Monday, August 22, 2011


जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर सोमवार को पूरा मुम्बई शहर ही ड्रमों की थाप में डूबा रहा। यहां लाखों रुपये के पुरस्कारों के साथ दही-हांडी प्रतियोगिताएं शुरू हो गई हैं।
इस प्रतियोगिता में ऊंचाई पर दही और मक्खन से भरी मटकी लटकाई जाती है और गोविंदाओं की जो टोली मानव पिरामिड के जरिए मटकी तक पहुंचने में कामयाब रहती है उसे पुरस्कृत किया जाता है।
ठाणे में तो कुछ गोविंदाओं की टोलियों ने नौ स्तरों वाले मानव पिरामिड का पिछला विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के लिए इस बार 10 स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाने का लक्ष्य रखा है।
मध्य मुम्बई के ठाणे और घाटकोपर व दक्षिणी मुम्बई के घाटकोपर में तो पुरस्कार राशि 25 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। सात से 10 स्तरों तक के मानव पिरामिड बनाने वाले गोविंदाओं की टोलियों को ये पुरस्कार दिए जाएंगे।
इस अवसर पर यहां लावणी नृत्य व अन्य प्रकार के नृत्य-संगीत व अभिनय के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार स्पेन से आए युवाओं के अलावा जॉन अब्राहम, ईशा कोप्पिकर, मलाइका अरोड़ा खान, सलमान खान, मीका, सुखविंदर सिंह जैसी हस्तियां भी शामिल हैं। यहां के गोविंदाओं की टोली घाटकोपर के राम कदम दही हांडी और वर्ली के संकल्प प्रतिष्ठान के प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेगी.


दही हांडी उत्सव अपने चरम पर है। हर जुबान पर यही चर्चा है कि कौन कितने रुपये की हांडी लगा रहा है और कहां कौन फिल्मी हस्ती आ रही है। कुछ आयोजक ऐसे भी हैं , जिन्होंने दही हांडी के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने की पहल की है। भ्रष्टाचार की हांडी भी इस बार लगाई जाएंगी , जिन्हें गोविंदा फोड़ेंगे। इससे पता चलता है कि इस बार दही हांडी में अन्ना के आंदोलन की छाप भी दिखाई देगी। महंगाई की मार के बावजूद दही हांडी पर लाखों रुपये बरसेंगे। कई आयोजकों ने इस बार विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। कई जगह सीसीटीवी लगे हैं , तो कुछ आयोजकों ने निजी सुरक्षा रक्षकों का सहारा लिया है। ठाणे शहर में सोने की हांडी लगाई गई है। पेश है राजकुमार सिंह और आनंद कुमार पांडेय की रिपोर्ट:

मुंबई ही नहीं , ठाणे व नवी मुंबई में भी लाखों के इनाम
दही हांडी उत्सव के लिए गोविंदा पथक पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। जगह-जगह आयोजन की धूम मची है , आमची मुंबई ही नहीं , ठाणे , नवी मुंबई , डोंबिवली , कल्याण , उल्हासनगर , बदलापुर , मीरा-भाईंदर , वसई-विरार तक की पब्लिक दही हांडी उत्सव के उल्लास में डूबी हुई है। मुंबई के वरली में विशेष इंतजाम हैं , तो उपनगरीय इलाकों में घाटकोपर , चेंबूर , अंधेरी , बोरिवली आदि भी गोविंदा पथकों के स्वागत के लिए तैयार हैं।

वरली में श्री संकल्प प्रतिष्ठान: यहां पर बड़े पैमाने पर नेताओं और फिल्मी हस्तियों के आने की संभावनाएं है , जिससे सुरक्षा को विशेष तवज्जो दिया गया है। कार्यक्रम के आयोजक ने बड़ी संख्या में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। लोगों को बैठने के लिए विशेष गैलरी बनाई है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली से विशेष तौर पर मीका सिंह को बुलाया गया है। फिर , सिंघम फेम अजय देवगण के अलावा रणवीर सिंह , प्राची देसाई , राज बब्बर , शबाना आजमी भी आने वाली है। मराठी कलाकार भूषण कडू , अतुल चोडणकर , भालचंद कदम , हेमांगी कवी , आशीष पवार और अमृता खानविलकर कार्यक्रम पेश करेंगी। यहां पर पुलिस की तगड़ी व्यवस्था होगी।

उपनगर भी कम नहीं: बोरिवली में एनसीपी के प्रकाश सुर्वे ने 21 लाख 21 हजार 221 रुपये की हांडी लगाई है। यहां के आयोजन में विशेष तौर से उपमुख्यमंत्री अजित पवार के शिरकत करने की संभावनाएं है। निकट ही शिवसेना विधायक विनोद घोसालकर और मनसे के विधायक प्रवीण दरेकर का आयोजन भी लोगों को आकर्षित करता है। अंधेरी के लोखंडवाला में शिवसेना के नगरसेवक यशोधर फणसें द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महिला और पुरुष गोविंदा के लिए अलग-अलग हांडी लगाई जाएंगी।

घाटकोपर का आयोजन: पूर्वी उपनगर में दही हांडी का मुख्य आयोजन मनसे के विधायक राम कदम करते हैं। हर साल की तरह इस साल भी उन्होंने घाटकोपर में श्रेयस थिएटर के करीब किया है। इस साल उन्होंने 51 लाख रुपये की हांडी लगाई गई है। फिल्मी दुनिया की जानी मानी हस्तियों के आने की संभावना है।

एड्स के प्रति जागरूकता अभियान: दादर में साहेब प्रतिष्ठान के अध्यक्ष अभिजीत पानसे दही हांडी का उपयोग लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए करना चाहते है। पानसे ने लोगों में एड्स के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए रैली निकालेंगे।

ठाणे में होने वाले प्रमुख आयोजन
प्रताप सरनाईक: ठाणे के वर्तक नगर म्यूनिसिपल स्कूल के मैदान में प्रताप सरनाईक की संस्था संस्कृति युवा प्रतिष्ठान ने एक करोड़ रुपये की हांडी लगाई है। कुल 10 थर की मानव पिरामिड हांडी है। यहां के 18 फुट ऊंचे मंच को बॉलिवुड के प्रसिद्ध आर्ट डॉइरेक्टर नितिन देसाई ने तैयार किया है। सरनाईक के मुताबिक कार्यक्रम में जॉन अब्राहम , नेता धूपिया , मलाईका अरोरा जैसे अन्य कलाकार आएंगे। दही हांडी फोड़ने के दौरान घायल गोविंदा का ज्यूपिटर अस्पताल किया गया है।

जितेंद्र आव्हाड: एनसीपी के विधायक जितेंद्र आव्हाड की संघर्ष संस्था ने पांच पाखाडी में दही-हांडी का आयोजन किया है। इस वर्ष यहां एक करोड़ रुपये के इनामों की बारिश की जाएगी। यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मराठी व हिंदी फिल्म स्टार श्रेयस तलपदे , मराठी स्टार नेहा पेंडसे समेत कई अन्य कलाकार आएंगे। दही हांडी के उत्सव को इसी संस्था ने अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

राजन विचारे: शिवसेना विधायक राजन विचारे की आनंद चैरिटेबल ट्रस्ट संस्था और चरई शिवसेना शाखा ने ठाणे के जांभली नाके पर दही हांडी लगाई है। यहां पश्चिमी शैली के बदले भारतीय और विशेषकर मराठी संस्कृति के साथ उत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष यहां प्रतिष्ठित गायक , मराठी नाटक और फिल्म कलाकार आएंगे मगर नामों का खुलासा संस्था ने स्पर्धा के चलते नहीं किया है।

रविंद्र फाटक: कांग्रेस के नगरसेवक रविंद्र फाटक की संकल्प प्रतिष्ठान का दही हांडी आयोजन ग्लैमर से भरपूर रहता है। दस थर को 21 लाख रुपये , 9 थर पर पांच लाख रुपये और महिला गोपिकाओं के सात थर पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। फाटक के आयोजन में महाराष्ट्र के कांग्रेस अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे और कैबिनेट मंत्री नारायण राणे के अलावा करीब आधे दर्जन मंत्रियों और सांसदों के आने की संभावना है। फिल्मी दुनिया से जैकी श्रॉफ , सुनील शेट्टी , गोविंदा , अनिल कपूर , करिश्मा कपूर जैसे अन्य नामचीन हस्तियों के आने की संभावनाएं है। फैशन शो का आयोजन भी किया गया है।

नवी मुंबई की प्रमुख दही हांडी
वाशी का माधवराव सिंधिया चौक: सुरेश हावरे मित्र मंडल ने वाशी सेक्टर-17 के माधव राव सिंधिया चौक पर 35 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वाली हांडी लगाई है। पहला इनामी पुरस्कार 5 लाख 55 हजार 555 रुपये हैं। इस बार यहां के आयोजन में हिंदी , मराठी और भोजपुरी फिल्मों के कई कलाकारों और बीजेपी के बड़े नेताओं के आने की संभावना है। ऐरोली में शिवसेना के विजय चौगुले द्वारा स्व. सुनील चौगुले स्पोर्ट्स असोसिएशन के बैनर तले दही हांडी का आयोजन किया गया है। यहां कुल 11 लाख रुपये के इनाम रखे गए हैं। पूर्व महापौर स्वर्गीय तुकाराम नाईक की संस्था वन वैभव की तरफ और नेरुल में पूर्व नगरसेवक रविंद इथापे की जनकल्याण संस्था ने कार्यक्रम का आयोजन किया है।

घणसोली का 104 साल पुराना महोत्सव: घणसोली गांव में यह परंपरा पिछले 104 वर्षों से चली आ रही है। यहां के हनुमान मंदिर में जन्माष्टमी के एक सप्ताह पहले से ही भजन-कीर्तन शुरू हो जाता है , जो दही-हांडी फोड़ने के साथ समाप्त होता है। यहां सबसे पहले वर्ष 1907 में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने की परंपरा की शुरुआत की गई थी। बुजुर्गों के अनुसार , अंग्रेजी शासन काल में यह क्रांतिकारियों के गांव के रूप में प्रसिद्ध था। इस गांव के इतिहास के अनुसार , यहां डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद , कस्तूरबा गांधी , सरोजिनी नायडू समेत कई समकालीन नेताओं और क्रांतिकारियों का आना-जाना था। चमक-दमक से दूर यहां बड़ी ही श्रद्धा से भजन-कीर्तन आयोजित किया जाता है।

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