Tuesday, August 2, 2011

नई दिल्‍ली. मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही संसद में एक-दूसरे पर वार के लिए तैयार राजनीतिक दलों में अंदरूनी घमासान चरम पर है। सत्‍ताधारी कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह पर लोगों ने अंडे फेंक कर जाहिर किया कि उनकी पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है, तो विपक्षी भाजपा के नेता और कर्नाटक के कार्यवाहक मुख्‍यमंत्री ने गुस्‍से में पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष का लैपटॉप छीन कर तोड़ दिया। उन्‍होंने एक मंत्री को तमाचा भी जड़ दिया। वामपंथी माकपा का हाल तो यह है कि पार्टी के एक नेता ने अपने ही सहयोगी के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया और एक महिला के साथ उनकी तस्‍वीर रिकॉर्ड कर शिकायत भेज दी। नतीजतन उन्‍हें 'गलत आचरण' के कारण पार्टी से निल‍ंबित कर दिया गया।
कुर्सी छोड़ते ही बेकाबू हुए येदियुरप्पा, नायडू का लैपटॉप जमीन पर पटका, मंत्री को जड़ा तमाचा
कर्नाटक के दिग्गज नेता के समर्थन में चिट्ठी लिखने से बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष ने कर दिया था इनकार।
बेंगलुरु. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा इस्तीफा देने के बाद अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक में बीजेपी को खड़ा करने वाले येदियुरप्पा की नाराजगी का यह आलम है कि अपने पद से इस्तीफा देने के कुछ मिनटों बाद ही उन्होंने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू का लैपटॉप फर्श पर पटक दिया। यह घटना होटल ललित अशोक के एक कमरे में हुई, जहां नायडू समेत पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व येदियुरप्पा से इस्तीफा मांगने ठहरा हुआ था।
लिंगायत समाज से आने वाले 68 साल के नेता का गुस्सा यहीं नहीं थमा। बताया जा रहा है कि उनके करीबी मंत्री ने जब उन्हें रेस कोर्स रोड पर मौजूद उनके आवास पर जगाया तो उन्होंने मंत्री को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। पार्टी के सूत्रों ने येदियुरप्पा के गुस्से के शिकार मंत्री का नाम उजागर नहीं किया है। येदियुरप्पा बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा इस्तीफा मांगे जाने को लेकर पार्टी से नाराज हैं। उन्हें इस बात का मलाल है कि पार्टी उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुनने की आज़ादी देने में आनाकानी कर रही है।
येदियुरप्पा के गुस्सैल रवैये और हिंसा का रास्ता अख्तियार करने के पीछे वजह यह बताई जा रही है कि नायडू ने येदियुरप्पा के समर्थन में चिट्ठी लिखने से मना कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक अब तक येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले नायडू ने कर्नाटक के इस दिग्गज नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने का समर्थन किया।
दिग्विजय की मौजूदगी में भिड़े कांग्रेसी
उत्‍तर प्रदेश के सोनभद्र में दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में ही कांग्रेसियों की गुटबाजी सामने आ गई। उनकी मौजूदगी में ही एक कार्यक्रम में कांग्रेसियों के बीच सोमवार को खूब लड़ाई हुई। सारी लड़ाई श्रेय लेने की होड़ को लेकर थी। इस क्रम में दिग्विजय पर अंडे फेंके जाने का भी आरोप है।
कांग्रेसियों ने मनरेगा में कथित भ्रष्‍टाचार के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज में धरना आयोजित किया था। इसमें शामिल कांग्रेसी दो गुटों में बंट गए और श्रेय लेने की होड़ में झगड़े पर उतर आए।
एक गुट की अगुआई जिला कांग्रेस अध्‍यक्ष आरडी पांडे और पार्टी की सांप्रदायिक विरोधी मोर्चा के प्रमुख अमरेश मिश्रा कर रहे थे। मिश्रा को दिग्विजय का करीबी माना जाता है। जिले के कांग्रेसियों को लगा कि उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रम का सारा श्रेय मिश्रा और पांडे ही ले जा रहे हैं। सो उन्‍होंने मिश्रा को 'बाहरी' बता कर वहां से निकाले जाने की मांग शुरू कर दी। इसी बात पर दोनों पक्षों में लड़ाई हो गई।
दिग्विजय ने बीच-बचाव किया और कहा कि कार्यक्रम दोनों पक्षों का साझा आयोजन है। थोड़ी देर के लिए झगड़ा शांत हुआ, लेकिन धरना खत्‍म होने के बाद फिर कहासुनी शुरू हो गई। बाद में मिश्रा ने बताया, 'जिला कांग्रेस में कुछ लोग आरएसएस की मानसिकता से प्रभावित हैं और उन लोगों ने दिग्विजय सिंह पर भी हमला किया और अंडे फेंके।' हालांकि पांडे ने मिश्रा की बात को गलत बताया है।
बहरहाल, दिग्विजय ने अपने भाषण में मायावती को खूब कोसा और कहा कि वह गरीबों की नहीं, लुटेरों की मुख्यमंत्री हैं। इनके राज में सत्ता से जुड़े जन प्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को लूट मचाने की खुली छूट मिली हुई है।
स्टिंग ऑपरेशन में महिला वकील के साथ दिखे सीपीएम नेता, पार्टी से निलंबित
सीपीएम ने एर्नाकुलम जिले के पार्टी सचिव गोपी कोट्टामुरीकल को 'गलत आचरण' के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। कोट्टामुरीकल पर हुई कार्रवाई को केरल में सीपीएम के बीच बढ़ती गुटबाजी का नतीजा माना जा रहा है। पार्टी के भीतर मौजूद कोट्टामुरीकल के विरोधियों ने ही स्टिंग ऑपरेशन में उन्हें एक महिला वकील के साथ रिकॉर्ड कर लिया। कोट्टामुरीकल के विरोधियों ने इस टेप को शिकायत के साथ पार्टी आलाकमान को भेज दिया। नतीजतन उन्‍हें 'गलत आचरण' के कारण पार्टी से निल‍ंबित कर दिया गया। कोट्टामुरीकल पहले अच्युतानंदन के करीबी थे। लेकिन बाद में उन्होंने अच्युतानंदन के विरोधियों का दामन थाम लिया। इसी के बाद से अच्युतानंदन खेमे के नेता कोट्टामुरीकल के खिलाफ सक्रिय हो गए। उन्होंने पार्टी कार्यालय में कोट्टामुरीकल के कमरे में एक कैमरा लगा दिया और महिला वकील के साथ रिकॉर्डिंग कर ली। पार्टी को भेजी गई शिकायत में कहा गया कि नेता किस तरह से पार्टी के दफ्तर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायत जिला स्तर के नेता ने की है। पार्टी की तरफ से आए बयान में कहा गया है कि दो सदस्यों वाला एक पैनल मामले की जांच करेगा।

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