नई दिल्ली/गंगटोक। रविवार शाम आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 66 हो गई है। भारत में 52 लोगों की मौत हुई है। सिक्किम में 39, पश्चिम बंगाल में 6, बिहार में 7 लोग मारे गए हैं। नेपाल और तिब्बत में सात-सात लोगों की मौत हुई है। इस बीच सोमवार को महाराष्ट्र और मेघायल में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
सिक्किम में सबसे ज्यादा तबाही
भूकंप ने सबसे ज्यादा तबाही सिक्किम में मचाई है। राज्य में भूकंप से अब तक 23 लोग मारे गए हैं। इनमें सेना के तीन जवान भी शामिल हैं। सिक्किम के राज्यपाल बीपी सिंह ने बताया कि उत्तरी सिक्किम में ज्यादा नुकसान हुआ है। राज्य में भूकंप से एक लाख इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
जीओसी 17 माउंटेन डिवीजन के मेजर नजरल एस एल नरसिम्हन ने बताया कि तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड की बस में सवार आठ लोगों की उस वक्त मौत हो गई जब बस भूस्खलन की चपेट में आ गई। भूकंप के बाद भूस्खलन से सड़क संपर्क कट गया। बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। इस बीच लापता हुई सेना की एक बस मिल गई है। इसमें 50 जवान सवार थे।
राहत और बचाव कार्य में बाधा
भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। सेना के करीब 4 हजार जवान राहत और बचाव कार्य में लगे हैं। राहत और बचाव कार्य में सेना के 9 हेलीकॉप्टर लगे हैं लेकिन भारी बारिश से राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। भूस्खलन के कारण बागडोगरा से गंगटोक का रास्ता पूरी तरह बंद है। राहत और बचाव के लिए गए जवान इस रास्ते पर फंस गए हैं। भूकंप के बाद राज्य में बिजली गुल हो गई थी और संचार सेवाएं ठप हो गई लेकिन सोमवार को बिजली और संचार सेवाएं शुरू हो गई।
महाराष्ट्र और मेघालय में भूकंप
महाराष्ट्र में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। उस्मानाबाद और लातूर में सोमवार सुबह 6.22 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके 5 से 6 सैकेंड तक महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है। मेघालय में सोमवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके 12.52 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है। हालांकि भूकंप से किसी तरह के जानमाल की खबर नहीं है।
असर यहां-यहां
उत्तर-पूर्वी राज्य, प.बंगाल, बिहार, असम, राजस्थान, दिल्ली, एनसीआर, उत्तरप्रदेश, झारखंड, मप्र, नेपाल व भूटान, कोलकाता, दार्जिलिंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी जिलों में छोटे मोटे नुकसान की खबर है। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके महसूस किए गए। सिलिगुडी में इमारत गिरी। उत्तर बंगाल के कलिम्पोंग व दार्जिलिंग के ब्ाड़े हिस्सों में विद्युत सेवा बंद। जमीन धंसने से कई जगह रास्ते बंद। मकानों में दरारें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन। कोलकाता व आसपास दो मिनट झटके।
Monday, September 19, 2011
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