Tuesday, July 26, 2011

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पंकज त्यागी
ग्रेटर कैलाश।। इन दिनों सेक्स रैकेटों की लगातार धरपकड़ कर रहे क्राइम ब्रांच को ग्रेटर कैलाश में पकड़ी गई छह उजबेक लड़कियों की सरगना जुलेखा उर्फ जूली (40) की तलाश है। गिरफ्तार लड़कियों ने पुलिस को बताया है कि उजबेकिस्तान की जुलेखा के पास मल्टीपल वीजा है।

क्राइम ब्रांच के सीनियर अफसर ने बताया कि गिरफ्तार की गई छह लड़कियों में से सिर्फ एक से पासपोर्ट बरामद हो सका है। उसके पास वैलिड टूरिस्ट वीजा मिला। बाकी पांच लड़कियों ने पुलिस को पासपोर्ट नहीं दिए। इसकी वजह यह है कि केस के दौरान पासपोर्ट सीज हो जाते हैं, जिस कारण ये लड़कियां भारत से बाहर नहीं जा पातीं। इन पांच लड़कियों के खिलाफ देह व्यापार निरोधक कानून के साथ फॉरनर्स एक्ट के तहत भी एफआईआर दर्ज की गई है।

ग्रेटर कैलाश पार्ट-2 के फ्लैट से पुलिस को बरामद हुए जुलेखा के दो रजिस्टरों से जानकारी मिली है कि ये लड़कियां हर दिन 75,000 से एक लाख रुपये तक कमा रही थीं। इन लड़कियों ने इस तरह के इंटरनैशनल सेक्स रैकेटों के बारे में क्राइम ब्रांच को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पूर्व सोवियत संघ से अलग हुए देशों उजबेकिस्तान, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान आदि में बेरोजगारी की वजह से बहुत सी लड़कियां इन रैकेटों कंे चंगुल में फंस जाती हैं। बहुत सी लड़कियां ईजी मनी कमाने के मकसद से इन रैकेटों से कॉन्ट्रैक्ट करती हैं।


1 लाख डेली
ग्रेटर कैलाश पार्ट-2 में फ्लैट से बरामद जुलेखा के दो रजिस्टरों से पता चला है कि ये लड़कियां हर दिन 75,000 से 1 लाख रुपये तक कमाकर देती थीं।

15 दिन के एक लाख
कॉलगर्ल और रैकेट में कॉन्ट्रैक्ट अमूमन 15 दिन से दो महीने का होता है। कॉलगर्ल रैकेटियर को अपने बैंक अकाउंट का नंबर देती है , जिसमें तय रकम जमा करा दी जाती है। 15 दिन के लिए एक लाख से लेकर तीन महीनों के लिए पांच - छह लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट होता है।

हर दिन 4-5 कस्टमर
दिल्ली आने के बाद लड़कियों की रिहाइश , खाने और ट्रांसपोर्टेशन का इंतजाम रैकेट की जिम्मेदारी होती है। हर लड़की को एक दिन में कम से कम चार - पांच कस्टमर के पास जाना होता है। इससे ज्यादा जगह जाने के लिए कोई लड़की तैयार नहीं होती।

10-15 दिन जेल
कस्टमर से पैसा पिम्प लेता है , लड़की नहीं। कॉन्ट्रैक्ट के दौरान अगर पुलिस की रेड पड़ गई तो 10-15 दिन तक जेल में रहना तय है , नहीं तो लड़कियां वापस अपने मुल्क चली जाती हैं।

कॉम्पिटिशन से भंडाफोड़
इन दिनों सेक्स रैकेटों की ज्यादा धरपकड़ की वजह इन रैकेटों में आपसी कॉम्पिटिशन बताया जा रहा है। एक गिरोह के पिंप पुलिस वालों से गठजोड़ कर दूसरे रैकेट की लड़कियों को गिरफ्तार करवा रहे हैं। पिछले दिनों महरौली से गिरफ्तार नगमा खान ने आरोप लगाया था कि उसे पुलिस वालों से मिलकर सोनू पंजाबन ने गिरफ्तार कराया था ।

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