Wednesday, August 17, 2011

नई दिल्‍ली. मुख्‍य विपक्षी दल भाजपा ने भले ही खुले आम अन्‍ना की मांगों का समर्थन नहीं किया हो, लेकिन पार्टी अन्‍ना के आंदोलन को पूरा समर्थन दे रही है। बुधवार को संसदीय दल की बैठक कर पार्टी ने सदन में अन्‍ना की गिरफ्तारी का विरोध करने का फैसला किया। बैठक में तय रणनीति के मुताबिक पार्टी ने सदन में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया।

उधर, भाजपा सांसद वरुण गांधी ने ऐलान किया है कि वह अन्ना हजारे के जनलोकपाल बिल को निजी विधेयक के रूप में शुक्रवार को संसद में पेश करेंगे। तो, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी अन्‍ना के आंदोलन से पैदा हुए हालात पर चर्चा के लिए ‘रणनीति बैठक’ बुलाई है। यह बैठक आज उज्‍जैन में हो रही है।

दूसरी ओर, अन्ना हजारे के समर्थन में आगे आए बाबा रामदेव ने बुधवार को ऐलान किया कि व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई में आज से वे उनके साथ हैं। उन्होंने दिन में 11:45 बजे राष्‍ट्रपति से मुलाकात की। हजारे की गिरफ्तारी के विरोध में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से मुखातिब योग गुरु ने कहा कि अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के मामले में राष्ट्रपति को दखल देना चाहिए। योग गुरु ने कहा कि प्रधानमंत्री के खेद जताने से बात नहीं बनने वाली है। मेरी मांग है कि अन्ना हजारे को तुरंत रिहा किया जाए और उनकी मांगें मानी जाएं। उन्होंने चार जून की रात अपने समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज और अन्ना की गिरफ्तारी को जोड़ते हुए कहा कि इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना- में लिखा है कि 'देश में मिस्र जैसे हालात पैदा हो गए हैं।' उन्‍होंने इसके लिए कांग्रेस को जिम्‍मेदार ठहराया है।
भाजपा अध्‍यक्ष नितिन गडकरी ने अन्‍ना की गिरफ्तारी को दुर्भाग्‍यपूर्ण करार देते हुए पार्टी के कार्यकर्ताओं से इस आंदोलन में हिस्‍सा लेने की अपील की है। भाजपा ने मंगलवार को भी राजधानी के जंतर-मंतर से संसद तक मशाल जुलूस निकाला था। आज पार्टी 300 पुतले फूंकने की तैयारी में है।

इससे पहले वरुण गांधी ने अन्ना हजारे की गिरफ्तारी को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे वह हैरान हैं। उन्होंने कहा, 'यह गिरफ्तारी इसलिए दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि स्वाधीनता दिवस के अगले ही दिन ऐसा किया गया। उम्मीद है कि हमें सही सोच वाले भारतीयों का समर्थन हासिल होगा। संसद ही वह मंच है, जहां जनता की राय पहुंचनी चाहिए, इसलिए हम इस बिल को निजी विधेयक के रूप में संसद में पेश करेंगे। अगर अन्ना का अपराध यह है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, तो फिर पूरा देश ही अपराधी है।'

भाजपा नेता ने कहा कि वह चाहते थे कि भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अन्ना के धरने में शामिल हों। इसी इरादे से जेपी पार्क भी गए थे, लेकिन पुलिस ने इसे चारों ओर से घेर रखा था। हालांकि वरुण गांधी ने बताया कि जनलोकपाल बिल को संसद में निजी बिल के रूप में पेश करने के बारे में अन्ना या उनकी टीम से उनकी कोई बात नहीं हुई है।

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