Wednesday, August 3, 2011

लंदन। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के निदेशक एंडी फ्लवार ने बल्लेबाज इयान बेल के खिलाफ रन आउट की अपील को भारत से वापस लेने के अनुरोध को लेकर अपनी टीम का बचाव किया है। फ्लावर का कहना है कि यदि इस तरीके से सचिन तेंदुलकर को मुम्बई में आउट दिया जाता तो वह अंतरराष्ट्रीय घटना बन जाती। ट्रेंट ब्रिज टेस्ट मैच के तीसरे दिन बेल चायकाल का विश्राम समझकर क्रीज से बाहर आ गए थे जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने रन आउट की अपील की और अम्पायर ने उन्हें आउट भी दे दिया था लेकिन चायकाल के दौरान फ्लावर और इंग्लिश कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस भारतीय टीम के ड्रेसिंगरूम में आकर इस मामले पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से बातचीत की जिसके बाद धौनी ने बेल को फिर से बल्लेबाजी करने के लिए बुलाया।

फ्लावर का कहना है कि जो लोग उनकी और स्ट्रॉस की इस पहल की आलोचना कर रहे हैं वे दोहरा मापदंड अपना रहे हैं। समाचार पत्र 'द गार्जियन' ने फ्लावर के हवाले से लिखा है कि हमने सोचा कि ड्रेसिंगरूम में बैठकर केवल अफसोस जताने से कुछ नहीं होने वाला, हमें लगा इस मामले का बातचीत के जरिए हल निकाला जा सकता है। हमें लगा कि बेल रन के लिए नहीं दौड़े थे इसलिए हमने जाकर भारतीय टीम से उनके रन आउट की अपील पर पुर्नविचार करने के लिए कहा।

'बेल की तरह मुंबई में सचिन आउट होते तो हंगामा होता'

इस मामले पर धोनी का कहना था कि फ्लावर और स्ट्रास के हस्तक्षेप से पहले ही उनकी टीम ने बेल को वापस बुलाने का निर्णय ले लिया था। फ्लावर ने कहा कि आप इस ओर भी ध्यान दें कि यदि रन आउट की अपील किसी भारतीय खिलाड़ी के खिलाफ हुई होती तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होती। मैं इस बात को अब तक समझ नहीं पाया हूं कि आखिर इस मामले को लेकर इतना हंगामा क्यों हो रहा है। उल्लेखनीय है कि ट्रेंट ब्रिज टेस्ट मैच में भारत को 319 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।

फ्लावर ने कहा कि इंग्लैंड की टीम तेंदुलकर के साथ मुम्बई में ऐसा करती तो मुझे लगता है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय घटना बन जाती। हमने इससे पहले भी इस तरह की कई घटनाएं देखी हैं इसलिए परिस्थितियों का आकलन करते समय हमें दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए।

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