
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की दोपहर करीब 3.30 बजे रेत से लदे टिप्पर क्र.एमएच 31/सीक्यू 281 के चालक ने उमरेड से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर कलमना टर्निग पर जीप क्र. एमएच 31/एच 2868 को जबरदस्त टक्कर मार दी।
इस भीषण हादसे में जीप में सवार नलु वसंतराव गुडे (55), उसकी बेटी रेशमा (16), आशा दुर्गे (55), शंकर झोडे (40) चारों निवासी कलमना व जीप चालक आबिद शेख (32) बुधवारी पेठ, उमरेड की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गोपाबाई डोंगरे (65), नमिता गायकवाड़ (35), प्रमिला तोडासे (25), कौशल्या मेश्राम (60), राजेश गुरकुडे (40), खुशाल मांडवकर (47), सुनिता मोहलतकर (30), इंदू गुडे (40), शांताबाई बावणकर (65) और प्रशांत गुरकुडे (15) गंभीर रूप से घायल हुए। इनमें से गोपाबाई कौशल्या व प्रशांत को मेडिकल अस्पताल नागपुर में भर्ती किया गया है।
उमरेड संवाददाता के अनुसार हादसे की चपेट में आए सभी लोग मजदूर व किसान वर्ग के हैं। सोमवार को उमरेड का बाजार होने से वे बाजार में आए थे और बाजार कर वापस जाते समय यह हादसा हुआ। घटना के बाद आरोपी टिप्पर चालक वाहन छोड़कर भाग गया है।
कमाई के चक्कर में गई जान
बाजार का दिन जीप वालों के लिए कमाई का दिन रहता है। कमाई के चक्कर में जीप में क्षमता से अधिक लोग बिठाए गए थे। उसी समय तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने से जीप चालक ने टर्निग पर वाहन मोड़ते समय सावधानी नहीं बरती जिससे यह हादसा हुआ।
कलमना में छाया मातम
हादसे से कलमना गांव में मातम छाया हुआ है। बाजार का दिन होने के बावजूद सोमवार को यहां के अधिकांश घरों में चूल्हे नहीं जले। बताया जा रहा है कि उमरेड तहसील के छोटे गांवों में बाजार होने से सोमवार को छुट्टी जैसा माहौल रहता है। इसी कारण कक्षा 7वीं का विद्यार्थी प्रशांत गुरकुड़े भी सोमवार को स्कूल नहीं गया और अपनी मां के साथ बाजार गया था। प्रशांत के सिर पर गंभीर चोट आयी है।
मेडिकल की लापरवाही उजागर
मेडिकल अस्पताल की लापरवाही इस दौरान हतप्रभ करने वाली थी। जब घायलों को मेडिकल में लाया गया तो उन्हें वाहन पर से स्ट्रेचर तक लाने कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। करीब 20 मिनट तक घायल वाहन में ही पड़े रहे। उन्हें तड़पते देख वाहन चालक ही स्ट्रेचर लाया और अन्य लोगों की मदद से ओपीडी तक पहुंचाया
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