजा ये निकला कि वह मुझे झाडियों में ले गया . उसने मुझे खाने के लिए जो चोकलेट दी उसे खाते ही मुझे चक्कर आने लगे. कई घंटों के बाद घरवालों को मेरा खून से लथपथ जिस्म मिला. बताते हैं कि मेरे बचने की कोई गुंजाइश नहीं थी. डॉक्टर ने किसी तरह से मुझे बचा लिया , उसी दिन से मुझे लड़कों से नफरत हो गयी , प्यार से नफरत हो गयी और इतनी ज्यादा हो गयी कि मैंने फिर कभी किसी लड़के की तरफ नहीं देखा . अब तुम समझे कि मैं क्यों तुम्हारी तरफ देखती भी नहीं थी. यह जानकार अब तुम मुझे ठुकराए बिना नहीं रहोगे , मुझ्स्र नफरत किये बिना नहीं रहोगे.
जुनैब -तुम गलती पर हो. ऐसा कभी नहीं हो सकता. मुझे तुमसे कोई भी जुदा नहीं कर सकता . अगर बचपन में तुम्हारे साथ कोई अनहोनी घटना हो गयी है तो मैं समझता हूँ कि इसमें तुम्हारी कोई कमी नही है. यह सिर्फ एक दुर्घटना है जो किसी के साथ भी हो सकती है. इसमें तुम्हारा कसूर जब होता तब तुम भी इसमें किसी न किसी रूप में इन्वोल्ब होती .
सलमा- मैं तुम्हारे लायक नहीं हूँ. मैं अपवित्र हो चुकी हूँ. मैं बदनसीब हूँ.
जुनैब- जिस्म तो मर जाता है, मिट जाता है. ये मिट्टी का बना है. असली चीज तो प्यार है. प्यार के बिना इंसान जीवित नहीं रह रह सकता. जब तक दुनिया है तब तक प्यार रहेगा .