"जनलोकपाल बिल हो सकता है मंजूर"
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार को जनलोकपाल बिल मंजूर है। प्रधानमंत्री का कहना है कि सरकार को लोकपाल बिल की तरह जनलोकपाल बिल मंजूर है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि अगर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इजाजत दें तो सरकार जनलोकपाल बिल को संसद की स्थायी समिति को भेज सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने इस संबंध में अन्ना हजारे को एक पत्र लिखा है। हालांकि प्रधानमंत्री ने यह साफ नहीं किया है कि सरकार अपना लोकपाल बिल वापस लेगी या नहीं। प्रधानमंत्री ने पत्र में अन्ना हजारे से अनशन तोड़ने की अपील की है। इधर अन्ना के सहयोगी और कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने भी अन्ना से अनशन तोड़ने की अपील की है। गौरतलब है कि अन्ना हजारे रामलीला मैदान में पिछले नौ दिन से अनशन पर बैठे हैं।
सरकार और टीम अन्ना के बीच गतिरोध तोडऩे की कोशिशें तेज हो गई हैं। इन कोशिशों को देखते हुए यह संभावना जताई जाने लगी है कि जल्दी ही समझौते की घोषणा हो सकती है।
दोनों पक्षों की समझौते की कोशिशों में जुटे आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि थोड़ी ही देर में खुशखबरी मिल सकती है। इस बीच टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के बीच बैठक हुई है। दोनों सांसद संदीप दीक्षित के घर पर मिले। बैठक के बाद केजरीवाल अन्ना से मिलने गए। उन्होंने कहा कि अन्ना से मिलकर मीडिया से बात करूंगा।
सरकार की ओर से प्रणव मुखर्जी होंगे वार्ताकार
केजरीवाल ने रामलीला मैदान पहुंचने के बाद मंच से कहा कि सलमान खुर्शीद ने हमें जानकारी दे कि सरकार ने प्रणव मुखर्जी को वार्ताकार नियुक्त किया है। केजरीवाल ने मंच से ही समर्थकों से पूछा कि हमें सरकार से बात करनी चाहिए या नहीं? उन्होंने सवाल उछाला, बात करनी चाहिए ना प्रणव मुखर्जी से? लोगों ने सामूहिक रूप से हां में जवाब दिया। केजरीवाल ने कहा, 'अन्ना अभी सो रहे हैं। वह उठेंगे तो तय करेंगे कि हमारी तरफ से कौन-कौन शामिल होगा बातचीत में।' गौरतलब है कि टीम अन्ना मांग कर रही थी कि सरकार की तरफ से किसी को अधिकृत किया जाना चाहिए बातचीत के लिए। प्रणव मुखर्जी को वार्ताकार बनाकर सरकार ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। इससे सुलह की उम्मीद और बढ़ गई है।
भूषण और केजरीवाल करेंगे प्रणव से बात
टीम अन्ना की तरफ से प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल प्रणव मुखर्जी से बातचीत करेंगे। किरण बेदी ने रामलीला मैदान के मंच से साफ किया कि सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया है। प्रणव मुखर्जी से बात करने भूषण और केजरीवाल 6 बजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि बातचीत का अंजाम क्या होगा यह हमें पता नहीं है, पर हम चाहते हैं कि बातचीत सफल रहे।
पीएम ने लिखी चिट्ठी
प्रधानमंत्री ने इस मामले में खुद पहल करते हुए जन लोकपाल बिल की संसदीय प्रक्रिया का रास्ता खोल दिया है। पीएम ने अन्ना को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने कहा है कि अगर स्पीकर से इजाजत मिलती है तो जन लोकपाल बिल को स्टैंडिंग कमिटी में भेजा जा सकता है। चिट्ठी में पीएम ने अन्ना हजारे के स्वास्थ्य पर चिंता भी जाहिर की।
दिन भर चलता रहा बैठकों का दौर
अन्ना हजारे के आंदोलन को लेकर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार में मंगलवार को बैठकों का दौर चलता रहा। सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले प्रणव मुखर्जी ने पहले महाराष्ट्र से संबंध रखने वाले केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख और शरद पवार से बात की। उसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुखर्जी, गृह मंत्री पी. चिदंबरम और रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी से विचार-विमर्श किया। बताया जा रहा है अन्ना हजारे के अनशन से पहले भी निपट चुके विलासराव देशमुख को सरकार अन्ना हजारे से बात करने के लिए मध्यस्थ बनाने पर विचार कर रही है। हालांकि, औपचारिक रूप से इस बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है। इसी बीच खबर यह है कि सोनिया गांधी इस महीने के अंत तक भारत लौट सकती हैं।
अन्ना हजारे के अनशन के मुद्दे पर वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों शरद पवार और विलासराव देशमुख के साथ बैठक की। दोनों महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं, जहां से अन्ना हजारे आते हैं। देशमुख को अन्ना हजारे से डील करने का अनुभव है। वह जब मुख्यमंत्री थे, तब अन्ना हजारे ने अनशन किया था और देशमुख उस मुद्दे को सुलझाने में कामयाब रहे थे।
टीम अन्ना के साथ यू.सी. सारंगी और भय्यू जी महाराज की हुई बातचीत के बाद मुखर्जी ने मौजूदा स्थितियों पर चर्चा करने के लिए देशमुख और पवार से बातचीत की। भय्यू जी महाराज देशमुख के करीबी माने जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में अन्ना हजारे के आंदोलन से पैदा हुए मौजूदा हालातों पर चर्चा की गई और सरकार व टीम अन्ना के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के तरीके पर विचार किया गया।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने लोकपाल के मुद्दे पर स्टैंडिंग कमिटी के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी से विस्तार से चर्चा की।
सरकार ने लोकपाल पर सर्वदलीय बैठक बुलाई
अन्ना हजारे टीम की ओर से बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने लोकपाल विधेयक पर चर्चा के लिए बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक का मकसद इस मुद्दे के समाधान का कोई रास्ता निकालना है। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को बुधवार को दोपहर 3.30 बजे बैठक के लिए बुलाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक हजारे और उनके सहयोगियों की कुछ मांगों पर फैसला करने से पहले राजनीतिक सहमति बनाने की जरूरत है। इससे जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज लोकपाल विधेयक पर संसद की स्थायी समिति के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी के साथ एक बैठक की है।
Tuesday, August 23, 2011
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