Tuesday, July 12, 2011

औरंगाबाद
जींस, टी-शर्ट और कैप्री में ये लड़कियां पहली नजर में कॉलेज स्टूडेंट लगती हैं, लेकिन इन 43 लड़कियों और महिलाओं की वजह से लातूर में पिछले 2 दिन से तहलका मचा हुआ है। ये सभी लातूर में भीख मांगती थीं। ये सड़क पर ज्यादातर पुरुषों को रोकती थीं और उनसे 50 रुपये या और ज्यादा मांगती थीं। इनमें से ज्यादातर राजस्थान की हैं।

इनमें से एक महिला ने लोगों को बताया कि वे इसलिए भीख मांगती हैं क्योंकि वे बहुत मुसीबत में हैं और अपने राज्य में भूखे मरने के कगार पर थीं। लातूर पुलिस ने सभी 43 लड़कियों और महिलाओं को सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया।

लातूर के पुलिस सुपरिंटेंडेंट बी.जी. गेकर ने हमसे कहा, ये जहां कहीं की भी हैं, हम वहां की पुलिस से संपर्क करके उनके बारे में पता करेंगे। हम यह भी देखेंगे कि उनका पहले से पुलिस रेकॉर्ड है या नहीं। हमें यह थोड़ा अजीब लग रहा है कि सड़कों पर भीख मांगने वाली इतनी सारी महिलाएं खुद को एक ही जगह से बता रही हैं और इनमें से कुछ तो जींस-टॉप पहने हुए हैं। इनमें कुछ महिलाएं ज्यादा उम्र की भी हैं।

एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर पी.एस. ककाडे ने बताया कि ये महिलाएं लातूर में रविवार को पहुंची थीं और ये दीपक लॉज में रह रही थीं। ककाडे ने कहा, यहां पहुंचते ही ये पूरे शहर में फैल गईं और लोगों को रोक कर अपने दुखड़े सुनाने लगीं। इन्होंने बताया कि राजस्थान में माली हालत बेहद खस्ता होने के कारण इन्हें पूरे देश में कई जगहों पर जा कर भीख मांगना पड़ रहा है। इनके मुताबिक, उन जगहों पर भीख मांगने में न तो वहां की पब्लिक और न ही वहां की पुलिस ने कोई आपत्ति जताई। हमें इनके साथ कोई पुरुष नहीं मिला है हालांकि इनके साथ कुछ बच्चे जरूर हैं। जब इनके खिलाफ शिकायतें आनी शुरू हुईं तो हमारा ध्यान इस तरफ गया। जींस पहनने वाली लड़कियां अमीर लगती हैं इसलिए इनके भीख मांगने का मकसद संदेह पैदा करता है।

इन महिलाओं ने बताया कि वे लातूर आने से पहले अहमदाबाद में थीं। ककाडे ने बताया, इन्होंने अभी तक कोई अपराध नहीं किया है। ये बस सड़कों पर भीख मांग रही थीं और लोगों को इससे दिक्कत हो रही थी। ये जहां से आई हैं, हम इनको वहीं भेजने के बारे में सोच रहे हैं।

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