
तिरुअनंतपुरम. कोच्चि के श्रीपद्मनाभ स्वामी मंदिर में छुपा खजाना निकलवाने में अहम भूमिका निभाने वाले व्यक्ति की आज मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार उनकी अचानक तबियत बिगड़ी और आज सुबह उनकी मौत हो गई। टीपी सुंदरराजन ने ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर मंदिर में दबे खजाने की जांच की मांग की थी।
सुंदरराजन की उम्र ७० साल थी। जानकारी के अनुसार उन्हें दो दिन से बुखार था और रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी सात सदस्यीय कमेटी के भी सदस्य थे। कमेटी ने अभी तक कुल छः में से पांच तहखाने खोल लिए हैं। लेकिन अंतिम तहखाना अभी खोला जाना है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अस्थाई रूप से रोक लगा दी है। कुल संपत्ति फिलहाल १ लाख करोड़ की आंकी गई है। मंदिर की देखरेख करने वाले राज परिवार का मानना है कि अंतिम तहखाना खुलने से अपशगुन होगा।
सुंदरराजन १९६४ बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की सुरक्षा में लगे स्टाफ में भी काम किया था। लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी और वे वकालत करने लगे थे।
वे मंदिर परिसर में ही रहते थे, लेकिन कुछ दिनों पूर्व मंदिर प्रबंधन ने उन्हें परिसर से बाहर निकालने का आदेश दिया था. प्रबंधन का कहना था कि उन्होंने लंबे समय से किराया जमा नहीं किया है
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