Sunday, September 4, 2011



देहरादून।। उत्तराखंड के देहरादून के पास स्थित पर्वतीय त्यूनी बाजार क्षेत्र में एक बस के टोंस नदी में गिर जाने से उसमें सवार कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 19 अन्य लापता हैं।

देहरादून के जिलाधिकारी सचिन कुर्वे ने बताया कि 15 शव निकाल लिए गए हैं जबकि 12 घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब कतियाल क्षेत्र से देहरादून जा रही बस के ड्राइवर ने एक तीव्र मोड़ पर वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया।

पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी राहत और अभियान की निगरानी कर रहे हैं। कुर्वे ने कहा, 'अभी तक बस का पता नहीं चल पाया है।' टोंस यमुना की सहायक नदी है और त्यूनी बाजार देहरादून जिले के पहाड़ी चकराता क्षेत्र में स्थित है। ५० लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है।
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया कि 18 लोगों की लाशें निकाल ली गई हैं. 19 लोग बचा लिया गया है जो घायल हैं और उनमें से कई की हालत नाजुक है. 23 लोग अब भी लापता हैं.

आशंका जताई जा रही है कि मरनेवालों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती है क्योंकि इस इलाके में बसों में भारी भीड़ रहती है और यहां तक कि बस की छत पर भी कई लोग सवार देखे जाते हैं.

23 लोग अब भी लापता
यही वजह है कि प्रशासन भी सवारियों की निश्चित संख्या बताने में असमर्थ रहता है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संभवत ये हादसा ड्राइवर की भूल से हुआ. यात्रियों को लेकर जैसे ही बस, अड्डे से चली और ड्राइवर बस को मोड़ रहा था संतुलन बिगड़ गया और बस 150 फीट नीचे बह रही नदी में जा गिरी.

ये बस हादसा जहां हुआ वहां टौंस नदी बहती है. नदी इन दिनों भारी बारिश की वजह से उफ़ान पर है. इसलिए बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं. दोपहर 2 बजे तक गोताखोरों को भी नदी में नहीं भेजा जा सका है.

मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मरनेवालों के परिजनों को 1-1 लाख रूपये देने की घोषणा की है और मुस्तैदी से राहत और बचाव के आदेश दिए हैं.

त्यूणी कहने को देहरादून ज़िले की ही एक तहसील है लेकिन ये इलाक़ा काफ़ी दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र है और रास्ता भी बहुत विकट है. समय समय पर यहां मार्ग की मरम्मत करने और उसे चौड़ा करने की मांगें भी उठती रही हैं

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