Wednesday, August 24, 2011

बोले अन्ना, सरकार की नीयत साफ नहीं है!



नई दिल्‍ली. अनशन के नौवें दिन भले ही अन्‍ना की सेहत में गिरावट आई है लेकिन उनके हौसले अब भी बुलंद हैं। अन्‍ना हजारे ने रामलीला मैदान के मंच से बुधवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश से भ्रष्‍टाचार मिटाने की मंशा आज भी सरकार में नहीं है क्‍योंकि सरकार को इस बात का डर है कि अगर भ्रष्‍टाचार मिट गया तो उनके लोगों का खाना-पीना बंद हो जाएगा।

अन्‍ना ने कहा कि सरकार की नीयत पहले से ही साफ नहीं है और सरकार भ्रष्‍टाचार मिटाना नहीं चाहती। मंगलवार को टीम अन्‍ना और सरकार के बीच हुई बातचीत के बारे में अन्‍ना ने कहा कि तीन मुद्दे पर सरकार अब भी सहमत नहीं है। उन्‍होंने कहा, 'कल सरकार से बात के लिए अपने तीन लोग गए थे लेकिन अब भी तीन मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है।’

अपनी सेहत के बारे में अन्‍ना ने कहा, ‘अभी सिर्फ छह किलो वजन कम हुआ है, लेकिन चिंता की बात नहीं है। आपसे (लोगों के जनसमर्थन से) मुझे ऊर्जा मिल रही है। जनता का दुख सहन नहीं हो रहा है।’ अन्‍ना ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगे नहीं मानी गई तब तक वो अनशन नहीं तोड़ेंगे। नीचे से लेकर ऊपर तक सभी अधिकारियों को लोकपाल के दायरे में लाए जाने की मांग करते हुए उन्‍होंने कहा कि ‘करप्‍शन की चेन’ बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की साठगांठ हैं, ये जनता का पैसा लूट रहे हैं। गरीब लोगों का जीना मुश्‍किल हो गया है। भ्रष्‍टाचार मिटाने के लिए हर राज्‍यों में लोकायुक्‍त की नियुक्ति होनी चाहिए।’

अन्‍ना ने कहा, ‘गांव से लेकर मंत्रलाय तक सभी अफसर लोकपाल के दायरे में आने चाहिए क्‍योंकि आज गरीबों का जीना मुश्किल हो गया है और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता। अगर गांव का कोई नागरिक किसी योजना में भ्रष्‍टाचार की जानकारी लेकर बीडीओ के पास जाता है तो वो कुछ नहीं करता, डीओ और कमिश्‍नर भी कुछ नहीं करते ना तो मंत्रालय कुछ करता है। ‘करप्‍शन की पूरी चेन’ बन गई है।’

अन्‍ना से मिलने आज योग गुरु बाबा रामदेव भी रामलीला मैदान पहुंचे। उन्‍होंने भ्रष्टाचार को खत्म करने के‍ लिए संपूर्ण क्रांति की जरुरत पर बल देते हुए कहा कि अन्ना का हौसला हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि जन लोकपाल को लेकर जो गतिरोध बना हुआ है उसे जल्द से जल्द खत्म किया जाना चाहिए।

भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ बाबा रामदेव भी चार जून को रामलीला मैदान पर अनशन पर बैठे थे। उसी दिन रात को पुलिस ने अनशनकारियों को रामलीला मैदान से खदेड़ दिया था।

योगगुरु ने कुछ लोगों को देश की बर्बादी का कारण बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मिटाना जरुरी है। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा का बाजारीकरण हो गया है। गरीबों को भी सस्ती शिक्षा मिले इसके लिए इस क्षेत्र में क्रांति की जरुरत है।

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