
मुंबई बम ब्लास्ट मामले में पुलिस हिरासत में फैज उस्मानी की मौत की जांच की जाएगी.
फैज की मौत की जांच सीआईडी के हाथों में सौंप दी गई है. मुंबई में बुधवार को हुए सीरियल बम धमाकों के सिलसिले में हिरासत में लिये गए फैज उस्मानी की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई थी. उस्मानी के परिजनों ने एटीएस की पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है.
सीरियल ब्लास्ट के सिलसिले में महाराष्ट्र एटीएस और मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने अहमदाबाद विस्फोट के आरोपी अफजल उस्मानी के भाई फैज उस्मानी को शनिवार की दोपहर हिरासत में लिया था.
हिरासत में लेने के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी और अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई. चिकित्सकों ने कहा कि उस्मानी की मौत रात डेढ़ बजे तब हुई जब लोकमान्य तिलक अस्पताल में उसका हेमेपेरेसिस और अत्याधिक तनाव का इलाज चल रहा था.
गोवन्डी के रहने वाले उस्मानी को शनिवार को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया था और शाम पांच बजकर 50 मिनट पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
अस्पताल के चिकित्सक डॉ रयान कुमार ने कहा, ‘ब्रेन हैमरेज के कारण उसकी मौत हुई. यह स्थिति सामान्य तौर पर तब आती है जब किसी व्यक्ति को आघात पहुंचता है.’
वहीं परिवारवालों ने पुलिस पर फैज को पुलिस हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि फैज का ब्लडप्रेशर पहले से ही बढ़ा हुआ था और उसे उठाने के बाद उसका ब्रेन हैमरेज हो गया.
फैज के बेटे अजीम उस्मानी ने आरोप लगाया, ‘मेरे पिता को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया और पूछताछ के दौरान उन पर दबाव बनाया गया. उनकी मौत के लिये वही लोग जिम्मेदार हैं.’
बहरहाल मुंबई पुलिस ने आरोपों से इंकार किया है. पुलिस का कहना है कि फैज के साथ किसी तरह की प्रताड़ना नहीं की गई है.
मुंबई पुलिस के प्रवक्ता निसार तम्बोली ने कहा, ‘चेम्बूर इकाई पूछताछ के लिये उसे लायी. वह उच्च तनाव से ग्रस्त था और पिछले तीन-चार दिनों से दवा नहीं ले रहा था. शनिवार शाम उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुलिस अत्याचार के आरोप बिल्कुल असत्य हैं.’
फैज का पड़ोसी होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उसे पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया और अत्याचार के कारण उसकी मौत हो गयी.
ताम्बोली ने कहा कि पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का पता चल सकेगा.
अस्पताल का दौरा करने वाले सपा नेता अबु आजमी ने कहा, ‘मैं सोमवार को गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात करुंगा. जांच होनी चाहिए. हम सभी चाहते हैं कि आरोपी गिरफ्तार हों और फांसी पर लटका दिये जाएं लेकिन पुलिस किसी आम आदमी को इतना उत्पीड़ित नहीं कर सकती है कि तनाव के कारण उसका दिमाग ही फट जाए.’
मालूम हो कि फैज उस्मानी अहमदाबाद विस्फोट के आरोपी अफजल उस्मानी का भाई है. अफजल 2008 के गुजरात सीरियल ब्लास्ट मामले में जेल में बंद है. उसने इन बम धमाकों के लिए कार मुहैया कराई थी. पुलिस का मानना है कि वह इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य है.
उल्लेखनीय है कि मुंबई के झावेरी बाजार, दादर और ओपेरा हाउस में बुधवार (13 जुलाई) शाम को सिलसिलेवार तरीके से बम विस्फोट हुए थे. इन धमाकों में कुल 20 लोग मारे गए और 130 से अधिक लोग घायल हुए थे.
आर्थिक राजधानी मुंबई में 26/11 के हमले के बाद यह पहला बड़ा आतंकवादी हमला था.
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