
मांडलगढ़ (भीलवाड़ा)/कोटा.जालिया गांव में सोमवार सुबह कीटनाशक दवा को चाय पत्ती समझकर काम में लेने से माता-पिता और तीन बच्चों की मौत हो गई।
दोपहर बाद एक साथ उठी पांच अर्थियों से माहौल गमगीन हो गया। बीपीएल में चयनित भोजा बलाई (50) के घर सुबह चाय बनी थी।
इसे भोजा, उसकी पत्नी मन्नी (47) के अलावा तीन बेटों शैतान (17), कैलाश (14) और लोकेश (10) ने पिया। शैतान पशु चराने तथा दोनों बेटे स्कूल चले गए।
स्कूल में दोनों बच्चे उल्टी करने लगे तो शिक्षक ने उन्हें घर भेज दिया। उधर, भोजा, उसकी पत्नी व बड़े बेटे शैतान की भी तबीयत खराब होने लगी।
बाद में गांव में ही अलग से रह रहे भोजा के बड़े बेटे रामलाल ने इसकी सूचना सुबह करीब 7.30 बजे सरपंच राजकुमार पारीक को दी।
ग्रामीण उन्हें बीगोद ले गए, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिलने पर मांडलगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां मन्नी के अलावा सभी ने दम तोड़ दिया। मन्नी को गंभीर हालत में मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी अस्पताल रैफर किया गया। जहां दोपहर 12 बजे उसकी भी मृत्यु हो गई।
क्यों पता नहीं लगा कीटनाशक पी रहे हैं?
मृत्यु से पहले भोजा सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने बयान दिया कि कीटनाशक की दवा को एक थैली में रखी थी और पुरानी हो गई थी। इस कारण वह बदबू रहित हो गई और वह चाय पत्ती जैसी ही दिखने लगी थी। जिसे डिब्बे में भर लिया था। सुबह इसे ही चाय में डाला गया।
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