मुंबई ब्लास्ट: 4 आतंकियों पर शक, गुजरात से लेकर रांची तक छापेमारी
मुंबई. मुंबई सीरियल ब्लास्ट को हुए तीन दिन हो चुके हैं। लेकिन अभी तक जांच एजेंसियां किसी भी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई हैं। हालांकि, शुक्रवार को जांच में तेजी आई है। इस घटना के लिए जिम्मेदार संभावित आतंकियों की धरपकड़ के लिए गुजरात से लेकर रांची तक छापेमारी की जा रही है। एनआईए ने रांची के बरियातु में छापा मारा है।
इस मामले में अब तक हुई प्रगति पर मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह ने दिल्ली में कहा कि इस मामले में इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकियों पर शक गहराता जा रहा है। आर.के. सिंह के मुताबिक इन चार आतंकवादियों के नाम हैं-तौकीर, मोहसिन चौधरी, दानिश और मिर्जा बेग। इनमें दानिश जेल में बंद है। आर के सिंह के मुताबिक दिल्ली के बटला हाउस कांड के सिलसिले में जेल में बंद सलमान से भी पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने कहा कि झावेरी बाज़ार में स्कूटर का इस्तेमाल कर विस्फोट किया गया था। उनके मुताबिक इस स्कूटर की पहचान कर ली गई है। वहीं, सऊदी अरब से आए ईमेल को लेकर पूछे गए सवाल पर आरके सिंह ने कहा कि उस ईमेल की जांच जारी है। मुंबई में जिन जगहों पर बम धमाके हुए, वहां से मिले सीसीटीवी फुटेज के बारे में गृह सचिव ने बताया कि फुटेज की सीरीज़ 11 बार देखी जा चुकी है।
इससे पहले मुंबई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध लोगों की पहचान की, जो ओपेरा हाउस के पास करीब 90 मिनट तक फोन पर बात करते रहे। इसके अलावा नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों का दावा है कि मुंबई धमाकों में इंडियन मुजाहिदीन का काम है, जिसमें मुंबई अंडरवर्ल्ड ने भी अहम योगदान दिया है। एनआईए के सूत्रों ने बताया कि धमाके करने के लिए आतंकवादियों ने धन जुटाने के लिए उद्योगपतियों से वसूली की और हाल ही में कोलकाता के चार उद्योगपतियों से धन उगाही की गई है।
महाराष्ट्र के एंटी टैरर स्क्वॉड ने धमाके से पहले भी एक संदिग्ध पर नजर रखी थी, लेकिन वह चकमा देने में कामयाब हो गया। अब एटीएस और पुलिस उसे खोज रही है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अब फोर्स उसे ढूंढ रही है। जानकारी के अनुसार, दादर, ओपेरा हाउस और झवेरी बाजार में हुए धमाकों के करीब ६ घंटे पहले तक वह एटीएस की निगाहों में था।
सूत्रों के अनुसार एटीएस ने दो कार चोरों को गिरफ्तार किया था, जो पहले भी इंडियन मुजाहिदीन को चुराई हुई कारें सप्लाई करते रहे हैं। उन्होंने एक संदिग्ध के बारे में एटीएस को जानकारी दी थी। एटीएस उस पर दो दिनों से नजर रखी थी, लेकिन बुधवार दोपहर को अचानक वह उनकी नजर से गायब हो गया। एटीएस और मुंबई क्राइम ब्रांच ने बम विस्फोट की जांच के लिए ६ अलग अलग टीमें बनाई हैं और एटीएस की एक टीम तो अब उसी की खोज में लग गई है।
मुंबई में बुधवार को हुए धमाकों में 18 लोगों की मौत हो गई है और करीब १३३ घायल हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे तीन संदिग्ध
झावेरी बाज़ार, दादर और ओपेरा हाउस में हुए धमाकों के पीछे कौन है? यह पता लगाने के लिए मुंबई पुलिस इन इलाकों में लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाल रही है। ओपेरा हाउस के पास खाऊ गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड फुटेज के आधार पर जांचकर्ताओं ने तीन संदिग्धों की पहचान की है। जांचकर्ताओं का कहना है कि ये तीनों ही गली में करीब एक घंटे तक टहल रहे थे।
वहीं, तीनों ही अलग-अलग चल रहे थे ताकि किसी को शक न हो कि वे एक-दूसरे को जानते हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि वे तीनों खाऊ गली या आसपास के नहीं लग रहे थे। फुटेज में तीनों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए भी दिखाया गया है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस बात से हैरान हैं कि उन्हें पहले सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े आतंकी अब मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
किसने किया
जांचकर्ताओं का यह कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को यह तो मालूम था कि आईएम के कुछ आतंकी मुंबई में पिछले एक महीने से घूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि आतंकी अपने परिवार से बात कर रहे थे और उनकी मौजूदगी को नोटिस भी किया गया। लेकिन जानकारी के बावजूद परिवार वालों से पूछताछ नहीं की गई क्योंकि खुफिया एजेंसियां नहीं चाहती थीं कि आतंकियों को पता चले कि वे पुलिस की निगाह में हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात का अंदाजा भी लगाने में जुटी हुई हैं कि बुधवार को हुए ब्लास्ट के पीछे क्या उद्देश्य हो सकता है अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये धमाके मध्य प्रदेश और बड़ौदा में हुई आईएम के दस आतंकियों की गिरफ्तारी के विरोध में हो सकता है या फिर जांच एजेंसियों का ध्यान भटकाने की कोशिश भी हो सकती है।
Friday, July 15, 2011
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