दिल्ली।। अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन में आत्मदाह करने वाले दिनेश यादव को बचाया नहीं जा सका। दिनेश की मौत दिल्ली के एलएनजेपी हॉस्पिटल में हुई।
इस बात की आलोचना की जा रही है कि एक तरफ जहां अन्ना के अनशन तोड़ने के बाद उन्हें फाइव स्टार हॉस्पिटल में रखा जा रहा है तो दूसरी तरफ अन्ना के समर्थन में आत्मदाह करने वाले दिनेश को एक सरकारी हॉस्पिटल में। इसके अलावा 90 फीसदी झुलसे होने के बावजूद दिनेश की सुध लेने हॉस्पिटल भी कोई नहीं पहुंचा।
पटना के दिनेश ने 23 अगस्त को राजघाट के पास अपने ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली थी। दिनेश को एलएनजेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उसे करीब 90 फीसदी झुलसा बताया था। इतना झुलसने की वजह से डॉक्टरों को दिनेश के बचने की उम्मीद कम थी।
दिनेश यादव पटना के सरफुद्दीनपुर में गांव दुलहिन बाजार का रहने वाला था। वह 21 अगस्त को अन्ना के आंदोलन में शरीक होने के लिए पटना से दिल्ली आया था। मंगलवार तीसरे पहर करीब सवा चार बजे वह बोतल में पेट्रोल लेकर राजघाट के पास पहुंचा और अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। आसपास तैनात पुलिस कर्मियों ने लोगों की मदद से आग बुझाई और आनन फानन में हॉस्पिटल ले गए।
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