Wednesday, July 6, 2011



भूमि अधिग्रहण पर माया को झटका

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के जमीन अधिग्रहण मामले में मायावती सरकार को बड़ा झटका दिया है। नोएडा एक्सटेंशन के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी है।

एपेक्स कोर्ट ने शाहबेरी गांव की जमीन के अधिग्रहण को गलत बताया है और ग्रेटर नोएडा अथोरिटी पर 10 लाख रूपए का जुर्माना ठोका है। अथॉरिटी की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा है कि अथॉरिटी को तीन महीने के भीतर किसानों की जमीन वापस लौटानी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इमेरजेंसी क्लोज लगाकर जमीन अधिग्रहरण किया गया था। ऎसी क्या जल्दबाजी थी कि यह अधिग्रहण इमेरजेंसी के तहत किया गया। यह साफतौर पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का जरिया थी। अदालत ने कहा कि बिल्डरों को जमीन देने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है।

किसानों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऎतिहासिक बताया है। उनका कहना है कि यह उनके लिए बहुत बड़ी जीत है।

गौरतलब है कि इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई में कहा था कि देश में हर जगह नंदीग्राम बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि यहां पर सात बिल्डर्स की जमीन है यह करीब 157 हेक्टेयर की जमीन है। संभवत यहां पर काम शुरू कर दिया गया था। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था

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