Monday, August 29, 2011

पूर्व मंत्री हरेन्द्र पंड्या हत्याकांड , १२ आरोपी बारी


अहमदाबाद। गुजरात हाईकोर्ट ने हरेन पाण्डया हत्याकांड मामले में सभी 12 अभियुक्तों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया। 26 मार्च 2003 को हुए इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी असगर अली को भी सबूतों अभाव में हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया। हालांकि कोर्ट ने इन सभी को हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में दोषी पाया है। न्यायाधीश डी.एच.वाघेला और न्यायाधीश जे.सी.उपाध्याय की खंडपीठ ने अभियुक्तों की अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया।

वर्ष 2007 में पोटा की विशेष अदालत ने इस मामले में इन अभियुक्तों को हत्या के आरोप में भी दोषी ठहराया था। पाण्ड्या की हत्या के मामले में कुल 19 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था, जिसमें 15 की ही गिरफ्तारी हो पाई। 4 अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से 9 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में 2 अन्य दोषियों को 7 साल और 1 को 5 साल की सजा सुनाई गई थी। ये फैसला पोटा अदालत ने सुनाया था और सुनवाई पोटा कोर्ट की जज सोनिया गोकानी ने की थी। उल्लेखनीय है कि 26 मार्च 2003 को गुजरात के पूर्व गृहमंत्री पाण्डया की यहां ला गार्डन के निकट उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वह सुबह की सैर पर निकले हुए थे।

हरेन के पिता ने मोदी पर लगाया था आरोप

प्रॉसिक्यूशन ने आरोप लगाया कि मुख्य अभियुक्त ने मुसलमान युवकों को गोधरा दंगा का बदला लेने के लिए भड़काया। यही नहीं, उसने राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने के लिए मुसलमानों को उकसाया, ताकि हिन्दुओं से बदला लिया जा सके। हालांकि हरेन पांड्या के पिता विटल भाई ने दावा किया कि उनके बेटे की हत्या राजनीति से प्रेरित थी और इसके पीछे मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का हाथ था।

No comments: