
अभिनेत्री से उद्योगपति बनी सुष्मिता सेन एक माह पहले बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान द्वारा बांद्रा में आयोजित पार्टी में दिखाई दी थी , लेकिन पार्टी की खासबात रही सुष्मिता सेन के पूर्व दोस्त और पाकिस्तानी क्रिकेटर वसीम अकरम की मौजूदगी।
जब सुष्मिता से पूछा गया कि उन्होंने वसीम से क्या बातें की तो अभिनेत्री ने कहा कि आपके काम की कोई बात नहीं है। हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि इसके बाद हम जुहू के एक रेस्टारेंट में मिले और कुछ मीठी बातें की, क्योंकि 'मैं वसीम को पसंद करती हूं मगर हर आदमी से मेरा चक्कर नहीं चल सकता', हम सिर्फ अच्छे दोस्त है। मैं अपने हर दोस्त को ब्वॉयफ्रेंड नहीं बना सकती। मैं ये सब इसलिए कह रही हूं, ताकि बाद में लोग किसी तरह का कोई गलत अनुमान न लगाने लगे।
गौरतलब है कि उन्होंने एक मंच से दो लड़कियों को गोद लेने की बात बताई थी और साथ ही घोषणा की थी कि अब वो अपना खुद का बच्च चाहती है। जब सुष्मिता को उनकी ये बात याद दिलाई गई तो उनका कहना था कि मैंने अपना इरादा नहीं बदला है, लेकिन मैं एक सही आदमी की तलाश में हूं। जो पिता बनने की जिम्मेदारी को समझ सके। बच्चे एक प्राकृतिक क्रिया है और मैं इस का अनुभव करना चाहती हूं। मैं जानती हूं कि मेरी जिंदगी की घड़ी बहुत तेजी से चल रही है, लेकिन मेरा मानना है कि एक औरत 42 की उम्र तक मां बन सकती है।
अंत में सुष्मिता ने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा कि वह अभी एक स्पा की श्रृंखला लांच करने में व्यस्त है और कभी-कभी कुछ स्क्रिप्ट पर भी नजर डाल लेती है.
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भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद अन्ना ने मीडियाकर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकपाल बिल पर बीजेपी का रुख सकारात्मक था। उन्होंने इस पर संतोष जताते हुए दावा किया कि बीजेपी मजबूत लोकपाल बिल के पक्ष में है। प्रेंस कांफ्रेंस में टीम अन्ना के साथ मौजूद रविशंकर प्रसाद ने अन्ना का खुलकर तो समर्थन तो नहीं किया, लेकिन कहा कि पार्टी मजबूत लोकपाल बिल के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि पार्टी की अन्ना हजारे और टीम के साथ अच्छी मुलाकात हुई है।
अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने बताया भाजपा नेताओं ने हमसे कई सवाल पूछे। उनका एक अहम सवाल यह था कि लोकपाल किसी अच्छे शख्स को ही बनाया जाएगा, यह कैसे सुनिश्चत किया जाए? इस बारे में हमने तो जन लोकपाल बिल में प्रावधान किए हैं, लेकिन कई और सुझाव आए और ऐसे सभी सुझावों का हम स्वागत करते हैं। इस बारे में बातचीत और विचार-विमर्श के बाद जो भी उचित होगा वह किया जाएगा। हम सब चाहते हैं कि मजबूत और बेहतरीन लोकपाल बिल लाया जाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं ने भी हमारी बातें गौर से सुनीं। अब वे आपस में बैठकर इस बारे में पार्टी का रुख तय करेंगे।
गौरतलब है कि अन्ना हजारे लोकपाल के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए लगातार राजनीतिक दलों से संपर्क साध रहे हैं। कल इसीक्रम में अन्ना को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने वाले थे। लेकिन सोनिया गांधी ने समय नहीं दिया। प्रधानमंत्री और न्यायालय को लोकपाल के दायरे में रखने के मुद्दे पर सोनिया का रुख टटोलने वाले थे। वहीं सीपीआई के एबी वर्धन और डी राजा भी अन्ना के तर्क सुनने वाले थे।
तीन जुलाई को लोकपाल पर सर्वदलीय बैठक से पहले सिविल सोसायटी ने नेताओं से मिलने का अभियान तेज कर दिया है। अन्ना की टीम ने राजग संयोजक शरद यादव, सीपीएम महासचिव प्रकाश करात और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह से बुधवार को मुलाकात की। बैठक खत्म होने के बाद देर शाम किरण बेदी ने ट्विट कर कहा कि कई मुद्दों पर विपक्षी पार्टियों की गलतफहमियां दूर हुई हैं।
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