दाऊद के साथी से मुलाकात से खफा छोटा राजन ने उड़वाया डे को!
मुंबई. मुंबई पुलिस ने क्राइम रिपोर्टर ज्योतिर्मय डे के हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। हत्या के केंद्र में कुख्यात अपराधी छोटा राजन है, जो कि डे के दाऊद इब्राहिम के ब्रिटेन में छुपे बैठे साथी से मुलाकात करने से नाराज था। दाऊद का यह साथी 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों का प्रमुख आरोपी भी है।
पुलिस ने छोटा राजन गैंग से जुड़े हुए सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें पूछताछ के लिए 4 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। ये आरोपी तमिलनाडु के रामेश्वरम, महाराष्ट्र के शोलापुर और मुंबई से गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार डे के राजन से बेहतर संबंध थे। लेकिन डे ने इसी साल 28 अप्रैल से 5 मई के बीच ब्रिटेन की यात्रा की और इसी दौरान वे दाऊद के खास साथी से मिले। माना जा रहा है कि इसके बाद छोटा राजन डे से नाराज हो गया। हालांकि डे की यह मुलाकात उनकी अंडरवर्ल्ड पर लिखी जा रही तीसरी पुस्तक के लिए जानकारियां जुटाने के लिए थी।
पुलिस की साइबर सेल ने हाल ही में डे का ई-मेल एकाउंट ‘कमांडरडे’ का पासवर्ड खोजने में सफलता पाई थी और उसमें मिली जानकारियों ने पुलिस को मामले की तह तक पहुंचने में काफी मदद की। साइबर टीम को इस मेल में डे द्वारा लिखे कुछ आवेदन भी मिले, जो उन्होंने फिलीपींस काउंसलेट को लिखे थे। वे फिलीपींस जाना चाहते थे और माना जाता है कि छोटा राजन इस समय वहीं छुपा हुआ है। चर्चा है कि डे छोटा राजन से मिलकर उसे वास्तविकता बताना चाहते थे, लेकिन राजन काफी नाराज था और उसने ऐसा कोई मौका नहीं दिया।
पांच लाख की राजन ने दी सुपारी
अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने वरिष्ठ पत्रकार जेडे की हत्या करवाने के लिए सतीश कालिया नाम के शूटर को 20 दिन पहले फोन किया था और उसे 2 लाख रुपए भी दिए। हत्या में इस्तेमाल होने वाला हथियार नैनीताल से लिया गया। हत्या के बाद छोटा राजन ने हत्यारों को 3 लाख रुपए मुंबई छोड़ने से पहले मुंबई में ही किसी से दिलवाए।
हत्याकांड की जांच कर रही मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कहा कि हत्या से पहले पांच तारीख को एक बार फिर छोटा राजन ने कालिया को फोन किया था। 7 जून को हत्या के लिए रेकी की गई। सतीश कालिया ही इस मामले में मुख्य अभियुक्त है।
कालिया पर 3 मामले पहले से ही चल रहे हैं, वह खार इलाके का रहने वाला है। सतीश के अलावा अनिल, निलेश, सचिन गायकवाड़, अभिजीत शिंदे, मंगेश अगाउनी भी इस हत्या में शामिल थे
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