
देवास. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह योग गुरु बाबा रामदेव को महाठग कहकर फंस गए हैं। मध्य प्रदेश के देवास कोर्ट ने स्थानीय पुलिस को इसकी जांच करने के आदेश दिए हैं। इधर दिल्ली में बुधवार को लोकपाल को लेकर संघर्ष कर रहे अन्ना हजारे ने भी दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा है कि उन्हें पागलखाने भेजा जाना चाहिए।
इस बीच, पुणे की एक अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को हिंद स्वराज ट्रस्ट की रकम के कथित हेरफेर के मामले से बरी कर दिया है। हजारे के वकीलों ने आज बताया कि शिकायतकर्ता हेमंत पाटिल ने मामला वापस ले लिया जिसके बाद सीजेएम एन टी घाडगे ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर हजारे को इन आरोपों से मुक्त कर दिया। याचिकाकर्ता ने हजारे की उम्र, उनके स्वास्थ्य और ‘समाज में उनके बढ़ते कद’ का हवाला देते हुए मुकदमा वापस ले लिया है जिसे 2005 में दायर किया था। पाटिल ने आरोप लगाया था कि हजारे ने अपना 61वां जन्मदिन मनाने के लिए ट्रस्ट से 2.2 लाख रुपये निकाले थे। हालांकि हजारे ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि वह जन्मदिन मनाने में यकीन नहीं रखते और ट्रस्ट की पूरी संपत्ति का ब्यौरा रखा जाता है।
दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव के रामलीला मैदान पर चल रहे अनशन के दौरान कहा था कि बाबा रामदेव महाठग हैं और उन्होंने सभी को ठगा है। उन्होंने उनकी संपत्ति की जांच करने की भी मांग की थी। देवास की सीजेएम अदालत में स्थानीय वकील मनोज निगम ने इस मुद्दे पर ७ जून को एक याचिका दाखिल की। इस पर सीजेएम विधि सक्सेना ने देवास के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वे इसकी जांच करें और अदालत में अपना जवाब दाखिल करें। उन्होंने पुलिस को ९ अगस्त तक जवाब सौंपने के निर्देश दिए हैं।
बाबा रामदेव को महाठग करने पर बिहार की एक अदालत में भी याचिका दाखिल हो चुकी है। सिंह के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर की अदालत में देशद्रोह का मामला दर्ज कराने को याचिका दायर है।
सिंह ने पहले यह भी आरोप लगाया था कि बाबा रामदेव के अनशन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) प्रायोजित कर रहे हैं और इसका उद्देश्य संघ के आतंकवाद में शामिल होने के खुलासे से जनता का ध्यान बंटाना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन संगठनों का उद्देश्य जनता को संविधान और संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ भड़काना है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव जेट में चलते हैं और उन्होंने अनशन स्थल पर भी फाइव स्टार सुविधाएं जुटाई हैं। उनके अनुसार फाइव स्टार कल्चर का यह अनशन, महात्मा गांधी के अनशन से पूरी तरह अलग है। दिग्विजय सिंह ने पहले आरोप लगाया था कि बाबा रामदेव जिन मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं, उनके बारे में वे खुद भी नहीं जानते।
अन्ना बोले सरकार बदलने की जरूरत, दिग्विजय पर भी हमला
दिग्विजय सिंह लगातार अपने बयानों को लेकर विवादों में आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कॉमनवेल्थ खेल घोटाले में फंसे सुरेश कलमाड़ी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को निर्दोष बताया था। इस बयान से अन्ना हजारे भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि सिंह को मानसिक अस्पताल भेजे जाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि इस बयान से साफ है कि दिग्विजय सिंह के भ्रष्ट और दागी नेताओं से कितने गहरे संबंध हैं
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