लोकपाल होता तो चिदंबरम जेल में होते
महाराष्ट्र में लोकायुक्त को लेकर बंटी NCPऔर कांग्रेस
नई दिल्ली। 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में गड़बड़ी की आंच अब गृह मंत्री पी.चिदंबरम तक पहुंच गई है। एक निची चैनल के मुताबिक 2 जी मामले में खुद का नाम आने से व्यथित चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि न तो चिदंबरम और न ही किसी अन्य ने इसकी पुष्टि की है।
इस बीच, अन्ना हजारे ने चिदंबरम पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर लोकपाल होता तो गृह मंत्री जेल में होते। अन्ना ने कहा कि चिदंबरम जैसे झूठे लोगों को घर भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने उनको जेल भेजा था अब उनको पद छोड़ देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बुधवार रात चिदंबरम से फोन पर करीब 20 मिनट तक बात की थी। इस बातचीत के दौरान ही चिदंबरम ने कहा था कि वह मंत्री पद छोड़ना चाहते है। हालांकि प्रधानमंत्री ने उन्हें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने चिदंबरम को धैर्य रखने को कहा था।
उधर , वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे की सूबे में मजबूत लोकायुक्त की मांग पर कांग्रेस और एनसीपी की राय बंट गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार अन्ना की मांग को मानने को तैयार है। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने इसका विरोध किया है।
गौरतलब है कि एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने साफ कर दिया है कि सरकार अन्ना की मांग मानने के लिए पूरी तरह तैयार है और मजबूत लोकायुक्त बनाने के लिए सरकार खुद अन्ना से बात करेगी।
वहीं, दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जब केंद्र में लोकपाल कानून बनेगा तो उसे राज्यों में भी फॉलो किया जाएगा। सिंघवी ने ये भी कहा कि अन्ना को गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों की भी चिंता करनी चाहिए जहां या तो लोकायुक्त काफी कमजोर है या फिर है ही नहीं।
Friday, September 23, 2011
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