मऊ/एटा। उत्तर प्रदेश में महिला हिंसा की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य सरकार के तमाम दावों के बाद भी यहां बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बलात्कार के दो मामले बुधवार को प्रकाश में आये। पहला मामला एटा का है जहां पर एक नाबालिग लड़की के साथ चार लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया, वहीं मऊ में एक आदमी ने एक नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
एटा के कोतवाली क्षेत्र में स्थित भागीपुर गांव में चार युवक 13 साल की बच्ची को उठाकर सुनसान इलाके में ले गये और उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने इसमें विकास, विशाल, टोनी और रानू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की और तत्परता दिखाते हुए चारों को धर दबोचा।
वहीं मऊ के भटाउलिद मटिया गांव में एक रामसमझ यादव नाम के एक आदमी ने सात जुलाई को एक आठ साल की बच्ची के साथ रेप किया। बलात्कार के बाद बच्ची बेहोश हो गई और बेहोशी की हालत में ही यादव ने उसे सड़क पर छोड़ दिया और फरार हो गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां रेप की पुष्टि हुई।
बच्ची के पिता महाराष्ट्र में काम करते हैं, जबकि मां पहले ही मर चुकी है। बच्ची के बयान के बाद पुलिस ने यादव के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एटा के कोतवाली क्षेत्र में स्थित भागीपुर गांव में चार युवक 13 साल की बच्ची को उठाकर सुनसान इलाके में ले गये और उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने इसमें विकास, विशाल, टोनी और रानू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की और तत्परता दिखाते हुए चारों को धर दबोचा।
वहीं मऊ के भटाउलिद मटिया गांव में एक रामसमझ यादव नाम के एक आदमी ने सात जुलाई को एक आठ साल की बच्ची के साथ रेप किया। बलात्कार के बाद बच्ची बेहोश हो गई और बेहोशी की हालत में ही यादव ने उसे सड़क पर छोड़ दिया और फरार हो गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां रेप की पुष्टि हुई।
बच्ची के पिता महाराष्ट्र में काम करते हैं, जबकि मां पहले ही मर चुकी है। बच्ची के बयान के बाद पुलिस ने यादव के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
No comments:
Post a Comment