जनता का निकला तेल, मंत्री बने करोड़पति
नई दिल्ली। बढ़ती मंहगाई से जहां आम आदमी की कमर टूट रही है वहीं केबिनेट मंत्रियो की बल्ले-बल्ले हो रही है। केन्द्रीय मंत्रियों की दो साल में कुल परिसम्पत्तियों में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्तमान मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की परिसंपत्ति का औसत मूल्य 10,63,55,097 रूपए (10.6 करोड़) है जो कि 2009 में 7.3 करोड़ रूपए थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से घोषित संपत्ति के अनुसार हमारे मंत्रियों में 77 फीसदी मंत्री (77 में से 59 मंत्री) करोड़पति हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिसोर्स (एडीआर) के डाटा के मुताबिक इन मंत्रियों की औसत संपत्ति 10.3 करोड़ रूपए है। भारी उघोग मंत्री प्रफ्ल्ल पटेल 122 करोड़ की संपत्ति में इस सूची में सबसे आगे हैं। इसके बाद सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एस जगतरक्षकन 70 करोड़ और नगरीय विकास मंत्री कमल नाथ 41 करोड़ के मालिक हैं।
एडीआर के अधिकारी अनिल बेरवाल का कहना है कि मंत्रियों के संपत्ति के इस ब्योरे में आयकर भुगतान, संपित्त की मार्केट वेल्यू के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। डाटा के मुताबिक में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी डीएमके नेता जगतरक्षकन की संपित्त में हुई है। जिनकी संपित्त पिछले दो सालो ंमें 64.5 करोड़ से बढ़कर 2011 में 70 करोड़ रूपए पर पहुंच गई है। वहीं पटेल इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं जिनकी संपित्त में 42 करोड़ का इजाफा हुआ है। जबकि कमलनाथ 26 करोड़ की हाइक पर हैं।
प्रतिशत के हिसाब से भी जगतरक्षकन आगे
जगतरक्षकन - 1092 प्रतिशत
कपड़ा राज्य मंत्री, कांग्रेस -828 प्रतिशत
सड़क परिवहन मंत्री- तुषार भाई चौधरी- 705 प्रतिशत
15 मंत्रियों की संपित्त में कमी
अगाथा संगमा, प्रतीक पी पटेल, वीरभद्र सिंह, आरपीएन सिंह, डी नापोलियोन, विंसेंट पाला, जितिन प्रसाद, एम वीरप्पा मोइली, पी चिदंबरम, एस जयपाल रेड््डी, फारूख अब्दुल्ला, प्रीनीत कौर , जयराम रमेश, एस एम कृष्णा और जी के वासन ।
Friday, September 16, 2011
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