
तलवास (बूंदी)/कोटा.चिंकी और राजू के विवाह समारोह के प्रीतिभोज में चार हजार लोग पंगत में बैठकर भोजन करेंगे। चिंकी तलवास में रहने निरंजन पंचौली की बंदरिया का नाम है और राजू बनेठा गांव में रहने वाले रमेश चंद्र चौहान के बंदर का नाम है। राजस्थान के इन दो गांवों में इस अनूठी शादी की तैयारियां चल रही है।
तीन साल की चिंकी बंदरिया की 6 जुलाई को हिंदू रीति-रिवाज से शादी होने जा रही है। शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं की मौजूदगी में चिंकी के तेल जुवारे (विनायक स्थापना) की रस्म अदा की गई। इस अनूठे आयोजन के लिए समूचे हाड़ौती संभाग में तलवास वासियों की ओर से 500 से अधिक निमंत्रण-पत्र बांटे जा चुके हैं। चिंकी के कन्यादान और फेरों की रस्म तलवास के उपसरपंच सत्यनारायण सैनी दंपती पूरी करेंगे।
करीब 300 आएंगे बाराती
बंदर पालने वाले चौहान टोंक जिले के गांव बनेठा से करीब 300 बारातियों के साथ 6 जुलाई को तलवास (बूंदी) आएंगे। सबका पूरी रीतिरिवाज से स्वागत किया जाएगा।
चीन में भी हुई थी शादी
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चीन के झियांक प्रांत के एक चिड़िया घर में पूरे रीति रिवाज से बंदर और बंदरिया की शाही शादी कुछ साल पहले आयोजित की गई थी। उस समय दूल्हे वुकांग की उम्र-7 साल जबकि दुल्हन झिआओ की उम्र-6 साल की थी।
पहरावणी का कार्यक्रम भी होगा
चिंकी के विवाह से पहले 6 जुलाई की शाम मंडल एवं पहरावणी यानी कपड़े पहनाने का कार्यक्रम होगा। शाम 6 बजे से प्रीतिभोज शुरू होगा। इसमें करीब चार हजार लोग पंगत में बैठकर खाना खाएंगे
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