
नई दिल्ली । नैनों को अभी तक हम लखटकिया ने नाम से ही जानते हैं। लेकिन जिस नैनों की यहां बात हो रही है उसे खरीदने के लिए अब लाख नहीं करोड़ों खर्च करने पड़ेंगे। टाटा समूह ने अपनी एक नैनो कार का ऐसा मॉडल पेश किया सोने-चांदी और कीमती पत्थरों से जड़ा हुआ है। इस नक्काशी के बाद नैनों कार के इस मॉडल की कीमत हो गई है 22 करोड़ रुपये।
सोमवार को टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने सोने की नैनो कार लॉंच किया। आपको बता दें सोने से बनी ये दुनिया की पहली कार है। इसमें 80 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है। सिर्फ सोना ही नहीं इसमें 15 किलो की चांदी भी लगाई गयी है। कार को बनाने में 30 कारीगरों की 120 दिनों की मेहनत शामिल है। इस कार को टाटा की सहयोगी कंपनी टाइटन ने बनाया है। टाइटन घड़ी बनाती है।
इस कार के साख ही टाटा ने दुनिया की पहली सोने की कार बनाने का भी तमगा हासिल कर लिया है। वैसे दुनिया की अब तक की सबसे मंहगी कार बुगाती वेरॉन है जिसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है।
टाटा मोटर्स ने अपनी लखटकिया कार नैनो को ८० किलोग्राम सोने और १५ किलोग्राम चांदी और रत्नों के साथ सजाकर पेश किया है। यह कार सोमवार को टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा ने पेश की है।
कंपनी ने इस खास कार की लागत का खुलासा नहीं किया है । टाटा ने कहा कि भारत में सोना और स्वर्ण आभूषणों का पीढ़ियों से काफी महत्व रहा है और इसे पूंजी, सम्मान, पवित्रता और समृद्धि का एक अहम चिह्न माना जाता है । भारतीयों का हमेशा से ही सोने और जेवरातों के प्रति विशेष लगाव रहा है। इस स्वर्ण कार को टाइटन इंडस्ट्रीज ने बनाया है । यह कार देश की ज्वैलरी निर्माण कला के ५००० स्वर्णिम सालों के उत्सव मनाने के रूप में तैयार की गई।
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