बेल्लारी. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को कर्नाटक सरकार के पूर्व पर्यटन मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी और उनके भाई को अवैध खनन के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इन्हें बेल्लारी से हैदराबाद लाया गया और सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई ने रेड्डी बंधुओं से पूछताछ के लिए इनके खिलाफ सबूत जुटाने और केस मजबूत करने के लिए इनसे पूछताछ के लिए इन्हें रिमांड पर लेने की अर्जी दी जिसे कोर्ट ने नामंजूर करते हुए इन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का हुक्म दिया।
सीबीआई के मुताबिक जनार्दन रेड्डी के घर छापे के दौरान 1.5 करोड़ नकद जबकि उनके भाई श्रीनिवास रेड्डी के घर 30 किलो से अधिक सोना और 3 करोड़ से अधिक रुपये बरामद किए गए हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक जनार्दन रेड्डी के घर छापे के दौरान सीबीआई ने उनका निजी हेलीकॉप्टर ‘रुक्मिणी’ भी जब्त किया है। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उनकी पत्नी लक्ष्मी अरुणा से भी पूछताछ की है।
ओबुलापुरम माइनिंग कॉरपोरेशन (ओएमसी) के प्रबंध निदेशक बी वी श्रीनिवास रेड्डी को भी गिरफ्तार किया है। इस कॉरपोरेशन के मालिक जनार्दन रेड्डी हैं। सीबीआई की 10 अफसरों की टीम ने सोमवार को तड़के रेड्डी के घर पर छापा मारा और उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जाकर पूछताछ की जो रिश्ते में जनार्दन के भाई लगते हैं। श्रीनिवास रेड्डी से भी पूछताछ की गई है। बताया जा रहा है कि छापे के दौरान सीबीआई को कई अहम सबूत मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि डीआईजी पी वी लक्ष्मीनारायण की अगुवाई में जांच एजेंसी की टीम रेड्डी बंधुओं को हैदराबाद ले जा रही है।
2009 में आंध्र प्रदेश सरकार ने ओबलापुरम माइनिंग कॉरपोरेशन में केस सीबीआई को सौंपे थे। दोनों को आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी, अवैध खनन और जंगल कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने बेल्लारी और बेंगलुरु में दोनों के आवासों पर छापेमारी की और गिरफ्तार किया। सीबीआई पता लगाने में जुटी है कि इनके कारोबार में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। ओएमसी सहित करीब 65 खनन कंपनियां सीबीआई के शक के दायरे में हैं।
कर्नाटक में खनन के बेताज बादशाह माने जानेवाले रेड्डी बंधुओं पर गैरकानूनी तौर पर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में खनन का काम किया है। पहले भी उनका नाम खनन से जुड़े कई मामलों में आ चुका है। कर्नाटक की राजनीति में अपनी धाक रखने वाले रेड्डी बंधुओं को कर्नाटक लोकायुक्त की रिपोर्ट में दोषी करार दिये जाने के बाद डी. वी. सदानंद गौड़ा के नेतृत्व में करीब एक महीने पहले गठित कैबिनेट से बाहर रखा गया था। पहले रेड्डी बंधु राजनीति से दूर रहे थे लेकिन बाद में वो बीजेपी में शामिल हुए। कुछ ही महीने पहले रेड्डी बंधुओं के नजदीकी माने जाने वाले एक मंत्री ने तत्कालीन मुख्यमंत्री येदुरप्पा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं।
बीते 27 जुलाई को सौंपी गई कर्नाटक लोकायुक्त की रिपोर्ट में रेड्डी बंधुओं को अवैध खनन के मामले में आरोपी बनाया गया है। रेड्डी बंधुओं के खिलाफ कार्रवाई पर कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस हेगड़े ने कहा है, ‘ऐसा लगता है कि सीबीआई ने मेरी रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है।’ भाजपा ने कांग्रेस पर सीबीआई को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
Monday, September 5, 2011
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