मुंबई।। मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। करीब 1.5 लाख फोन कॉल को खंगालने के बाद जांच एजेंसियों को 6 फोन कॉल पर शक है। एजेंसियों को उम्मीद है कि इन्हीं फोन कॉल की मदद से मुंबई सीरियल ब्लास्ट को अंजाम दिया गया होगा। ये सारे कॉल अहमदाबाद के जुहापुरा में की गईं। जुहापुरा अहमदाबाद का अल्पसंख्यक बहुल इलाका है और यह इलाका इंडियन मुजाहीदीन का गढ़ माना जाता है। वहीं मुंबई एटीएस का मानना है कि 3 ब्लास्ट 6 नए आतंकियों ने किए हैं।
इधर मुंबई एटीएस ने कुछ अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए गुजरात के डांग इलाके में छापेमारी कर रही है।
झवेरी बाजार, ओपरा हाउस और दादर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों ने पूरे इलाके के सभी मोबाइल टावरों के फोन कॉल्स की छानबीन की। ब्लास्ट वाले दिन शाम 6.40 से 7.15 बजे के बीच के सभी कॉल की जांच की गई। करीब 1.5 लाख कॉल की बारीकी से जांच करने के बाद 6 कॉल पर जांच एजेंसियों की नजर है। ये कॉल अहमदाबाद के जुहापुरा इलाके में की गई हैं।
इधर मुंबई एटीएस का मानना है कि 3 ब्लास्ट के 6 आतंकियों ने किया है। ये सभी नए आतंकी हैं। दो-दो के ग्रुप में इन्होंने ही विस्फोटक पदार्थ रखे थे। उनका ताल्लुक गुजरात और वेस्ट बंगाल से हो सकता है.
दूसरी तरफ, मुंबई। मुंबई में सिलसिलेवार बम ब्लास्ट को लेकर महाराष्ट्र एटीएस के सामने एक और संगठन जमायते अंसारुल मुस्लिमीन (जेएएम) का नाम सामने आया है। यह संगठन इंडियन मुजाहिदीन का शेडो संगठन है। जो आईएम की तर्ज पर ही काम करता है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि मुंबई के तीन सीरियल धमाकों को अंजाम देने के लिए कम से कम 7 आतंकी आए थे। एजेंसियों के मुताबिक ये सिर पर नीली स्पोर्ट्स कैप, टीशर्ट और जींस पैंट पहने हुए थे। इस संगठन के लोग एक आम पहनावा पहनते हैं ताकि किसी की उनपर न तो नजर पड़े और नही उनपर शक पैदा हो।
एजेंसियों की मानें तो मुंबई धमाकों के तार पुणे के जर्मन बेकरी धमाके से जुड़े हैं। जिसमें संदिग्ध का हुलिया बिल्कुल ऐसा ही था। आईपीएल मैच से पहले बैंगलोर स्टेडियम के बाहर धमाका करने वाले का हुलिया भी यही था।
मुंबई ब्लास्ट: सामने आया एक और संगठन का नाम
उनके मुताबिक एक के बाद एक धमाकों को अंजाम देने वाले शख्स एक नहीं हैं बल्कि अब उनका ये नया मॉडस ऑपरेंडी है। इस संगठन के लोग जहां भी साजिश को अंजाम देने जा रहे हैं, इस बात का खास ख्याल रख रहे हैं कि किसी भी हालत में उनका चेहरा सामने नहीं आए।
आईबीएन7 के पास मौजूद खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों की गिरफ्तारी और उनकी पहचान होने से उसे काम करने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए उसने अपना शैडो संगठन खड़ा किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक इसका नाम है जमायते अंसारुल मुस्लिमीन (जेएएम)। जिसे हैदराबाद से चलाया जा रहा है।
एजेंसियों के मुताबिक अब तक जमायते अंसारुल मुस्लिमीन के लिए काम करने वाले लड़के बिहार, बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के होते थे। अब इनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और केरल के बेरोजगार लड़के शामिल किए गए हैं।
पहले इंडियन मुजाहिदीन, फिर बुलेट 313 और अब जमायते अंसारुल मुस्लिमीन। एक के बाद एक नया नाम खोजने के सिवाय मुंबई धमाकों की जांच में लगी एजेंसियों के हाथ में एक हफ्ते बाद भी कुछ नहीं लगा है।
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