ये पहली बार नहीं है कि राहुल की वजह से कोई आंदोलन सुर्खियों में आ गया। इससे पहले भी राहुल ने चमत्कारी तरीके से लोगों को अपने साथ जोड़ा है। वो जानते हैं कि जनता की लड़ाई जनता के बीच जाकर ही लड़नी होगी।
गौरतलब है, उत्तर प्रदेश में दलित के घर पर रात बितानी हो, दलित बच्चे को गोद उठाना हो, गरीब बच्चों के साथ स्कूल में वक्त बिताना हो, कंधे पर मिट्टी उठाकर खुद को मजदूरों और श्रमिकों के साथ खड़ा करना हो, भुखमरी से मरते विदर्भ की परेशान हाल कलावती की आवाज उठानी हो, गुरुद्वारे के लंगर में खाना खाना हो, आदिवासियों के बीच उनका बनना हो
या फिर भट्टा-परसौल गांव में किसानों के बीच जाकर उनका दर्द बांटना हो। राहुल गांधी आपको हर जगह नजर आ जाएंगे।
कांग्रेस युवराज की रणनीति खुद को एक परिपक्व नेता के तौर पर पेश करने की होती है। एक ऐसे नेता कि छवि लोगों के बीच बनाने की होती है जो उनसे जुड़ा है। जिसे गरीबों, दलितों की फिक्र है। जिसके दिल में उनके लिए जगह है।तभी तो राहुल गांधी की पार्टी की जयंती नटराजन कहती हैं कि जो काम कोई नहीं कर पाया वो राहुल ने कर दिखाया। ग्रेटर नोएडा के भट्टा पारसौल में जब अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर किसानों में गुस्से की आग धधक रही थी। ऐसे वक्त में राहुल गांधी न सिर्फ भट्टा गांव के अंदर पहुंचे बल्कि चंद पलों में किसानों का दिल भी जीत लिया। 42 डिग्री की गर्मी में बिना बिस्तर जमीन पर बैठे।
जिस पर भट्टा परसौल गांव के एक बुजुर्ग ने कहा था कि राहुल गांधी को आना था तो वो पहुंच गये। बाकी नेताओं को मीडिया में कवरेज दिखानी थी, इसलिये पकड़े गए। राहुल गांधी बिना किसी को बताए पहुंच गए। वहीं महिलाओं ने कहा था कि हम इसलिए खुश हैं कि अत्याचार के खिलाफ गावंवालों का हौसला बढ़ा है।
मालूम हो कि यूपी की दलित बस्ती में खाना खाना हो, रात गुजारनी हो, हैंडपंप के नीचे नहाना हो या फिर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के पिछड़े गांव में गरीब के घर पर रूखी सूखी रोटी और चटनी खानी हो, राहुल ने इन जगहों पर जाकर लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ी। उनके दिल में अपने लिए और अपनी पार्टी के लिए जगह बनाने की कोशिश की। राजनीति में दिन ब दिन परिपक्व हो रहे राहुल समझ गए हैं कि जनता की लड़ाई जनता के बीच जाकर ही लड़नी होगी। तभी तो वो सड़क से संसद तक गरीबों, दलितों, पिछड़ों की बात करते हैं।
गौरतलब है कि 9 जुलाई को होने वाली महापंचायत से पहले किसानों के बीच अपने राजनीतिक वजूद को नापने के लिए कांग्रेस युवराज राहुल गांधी आज गांवों का पदयात्रा कर रहे हैं। राहुल इस समय नंगला भटौना गांव में किसानों के बीच रुके हैं। यहां वो पंचायत में शिरकत करेंगे और उसके बाद आगे बढ़ेंगे।किसानों को उन्होंने कहा कि भट्टा परसौल से अलीगढ़ के बीच में पड़ने वाले सभी गांवों में जाऐंगे और जमीन अधीग्रहण के मुद्दे पर किसानों से बात करेंगे।
इससे पहले राहुल ने अपनी पदयात्रा ग्रेटर नोएडा के गांव भट्टा परसौल से की। यहां से वो रुस्तमपुर पहुंचे। राहुल गांधी ने कड़कती धूप में अभीतक 10 किलोमीटर की पदयात्रा कर ली है। वहीं, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना है कि राहुल गांधी किसानों के बीच गए हैं। इससे मुझे बड़ी प्रसन्नता है।राहुल गांधी ने पदयात्रा के दौरान रुस्तमपुर में कहा कि मैं किसानों की समस्या को पूरी तरह से समझना चाहता हूं। आगरा तक जो हो रहा है उसे समझना चाहता हूं। ये जानना चाहता हूं कि किसानों की जमीन क्यों अधिग्रहित की जा रही है।राहुल अपनी पदयात्रा में रुस्तमपुर गांव, भाईपुर गांव, रौसा कस्बा, तिल्थरी नागडा, दयानातपुर, जेवर होते हुए अलीगढ़ जाएंगे।हांलाकि जब मुंबई संध्या ने दयानातपुर के समाजसेवक डॉक्टर मोरध्वज गौतम से इस सम्बन्ध में बात की तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठा प्रचार कर रही है. गाँव दयानातपुर में राहुल गांधी की पदयात्रा की कोई खबर ही नहीं है. और न ही इस क्षेत्र में राहुल गांधी को लेकर किसी तरह की उत्सुकता है. गौतम ने कहा कि यहाँ से कांग्रेस को कोई राजनीतिक फायदा होने वाला नहीं है . क्योंकि जब राहुल को मंहगाई और भ्रष्टाचार से लड़ना चाहिए तो उसकी जगह पर लोगों में भ्रम फैलाने के लिए वे पदयात्रा का ड्रामा कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षरीता बहुगुणा ने बताया कि राहुल गांधी ने भट्टा परसौल गांव के लोगों को वचन दिया था कि वो उनको अकेला नहीं छोड़ेंगे। यूपी सरकार ने गांव में विरोध के बाद 50 लोगों पर अज्ञात नाम से मुकदमा दर्ज कर लिया है। लोगों को नोटिस दिए गए हैं। 7 से आठ लोगों पर कुर्की के आदेश दे दिए गए हैं। इसकी सूचना मैंने कांग्रेस महासचिव को दी। राहुल ने आज भट्टा परसौल गांव पहुंचकर अपने वादे को पूरा किया है।
मालूम हो कि 8 महीने बाद सूबे में चुनाव है। पिछली बार जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिसिया कहर के बाद वो 12 मई को ग्रेटर नोएडा के गांव भट्टा परसौल पहुंचे थे। ग्रेटर नोएडा में गांव के दौरे के बाद वो अलीगढ़ के लिए रवाना होंगे।

No comments:
Post a Comment