
अस्पताल में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। वेंटीलेटर फटने के मामले में पीजीआई प्रशासन का कोई भी व्यक्ति मुंह खोलने को तैयार नहीं है। लुधियाना जिले के कस्बा दोराहा निवासी 55 वर्षीय किंदर सिंह लिवर में परेशानी के चलते पिछले डेढ़ महीने से पीजीआई में भर्ती थे।
कंदर के परिजनों ने बताया कि इलाज के दौरान दो दिन पहले डॉक्टर के निर्देश पर किंदर को कोई इंजेक्शन लगाया गया था। इसके बाद किंदर की हालत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे डॉक्टरों ने वार्ड से इमरजेंसी में शिफ्ट कर दिया था। हालत नाजुक होने पर रविवार को उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था।
सोमवार की रात इमरजेंसी में तेज धमाके के साथ वेंटीलेटर फट गया और चारों तरफ आग लग गई। धमाके के साथ इमरजेंसी के आईसीयू वार्ड में आग की लपटें उठते देख मरीज दहशत में आ गए और चीख पुकार का माहौल पैदा हो गया।
कोई कुछ कर पाता, उससे पहले ही वेंटीलेटर पर चल रहे किंदर सिंह पूरी तरह आग की लपटों से घिर गए और उन्हें जीवित रखने के लिए लगाया गया वेंटीलेटर उनकी चिता बन गया। मरीज के करीबी रिश्तेदार ने पीजीआई प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बच गई 14 मरीजों की जान
जिस समय वेंटिलेटर में आग लगी, उस समय वार्ड में 14 दूसरे मरीज भी भर्ती थे। आग लगते ही मरीजों का शोर सुनकर तीमारदार अंदर गए तो डॉक्टर वहां से खिसक गए। जसदीप ने आरोप लगाया कि यह हादसा डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से हुआ है
No comments:
Post a Comment