Friday, July 15, 2011

मुंबई धमाकों में कहीं बच्चों का इस्तेमाल तो नहीं हुआ?

मुंबई। बुधवार को हुए मुंबई सीरियल बम धमाके में जांच एजेंसियों की निगाह अब 10 से 13 लड़कों पर जा टिकी है। धमाके में 10 से 13 लड़कों पर शक जा रहा है। सूत्रों के अनुसार एटीएस को इन लोगों को ट्रैक करने में दिक्कत आ रही है।
आईबीएन7 एक्जेक्यूटिव एडिटर प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि आईएम का सलमान नाम का आतंकी साल 2010 में गिरफ्तार किया गया था। जिसने हैदराबाद पुलिस को बताया था कि मुंबई उनके निशाने पर हैं। फिलहाल जांच एजेंसियों को कोई ठोस क्लू नहीं मिला है।
गौरतलब है कि एनआईए को ये जानकारी मिली थी कि बच्चों की मदद से मुंबई में हमले को अंजाम दिया जा सकता है। हैदराबाद ऑक्टोपस ने फरवरी में ये जानकारी मुंबई पुलिस को दी थी कि इंडियन मुजाहिदीन इस बार बच्चों की मदद से बम धमाके को अंजाम देगा। एनआईए को शक है कि इन्हीं लड़कों ने इस धमाके को अंजाम दिया है।

हैदराबाद ऑक्टोपस ने ये जानकारी दी थी कि आंध्र प्रदेश, झारखंड और बैंगलोर के लड़कों का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, अब शक होने पर एनआईए ने इन लड़कों की तलाश शुरू कर दी है। बीच में ये लड़के सर्विलांस से कट गए थे

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