Tuesday, August 23, 2011
बुखारी को जवाब.
2000 मुस्लिम समर्थकों के साथ रामलीला मैदान पहुंचे सांसद
नई दिल्ली. अन्ना हजारे के आंदोलन को मुस्लिम समुदाय का समर्थन बताने के लिए जद (यू) के राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी की अगुआई में मंगलवार को 2000 मुसलमानों का जत्था नॉर्थ एवेन्यू से मार्च निकाल कर रामलीला मैदान पहुंचा। बिहार से सांसद अंसारी ने कहा कि यह मार्च बुखारी को जवाब है। उन्होंने कहा कि इस देश में जन्म लेने वाले हर शख्स को भारत पर नाज होना चाहिए और ऐसी मुहिम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। रैली के आयोजकों का कहना है कि रैली में शामिल सभी लोग आज अन्ना हजारे के मंच के सामने रोज़ा खोलेंगे और नमाज पढ़कर अन्ना के आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता दिखाएंगे बुखारी ने सोमवार को मुस्लिम समुदाय को इस आंदोलन से दूर रहने की हिदायत दी थी। बुखारी का कहना है कि अन्ना के आंदोलन के नारे-वंदे मातरम और भारत माता की जय-गैर इस्लामी हैं।
बुखारी ने एक बयान में कहा, 'इस्लाम में किसी भी देश या धरती की पूजा करने की इजाजत नहीं है। यह धर्म मां की भी पूजा करने की इजाजत नहीं देता है, जिसके पेट में बच्चा पलता है। मुस्लिम कैसे इस तरह के विरोध आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं, जिसका बुनियादी नारा इस्लाम के मूल तानेबाने के खिलाफ है। मैंने उन्हें ऐसे आंदोलन से दूर रहने की सलाह दी है।' वैसे, इमाम के बयान को मुसलमानों ने फौरन खारिज कर दिया था। सोमवार को भी दिल्ली, मुंबई सहित कई शहरों में बड़ी संख्या में मुस्लिम भ्रष्टाचार के विरोध और अन्ना के आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतरे। ऑल इंडिया उलेमा काउंसिल के महासचिव मौलाना महमूद दरयाबादी ने बुखारी की अपील को उनकी निजी राय बता कर खारिज कर दिया। अंसारी का कदम भी बुखारी के बयान के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोसिएशन के महासचिव और दिल्ली विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के प्रोफेसर डॉ. अली जावेद ने भी बुखारी के बयान को खारिज कर दिया था। उन्होंने अन्ना हजारे के मंच से कहा, 'जो लोग वंदे मातरम या भारत माता की जय के नारे नहीं लगाना चाहते हैं, वे न लगाएं। लेकिन आंदोलन में सक्रिय रहें। उनकी देशभक्ति उन लोगों से किसी भी मायने में कम नहीं होगी जो ये नारे लगा रहे हैं।' गौरतलब है कि देवबंद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस आंदोलन का समर्थन किया है
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