भुज, नारायण सरोवर। आमतौर पर माना जाता है कि साधुओं का काम सिर्फ भगवान का भजन करना ही होता है। आध्यात्मिक ज्ञान देने के अलावा वे आम आदमियों के किसी और काम नहीं आ पाते। लेकिन यहां एक साधु ने ऐसा काम कर दिखाया, जिसे करने में तो अच्छे-अच्छे शूरवीरों को भी पसीना आ जाता है।
घटना सोमवार की है। मूल बिहार के और वर्तमान में गांधीनगर में रहने वाला एक परिवार - माता-पिता, तीन पुत्रियां और एक पुत्र श्रावण मास के अवसर पर नारायण सरोवर में स्नान करने गया था। इसी बीच वे सरोवर में ज्यादा गहराई में चले गए और डूबने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर तट पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लेकिन भीड़ में से कोई भी व्यक्ति इनकी मदद नहीं कर रहा था, बल्कि सभी लोग भी सिर्फ इन्हें बचाने की आवाजें लगा रहे थे।
किसी को भी नहीं सूझ रहा था कि आखिर क्या किया जाए। इसी बीच एक साधु यहां आ पहुंचा और पल भर में ही उसने सरोवर में छलांग लगा दी और एक-एक करके परिवार के सभी सदस्यों को बचा लिया। यह साधु इसी सरोवर के तट पर रहता है। परिवार के लोगों और यहां एकत्रित सभी लोगों को साधु को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।
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