फिदायीन हमले की आशंका से इनकार नहीं: गृह सचिव
मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बुधवार शाम तीन जगहों पर धमाकों में आईईडी, अमोनियम नाइट्रेट से कराए गए सीरियल ब्लास्ट में 18 लोग मारे जा चुके हैं और 130 ज़ख़्मी हैं। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों की मानें तो विस्फोट सेलफोन अलार्म से किया गया। धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिदीन और लश्कर का हाथ माना जा रहा है। एनआईए, एनएसजी और फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटीं हुई हैं।
मुंबई धमाकों में मारे गए लोगों में से एक की लाश पर इलेक्ट्रिक सर्किट पाए जाने से यह सवाल उठने लगा है कि क्या ये धमाके फिदायीन हमले का हिस्सा थे? जेजे अस्पताल के एक डॉक्टर ने यह जानकारी दी है कि एक लाख पर इलेक्ट्रिक सर्किट मिला है। अस्पताल के डीन टी पी लहाणे ने यह जानकारी संबंधित अधिकारियों को बता दी है। ऐसी आशंका है कि इस इलेक्ट्रिक सर्किट का इस्तेमाल कल हुए धमाकों में से एक को अंजाम देने के लिए किया जा गया हो, जो एक मृतक के शरीर पर मिला है।
फिदायीन हमले की आशंका?
ब्लास्ट में मारे गए लोगों के शवों का जे जे अस्पताल में डॉक्टरों ने एक्स रे किया। इस दौरान उन्हें एक शव में इलेक्ट्रिक सर्किट जैसी चीज मिली। इस बात की जांच की जा रही है कि यह वस्तु ब्लास्ट के दौरान शरीर में घुस गई या मारा गया शख्स फिदायीन हमलावर था। केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फिदायीन हमले की बात से इनकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच से मिली जानकारी के मुताबिक अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल से धमाका हुआ है। इन धमाकों को इलेक्ट्रिक डेटोनेटर के जरिये अंजाम दिया गया। ये आईईडी ट्रेनिंग प्राप्त आतंकियों ने बनाया था। उन्होंने कहा कि कबूतरखाना के पास हुआ धमाका कम तीव्रता का आईईडी ब्लास्ट था। ओपेरा हाउस में आईईडी कचरे में छिपा कर रखा गया था। झावेरी बाजार में आईईडी मोटरसाइकिल के पास छाते में रखा गया। 135 लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे जिसमें 26 डिस्चार्ज हो गए हैं।
पीएम, सोनिया करेंगे दौरा
भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी आज उन जगहों का दौरा किया जहां धमाके हुए थे। वह घायलों से भी मिले। आडवाणी ने कहा कि भारत में होने वाले आतंकी हमले पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित छद्मयुद्ध हैं और भारत सरकार को आतंकवाद के खिलाफ कड़ी नीति बनानी ही होगी। उन्होंने कहा कि मुंबई धमाके खुफिया तंत्र नहीं, बल्कि सरकार की नीति की नाकामी का नतीजा है। पीएम मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी आज मुंबई का दौरा करेंगे।
नहीं थी कोई खुफिया जानकारी, जांच जारी: गृहमंत्री
इससे पहले गृह मंत्री पी. चिदंबरम और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 130 लोग ज़ख़्मी हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि घायलों का मुंबई के 13 अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें 82 की हालत खतरे से बाहर है, वहीं 23 की स्थिति गंभीर है। चिदंबरम ने कहा कि मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट इंटेलीजेंस एजेंसियों की चूक का नतीजा नहीं है। उन्होंने कहा कि इन धमाकों को खुफिया एजेंसियों की नाकामी नहीं माना जाना चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि इस बारे में किसी तरह का इंटेलीजेंस इनपुट उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने कहा कि 31 महीने के बाद मुंबई में आतंकवादी हमले हुए हैं। इस बीच देश में सिर्फ पुणे में बम विस्फोट हुआ है। गृहमंत्री ने धमाकों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ओपेरा हाउस और जावेरी बाज़ार में हुए धमाकों में ताकतवर बम का इस्तेमाल किया गया। जबकि दादर में कम क्षमता वाला बम विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि तीनों धमाकों के तार आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि धमाकों में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है।
चिदंबरम ने कहा, ‘हमारे सामने अभी कोई एक आतंकवादी समूह नहीं है। हम सभी आतंकवादी संगठनों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। हम सभी कोणों से घटना की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने बुधवार रात तक घटनास्थलों से फॉरेंसिक सुबूत इकट्ठा कर लिया है। दो हफ्ते पहले इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकी गिरफ्तार किए गए थे। उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।’
चिदंबरम बुधवार की रात ही मुंबई पहुंच गए थे। गृह मंत्री सबसे पहले झावेरी बाजार पहुंचे थे। इसके बाद घायलों को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे। हालात का जायज़ा लेने के लिए गृहमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के साथ एक बैठक भी की।
सऊदी अरब से आया ईमेल
इस बीच, धमाके के बाद सऊदी अरब के दम्माम से मीडिया को एक ईमेल भेजा गया है। ईमेल में कहा गया है कि धमाके की वजह आंध्र प्रदेश का तेलंगाना मुद्दा है। जानकार इसे जांच को भटकाने की साजिश मान रहे हैं। गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि सऊदी अरब से आया ईमेल गंभीर नहीं है।
दिल्ली से सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब का सात सदस्यीय दल और पूणे स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक लैब के सदस्य भी मुंबई में हैं। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के छह जांचकर्ता भी अपने काम में जुटे हैं। वहीं, एटीएस ने मुंबई में रात भर होटलों में रिकॉर्ड खंगाले हैं।
Thursday, July 14, 2011
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