Wednesday, August 10, 2011

"सरकार मांगे माने तो अनशन नहीं"

नई दिल्ली। लोकपाल बिल पर चर्चा के लिए स्टैंडिंग कमेटी के बुलावे पर बुधवार को दिल्ली पहुंचे अन्ना हजारे ने कड़े तेवर दिखाए। अन्ना और उनकी टीम ने कहा कि उन्हें मजबूत लोकपाल बिल से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है। अन्ना ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि अभी तक के सरकार के रूख से लोगों को लगता है कि उसका भ्रष्टाचार से लड़ने का कोई इरादा नहीं है। अगर सरकार अब भी उनकी मांगें मान ले तो वे अपना विरोध रोक लेंगे।

अन्ना ने कहा कि मांगों से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। सरकार के विधेयक में कुछ नहीं है। सरकार ने लोकपाल के विधेयक का जो मसौदा तैयार किया है वह सिर्फ लोगों को यह बताने के लिए है कि भ्रष्टाचार से लड़ाई के लिए सरकार के पास कानून है। सरकार जो कानून बनाना चाहती है वह किसी काम का नहीं होगा। सरकारी लोकपाल बिल से भ्रष्टाचार घटने की बजाय और बढ़ेगा।


अन्ना ने कहा कि वह किसी खुशी को लेकर उपवास पर बैठना नहीं चाहते हैं। उपवास जनता और देश की भलाई के लिए करना चाहते हैं। अन्ना की टीम के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकारी लोकपाल बिल पर संसद की स्टैंडिंग कमेटी में चर्चा करना समय बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं है। सरकार के विधयेक में विचार विमर्श करने के लिए कुछ है ही नहीं। सरकार ने ऎसा कुछ नहीं किया है जिससे उपवास को वापस लिया जा सके।

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